Shuru
Apke Nagar Ki App…
कोटपूतली-बहरोड़ जिले के अजीतपुरा कला में स्थानीय लोग पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार जलवा पूजन, जिसे कुआं पूजन भी कहा जाता है, मनाते हैं। इस प्रथा के साथ ही, राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर यहाँ विशेष रूप से 'जलवा तेरा जलवा' कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाता है।
Kotputli-Behror Breaking Live
कोटपूतली-बहरोड़ जिले के अजीतपुरा कला में स्थानीय लोग पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार जलवा पूजन, जिसे कुआं पूजन भी कहा जाता है, मनाते हैं। इस प्रथा के साथ ही, राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर यहाँ विशेष रूप से 'जलवा तेरा जलवा' कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाता है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- अदानी से एक कंपनी की नीलामी होने के बाद वेदांता समूह पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का छापा पड़ा है।1
- खैरथल-तिजारा के मुंडावर नगर पालिका क्षेत्र के ग्रामीण किसानों ने मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना के तहत मिलने वाली 2000 यूनिट बिजली छूट को पुनः सुचारु रूप से लागू करने की मांग की है। इस संबंध में, किसानों ने विद्युत विभाग मुंडावर के AEN को एक ज्ञापन सौंपा है। किसानों ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के उनके बिजली कनेक्शनों का टैरिफ कोड बदल दिया गया है, जिसके कारण उन्हें मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना का लाभ मिलना बंद हो गया है। किसानों का कहना है कि यह कार्रवाई अनुचित और नियमों के विपरीत है। उन्होंने यह भी बताया कि 4000 टैरिफ कोड को 4000 AX में बदलने के बाद उन्हें 24 घंटे के बजाय केवल 5 से 6 घंटे ही बिजली मिल रही है। किसानों ने शिकायत की कि प्रदेश की अन्य नगर पालिकाओं में ग्रामीण किसानों को 2000 यूनिट की छूट मिल रही है, जबकि मुंडावर के किसानों को इससे वंचित रखा जा रहा है। किसानों ने मांग की है कि कृषि भूमि का दर्जा यथावत रखते हुए मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना का लाभ तुरंत बहाल किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने पूर्व में हुई कथित अवैध वसूली की राशि को 6 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने और भविष्य में किसानों से कोई अतिरिक्त वसूली नहीं करने की भी मांग की। किसानों ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन और धरना देने को मजबूर होंगे। इस संबंध में एक ज्ञापन भिवाड़ी के SE को भी सौंपा गया था, जिन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक किसानों के बिल बंद कर दिए जाएंगे और कृषि कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे। SE ने समस्या के समाधान के लिए सात दिन का समय मांगा, जिसके बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।1
- Post by Om Parkash4
- खैरथल-तिजारा जिला कलेक्टर के निर्देश और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद गेट के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग ने सोमवार को मुंडावर तहसील में बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान लगभग 680 लीटर मिलावटी और बदबूदार दूध को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया, जिससे जन स्वास्थ्य को संभावित खतरे को रोका जा सके। खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत कुमार यादव ने बताया कि एक मुखबिर की सूचना पर एक सफेद पिकअप वाहन को रोका गया और उसकी जांच की गई। वाहन चालक की पहचान अलवर निवासी मोहित पुत्र सोम सिंह के रूप में हुई। पिकअप में 17 स्टील के कैनों में करीब 680 लीटर मिश्रित दूध भरा हुआ था, जिसे हरियाणा स्थित वीटा डेयरी में सप्लाई के लिए ले जाया जा रहा था। जांच के दौरान पता चला कि यह दूध भुरियावास निवासी विक्रम पुत्र प्रहलाद (37) और लोकेश यादव (27) का था, जो डेयरी कोड धारक हैं। मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब से की गई प्राथमिक जांच में दूध में मिलावट की पुष्टि हुई। इसके अतिरिक्त, दूध फटा हुआ, खट्टा और दुर्गंधयुक्त भी पाया गया। इसके बाद, विभाग ने स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूरे 680 लीटर दूध को मौके पर ही नष्ट कर दिया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने यह भी बताया कि इस मामले में वीटा डेयरी को एक पत्र भेजकर संबंधित दूध विक्रेताओं के डेयरी कोड बंद करने की अनुशंसा की जाएगी। साथ ही, डेयरी प्रबंधन को भविष्य में इस प्रकार का मिलावटी एवं खराब गुणवत्ता वाला दूध स्वीकार न करने के निर्देश भी दिए जाएंगे। इस कार्रवाई के दौरान महिपाल सिंह और सुभाष यादव सहित विभागीय टीम मौजूद रही।1
- खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मुंडावर में बड़ी कार्रवाई करते हुए 680 लीटर मिलावटी दूध जब्त किया। विभाग द्वारा इस भारी मात्रा में जब्त किए गए दूध को मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया।1
