जनपद कुशीनगर के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र से एक वायरल वीडियो सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो में दो पुलिसकर्मी एक महिला को जबरन खींचते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि मौके पर मौजूद ग्रामीण पुलिस पर अभद्रता, मारपीट और धमकी देने के आरोप लगा रहे हैं। इसी दौरान एक युवक आक्रोश में एक पुलिसकर्मी को थप्पड़ भी मार देता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है, जिससे पुलिस प्रशासन कटघरे में खड़ा हो गया है। यह पूरा विवाद 22 मई को जंगल पचरुखिया गांव में एक सड़क हादसे से शुरू हुआ था, जब बालू लदे एक ट्रक ने सड़क किनारे खड़े 33 वर्षीय संदीप को कुचल दिया था। गंभीर रूप से घायल संदीप को पहले मेडिकल कॉलेज कुशीनगर और फिर गोरखपुर रेफर किया गया, जहां 1 जून को उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बालू लदे ट्रक को घेरकर कथित तौर पर उसमें तोड़फोड़ की थी, जिसके बाद पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के बाद कुबेरस्थान थाने के दो सिपाही लगातार गांव में दबिश देने लगे। तोड़फोड़ के नाम पर 55 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की धमकी दी गई और बिना महिला पुलिसकर्मी के घरों में घुसकर छापेमारी की गई। ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि पुलिस ने घरों में घुसकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, गालियां दीं और कार्रवाई से बचाने के नाम पर पैसों की मांग की। गांव की नजमा खातून ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी उनके घर में घुस आए, जबकि घर में केवल नई-नवेली दुल्हन मौजूद थी, और कथित तौर पर ₹25-25 हजार रुपये देने को कहा, नहीं तो जेल भेजने की धमकी दी। यदि ये आरोप सही हैं, तो ये कानून के रक्षक पर रिश्वतखोरी और कानून तोड़ने का गंभीर आरोप लगाते हैं। मामले का सबसे सनसनीखेज आरोप जब्त ट्रक में लदी बालू से संबंधित है। ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस ने रात के अंधेरे में ट्रैक्टर-ट्रॉली लगवाकर ट्रक की पूरी बालू उतरवाई और उसे एक निजी दुकानदार को बेच दिया, जिसके बाद खाली ट्रक को थाने ले जाया गया। विधि विशेषज्ञ कहते हैं कि यदि यह आरोप सत्य हैं, तो यह केवल अनियमितता नहीं, बल्कि सरकारी अभिरक्षा में रखी गई संपत्ति के कथित दुरुपयोग और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने जैसा गंभीर मामला बनता है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि संतोष मद्धेशिया और दुर्गेश खटीक को पुलिस थाने ले गई, जहां उनसे भी पैसों की मांग की गई और रकम न मिलने पर उन्हें धारा 151 के तहत चालान कर जेल भेज दिया गया। यहां बड़ा सवाल यह है कि यदि वास्तव में तोड़फोड़ हुई थी और ट्रक मालिक ने तहरीर दी थी, तो संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज क्यों नहीं हुआ? और यदि मामला गंभीर नहीं था, तो निजी मुचलके पर छोड़े जाने योग्य धारा में जेल भेजने की इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई गई? वायरल वीडियो और ग्रामीणों के ये आरोप कुबेरस्थान पुलिस की कार्यशैली पर कई गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं, और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है ताकि पुलिस की साख बनी रहे और इन यक्ष प्रश्नों के जवाब मिल सकें।
जनपद कुशीनगर के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र से एक वायरल वीडियो सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो में दो पुलिसकर्मी एक महिला को जबरन खींचते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि मौके पर मौजूद ग्रामीण पुलिस पर अभद्रता, मारपीट और धमकी देने के आरोप लगा रहे हैं। इसी दौरान एक युवक आक्रोश में एक पुलिसकर्मी को थप्पड़ भी मार देता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है, जिससे पुलिस प्रशासन कटघरे में खड़ा हो गया है। यह पूरा विवाद 22 मई को जंगल पचरुखिया गांव में एक सड़क हादसे से शुरू हुआ था, जब बालू लदे एक ट्रक ने सड़क किनारे खड़े 33 वर्षीय संदीप को कुचल दिया था। गंभीर रूप से घायल संदीप को पहले मेडिकल कॉलेज कुशीनगर और फिर गोरखपुर रेफर किया गया, जहां 1 जून को उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बालू लदे ट्रक को घेरकर कथित तौर पर उसमें तोड़फोड़ की थी, जिसके बाद पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के बाद कुबेरस्थान थाने के दो सिपाही लगातार गांव में दबिश देने लगे। तोड़फोड़ के नाम पर 55 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की धमकी दी गई और बिना महिला पुलिसकर्मी के घरों में घुसकर छापेमारी की गई। ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि पुलिस ने घरों में घुसकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, गालियां दीं और कार्रवाई से बचाने के नाम पर पैसों की मांग की। गांव की नजमा खातून ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी उनके घर में घुस आए, जबकि घर
