प्रयागराज-भारी बारिश के चलते वरिष्ठ पत्रकार का तीन मंजिला मकान जमींदोज..... मड़ौका (करछना), प्रयागराज जिला के करछना तहसील अंतर्गत वार्ड नंबर 29, मड़ौका गांव में आपदा और प्रशासनिक संवेदनशीलता की कमी का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। बीती 18 अगस्त 2026 की रात करीब 8 बजे, लगातार हो रही भारी बारिश और जलभराव के कारण वरिष्ठ पत्रकार अनिल कुमार भारतीया का तीन मंजिला मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इस हादसे में पीड़ित पत्रकार की जीवन भर की गाढ़ी कमाई मलबे में तब्दील हो गई है। गनीमत रही कि घटना से महज 10 मिनट पहले ही खतरे को भांपते हुए परिवार बाहर निकल आया था, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान टल गया। पत्रकार अनिल कुमार भारतीय के अनुसार, मकान के पीछे लंबे समय से हो रहे जलभराव और पानी की निकासी न होने के कारण मकान की नींव पूरी तरह कमजोर हो चुकी थी। 18 अगस्त 2026 की रात अचानक दीवारें चटकने लगीं, जिसके बाद पूरा परिवार आनन-फानन में बाहर भागा। देखते ही देखते उनकी तीन पीढ़ियों की मेहनत से खड़ा किया गया आशियाना जमींदोज हो गया। घर में रखा सारा कीमती सामान, जरूरी दस्तावेज, अनाज और कपड़े मलबे में दबकर नष्ट हो गए हैं। इस भीषण तबाही के बाद से अनिल भारतीय के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।शासन-प्रशासन की संवेदनशीलता पर उठे सवाल, इतने बड़े हादसे के बाद सिर्फ लेखपाल और पार्षद ही मौके पर पहुँचे इस बड़ी आपदा के बाद स्थानीय प्रशासन का रवैया बेहद निराशाजनक और गैर-जिम्मेदाराना रहा है। घटना को बीते कई घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक मौके पर केवल स्थानीय लेखपाल और क्षेत्र के पार्षद ही औपचारिकता पूरी करने पहुँचे हैं। जिले के किसी भी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी (DM, SDM या नगर निगम के आला अफसरों) ने न तो घटनास्थल का दौरा किया और न ही पीड़ित परिवार से फोन पर संपर्क कर ढांढस बंधाने की जहमत उठाई। एक चौथे स्तंभ के सिपाही (पत्रकार) के साथ प्रशासन के इस उपेक्षापूर्ण व्यवहार को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है।जलभराव की स्थायी समस्या बनी कालस्थानीय निवासियों का कहना है कि मड़ौका के इस इलाके में जलभराव की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को कई बार लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन जल निकासी का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया। इसी प्रशासनिक लापरवाही की कीमत आज एक सम्मानित पत्रकार परिवार को अपना घर गंवाकर चुकानी पड़ी है। पीड़ित परिवार ने लगाई न्याय और मुआवजे की गुहार खुले आसमान के नीचे दाने-दाने को मोहताज पीड़ित परिवार ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिला प्रशासन से तत्काल आर्थिक सहायता, रहने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और मकान के पुनर्निर्माण के लिए उचित मुआवजे की मांग की है। स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शासन की ओर से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत नहीं दी गई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
