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पश्चिम चंपारण जिले के योगापट्टी प्रखंड, धधवा ग्राम पंचायत और नवलपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले दधियावा गांव में 'दधियावा घाव रोड' की स्थिति अत्यंत दयनीय है। इस सड़क की खराब हालत को देखते हुए, स्थानीय लोगों ने सरकार से विनम्र निवेदन किया है कि इसका निर्माण जल्द से जल्द करवाया जाए।
Champaran News
पश्चिम चंपारण जिले के योगापट्टी प्रखंड, धधवा ग्राम पंचायत और नवलपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले दधियावा गांव में 'दधियावा घाव रोड' की स्थिति अत्यंत दयनीय है। इस सड़क की खराब हालत को देखते हुए, स्थानीय लोगों ने सरकार से विनम्र निवेदन किया है कि इसका निर्माण जल्द से जल्द करवाया जाए।
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- पश्चिम चंपारण के बगहा स्थित चौतरवा थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव के पास रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवती मोबाइल टावर पर चढ़ गई। इस घटना के प्रेम प्रसंग से जुड़ा होने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है, जिसके बाद मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई और घंटों तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। सूचना मिलने पर चौतरवा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से युवती को समझा-बुझाकर नीचे उतारने का प्रयास किया। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद युवती सुरक्षित रूप से टावर से नीचे उतर आई। युवती की पहचान मौजे गांव निवासी प्रियंका कुमारी के रूप में हुई है, हालांकि पुलिस ने प्रेम प्रसंग के मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस युवती को पूछताछ के लिए थाने ले गई है और पूरे मामले की जांच कर रही है। इस घटना के दौरान क्षेत्र में लोगों की भारी भीड़ लगी रही। फिलहाल युवती पूरी तरह सुरक्षित बताई जा रही है।1
- मानसून के आगमन को देखते हुए चनपटिया नगर पंचायत प्रशासन ने सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद तेज़ कर दी है। इसी क्रम में शनिवार को दोपहर करीब एक बजे नगर पंचायत की मुख्य पार्षद रजनी देवी ने वार्ड संख्या-7 में नालों की उड़ाही एवं सफाई कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने अपनी देखरेख में इस पूरे अभियान का संचालन कराया। मुख्य पार्षद रजनी देवी ने बताया कि बरसात के दौरान जलजमाव की समस्या से लोगों को राहत दिलाने के लिए नालों की नियमित सफाई कराई जा रही है। नालों में जमी गाद और कचरे को हटाकर जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि बारिश का पानी आसानी से निकल सके। उन्होंने सफाई कर्मियों को यह भी निर्देश दिया कि कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो तथा निकाले गए कचरे का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही, रजनी देवी ने नगरवासियों से भी नालों में कूड़ा-कचरा नहीं फेंकने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। इस निरीक्षण के दौरान वार्ड पार्षद नीरज कुमार, स्वच्छता पदाधिकारी निशा कुमारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं सफाईकर्मी भी मौजूद रहे।1
- आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्वास्थ्य और पोषण सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने पोषण वाटिका के महत्व पर जोर देते हुए इसे 'कुपोषण मुक्त भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने का सबसे सरल उपाय बताया है। डॉ. सिंह के अनुसार, पोषण वाटिका घर के आस-पास की खाली भूमि पर या जमीन उपलब्ध न होने पर छत पर भी बनाई जा सकती है। प्राकृतिक तरीके और बिना रसायन के उगाई गई सब्जियों व फलों का सेवन परिवार के स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है। गोबर की खाद, जीवामृत और प्राकृतिक विधि से उगाई गई ये फसलें कीटनाशकों के अवशेषों से मुक्त होती हैं, जिससे कैंसर, किडनी और लीवर जैसी बीमारियों का खतरा कम होता है। ताजी हरी सब्जियां, सहजन, पालक, गाजर, पपीता, अमरूद, नींबू और आंवला विटामिन-A, C, आयरन, कैल्शियम व जिंक के प्रमुख स्रोत हैं। इनके नियमित सेवन से बच्चों में कुपोषण और महिलाओं में खून की कमी दूर होती है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए विटामिन-C से भरपूर आंवला, नींबू, अमरूद और सहजन का सेवन मौसमी बीमारियों से बचाव में सहायक है। इसके अतिरिक्त, किसान अतिरिक्त उत्पादन को स्थानीय बाजार में बेचकर आय अर्जित कर सकते हैं और बाजार पर निर्भरता कम कर सकते हैं। नौतन प्रखंड के बैकुंठवा गांव के किसान राघोशरण प्रसाद ने बताया कि लगभग 250 वर्ग मीटर की पोषण वाटिका से उनके पूरे परिवार की साल भर की सब्जी-फल की जरूरत पूरी हो जाती है और अतिरिक्त उत्पादन बेचकर उन्हें लाभ मिलता है। वे प्रतिमाह 2000-2500 रुपये की बचत भी कर रहे हैं। वहीं, बैरिया प्रखंड के पुजहा गांव की श्रीमति विंदा