दबिश से लौट रही गोरखपुर पुलिस की स्कॉर्पियो पेड़ से टकराई, दरोगा की मौत, पांच घायल महराजगंज। दबिश से लौट रहे पुलिसकर्मियों की स्कॉर्पियो वाहन मंगलवार को भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गई। हादसे में एक दरोगा की मौत हो गई, जबकि पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। दुर्घटना श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के कतरारी चौकी के पास हुई। जानकारी के अनुसार कुशीनगर में दबिश देकर गोरखपुर लौट रही गोरखपुर पुलिस की स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के समय वाहन में एसआई रमेश चंद, दरोगा संतोष कुमार, महिला दरोगा गीता, चालक समेत कुल छह लोग सवार थे। सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान गोरखपुर के रामगढ़ ताल थाने में तैनात दरोगा संतोष कुमार ने दम तोड़ दिया। अन्य घायलों का उपचार जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही जिले के आलाधिकारी मेडिकल कॉलेज पहुंच गए और घायलों का हालचाल जाना। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
दबिश से लौट रही गोरखपुर पुलिस की स्कॉर्पियो पेड़ से टकराई, दरोगा की मौत, पांच घायल महराजगंज। दबिश से लौट रहे पुलिसकर्मियों की स्कॉर्पियो वाहन मंगलवार को भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गई। हादसे में एक दरोगा की मौत हो गई, जबकि पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। दुर्घटना श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के कतरारी चौकी के पास हुई। जानकारी के अनुसार कुशीनगर में दबिश देकर गोरखपुर लौट रही गोरखपुर पुलिस की स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के समय वाहन में एसआई रमेश चंद, दरोगा संतोष कुमार, महिला दरोगा गीता, चालक समेत कुल छह लोग सवार थे। सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान गोरखपुर के रामगढ़ ताल थाने में तैनात दरोगा संतोष कुमार ने दम तोड़ दिया। अन्य घायलों का उपचार जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही जिले के आलाधिकारी मेडिकल कॉलेज पहुंच गए और घायलों का हालचाल जाना। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
- *ब्रेकिंग फिरोजाबाद* फिरोजाबाद में आज से शुरू हुई यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 71,620 परीक्षार्थी देंगे यूपी बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से हुई बोर्ड की परीक्षाएं 12 मार्च तक होगी यूपी बोर्ड की परीक्षा से पहले सभी तैयारियां कर ली गई है सतर्क, नकल विहीन होगी परीक्षा फिरोजाबाद के जिला प्रशासन ने अधिकारियों को सतर्कता बरतने के दिए हैं निर्देश परीक्षा केन्द्रों के आसपास धारा 144 का अनुपालन कराना सुनिश्चित है सेक्टर मजिस्ट्रेट और जोनल मजिस्ट्रेट की भी लगाई गई है ड्यूटी1
- Post by Devendra singh Bhadauriya1
- Post by Kanhaiya lal1
- ग्राम गंसरा में भव्य कुश्ती दंगल, सामाजिक एकता का बना प्रतीक..। भरथना विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गंसरा में पारंपरिक कुश्ती दंगल का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्रभर से आए पहलवानों ने अपने दमखम और शानदार दांव-पेंच से दर्शकों का दिल जीत लिया। गांव के इस खेल महोत्सव में भारी जनसमूह उमड़ा और पूरे आयोजन स्थल पर उत्साह का माहौल बना रहा। दंगल का शुभारंभ वरिष्ठ समाजवादी नेता एवं प्रदेश संरक्षक, भारतीय किसान यूनियन धरतीपुत्र इंजीनियर सुघर सिंह दोहरे द्वारा फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। बताया गया कि इंजीनियर सुघर सिंह दोहरे लगातार क्षेत्र में सामाजिक, शैक्षिक और जनकल्याणकारी कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना, किसानों और आम जनता की समस्याओं को उठाना तथा सामाजिक एकता को मजबूत करना उनके कार्यों की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। कार्यक्रम में पूर्व न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं राष्ट्रीय संरक्षक, भारतीय किसान यूनियन धरतीपुत्र डॉ. रामयस सिंह यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव यादव, जिला अध्यक्ष युवा मोर्चा उर्मेंद्र पुष्कर, ब्लॉक अध्यक्ष चकरनगर आदित्य त्यागी, प्रसिद्ध जय पहलवान तथा समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण अंचल में ऐसे आयोजनों से प्रतिभाओं को मंच मिलता है और युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। अंत में विजेता एवं उपविजेता पहलवानों को सम्मानित किया गया और खेल भावना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।1