प्रयागराज-भारी बारिश के चलते वरिष्ठ पत्रकार का तीन मंजिला मकान जमींदोज..... मड़ौका (करछना), प्रयागराज जिला के करछना तहसील अंतर्गत वार्ड नंबर 29, मड़ौका गांव में आपदा और प्रशासनिक संवेदनशीलता की कमी का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। बीती 18 अगस्त 2026 की रात करीब 8 बजे, लगातार हो रही भारी बारिश और जलभराव के कारण वरिष्ठ पत्रकार अनिल कुमार भारतीया का तीन मंजिला मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इस हादसे में पीड़ित पत्रकार की जीवन भर की गाढ़ी कमाई मलबे में तब्दील हो गई है। गनीमत रही कि घटना से महज 10 मिनट पहले ही खतरे को भांपते हुए परिवार बाहर निकल आया था, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान टल गया। पत्रकार अनिल कुमार भारतीय के अनुसार, मकान के पीछे लंबे समय से हो रहे जलभराव और पानी की निकासी न होने के कारण मकान की नींव पूरी तरह कमजोर हो चुकी थी। 18 अगस्त 2026 की रात अचानक दीवारें चटकने लगीं, जिसके बाद पूरा परिवार आनन-फानन में बाहर भागा। देखते ही देखते उनकी तीन पीढ़ियों की मेहनत से खड़ा किया गया आशियाना जमींदोज हो गया। घर में रखा सारा कीमती सामान, जरूरी दस्तावेज, अनाज और कपड़े मलबे में दबकर नष्ट हो गए हैं। इस भीषण तबाही के बाद से अनिल भारतीय के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।शासन-प्रशासन की संवेदनशीलता पर उठे सवाल, इतने बड़े हादसे के बाद सिर्फ लेखपाल और पार्षद ही मौके पर पहुँचे इस बड़ी आपदा के बाद स्थानीय प्रशासन का रवैया बेहद निराशाजनक और गैर-जिम्मेदाराना रहा है। घटना को बीते कई घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक मौके पर केवल स्थानीय लेखपाल और क्षेत्र के पार्षद ही औपचारिकता पूरी करने पहुँचे हैं। जिले के किसी भी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी (DM, SDM या नगर निगम के आला अफसरों) ने न तो घटनास्थल का दौरा किया और न ही पीड़ित परिवार से फोन पर संपर्क कर ढांढस बंधाने की जहमत उठाई। एक चौथे स्तंभ के सिपाही (पत्रकार) के साथ प्रशासन के इस उपेक्षापूर्ण व्यवहार को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है।जलभराव की स्थायी समस्या बनी कालस्थानीय निवासियों का कहना है कि मड़ौका के इस इलाके में जलभराव की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को कई बार लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन जल निकासी का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया। इसी प्रशासनिक लापरवाही की कीमत आज एक सम्मानित पत्रकार परिवार को अपना घर गंवाकर चुकानी पड़ी है। पीड़ित परिवार ने लगाई न्याय और मुआवजे की गुहार खुले आसमान के नीचे दाने-दाने को मोहताज पीड़ित परिवार ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिला प्रशासन से तत्काल आर्थिक सहायता, रहने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और मकान के पुनर्निर्माण के लिए उचित मुआवजे की मांग की है। स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शासन की ओर से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत नहीं दी गई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
- प्रयागराज-भारी बारिश के चलते वरिष्ठ पत्रकार का तीन मंजिला मकान जमींदोज..... मड़ौका (करछना), प्रयागराज जिला के करछना तहसील अंतर्गत वार्ड नंबर 29, मड़ौका गांव में आपदा और प्रशासनिक संवेदनशीलता की कमी का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। बीती 18 अगस्त 2026 की रात करीब 8 बजे, लगातार हो रही भारी बारिश और जलभराव के कारण वरिष्ठ पत्रकार अनिल कुमार भारतीया का तीन मंजिला मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इस हादसे में पीड़ित पत्रकार की जीवन भर की गाढ़ी कमाई मलबे में तब्दील हो गई है। गनीमत रही कि घटना से महज 10 मिनट पहले ही खतरे को भांपते हुए परिवार बाहर निकल आया था, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान टल गया। पत्रकार अनिल कुमार भारतीय के अनुसार, मकान के पीछे लंबे समय से हो रहे जलभराव और पानी की निकासी न होने के कारण मकान की नींव पूरी तरह कमजोर हो चुकी थी। 