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अजब एमपी गजब योजना, दिव्यांग को कलेक्टर दरबार से लौटना पड़ा मायूस
Raju Singh Rathod
अजब एमपी गजब योजना, दिव्यांग को कलेक्टर दरबार से लौटना पड़ा मायूस
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- खंडवा में गौशाला में गायों की मौत पर अधिकारियों ने दी सफाई1
- Post by Atmaram Yadav1
- एकलव्य विद्यालय की 300 छात्राएं सड़क पर:प्राचार्य के खिलाफ 7 KM पैदल चलकर कलेक्टर से मिलीं, बताईं शिकायतेंआलीराजपुर जिले के आम्बुआ स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय की लगभग 300 से 400 छात्राएं बुधवार सुबह सड़क पर उतर आईं। उन्होंने विद्यालय की प्राचार्य के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्टर से मिलने के लिए लगभग 7 से 8 किलोमीटर तक पैदल चलीं। इन छात्राओं में दसवीं और बारहवीं कक्षा की वे छात्राएं भी शामिल थीं, जिनकी बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं।1
- इंदौर मे फिर पकड़ाई बच्चा चोर महिला आये दिन पकड़ा रहे है इन गिरो के लोग सूत्रों से यह पता चला है की इनके गिरो मे महिला, ओर बच्चे भी है शामिल इसलिए सतक रहे सावधान रहे1
- बड़वानी शहर में निमाड़ गोल्ड कप ऑल इंडिया फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 12 फरवरी, गुरुवार से शुरू होगी। टूर्नामेंट के लिए एमईजी बेंगलुरु, सीवीएम गुजरात और मुंबई कस्टम सहित कई प्रदेशों की नामी टीमें बड़वानी पहुंच चुकी हैं। इन्हीं टीमों के साथ मिलकर मैच से एक दिन पूर्व, वाल्मीकि फुटबॉल क्लब बड़वानी और मेजबान यंग ब्रदर्स टीम ने ढोल-ताशे के साथ शहर में मार्च पास्ट निकाला। इस दौरान टीमों के कप्तान, कोच और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे। आयोजन समिति ने शहरवासियों को प्रतियोगिता में शामिल होने का आमंत्रण दिया। आयोजन समिति के अध्यक्ष विष्णु बनडे ने बताया कि यह उनकी पुरानी परंपरा है कि मैच से एक दिन पहले टीमों के साथ शहर में मार्च पास्ट निकाला जाता है। इसका उद्देश्य बड़वानी की जनता को मैच देखने के लिए आमंत्रित करना है। निमाड़ गोल्ड कप फुटबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ 12 फरवरी, गुरुवार को बड़वानी शहर के मिडिल स्कूल फुटबॉल मैदान में होगा। प्रतियोगिता के सुव्यवस्थित आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह चार दिवसीय टूर्नामेंट यंग ब्रदर्स फुटबॉल क्लब, बड़वानी द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इसमें राष्ट्रीय स्तर की कुल आठ टीमें हिस्सा ले रही हैं। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिदिन दो मैच खेले जाएंगे। टूर्नामेंट में भाग लेने वाली टीमों में एमईजी बेंगलुरु, सीवीएम आनंद गुजरात, आरा एफसी अहमदाबाद, मोइल्स 11 नागपुर, बिल्डअप रायसेन, एनएफसी नीमच, वाल्मीकि फुटबॉल क्लब और मेजबान यंग ब्रदर्स फुटबॉल क्लब बड़वानी शामिल हैं। गुरुवार को दो मैच खेले जाएंगे। पहला मैच दोपहर 1 बजे मुंबई कस्टम और एनएफसी नीमच, मध्य प्रदेश के बीच होगा। दूसरा मैच दोपहर 3 बजे एमईजी बेंगलुरु और बिल्डअप रायसेन, मध्य प्रदेश के बीच खेला जाएगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बड़वानी में फुटबॉल को बढ़ावा देना है। मार्च पास्ट फुटबॉल मैदान से शुरू होकर कोर्ट चौराहा, भवानी माता मंदिर, झंडा चौक, रणजीत चौक, कचहरी रोड, मोती माता चौक होते हुए वापस फुटबॉल मैदान पर समाप्त हुआ।1
