कन्नौद बनेगा धर्मनगरी — परम पूज्य श्री श्री 1008 श्री बालकदास जी महाराज का भव्य आगमन, 51 कुण्डीय महायज्ञ व श्रीमद्भागवत कथा से सजेगा विराट आध्यात्मिक महाकुंभ कन्नौद,कन्नौद की पुण्य-पावन धरा पर एक बार फिर धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का महासंगम होने जा रहा है। परम पूज्य श्री श्री 1008 श्री बालकदास जी महाराज के दिव्य एवं भव्य आगमन के साथ नगर में श्री श्री 51 कुण्डीय श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा का विशाल धार्मिक महोत्सव आयोजित होगा। बुधवार शाम 7 बजे आयोजक समिति ने बताया कि इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर कन्नौद सहित खातेगाँव, सतवास, कांटाफोड़, कुसमानिया, आष्टा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अपार उत्साह का वातावरण है और तैयारियाँ युद्धस्तर पर जारी हैं। धर्म प्रचार और जनकल्याण के लिए समर्पित पूज्य महाराज जी ने लगभग 2 वर्ष 2 महीने तक निरंतर 108 श्रीमद्भागवत कथाएँ एवं 108 यज्ञ संपन्न कर सनातन संस्कृति की अलख देशभर में जगाई है। वहीं दिसंबर 2025 में माँ रतनगढ़ वाली के दरबार में शतचंडी 1108 कुण्डिय महायज्ञ का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन उनके पावन सान्निध्य में सम्पन्न हुआ, जिसने हज़ारो श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत किया। महाराज जी का जीवन त्याग, तपस्या और भक्ति की अनुपम गाथा है। उन्होंने मात्र 6 वर्ष की आयु में घर-परिवार त्यागकर माँ बीजासन के दरबार में साधना प्रारंभ की और बाद में हिरण्यकश्यप की नगरी में स्थित भक्त प्रह्लाद की पवित्र गुफा में चातुर्मास करते हुए कठोर तपस्या की। खूँखार एवं विषैले जीवों के बीच रहकर भी उन्होंने अद्वितीय साधना का परिचय दिया। आज भी वे धन-संपत्ति से पूर्णतः विरक्त रहकर अत्यंत सरल और तपस्वी जीवन व्यतीत करते हैं। देशभर में अनेक गद्दियाँ प्राप्त होने के बावजूद महाराज जी ने सदैव सेवा और साधना को ही अपना ध्येय माना। ग्राम चंद्ररोल (जिला दतिया) की गद्दी उन्होंने अपने शिष्य को समर्पित की। वहीं समथर (जिला झाँसी) में 50 एकड़ भूमि पर निर्मित भव्य आश्रम में आज 1000 गायों की विशाल कामधेनु गोशाला संचालित हो रही है। अयोध्याधाम में भी उनका भव्य आश्रम है, किन्तु महाराज जी सदैव विरक्त भाव से ईश्वर भक्ति में लीन रहते हैं। आयोजकों के अनुसार, इस दिव्य धार्मिक महोत्सव में पूज्य महाराज जी के साथ देशभर से अनेक संत-महात्माओं का आगमन होगा, जिससे कन्नौद की धरती पर आध्यात्मिक महाकुंभ जैसा अलौकिक वातावरण निर्मित होगा। आयोजन स्थल पर विशाल पंडाल, भव्य यज्ञशाला, सत्संग मंच, श्रद्धालुओं के लिए भोजन-प्रसादी एवं आवास सहित व्यापक व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं, नगरवासियों एवं क्षेत्रवासियों से विनम्र अपील है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें तथा इस ऐतिहासिक, भव्य एवं दिव्य आध्यात्मिक आयोजन के साक्षी बनें।
