शिवधाम ऋषि आश्रम में राम विवाह और धनुष भंग की कथा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु अजीतमल। तहसील क्षेत्र के शेखुपुर-जैनपुर स्थित शिवधाम ऋषि आश्रम में चल रही श्रीराम कथा के चौथे दिन बुधवार को कथा वाचक पंडित राज नारायण (राजा पंडित) ने भगवान श्रीराम के धनुष भंग और राम विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा सुनने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पूरे परिसर में भक्ति का माहौल बना रहा। कथा के दौरान पंडित राज नारायण ने बताया कि किस प्रकार मिथिला नरेश जनक ने अपनी पुत्री सीता के स्वयंवर के लिए भगवान शिव के दिव्य धनुष को प्रत्यंचा चढ़ाने की शर्त रखी थी। अनेक राजा-महाराजा धनुष को उठाने तक में असफल रहे, तब गुरु विश्वामित्र के आदेश पर श्रीराम ने सहज भाव से धनुष को उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाई और वह भंग हो गया। धनुष टूटते ही पूरी सभा “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठी। इस प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। इसके बाद कथा वाचक ने राम-सीता विवाह का मनोहारी वर्णन किया। उन्होंने कहा कि यह विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि मर्यादा और आदर्शों का मिलन था। विवाह प्रसंग के दौरान मंगल गीतों का गायन हुआ और श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर आनंद व्यक्त किया। पंडित जी ने बताया कि भगवान राम का जीवन त्याग, मर्यादा और धर्म पालन का संदेश देता है, जिसे प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में आरती उतारी गई और प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि कथा प्रतिदिन निर्धारित समय पर जारी रहेगी और समापन दिवस पर भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कथा स्थल पर व्यवस्था सुचारु रखने के लिए स्वयंसेवक भी सक्रिय रहे। पूरे क्षेत्र में राम कथा को लेकर उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है।
शिवधाम ऋषि आश्रम में राम विवाह और धनुष भंग की कथा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु अजीतमल। तहसील क्षेत्र के शेखुपुर-जैनपुर स्थित शिवधाम ऋषि आश्रम में चल रही श्रीराम कथा के चौथे दिन बुधवार को कथा वाचक पंडित राज नारायण (राजा पंडित) ने भगवान श्रीराम के धनुष भंग और राम विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा सुनने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पूरे परिसर में भक्ति का माहौल बना रहा। कथा के दौरान पंडित राज नारायण ने बताया कि किस प्रकार मिथिला नरेश जनक ने अपनी पुत्री सीता के स्वयंवर के लिए भगवान शिव के दिव्य धनुष को प्रत्यंचा चढ़ाने की शर्त रखी थी। अनेक राजा-महाराजा धनुष को उठाने तक में असफल रहे, तब गुरु विश्वामित्र के आदेश पर श्रीराम ने सहज भाव से धनुष को उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाई और वह भंग हो गया। धनुष टूटते ही पूरी सभा “जय श्रीराम” के
उद्घोष से गूंज उठी। इस प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। इसके बाद कथा वाचक ने राम-सीता विवाह का मनोहारी वर्णन किया। उन्होंने कहा कि यह विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि मर्यादा और आदर्शों का मिलन था। विवाह प्रसंग के दौरान मंगल गीतों का गायन हुआ और श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर आनंद व्यक्त किया। पंडित जी ने बताया कि भगवान राम का जीवन त्याग, मर्यादा और धर्म पालन का संदेश देता है, जिसे प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में आरती उतारी गई और प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि कथा प्रतिदिन निर्धारित समय पर जारी रहेगी और समापन दिवस पर भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कथा स्थल पर व्यवस्था सुचारु रखने के लिए स्वयंसेवक भी सक्रिय रहे। पूरे क्षेत्र में राम कथा को लेकर उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है।