देवी ने तो अपने घर की छत पर पोषण वाटिका बनाकर एक मिसाल पेश की है। डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने सुझाव दिया कि सहजन, पपीता, नींबू, आंवला और करौंदा जैसे बड़े पौधों को वाटिका की उत्तर और पश्चिम दिशा में लगाना चाहिए ताकि उनकी छाया अन्य सब्जियों पर न पड़े। वहीं, हल्दी, अदरक और पत्तेदार साग-भाजी को छायादार स्थान पर लगाना उचित रहता है। कृषि विज्ञान केंद्र 'एक घर, एक पोषण वाटिका' अभियान के तहत चयनित गांवों में महिलाओं को सब्जी बीज किट और तकनीकी प्रशिक्षण भी प्रदान कर रहा है। डॉ. सिंह ने अंत में कहा कि हर घर में पोषण वाटिका का होना अनिवार्य है, क्योंकि रसायन-मुक्त सब्जियों का सेवन करने से डॉक्टर के पास जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो जाती है।4
- कॉकरोच जनता पार्टी ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को तेज करते हुए दिल्ली के बाद अब पूरे भारत में एक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाने का ऐलान किया है। पार्टी अपनी इस मांग को लेकर देश भर में अपना अभियान चलाएगी।1
- आज कुशीनगर के पड़रौना नगर स्थित गायत्री मंदिर के समीप एक स्थानीय मैरेज हॉल में हिन्दी पत्रकार एसोसिएशन की मासिक बैठक संपन्न हुई। इस मासिक बैठक की अध्यक्षता अखिलेश पाठक जी ने की, जबकि संचालन आनंद मिश्रा जी ने संभाला। इस अवसर पर, एसोसिएशन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत करने तथा उसे आगे बढ़ाने हेतु एक सुर में अपनी हामी भरी। बैठक को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अखिलेश पाठक ने उपस्थित सभी पत्रकारगणों से कहा कि वे देश के चौथे स्तंभ हैं और उनकी निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता समाज के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इस दौरान सर्वेश सिंह, नवीन कुमार, अनुराग उपाध्याय, नवीन पांडे, नीरज साहा, रमन विश्वकर्मा, गणेश प्रसाद जायसवाल सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।1
- बेतिया/मझौलिया प्रखंड क्षेत्र के अमवा मझार पंचायत स्थित फरवां गांव के समीप 55 आरडी गंडक नहर में रविवार दोपहर नहाने के दौरान दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। ये दोनों युवक क्रिकेटर दोस्त थे और अपने अन्य साथियों के साथ क्रिकेट मैच खेलने जा रहे थे। इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं मृतकों के गांव में कोहराम मच गया है। मृतकों की पहचान बेतिया नगर निगम क्षेत्र के बारी टोला वार्ड संख्या-32 निवासी नंदलाल महतो के 19 वर्षीय पुत्र करण कुमार और विनोद यादव के 22 वर्षीय पुत्र धर्म कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, आठ युवकों की टोली बारी टोला से पिपरा क्रिकेट मैच खेलने के लिए एक ऑटो से जा रही थी। फरवां स्थित 55 आरडी पुल के निकट पहुंचने पर करण और धर्म कुमार ने नहर में स्नान करने की इच्छा जताई और ऑटो से उतर गए। प्रत्यक्षदर्शियों, जिनमें नहर किनारे मौजूद चरवाहे भी शामिल थे, के अनुसार, दोनों युवक स्नान के दौरान धीरे-धीरे गहरे पानी की ओर बढ़ गए और देखते ही देखते डूबने लगे। चरवाहों के शोर मचाने पर स्थानीय ग्रामीण और अमवा मझार पंचायत के मुखिया लालदेव राम मौके पर पहुंचे। तत्काल एसडीआरएफ टीम को सूचना दी गई, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही स्थानीय तैराकों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों युवकों के शव नहर से बाहर निकाल लिए। सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच बेतिया भेज दिया। मुफस्सिल थाना प्रभारी सम्राट सिंह ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना की खबर मिलते ही बारी टोला वार्ड संख्या-32 से बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए, जहां मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पूरे मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है और शवों को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।1
- शुक्रवार देर रात करीब दस बजे चनपटिया नगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में आए तेज आंधी-तूफान ने व्यापक तबाही मचाई। तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर बिजली के तार और खंभे क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे पूरे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। नगर पंचायत के वार्ड संख्या 14 स्थित पकड़ीहार मोहल्ले में रातभर अंधेरा छाया रहा, जिससे पेयजल सहित दैनिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुईं। इसके अलावा, पकड़ीहार-चनपटिया मुख्य सड़क पर दो बिजली के खंभे गिरने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। तूफान का सबसे गंभीर असर आम उत्पादकों पर पड़ा, जहाँ तेज हवाओं ने बड़ी संख्या में कच्चे और पके आमों को पेड़ों से गिरा दिया। इससे किसानों और बागवानों को भारी आर्थिक क्षति हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और बिजली विभाग से क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों और खंभों की तुरंत मरम्मत कराने की अपील की है। साथ ही, उन्होंने प्रभावित आम उत्पादक किसानों को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने की भी मांग की है।1