- खैरथल तिजारा जिले के मुंडावर में आज, सोमवार 29 जून 2026 को, खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 680 लीटर मिलावटी, खट्टा और बदबूदार दूध ज़ब्त कर उसे तत्काल मौके पर ही नष्ट करवा दिया। यह अभियान जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश के निर्देशों और सीएमएचओ डॉ. अरविंद गेट के नेतृत्व में चलाया गया था। विभाग को मुखबिर से इस मिलावटी दूध के परिवहन की सटीक सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने नाकाबंदी कर पिकअप गाड़ी (नंबर RJ-32-GE-5362) को रोका, जिसे मोहित पुत्र सोम सिंह चला रहा था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत कुमार यादव ने बताया कि पिकअप में रखे 17 स्टील के कैनों में भारी मात्रा में दूध भरा हुआ था, जिसे हरियाणा की वीटा डेयरी में सप्लाई के लिए भेजा जा रहा था। मौके पर पहुँची मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब से हुई जांच में यह दूध पूरी तरह से मिलावटी, फटा हुआ और बेहद बदबूदार पाया गया, जो इंसानी सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता था। अधिकारियों ने बिना किसी देरी के सभी 17 कैनों के इस दूषित दूध को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह दूषित दूध विक्रम पुत्र प्रहलाद और लोकेश यादव (निवासी भुरियावास) के डेयरी कोड से सप्लाई किया जा रहा था, जिसके चलते विभाग अब इस संबंधित डेयरी कोड को हमेशा के लिए बंद कराने की सख्त कानूनी कार्रवाई कर रहा है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान टीम में महिपाल सिंह और सुभाष यादव भी मौजूद रहे।1
- अलवर शहर के कंपनी बाग में आशा सहयोगिनी एकता मंच का धरना-प्रदर्शन सोमवार को लगातार 22वें दिन भी जारी रहा। जिलेभर से पहुंची आशा सहयोगिनियां अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समाधान की मांग को लेकर एकजुट हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। आंदोलनकारी आशा सहयोगिनियों ने बताया कि उन्होंने जिला प्रशासन के साथ-साथ कई जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपे हैं। इनमें नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा और अलवर सांसद व केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के नाम भी शामिल हैं। हालांकि, इन ज्ञापनों के बावजूद अब तक न तो किसी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई की गई है और न ही उनकी मांगों पर कोई स्पष्ट जवाब मिला है, जिससे आशा सहयोगिनियों में भारी नाराजगी और निराशा व्याप्त है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से प्रदेश सरकार के समक्ष अपनी समस्याएं रख रही हैं, लेकिन उनकी आवाज को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है। आशा सहयोगिनियां ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, जनजागरूकता सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं, फिर भी उन्हें अपेक्षित मानदेय, सामाजिक सुरक्षा और सम्मान नहीं मिल रहा है। लगातार 22 दिनों से धरने पर बैठने और भीषण गर्मी के कारण कई आशा सहयोगिनियों की तबीयत भी बिगड़ गई है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद उनका कहना है कि वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगी और अंतिम निर्णय तक संघर्ष जारी रखेंगी। धरना स्थल पर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा और उसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। आंदोलनकारी महिलाओं ने सरकार से अपनी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने, वार्ता के माध्यम से सकारात्मक पहल करने और लंबे समय से लंबित मांगों पर तत्काल निर्णय लेकर उन्हें राहत प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने दोहराया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करती, तब तक कंपनी बाग में उनका धरना और संघर्ष लगातार जारी रहेगा। धरने में राजवती, अनीता, पुष्प मीणा, दीपा जाट, शीला देवी, रेखा, ममता रानी, नीलम सैनी, परमलता, राजू मीणा, रीमा, संतोष, शीला सैनी, सुनीता, श्यामवती, प्रभा, संजोग देवी, सीता, नन्की, मुनेशा, गीता, कमलेश, बीना, सुमन, देवी, बंकी, बबीता, ममता, बीजा, कविता, सुन्दरी, बदली, उषा, सीमा, अनीता, फूला, किरण, पिंकी, सवितादेवी और नीतू सहित बड़ी संख्या में आशा सहयोगिनियां उपस्थित रहीं।4
- मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने संत शिरोमणि कबीर दास महाराज जी की 629वीं जयंती समारोह को चंडीगढ़ स्थित कबीर कुटीर मुख्यमंत्री आवास पर बड़ी धूमधाम से मनाया।3
- जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर ताला मोड़ के पास स्थित अरावली रिसॉर्ट में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ निर्माण कार्य के दौरान एक विशाल दीवार अचानक ढह गई। इस घटना में मलबे के नीचे दबने से बिहार के मूल निवासी सविता (39), रामजी (40) और रिंकू (35) सहित तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, रिसॉर्ट परिसर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) या नाले के निर्माण के लिए गहरी खुदाई की जा रही थी। इस दौरान सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, जिससे अत्यधिक गहराई तक खुदाई के कारण पास की निर्माणाधीन दीवार का आधार कमजोर हो गया और वह सीधे काम कर रहे मजदूरों पर गिर पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों ने इस दुर्घटना के लिए निर्माण में बरती गई लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता तो इन मजदूरों की जान बचाई जा सकती थी। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और आपदा राहत दल (SDRF) की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबे से निकाले गए घायल मजदूरों को नजदीकी निम्स (NIMS) और जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ कुछ घायलों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। घटना स्थल पर पहुँचे जिला कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रिसॉर्ट प्रबंधन और ठेकेदार के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी टीम और निर्माण विशेषज्ञों की देखरेख में प्रशासनिक जाँच के आदेश दिए गए हैं, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट साक्ष्य जुटाने के बाद अगले 3 से 7 दिनों के भीतर आने की उम्मीद है। इसके बाद दोषियों पर सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।1