टीवी उन्मूलन के साथ फाइलेरिया जागरूकता पर जोर अमेठी।राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को सीएचसी फुरसतगंज में टीबी रोगियों को गोद लेने हेतु एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके तहत अडानी फाउंडेशन द्वारा 20 टीबी रोगियों को गोद लिया गया। पोषण पोटली में चना, मूंगफली, गुड़ आदि खाद्य सामग्री थी | सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिषेक शुक्ला ने उपस्थित लोगों को टीबी के लक्षणों एवं बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अपने आसपास के लोगों को टीबी के लक्षणों एवं उपचार के बारे में जागरूक करें। नियमित रूप से दवाओं का सेवन तथा पौष्टिक आहार लेने से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है। साथ ही टीबी की जांच एवं उपचार सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध है। इस अवसर पर सीएचसी अधीक्षक ने उपस्थित लोगों ने टीबी के साथ साथ मच्छरजनित रोगों जसिएय डेंगू, मलेरिया और फ़ाइलेरिया से बचाव के बारे में भी बताया | उन्होंने कहा कि इन सभी बिमारियों से बचाव के लिए जरूरी है कि घर में यह घर के अस –पास साफ सफाई रखें, मच्छर न पनपने दें | फ़ाइलेरिया तो लाइलाज बीमारी है | इसलिए मच्छरों के काटने से बचें | सभी डेंगू मलेरिया और फ़ाइलेरिया की जाँच और इलाज स्वास्थ्य केन्द्रों पर निशुल्क है | इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा फ़ाइलेरिया पीड़ितों को बीमारी के प्रबन्धन और फ़ाइलेरिया प्रभावित अंगों की देखभाल के लिए रुग्णता प्रबन्धन और दिव्यान्गता उपचार (एमएमडीपी)का प्रशिक्षण और किट निःशुल्क दी जाती है | इस अवसर पर वरिष्ठ क्षय रोग पर्यवेक्षक अजय प्रताप सिंह, टीबी मरीज सहित सीएचसी के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे | इनसेट में – मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि टीबी रोगियों को गोद लेने की यह पहल प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान का हिस्सा है। वर्तमान में जनपद में 327 निक्षय मित्रों द्वारा 2906 टीबी रोगियों को गोद लिया गया है। निक्षय मित्रों द्वारा टीबी रोगियों को उपचार के दौरान पोषणात्मक, मनोवैज्ञानिक अथवा अन्य आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति, संस्था, शैक्षणिक या औद्योगिक संस्थान टीबी रोगियों को गोद लेकर टीबी उन्मूलन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकते हैं। अडानी फाउंडेशन द्वारा जनवरी माह से अब तक 810 टीबी रोगियों को गोद लिया जा चुका है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक व्यक्ति एवं संस्थाएं आगे आकर टीबी रोगियों को गोद लें तथा उन्हें भावनात्मक एवं पोषणात्मक सहयोग प्रदान कर टीबी मुक्त जनपद बनाने में अपना योगदान दें।
टीवी उन्मूलन के साथ फाइलेरिया जागरूकता पर जोर अमेठी।राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को सीएचसी फुरसतगंज में टीबी रोगियों को गोद लेने हेतु एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके तहत अडानी फाउंडेशन द्वारा 20 टीबी रोगियों को गोद लिया गया। पोषण पोटली में चना, मूंगफली, गुड़ आदि खाद्य सामग्री थी | सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिषेक शुक्ला ने उपस्थित लोगों को टीबी के लक्षणों एवं बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अपने आसपास के लोगों को टीबी के लक्षणों एवं उपचार के बारे में जागरूक करें। नियमित रूप से दवाओं का सेवन तथा पौष्टिक आहार लेने से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है। साथ ही टीबी की जांच एवं उपचार सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध है। इस अवसर पर सीएचसी अधीक्षक ने उपस्थित लोगों ने टीबी के साथ साथ मच्छरजनित रोगों जसिएय डेंगू, मलेरिया और फ़ाइलेरिया से बचाव के बारे में भी बताया | उन्होंने कहा कि इन सभी बिमारियों से बचाव के लिए जरूरी है कि घर में यह घर के अस –पास साफ सफाई रखें, मच्छर न पनपने दें | फ़ाइलेरिया तो लाइलाज बीमारी है | इसलिए