- कुशीनगर के थाना कुबेरस्थान क्षेत्रान्तर्गत जंगल पचरुखिया के समीप 22 मई 2026 को दोपहर करीब 01:00 बजे एक सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें संदीप कुमार नामक व्यक्ति ट्रक की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर जब पुलिस वाहन मौके पर पहुँचा, तो उत्तेजित ग्रामीण ट्रक में तोड़फोड़ और आगजनी का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर ग्रामीणों को शांत किया और दुर्घटना के संबंध में मिली तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया। बाद में, 29 मई 2026 को ट्रक मालिक द्वारा थाने पर शिकायत दर्ज कराई गई कि तोड़फोड़ के दौरान ट्रक के केबिन से ₹30,000 और उसकी बैटरी चोरी कर ली गई है। जब पुलिस टीम इस संबंध में पूछताछ करने गांव पहुँची, तो एक महिला सुगंती देवी और उनके पुत्र मुकेश कुमार ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और उनसे उलझ गए। जाँच में यह भी सामने आया है कि सुगंती देवी के खिलाफ पहले भी मारपीट के मामले दर्ज हैं। इस संदर्भ में थाना कुबेरस्थान पर सुसंगत धाराओं के तहत एक और अभियोग पंजीकृत कर आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है। उक्त जानकारी क्षेत्राधिकारी सदर डा. अजय कुमार सिंह ने दी।1
- जनपद कुशीनगर के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र से एक वायरल वीडियो सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो में दो पुलिसकर्मी एक महिला को जबरन खींचते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि मौके पर मौजूद ग्रामीण पुलिस पर अभद्रता, मारपीट और धमकी देने के आरोप लगा रहे हैं। इसी दौरान एक युवक आक्रोश में एक पुलिसकर्मी को थप्पड़ भी मार देता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है, जिससे पुलिस प्रशासन कटघरे में खड़ा हो गया है। यह पूरा विवाद 22 मई को जंगल पचरुखिया गांव में एक सड़क हादसे से शुरू हुआ था, जब बालू लदे एक ट्रक ने सड़क किनारे खड़े 33 वर्षीय संदीप को कुचल दिया था। गंभीर रूप से घायल संदीप को पहले मेडिकल कॉलेज कुशीनगर और फिर गोरखपुर रेफर किया गया, जहां 1 जून को उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बालू लदे ट्रक को घेरकर कथित तौर पर उसमें तोड़फोड़ की थी, जिसके बाद पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के बाद कुबेरस्थान थाने के दो सिपाही लगातार गांव में दबिश देने लगे। तोड़फोड़ के नाम पर 55 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की धमकी दी गई और बिना महिला पुलिसकर्मी के घरों में घुसकर छापेमारी की गई। ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि पुलिस ने घरों में घुसकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, गालियां दीं और कार्रवाई से बचाने के नाम पर पैसों की मांग की। गांव की नजमा खातून ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी उनके घर में घुस आए, जबकि घर में केवल नई-नवेली दुल्हन मौजूद थी, और कथित तौर पर ₹25-25 हजार रुपये देने को कहा, नहीं तो जेल भेजने की धमकी दी। यदि ये आरोप सही हैं, तो ये कानून के रक्षक पर रिश्वतखोरी और कानून तोड़ने का गंभीर आरोप लगाते हैं। मामले का सबसे सनसनीखेज आरोप जब्त ट्रक में लदी बालू से संबंधित है। ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस ने रात के अंधेरे में ट्रैक्टर-ट्रॉली लगवाकर ट्रक की पूरी बालू उतरवाई और उसे एक निजी दुकानदार को बेच दिया, जिसके बाद खाली ट्रक को थाने ले जाया गया। विधि विशेषज्ञ कहते हैं कि यदि यह आरोप सत्य हैं, तो यह केवल अनियमितता नहीं, बल्कि सरकारी अभिरक्षा में रखी गई संपत्ति के कथित दुरुपयोग और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने जैसा गंभीर मामला बनता है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि संतोष मद्धेशिया और दुर्गेश खटीक को पुलिस थाने ले गई, जहां उनसे भी पैसों की मांग की गई और रकम न मिलने पर उन्हें धारा 151 के तहत चालान कर जेल भेज दिया गया। यहां बड़ा सवाल यह है कि यदि वास्तव में तोड़फोड़ हुई थी और ट्रक मालिक ने तहरीर दी थी, तो संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज क्यों नहीं हुआ? और यदि मामला गंभीर नहीं था, तो निजी मुचलके पर छोड़े जाने योग्य धारा में जेल भेजने की इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई गई? वायरल वीडियो और ग्रामीणों के ये आरोप कुबेरस्थान पुलिस की कार्यशैली पर कई गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं, और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है ताकि पुलिस की साख बनी रहे और इन यक्ष प्रश्नों के जवाब मिल सकें।2