में केवल नई-नवेली दुल्हन मौजूद थी, और कथित तौर पर ₹25-25 हजार रुपये देने को कहा, नहीं तो जेल भेजने की धमकी दी। यदि ये आरोप सही हैं, तो ये कानून के रक्षक पर रिश्वतखोरी और कानून तोड़ने का गंभीर आरोप लगाते हैं। मामले का सबसे सनसनीखेज आरोप जब्त ट्रक में लदी बालू से संबंधित है। ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस ने रात के अंधेरे में ट्रैक्टर-ट्रॉली लगवाकर ट्रक की पूरी बालू उतरवाई और उसे एक निजी दुकानदार को बेच दिया, जिसके बाद खाली ट्रक को थाने ले जाया गया। विधि विशेषज्ञ कहते हैं कि यदि यह आरोप सत्य हैं, तो यह केवल अनियमितता नहीं, बल्कि सरकारी अभिरक्षा में रखी गई संपत्ति के कथित दुरुपयोग और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने जैसा गंभीर मामला बनता है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि संतोष मद्धेशिया और दुर्गेश खटीक को पुलिस थाने ले गई, जहां उनसे भी पैसों की मांग की गई और रकम न मिलने पर उन्हें धारा 151 के तहत चालान कर जेल भेज दिया गया। यहां बड़ा सवाल यह है कि यदि वास्तव में तोड़फोड़ हुई थी और ट्रक मालिक ने तहरीर दी थी, तो संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज क्यों नहीं हुआ? और यदि मामला गंभीर नहीं था, तो निजी मुचलके पर छोड़े जाने योग्य धारा में जेल भेजने की इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई गई? वायरल वीडियो और ग्रामीणों के ये आरोप कुबेरस्थान पुलिस की कार्यशैली पर कई गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं, और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है ताकि पुलिस की साख बनी रहे और इन यक्ष प्रश्नों के जवाब मिल सकें।
- जंतर मंतर पर कॉकरोच पार्टी के युवाओं का जोश बिल्कुल अलग और बेमिसाल दिखाई दिया। इस जोश को काकरोच जनता पार्टी की पहचान बताया गया है, जो उनके अद्वितीय उत्साह को दर्शाता है।1
- नहरों में पानी की भारी कमी के चलते किसानों पर गंभीर संकट आ गया है। इस जल संकट के कारण किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए पंपिंग सेट का सहारा लेने को मजबूर हैं।1
- जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर शनिवार को बगहा पहुँचे, जहाँ कमला टॉकीज स्थित श्रीवास्तव मैरिज हॉल में एक जिला कार्यकारिणी कार्यशाला सह संगठनात्मक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिले की सभी सांगठनिक इकाइयों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रशांत किशोर ने इस दौरान बताया कि जन सुराज के संगठन को पुनर्गठित करने की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले तीन से चार महीनों के भीतर, जन सुराज पार्टी अपने विचारों और बिहार में बदलाव के संकल्प को हर घर तक पहुँचाएगी।1
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- U18 एशिया कप 2026 के फाइनल मुकाबले में भारत ने जापान पर शानदार जीत दर्ज की है। इस निर्णायक जीत के साथ भारत ने U18 एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया है, जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।1
- कुशीनगर के पनियहवा में सत्याग्रह एक्सप्रेस में यात्रा कर रही 29 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से इलाके में हड़कंप मच गया। मृतका की पहचान बिहार के बेतिया जिले निवासी काजल के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, काजल अपने पति के साथ सत्याग्रह एक्सप्रेस से अपने मायके कप्तानगंज से घर लौट रही थीं। यात्रा के दौरान अचानक उनके मुंह से खून आने लगा और उनकी तबीयत बिगड़ गई। महिला की गंभीर हालत को देखते हुए, रेलवे कर्मियों और परिजनों की मदद से उन्हें कुशीनगर जिले के पनियहवा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतारा गया। इसके बाद काजल को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुर्कहा ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। महिला की इस अचानक हुई मौत से परिजनों में गहरा कोहराम मच गया है। घटना की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुँचे और मामले की जाँच शुरू कर दी है। महिला की मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। इस घटना को लेकर यात्रियों और स्थानीय क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।1