मच्छरों के काटने से बचें | सभी डेंगू मलेरिया और फ़ाइलेरिया की जाँच और इलाज स्वास्थ्य केन्द्रों पर निशुल्क है | इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा फ़ाइलेरिया पीड़ितों को बीमारी के प्रबन्धन और फ़ाइलेरिया प्रभावित अंगों की देखभाल के लिए रुग्णता प्रबन्धन और दिव्यान्गता उपचार (एमएमडीपी)का प्रशिक्षण और किट निःशुल्क दी जाती है | इस अवसर पर वरिष्ठ क्षय रोग पर्यवेक्षक अजय प्रताप सिंह, टीबी मरीज सहित सीएचसी के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे | इनसेट में – मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि टीबी रोगियों को गोद लेने की यह पहल प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान का हिस्सा है। वर्तमान में जनपद में 327 निक्षय मित्रों द्वारा 2906 टीबी रोगियों को गोद लिया गया है। निक्षय मित्रों द्वारा टीबी रोगियों को उपचार के दौरान पोषणात्मक, मनोवैज्ञानिक अथवा अन्य आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति, संस्था, शैक्षणिक या औद्योगिक संस्थान टीबी रोगियों को गोद लेकर टीबी उन्मूलन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकते हैं। अडानी फाउंडेशन द्वारा जनवरी माह से अब तक 810 टीबी रोगियों को गोद लिया जा चुका है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक व्यक्ति एवं संस्थाएं आगे आकर टीबी रोगियों को गोद लें तथा उन्हें भावनात्मक एवं पोषणात्मक सहयोग प्रदान कर टीबी मुक्त जनपद बनाने में अपना योगदान दें।
- दलीप नगर मढैयन तहसील चकर नगर इटावा उ प्र1
- अमेठी।राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को सीएचसी फुरसतगंज में टीबी रोगियों को गोद लेने हेतु एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके तहत अडानी फाउंडेशन द्वारा 20 टीबी रोगियों को गोद लिया गया। पोषण पोटली में चना, मूंगफली, गुड़ आदि खाद्य सामग्री थी | सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिषेक शुक्ला ने उपस्थित लोगों को टीबी के लक्षणों एवं बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अपने आसपास के लोगों को टीबी के लक्षणों एवं उपचार के बारे में जागरूक करें। नियमित रूप से दवाओं का सेवन तथा पौष्टिक आहार लेने से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है। साथ ही टीबी की जांच एवं उपचार सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध है। इस अवसर पर सीएचसी अधीक्षक ने उपस्थित लोगों ने टीबी के साथ साथ मच्छरजनित रोगों जसिएय डेंगू, मलेरिया और फ़ाइलेरिया से बचाव के बारे में भी बताया | उन्होंने कहा कि इन सभी बिमारियों से बचाव के लिए जरूरी है कि घर में यह घर के अस –पास साफ सफाई रखें, मच्छर न पनपने दें | फ़ाइलेरिया तो लाइलाज बीमारी है | इसलिए मच्छरों के काटने से बचें | सभी डेंगू मलेरिया और फ़ाइलेरिया की जाँच और इलाज स्वास्थ्य केन्द्रों पर निशुल्क है | इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा फ़ाइलेरिया पीड़ितों को बीमारी के प्रबन्धन और फ़ाइलेरिया प्रभावित अंगों की देखभाल के लिए रुग्णता प्रबन्धन और दिव्यान्गता उपचार (एमएमडीपी)का प्रशिक्षण और किट निःशुल्क दी जाती है | इस अवसर पर वरिष्ठ क्षय रोग पर्यवेक्षक अजय प्रताप सिंह, टीबी मरीज सहित सीएचसी के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे | इनसेट में – मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि टीबी रोगियों को गोद लेने की यह पहल प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान का हिस्सा है। वर्तमान में जनपद में 327 निक्षय मित्रों द्वारा 2906 टीबी रोगियों को गोद लिया गया है। निक्षय मित्रों द्वारा टीबी रोगियों को उपचार के दौरान पोषणात्मक, मनोवैज्ञानिक अथवा अन्य आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति, संस्था, शैक्षणिक या औद्योगिक संस्थान टीबी रोगियों को गोद लेकर टीबी उन्मूलन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकते हैं। अडानी फाउंडेशन द्वारा जनवरी माह से अब तक 810 टीबी रोगियों को गोद लिया जा चुका है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक व्यक्ति एवं संस्थाएं आगे आकर टीबी रोगियों को गोद लें तथा उन्हें भावनात्मक एवं पोषणात्मक सहयोग प्रदान कर टीबी मुक्त जनपद बनाने में अपना योगदान दें।1