18 अगस्त 2026 की रात अचानक दीवारें चटकने लगीं, जिसके बाद पूरा परिवार आनन-फानन में बाहर भागा। देखते ही देखते उनकी तीन पीढ़ियों की मेहनत से खड़ा किया गया आशियाना जमींदोज हो गया। घर में रखा सारा कीमती सामान, जरूरी दस्तावेज, अनाज और कपड़े मलबे में दबकर नष्ट हो गए हैं। इस भीषण तबाही के बाद से अनिल भारतीय के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।शासन-प्रशासन की संवेदनशीलता पर उठे सवाल, इतने बड़े हादसे के बाद सिर्फ लेखपाल और पार्षद ही मौके पर पहुँचे इस बड़ी आपदा के बाद स्थानीय प्रशासन का रवैया बेहद निराशाजनक और गैर-जिम्मेदाराना रहा है। घटना को बीते कई घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक मौके पर केवल स्थानीय लेखपाल और क्षेत्र के पार्षद ही औपचारिकता पूरी करने पहुँचे हैं। जिले के किसी भी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी (DM, SDM या नगर निगम के आला अफसरों) ने न तो घटनास्थल का दौरा किया और न ही पीड़ित परिवार से फोन पर संपर्क कर ढांढस बंधाने की जहमत उठाई। एक चौथे स्तंभ के सिपाही (पत्रकार) के साथ प्रशासन के इस उपेक्षापूर्ण व्यवहार को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है।जलभराव की स्थायी समस्या बनी कालस्थानीय निवासियों का कहना है कि मड़ौका के इस इलाके में जलभराव की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को कई बार लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन जल निकासी का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया। इसी प्रशासनिक लापरवाही की कीमत आज एक सम्मानित पत्रकार परिवार को अपना घर गंवाकर चुकानी पड़ी है। पीड़ित परिवार ने लगाई न्याय और मुआवजे की गुहार खुले आसमान के नीचे दाने-दाने को मोहताज पीड़ित परिवार ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिला प्रशासन से तत्काल आर्थिक सहायता, रहने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और मकान के पुनर्निर्माण के लिए उचित मुआवजे की मांग की है। स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शासन की ओर से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत नहीं दी गई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।1
- प्रयागराज के करछना ब्लॉक के डीहा गांव में लगातार बारिश के चलते कई घरों में पानी घुस गया है। जलभराव से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब ग्रामीण वीडियो के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मदद और राहत की गुहार लगा रहे हैं। यहां से BJP विधायक पीयूष रंजन निषाद जी हैं प्रयागराज करछना के डीहा में भारी बारिश से पानी घरों में घुसा लोग परेशान1
- प्रयागराज - आज दिनांक 21.08.2026 को थाना शंकरगढ़ क्षेत्रांतर्गत रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सूरवल साहनी के पास घटित दुर्घटना एवं कृत कार्यवाही के संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त बारा द्वारा दी गई बाइट- प्रयागराज - आज दिनांक 21.08.2026 को थाना शंकरगढ़ क्षेत्रांतर्गत रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सूरवल साहनी के पास घटित दुर्घटना एवं कृत कार्यवाही के संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त बारा द्वारा दी गई बाइट-1
- प्रयागराज अंतर्गत बारा थाना के तहत हर्रों टोल प्लाजा के पास शुरवल साहनी जाते समय एक व्यक्ति की मोटरसाइकिल से गिर जाने के कारण ट्रैक्टर डिसबैलेंस हो गया जिससे पीछे चल रहे ट्रेक्टर डिवाइडर से टकराकर पलट जाने से एक महिला की मृत्यु हो गई1
- जिलाधिकारी प्रयागराज का प्रयागराज वासियों से जलभराव को लेकर अपील जिलाधिकारी प्रयागराज का प्रयागराज वासियों से जलभराव को लेकर अपील प्रयागराज में भारी वर्षा होने के कारण प्रयागराज में जल जमाव हो गया था जिला अधिकारी ने निर्देश देकर पानी निकासि का दिया निर्देश1
