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नियम प्रभावी: यह नया नियम 1 जून, 2026 से लागू होगा। संशोधन शुल्क: व्यक्तिगत जानकारी (नाम, पिता का नाम) में पहली बार संशोधन निशुल्क है, लेकिन उसके बाद ₹15 प्रति संशोधन शुल्क लगेगा। बैंक विवरण: बैंक विवरण में संशोधन एक वित्तीय वर्ष में 2 बार किया जा सकता है, जिसमें पहली बार यह निशुल्क है और बाद में ₹40 प्रति संशोधन लगेगा। पारिवारिक सूचना: परिवार में मुखिया परिवर्तन या सदस्य का स्थानांतरण अधिकतम 5 बार किया जा सकता है, पहली बार निशुल्क है और फिर ₹25 प्रति संशोधन लगेगा। [1, 2]
Sheetal prajapat
नियम प्रभावी: यह नया नियम 1 जून, 2026 से लागू होगा। संशोधन शुल्क: व्यक्तिगत जानकारी (नाम, पिता का नाम) में पहली बार संशोधन निशुल्क है, लेकिन उसके बाद ₹15 प्रति संशोधन शुल्क लगेगा। बैंक विवरण: बैंक विवरण में संशोधन एक वित्तीय वर्ष में 2 बार किया जा सकता है, जिसमें पहली बार यह निशुल्क है और बाद में ₹40 प्रति संशोधन लगेगा। पारिवारिक सूचना: परिवार में मुखिया परिवर्तन या सदस्य का स्थानांतरण अधिकतम 5 बार किया जा सकता है, पहली बार निशुल्क है और फिर ₹25 प्रति संशोधन लगेगा। [1, 2]
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- नीलकंठ महादेव मंदिर में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का हुआ लाइव प्रसारण सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत ब्यावर जिले में विविध आयोजन संपन्न...........................1
- अमृतकौर अस्पताल की बदहाली पर बरसी हिंदू हेल्पलाइन; अव्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा सेन्दडा ब्यावर शीतल कुमारी प्रजापत ब्यावर शहर के प्रमुख राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय में लंबे समय से व्याप्त अव्यवस्थाओं और चिकित्सा सुविधाओं के अभाव को लेकर सोमवार को अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं हिंदू हेल्पलाइन राजस्थान के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। संगठन के पदाधिकारियों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन किया और PMO कार्यालय पहुँचकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नाम एक कड़ा मांग पत्र सौंपा। कार्यकर्ताओं ने साफ लहजे में चेतावनी दी कि यदि आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बंद नहीं हुआ, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए विवश होगा। रेफरल सेंटर बना अस्पताल, विशेषज्ञ डॉक्टरों का टोटा ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन हजारों मरीज उम्मीद लेकर आते हैं । लेकिन यहाँ की स्थितियां दयनीय हैं। विशेष रूप से शिशु रोग और गायनिक विभाग में डॉक्टरों की भारी कमी है। संगठन का आरोप है कि विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के कारण मामूली बीमारियों में भी मरीजों को अजमेर या जयपुर रेफर कर दिया जाता है । जिससे गरीब मरीजों की जान और जेब दोनों पर खतरा बना रहता है। इन 5 मुख्य मांगों पर अड़ा संगठन: चिकित्सकों की स्थायी नियुक्ति: कार्डियोलॉजिस्ट (दिल के डॉक्टर) और शिशु रोग विशेषज्ञों की अस्पताल में तुरंत स्थायी नियुक्ति की जाए। MCH विंग में सुधार: मातृ-शिशु स्वास्थ्य विंग में 24 घंटे रेजिडेंट डॉक्टर उपलब्ध हों और पर्ची काउंटर की व्यवस्था सुधारी जाए। लापरवाह डॉक्टरों पर लगाम: अक्सर डॉक्टर OPD समय के दौरान अपनी सीट से गायब मिलते हैं । उन पर सख्त पाबंदी लगाई जाए। व्हीलचेयर और स्ट्रेचर की कमी: ट्रॉमा सेंटर और मुख्य द्वार पर स्ट्रेचर चलाने वाले कर्मचारी और संसाधन 24 घंटे उपलब्ध रहें और उनके नंबर बोर्ड पर लिखे जाएं। बुनियादी सुविधाएं: मरीजों और परिजनों के बैठने व पीने के पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रशासन को दी चेतावनी हेल्पलाइन के प्रतिनिधियों ने कहा कि अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता के कारण आमजन में भारी असंतोष व्याप्त है। उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह में व्यवस्थाओं में सुधार की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो संगठन प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलेगा। प्रदर्शन में ये रहे मौजूद: इस दौरान संगठन की मजबूती दिखाते हुए मुकेश सोनी, सुनील पालेचा, मनीष व्यास, कमलेश रावत, अनिल गुप्ता, सुनील दुबे, तुषार शर्मा, अनुराग सारस्वत, भावेश कुमार गंगवानी, दिनेश नाथ, विक्की भाटी, मोहित पीपाड़ा, उम्मेद चौहान, गोपाल सांखला, गौरव अग्रवाल, रिषिपाल सिंह, हरि गौड़, बंटी कुमावत, दीपक अटवाल, अनुराग तेली, करण पंडित, आकाश लांगडिया और नवीन सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।4
- अजमेर के पीसांगन में ₹35 लाख की चोरी सुलझाने वाली पुलिस टीम का ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया। इस साहसिक कार्य के लिए पुलिसकर्मियों का अभिनंदन कर उनका उत्साह बढ़ाया गया।1