- mahewa ke pass anepura bhangara2
- इटावा जिले के हल्लूपुरा गांव में मंगलवार देर रात उस समय सनसनी फैल गई, जब एक 45 वर्षीय व्यक्ति ने कथित प्रेमिका के घर के बाहर खुद को तमंचे से गोली मार ली। घटना रात करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है। गोली की आवाज सुनते ही ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए और मौके पर भीड़ जुट गई। सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम पहुंची और जांच शुरू की। मृतक की पहचान अनिल कुमार (45) पुत्र रामचंद्र कठेरिया, निवासी मनौना, थाना करहल, जिला मैनपुरी के रूप में हुई है। वह मजदूरी करता था। बताया गया कि उसकी पत्नी का दो वर्ष पूर्व निधन हो चुका था और उसके दो बच्चे हैं। पुलिस के अनुसार अनिल के अपनी रिश्तेदारी में रहने वाली लक्ष्मी (40) से पिछले कई वर्षों से प्रेम संबंध थे, जिसे लेकर दोनों पक्षों में पहले भी विवाद हो चुका था। लक्ष्मी ने पुलिस को बताया कि अनिल रात में घर आया और दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा न खुलने पर उसने खुद को गोली मार ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।3
- Post by Jeetu Kamal2
- अजीतमल। तहसील क्षेत्र के शेखुपुर-जैनपुर स्थित शिवधाम ऋषि आश्रम में चल रही श्रीराम कथा के चौथे दिन बुधवार को कथा वाचक पंडित राज नारायण (राजा पंडित) ने भगवान श्रीराम के धनुष भंग और राम विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा सुनने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पूरे परिसर में भक्ति का माहौल बना रहा। कथा के दौरान पंडित राज नारायण ने बताया कि किस प्रकार मिथिला नरेश जनक ने अपनी पुत्री सीता के स्वयंवर के लिए भगवान शिव के दिव्य धनुष को प्रत्यंचा चढ़ाने की शर्त रखी थी। अनेक राजा-महाराजा धनुष को उठाने तक में असफल रहे, तब गुरु विश्वामित्र के आदेश पर श्रीराम ने सहज भाव से धनुष को उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाई और वह भंग हो गया। धनुष टूटते ही पूरी सभा “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठी। इस प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। इसके बाद कथा वाचक ने राम-सीता विवाह का मनोहारी वर्णन किया। उन्होंने कहा कि यह विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि मर्यादा और आदर्शों का मिलन था। विवाह प्रसंग के दौरान मंगल गीतों का गायन हुआ और श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर आनंद व्यक्त किया। पंडित जी ने बताया कि भगवान राम का जीवन त्याग, मर्यादा और धर्म पालन का संदेश देता है, जिसे प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में आरती उतारी गई और प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि कथा प्रतिदिन निर्धारित समय पर जारी रहेगी और समापन दिवस पर भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कथा स्थल पर व्यवस्था सुचारु रखने के लिए स्वयंसेवक भी सक्रिय रहे। पूरे क्षेत्र में राम कथा को लेकर उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है।2
- *ब्रेकिंग फिरोजाबाद* फिरोजाबाद में आज से शुरू हुई यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 71,620 परीक्षार्थी देंगे यूपी बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से हुई बोर्ड की परीक्षाएं 12 मार्च तक होगी यूपी बोर्ड की परीक्षा से पहले सभी तैयारियां कर ली गई है सतर्क, नकल विहीन होगी परीक्षा फिरोजाबाद के जिला प्रशासन ने अधिकारियों को सतर्कता बरतने के दिए हैं निर्देश परीक्षा केन्द्रों के आसपास धारा 144 का अनुपालन कराना सुनिश्चित है सेक्टर मजिस्ट्रेट और जोनल मजिस्ट्रेट की भी लगाई गई है ड्यूटी1
- Post by Devendra singh Bhadauriya1