- कन्नौद बनेगा धर्मनगरी — परम पूज्य श्री श्री 1008 श्री बालकदास जी महाराज का भव्य आगमन, 51 कुण्डीय महायज्ञ व श्रीमद्भागवत कथा से सजेगा विराट आध्यात्मिक महाकुंभ कन्नौद,कन्नौद की पुण्य-पावन धरा पर एक बार फिर धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का महासंगम होने जा रहा है। परम पूज्य श्री श्री 1008 श्री बालकदास जी महाराज के दिव्य एवं भव्य आगमन के साथ नगर में श्री श्री 51 कुण्डीय श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा का विशाल धार्मिक महोत्सव आयोजित होगा। बुधवार शाम 7 बजे आयोजक समिति ने बताया कि इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर कन्नौद सहित खातेगाँव, सतवास, कांटाफोड़, कुसमानिया, आष्टा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अपार उत्साह का वातावरण है और तैयारियाँ युद्धस्तर पर जारी हैं। धर्म प्रचार और जनकल्याण के लिए समर्पित पूज्य महाराज जी ने लगभग 2 वर्ष 2 महीने तक निरंतर 108 श्रीमद्भागवत कथाएँ एवं 108 यज्ञ संपन्न कर सनातन संस्कृति की अलख देशभर में जगाई है। वहीं दिसंबर 2025 में माँ रतनगढ़ वाली के दरबार में शतचंडी 1108 कुण्डिय महायज्ञ का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन उनके पावन सान्निध्य में सम्पन्न हुआ, जिसने हज़ारो श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत किया। महाराज जी का जीवन त्याग, तपस्या और भक्ति की अनुपम गाथा है। उन्होंने मात्र 6 वर्ष की आयु में घर-परिवार त्यागकर माँ बीजासन के दरबार में साधना प्रारंभ की और बाद में हिरण्यकश्यप की नगरी में स्थित भक्त प्रह्लाद की पवित्र गुफा में चातुर्मास करते हुए कठोर तपस्या की। खूँखार एवं विषैले जीवों के बीच रहकर भी उन्होंने अद्वितीय साधना का परिचय दिया। आज भी वे धन-संपत्ति से पूर्णतः विरक्त रहकर अत्यंत सरल और तपस्वी जीवन व्यतीत करते हैं। देशभर में अनेक गद्दियाँ प्राप्त होने के बावजूद महाराज जी ने सदैव सेवा और साधना को ही अपना ध्येय माना। ग्राम चंद्ररोल (जिला दतिया) की गद्दी उन्होंने अपने शिष्य को समर्पित की। वहीं समथर (जिला झाँसी) में 50 एकड़ भूमि पर निर्मित भव्य आश्रम में आज 1000 गायों की विशाल कामधेनु गोशाला संचालित हो रही है। अयोध्याधाम में भी उनका भव्य आश्रम है, किन्तु महाराज जी सदैव विरक्त भाव से ईश्वर भक्ति में लीन रहते हैं। आयोजकों के अनुसार, इस दिव्य धार्मिक महोत्सव में पूज्य महाराज जी के साथ देशभर से अनेक संत-महात्माओं का आगमन होगा, जिससे कन्नौद की धरती पर आध्यात्मिक महाकुंभ जैसा अलौकिक वातावरण निर्मित होगा। आयोजन स्थल पर विशाल पंडाल, भव्य यज्ञशाला, सत्संग मंच, श्रद्धालुओं के लिए भोजन-प्रसादी एवं आवास सहित व्यापक व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं, नगरवासियों एवं क्षेत्रवासियों से विनम्र अपील है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें तथा इस ऐतिहासिक, भव्य एवं दिव्य आध्यात्मिक आयोजन के साक्षी बनें।1
- खंडवा सांसद के ज्ञानेश्वर पाटिल ने संसद में उठाई यह मांग1