- शंकरगढ़ थाना क्षेत्र मे हुए सड़क हादसे के संबंध में एसीपी बारा वेद व्यास मिश्रा का बयान.. प्रयागराज : यमुनानगर के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र मे हुए सड़क हादसे के संबंध में एसीपी बारा वेद व्यास मिश्रा का बयान..1
- प्रयागराज नारीबारी चौकी क्षेत्र में भीषण सड़क हादसा, ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से दो महिला मजदूरों की मौत प्रयागराज नारीबारी चौकी क्षेत्र में भीषण सड़क हादसा, ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से दो महिला मजदूरों की मौत । सूचना मिलते ही नारीबारी चौकी पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गया तथा राहत-बचाव कार्य शुरू किया। मोटरसाइकिल सवार के अचानक रुक जाने से ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया जिससे ट्राली पलट गई और बड़ा हादसा हो गया।घायल मजदूरों को मेडिकल कॉलेज भेजा गया जहां उनका इलाज चल रहा है।1
- प्रयागराज पेंशनर जन अपनी मांगों के लिए आन्दोलित होंगे प्रयागराज। दिनांक 20 अगस्त, 2026 को योगेंद्र पांडे के आवास 201, भुसौली टोला, प्रयागराज में युनाइटेड फोरम ऑफ़ पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन, प्रयागराज की बैठक सुशील कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई,बैठक का संचालन योगेंद्र कुमार पांडे ने किया। सत्येंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि जिन विभागों के पेंशनरों को अभी तक सातवें वेतन आयोग का लाभ नहीं मिल पाया है, उन्हें आठवें वेतन आयोग के प्रतिवेदन आने के पूर्व इसका लाभ अवश्य ही दे दिया जाए राजेश श्रीवास्तव जी ने कहा कि हमें अपनी एकता को और मजबूत करना चाहिए तथा आउटसोर्सिंग तुरंत खत्म की जाए और वैलिडेशन एक्ट वापस लिया जाए।रामकिशोर जी ने पेंशनरों के हित में तत्काल वैलिडेशन एक्ट वापस लेने सातवें वेतन आयोग का लाभ, लाभ से वंचित पेंशनरों को देने तथा 29 सितंबर को प्रस्तावित धरने में अपना प्रभावी योगदान देने का आवाहन किया। राजेश यादव ने सबका साथ सबका विकास करने वाली सरकार को बधाई देते हुए कहा कि प्रयागराज जहां जल भराव नहीं होता था,वहां हर घर के सामने छोटे-छोटे स्विमिंग पूल बन गये हैं, इसके लिए वर्तमान सरकार और प्रशासन को बहुत-बहुत धन्यवाद। योगेंद्र पांडे ने कहा कि हमारे देश के नौजवानों को स्थाई नौकरियां और रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए जिससे उनकी शक्ति का सही प्रयोग हो सके उनका भविष्य सुरक्षित हो सके, उनके काम के घंटे काम किए जाएं, और विभिन्न सार्वजनिक संपत्तियों एवं शाखाओं का निजीकरण बंद किया जाए, पेंशनरों कर्मचारियों के लिए नई कल्याणकारी योजनाएं बनाई जाए तभी संपन्न और समृद्ध होकर हमारा राष्ट् विश्वगुरु बन सकेगा, उन्होंने 29 सितंबर को प्रस्तावित 24 घंटे के धरने को सफल बनाने की अपील की है सुशील कुमार श्रीवास्तव ने अपने अध्यक्षीय भाषण में आठवें वेतन आयोग के टी.ओ.आर.में पेंशनर शब्द जोड़े जाने,डी. एस.नाकरा साहब के ऐतिहासिक फैसले को कायम रखने पर,मांगे पूरी न होने पर, वर्तमान सरकार के विरोध पर बल दिया और सभा में पधारे हुए सभी गणमान्य पेंशनरों को धन्यवाद दिया। प्रकाश कुमार उदय चंद सोनकर एवं रामलाल चाचा ने अपनी बात बहुत ही दृढ़ता के साथ रखी और संगठन के प्रत्येक आवाहन को पूर्ण समर्थन देने का वादा किया। रामकिशोर और वीरेंद्र पांडे ने सुंदर गीत गाए,इन्हें संगठन की ओर से तालियों द्वारा सराहना प्राप्त हुयी। चैनल को सब्सक्राइब करें लाइक करें और शेयर करें उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से जीपी न्यूज़ इंडिया आज का भारत के लिए अमित केसरवानी की रिपोर्ट प्रयागराज पेंशनर जन अपनी मांगों के लिए आन्दोलित होंगे1