- गैस हादसे के बाद मृतकों के घर मिला एक और लीकेज संदिग्ध सिलेंडर, बाहर खुले में रखा गया रायपुर (ब्यावर) । कानेचा उदावतान में मां और दो मासूम बेटियों की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट, गैस एजेंसी को दी सूचना । रेलडा ग्राम पंचायत के राजस्व ग्राम कानेचा उदावतान में हुए दर्दनाक गैस हादसे के बाद सोमवार को उसी घर में एलपीजी गैस से भरा एक और सिलेंडर मिलने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। जांच के दौरान सिलेंडर में भी गैस रिसाव होने की आशंका जताई गई, जिसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर उसे घर से बाहर निकालकर खुले स्थान पर रखा गया। मामले की सूचना प्रशासन एवं संबंधित गैस एजेंसी को दे दी गई। गौरतलब है कि रविवार 10 मई को दोपहर बाद दुकान में बनी रसोई में चाय बनाने के दौरान जैसे ही गैस चालू किया गया, उसी समय अचानक भीषण आग लग गई। हादसे में मनीषा तथा उसकी दो मासूम बेटियां नविया (8 वर्ष) और पल्लवी (5 वर्ष) गंभीर रूप से झुलस गई थीं। तीनों की दर्दनाक मौत हो गई।1
- बलरामपुर, खंडवा और इंदौर जैसे कई शहरों से होते हुए नागपुर फोरलेन का मनमोहक नज़ारा साझा किया गया है। यह शानदार सड़क फोर व्हीलर वाहनों के लिए हैदराबाद का रास्ता बेहद आसान और सीधा बनाती है।1
- बस टिकट विवाद: हनुमानगढ में 16 वर्षीय युवक का जबड़ा तोड़ा, हनुमानगढ़ के भादरा मे ं बस टिकट को लेकर हुए विवाद के बाद 16 वर्षीय रजत शर्मा को बेरहमी से पीटा गया। हमले में रजत के चेहरे और जबड मे गंभीर चोटें आई हैं, जिसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने कंडक्टर सहित कई आरोपियो के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। बस टिकट विवाद: हनुमानगढ में 16 वर्षीय युवक का जबड़ा तोड़ा, हनुमानगढ़ के भादरा मे ंबस टिकट को लेकर हुए विवाद के बाद 16 वर्षीय रजत शर्मा को बेरहमी से पीटा गया। हमले में रजत के चेहरे और जबड मे गंभीर चोटें आई हैं, जिसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने कंडक्टर सहित कई आरोपियो के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।1
- रात्रि चौपाल में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, पट्टों और मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रशासन घिरा ग्राम पंचायत रोहिसा में आयोजित रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आया। चौपाल में स्थानीय प्रशासन और क्षेत्रीय विधायक के सामने ग्रामीणों ने पट्टों की समस्या, पानी-बिजली संकट और सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर जमकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्षों से लगातार मांग करने के बावजूद प्रशासन द्वारा उन्हें पट्टे जारी नहीं किए जा रहे हैं, जिससे आमजन परेशान हैं। चौपाल के दौरान एक ग्रामीण ने प्रशासन पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार आवेदन और शिकायत देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है, लेकिन प्रशासन केवल योजनाओं और बैठकों तक सीमित होकर रह गया है। उन्होंने कहा कि गांव में पेयजल संकट लगातार बढ़ रहा है, कई स्थानों पर बिजली व्यवस्था भी चरमराई हुई है और सड़कें खस्ताहाल होने से लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने रथ यात्रा और सरकारी अभियानों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह केवल जनता को गुमराह करने की योजना बनकर रह गई है। लोगों ने आरोप लगाया कि इन कार्यक्रमों में सिर्फ योजनाओं का प्रचार किया जाता है, जबकि जमीनी स्तर पर आम ग्रामीणों के कार्य नहीं हो रहे हैं। चौपाल में मौजूद लोगों ने कहा कि यदि प्रशासन वास्तव में समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर होता तो आज गांव की स्थिति इतनी खराब नहीं होती। ग्रामीणों के तीखे विरोध और नाराजगी के बीच तहसीलदार अशोक कुमार ने लोगों को आश्वासन देते हुए कहा कि पट्टों से संबंधित मामलों का जल्द समाधान किया जाएगा तथा पात्र लोगों को नियमानुसार पट्टे उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। वहीं विधायक लक्ष्मण राम कलरू ने भी ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की बात कही। रात्रि चौपाल में ग्रामीणों की नाराजगी और प्रशासन के खिलाफ खुलकर उठी आवाज पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही।1
- सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत ब्यावर जिले में विविध आयोजन संपन्न नीलकंठ महादेव मंदिर में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का हुआ लाइव प्रसारण सेंदड़ा (ब्यावर) शीतल कुमारी प्रजापत ब्यावर, 11 मई। कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग राजस्थान के निर्देशानुसार सोमनाथ मंदिर पर प्रथम आक्रमण के 1000 वर्ष एवं मंदिर पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रव्यापी “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के तहत ब्यावर जिले में विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम नीलकंठ महादेव मंदिर, ब्यावर में आयोजित हुआ, जहां प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सोमनाथ से संबोधन एवं मुख्य कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत ने सपत्नी भगवान शिव की पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की सनातन संस्कृति, आस्था और आत्मगौरव का प्रतीक है। अनेक आक्रमणों के बावजूद यह मंदिर पुनः उसी गौरव के साथ खड़ा हुआ, जो हमारी आध्यात्मिक शक्ति और सांस्कृतिक विरासत की अमर पहचान है। जिला शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में सोमनाथ मंदिर के इतिहास एवं गौरव पर आधारित ऐनिमेटेड फिल्म का प्रदर्शन किया गया तथा व्याख्यान का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मलाल जाट, विकास अधिकारी श्री बलराम मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।4