- इंदौर के सांवेर रोड स्थित श्री वैष्णव विद्यापीठ कॉलेज से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। आरोप है कि कॉलेज कैंटीन में खुले में रखे समोसे एक आवारा जानवर खाते दिखाई दे रहे हैं… और यही समोसे छात्रों को परोसे जा रहे हैं! वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैंटीन में स्वच्छता के मानकों की खुली अनदेखी हो रही है। खाने-पीने की चीजें बिना ढके रखी जा रही हैं… सवाल सीधा है — क्या छात्रों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है? बताया जा रहा है कि यह वीडियो खुद एक छात्र ने रिकॉर्ड कर मीडिया तक पहुंचाया है। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर चुप्पी साधे हुए है। अब बड़ा सवाल — क्या कॉलेज प्रबंधन इस मामले में कार्रवाई करेगा? क्या जिम्मेदारों पर होगी सख्त कार्यवाही? फिलहाल, यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और छात्रों में आक्रोश है।1
- बड़वानी। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। आईसीयू में भर्ती एक गंभीर मरीज को सुबह 11 बजे इंदौर (एमवाय अस्पताल) रेफर किया गया, लेकिन रात 1 बजे तक एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। लगभग 14 घंटे तक मरीज जिला अस्पताल में ही ऑक्सीजन सपोर्ट पर भर्ती रहा और परिजन अधिकारियों से गुहार लगाते रहे। मामला रात करीब 1 बजे का है। आईसीयू में भर्ती मरीज के साथ केवल उसकी पत्नी और बड़ी बहन मौजूद थीं। दोनों महिलाएं सुबह से एंबुलेंस का इंतजार कर रही थीं और लगातार अधिकारियों से संपर्क कर रही थीं। विधायक ने उठाए सवाल क्षेत्रीय विधायक राजन मंडलोई ने बताया कि वे रात करीब 8 बजे जिला अस्पताल पहुंचे थे। वहां परिजनों ने उन्हें पूरी स्थिति बताई कि सुबह 11 बजे रेफर करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं आई है। विधायक ने तत्काल सिविल सर्जन और अन्य अधिकारियों से संपर्क किया। विधायक का कहना है कि रात 10 बजे से सीएमएचओ सहित संबंधित अधिकारियों को फोन लगाए जा रहे थे। हर बार यही जवाब मिला कि “एंबुलेंस रास्ते में है”, लेकिन देर रात तक वाहन अस्पताल नहीं पहुंचा। विधायक ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि सरकार बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्था कमजोर नजर आती है। सिविल सर्जन का मिला सहयोग हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के बीच जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. मनोज खन्ना का सहयोग सराहनीय रहा। परिजनों के अनुसार डॉ. खन्ना रात 1 बजे तक लगातार फोन के माध्यम से संपर्क में बने रहे। वे किसी आवश्यक कार्य से बाहर होने के कारण अस्पताल नहीं पहुंच सके, लेकिन लगातार एंबुलेंस व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों से समन्वय करते रहे। मरीज के परिजनों ने डॉ. खन्ना के सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए हरसंभव मदद करने का प्रयास किया। “अब क्या जान चली जाए तब एंबुलेंस आएगी?” मरीज की बड़ी बहन गायत्री, निवासी धामनोद, ने बताया कि उसका भाई 5 तारीख से भर्ती है और डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि उसका लिवर पूरी तरह खराब हो चुका है। दो दिन पहले ही इंदौर रेफर करने की बात कही गई थी। गायत्री ने कहा, “सुबह 11 बजे से हमें कहा गया कि एंबुलेंस आ रही है। रात के 1 बज गए, लेकिन कोई वाहन नहीं आया। हम दो महिलाएं यहां परेशान बैठे हैं। अगर समय पर इंदौर पहुंच जाते तो इलाज शुरू हो जाता।” एंबुलेंस सेवा पर उठे सवाल इस घटना ने एंबुलेंस सेवा और आपातकालीन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आईसीयू मरीज को घंटों इंतजार कराना स्वास्थ्य तंत्र की गंभीर कमी को दर्शाता है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए क्या ठोस व्यवस्था की जाती है।1