- जसवंतनगर:हरदोई जिले में 65 साल पहले डकैतों द्वारा अगवा की गई एक महिला आखिरकार अपने मायके लौट आईं। आज उनकी उम्र करीब 80 वर्ष है, लेकिन जब उन्होंने अपने गांव की मिट्टी को पहचाना तो वहां मौजूद हर शख्स भावुक हो उठा। बताया जाता है कि 1961-62 में डकैती के दौरान 15 वर्ष की उम्र में ‘रामश्री’ को डकैत उठा ले गए थे। बाद में उन्हें छुड़ाया गया और उन्होंने नई जिंदगी बसा ली, लेकिन मायके की याद कभी नहीं भूलीं। उनकी बेटी सीमा की कोशिशों से आखिरकार 65 साल बाद मां अपने रिश्तेदारों से मिल सकीं। आंसुओं और भावनाओं से भरा यह मिलन लोगों को हैरान भी कर रहा है और भावुक भी.1
- दलीप नगर मढैयन तहसील चकर नगर इटावा उ प्र1
- अमेठी।राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को सीएचसी फुरसतगंज में टीबी रोगियों को गोद लेने हेतु एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके तहत अडानी फाउंडेशन द्वारा 20 टीबी रोगियों को गोद लिया गया। पोषण पोटली में चना, मूंगफली, गुड़ आदि खाद्य सामग्री थी | सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिषेक शुक्ला ने उपस्थित लोगों को टीबी के लक्षणों एवं बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अपने आसपास के लोगों को टीबी के लक्षणों एवं उपचार के बारे में जागरूक करें। नियमित रूप से दवाओं का सेवन तथा पौष्टिक आहार लेने से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है। साथ ही टीबी की जांच एवं उपचार सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध है। इस अवसर पर सीएचसी अधीक्षक ने उपस्थित लोगों ने टीबी के साथ साथ मच्छरजनित रोगों जसिएय डेंगू, मलेरिया और फ़ाइलेरिया से बचाव के बारे में भी बताया | उन्होंने कहा कि इन सभी बिमारियों से बचाव के लिए जरूरी है कि घर में यह घर के अस –पास साफ सफाई रखें, मच्छर न पनपने दें | फ़ाइलेरिया तो लाइलाज बीमारी है | इसलिए मच्छरों के काटने से बचें | सभी डेंगू मलेरिया और फ़ाइलेरिया की जाँच और इलाज स्वास्थ्य केन्द्रों पर निशुल्क है | इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा फ़ाइलेरिया पीड़ितों को बीमारी के प्रबन्धन और फ़ाइलेरिया प्रभावित अंगों की देखभाल के लिए रुग्णता प्रबन्धन और दिव्यान्गता उपचार (एमएमडीपी)का प्रशिक्षण और किट निःशुल्क दी जाती है | इस अवसर पर वरिष्ठ क्षय रोग पर्यवेक्षक अजय प्रताप सिंह, टीबी मरीज सहित सीएचसी के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे | इनसेट में – मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि टीबी रोगियों को गोद लेने की यह पहल प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान का हिस्सा है। वर्तमान में जनपद में 327 निक्षय मित्रों द्वारा 2906 टीबी रोगियों को गोद लिया गया है। निक्षय मित्रों द्वारा टीबी रोगियों को उपचार के दौरान पोषणात्मक, मनोवैज्ञानिक अथवा अन्य आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति, संस्था, शैक्षणिक या औद्योगिक संस्थान टीबी रोगियों को गोद लेकर टीबी उन्मूलन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकते हैं। अडानी फाउंडेशन द्वारा जनवरी माह से अब तक 810 टीबी रोगियों को गोद लिया जा चुका है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक व्यक्ति एवं संस्थाएं आगे आकर टीबी रोगियों को गोद लें तथा उन्हें भावनात्मक एवं पोषणात्मक सहयोग प्रदान कर टीबी मुक्त जनपद बनाने में अपना योगदान दें।1
- *इटावा ब्रेकिंग* इटावा के सहसों क्षेत्र में ओवरलोड डंपरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। रात के अंधेरे में बेखौफ दौड़ रहे डंपर आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। *रजत यादव पत्रकार* 7417197064 इटावा के सहसों थाना क्षेत्र से रोज़ाना करीब एक दर्जन ओवरलोड डंपरों का आवागमन हो रहा है, लेकिन प्रशासन की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। सूत्रों के मुताबिक सहसों थाने में तैनात सिपाही सुनील तथा बिंदवा कला चौकी पर तैनात सिपाही अमृत की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। चर्चाएं हैं कि कुछ सिपाही इंस्पेक्टर की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहे हैं। थाने के भीतर ही ‘विभीषण’ की भूमिका निभा रहे सिपाही के नाम की चर्चा जोरों पर है। बिंदवा कला चौकी क्षेत्र के अंतर्गत सिंगल रोड से धड़ल्ले से ओवरलोड डंपर गुजर रहे हैं, लेकिन परिवहन और खनन विभाग के अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे। तेज रफ्तार और भारी भरकम वाहनों से राहगीर खासे परेशान हैं, जबकि किसी बड़े हादसे की आशंका भी लगातार बनी हुई है।1