- अजीतमल। तहसील क्षेत्र के शेखुपुर-जैनपुर स्थित शिवधाम ऋषि आश्रम में चल रही श्रीराम कथा के चौथे दिन बुधवार को कथा वाचक पंडित राज नारायण (राजा पंडित) ने भगवान श्रीराम के धनुष भंग और राम विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा सुनने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पूरे परिसर में भक्ति का माहौल बना रहा। कथा के दौरान पंडित राज नारायण ने बताया कि किस प्रकार मिथिला नरेश जनक ने अपनी पुत्री सीता के स्वयंवर के लिए भगवान शिव के दिव्य धनुष को प्रत्यंचा चढ़ाने की शर्त रखी थी। अनेक राजा-महाराजा धनुष को उठाने तक में असफल रहे, तब गुरु विश्वामित्र के आदेश पर श्रीराम ने सहज भाव से धनुष को उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाई और वह भंग हो गया। धनुष टूटते ही पूरी सभा “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठी। इस प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। इसके बाद कथा वाचक ने राम-सीता विवाह का मनोहारी वर्णन किया। उन्होंने कहा कि यह विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि मर्यादा और आदर्शों का मिलन था। विवाह प्रसंग के दौरान मंगल गीतों का गायन हुआ और श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर आनंद व्यक्त किया। पंडित जी ने बताया कि भगवान राम का जीवन त्याग, मर्यादा और धर्म पालन का संदेश देता है, जिसे प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में आरती उतारी गई और प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि कथा प्रतिदिन निर्धारित समय पर जारी रहेगी और समापन दिवस पर भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कथा स्थल पर व्यवस्था सुचारु रखने के लिए स्वयंसेवक भी सक्रिय रहे। पूरे क्षेत्र में राम कथा को लेकर उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है।2
- *ब्रेकिंग न्यूज़ औरैया* *बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कार का कहर, बाइक सवार दो युवक गंभीर घायल* *बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर अज्ञात कार ने मोटरसाइकिल सवारों को पीछे से मारी जोरदार टक्कर।* *टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दोनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।* *जानकारी के मुताबिक दोनों युवक इटावा से जालौन जा रहे थे, तभी हादसा हुआ।* *सूचना मिलते ही एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।* *ब्रह्मपाल की हालत नाजुक होने पर उसे 100 सैया अस्पताल रेफर किया गया। तो वही जानकारी के अनुसार सौरभ का इलाज जिला अस्पताल में जारी।* *दोनों युवक हार्वेस्टर पर काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। अज्ञात कार चालक मौके से फरार बताया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी।*3
- #ब्रेकिंगन्यूज़ बुंदेलखंड हाईवे पर हुआ कार एक्सीडेंट ट्रक के कट मारने पर हुआ हादसा डिवाइडर से टकराई कार हुआ भीषण एक्सीडेंट चालक ने बताया किशन द्विवेदी %सीताराम पन्ना नाका छतरपुर मध्य प्रदेश UP 15 CR 4041 DESIRE कार में बैठी दो महिलाएं एवं चालक गंभीर रूप से घायल हुआ नौगांव बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर हुआ हादसा breakingnews MDnewsAuraiya1
- Post by Jeetu Kamal2
- औरैया शहर के तिलक इंटर कॉलेज में हाई स्कूल की परीक्षा देने आई छात्रा अजीवा पुत्री बल्लू खान निवासी अचानक बेहोश हो गयी। अध्यापकों ने तुरंत 108 एम्बुलेंस को सूचना दी। शिक्षकों द्वारा उसे जिला अस्पताल भर्ती कराया गया और घर वालो को सूचित किया गया। छात्रा आज हिंदी विषय का पेपर देने आए थी।2
- औरैया , उत्तरप्रदेश 72 घंटे में हत्या का खुलासा1
- औरैया जिले के तहसील मुख्यालय बिधूना कस्बे के रामलीला मैदान में आयोजित 9 दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव के तीसरे दिन कामदगिरी पीठाधीश्वर श्री रामस्वरूपाचार्य जी महाराज ने राम कथा पर प्रवचन करते हुए श्रोताओं को सराबोर कर दिया।1
- औरैया ब्लाक के गांव बड़ी गूंज में किसानों द्वारा यमुना नदी किनारे बालू में बंद किए गए गोवंशों के संरक्षण का कार्य पांचवें दिन शुरू हुआ। सरसों की फसल नष्ट होने से नाराज किसानों ने करीब 49 छुट्टा गोवंशों को घेराबंदी कर कैद कर दिया था, जो चार दिन तक केवल नदी का पानी पीकर जीवित रहे। समाचार प्रकाशित होने पर प्रशासन सक्रिय हुआ और चारा की व्यवस्था कर आठ गोवंशों को गोशाला भेजा गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बंधक गोवंशों की जगह अन्य पशु पकड़े गए हैं। अधिकारियों ने शीघ्र सभी के संरक्षण का आश्वासन दिया।2