कन्नौद बनेगा धर्मनगरी — परम पूज्य श्री श्री 1008 श्री बालकदास जी महाराज का भव्य आगमन, 51 कुण्डीय महायज्ञ व श्रीमद्भागवत कथा से सजेगा विराट आध्यात्मिक महाकुंभ कन्नौद,कन्नौद की पुण्य-पावन धरा पर एक बार फिर धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का महासंगम होने जा रहा है। परम पूज्य श्री श्री 1008 श्री बालकदास जी महाराज के दिव्य एवं भव्य आगमन के साथ नगर में श्री श्री 51 कुण्डीय श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा का विशाल धार्मिक महोत्सव आयोजित होगा। बुधवार शाम 7 बजे आयोजक समिति ने बताया कि इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर कन्नौद सहित खातेगाँव, सतवास, कांटाफोड़, कुसमानिया, आष्टा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अपार उत्साह का वातावरण है और तैयारियाँ युद्धस्तर पर जारी हैं। धर्म प्रचार और जनकल्याण के लिए समर्पित पूज्य महाराज जी ने लगभग 2 वर्ष 2 महीने तक निरंतर 108 श्रीमद्भागवत कथाएँ एवं 108 यज्ञ संपन्न कर सनातन संस्कृति की अलख देशभर में जगाई है। वहीं दिसंबर 2025 में माँ रतनगढ़ वाली के दरबार में शतचंडी 1108 कुण्डिय महायज्ञ का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन उनके पावन सान्निध्य में सम्पन्न हुआ, जिसने हज़ारो श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत किया। महाराज जी का जीवन त्याग, तपस्या और भक्ति की अनुपम गाथा है। उन्होंने मात्र 6 वर्ष की आयु में घर-परिवार त्यागकर माँ बीजासन के दरबार में साधना प्रारंभ की और बाद में हिरण्यकश्यप की नगरी में स्थित भक्त प्रह्लाद की पवित्र गुफा में चातुर्मास करते हुए कठोर तपस्या की। खूँखार एवं विषैले जीवों के बीच रहकर भी उन्होंने अद्वितीय साधना का परिचय दिया। आज भी वे धन-संपत्ति से पूर्णतः विरक्त रहकर अत्यंत सरल और तपस्वी जीवन व्यतीत करते हैं। देशभर में अनेक गद्दियाँ प्राप्त होने के बावजूद महाराज जी ने सदैव सेवा और साधना को ही अपना ध्येय माना। ग्राम चंद्ररोल (जिला दतिया) की गद्दी उन्होंने अपने शिष्य को समर्पित की। वहीं समथर (जिला झाँसी) में 50 एकड़ भूमि पर निर्मित भव्य आश्रम में आज 1000 गायों की विशाल कामधेनु गोशाला संचालित हो रही है। अयोध्याधाम में भी उनका भव्य आश्रम है, किन्तु महाराज जी सदैव विरक्त भाव से ईश्वर भक्ति में लीन रहते हैं। आयोजकों के अनुसार, इस दिव्य धार्मिक महोत्सव में पूज्य महाराज जी के साथ देशभर से अनेक संत-महात्माओं का आगमन होगा, जिससे कन्नौद की धरती पर आध्यात्मिक महाकुंभ जैसा अलौकिक वातावरण निर्मित होगा। आयोजन स्थल पर विशाल पंडाल, भव्य यज्ञशाला, सत्संग मंच, श्रद्धालुओं के लिए भोजन-प्रसादी एवं आवास सहित व्यापक व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं, नगरवासियों एवं क्षेत्रवासियों से विनम्र अपील है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें तथा इस ऐतिहासिक, भव्य एवं दिव्य आध्यात्मिक आयोजन के साक्षी बनें।
- कन्नौद बनेगा धर्मनगरी — परम पूज्य श्री श्री 1008 श्री बालकदास जी महाराज का भव्य आगमन, 51 कुण्डीय महायज्ञ व श्रीमद्भागवत कथा से सजेगा विराट आध्यात्मिक महाकुंभ कन्नौद,कन्नौद की पुण्य-पावन धरा पर एक बार फिर धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का महासंगम होने जा रहा है। परम पूज्य श्री श्री 1008 श्री बालकदास जी महाराज के दिव्य एवं भव्य आगमन के साथ नगर में श्री श्री 51 कुण्डीय श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा का विशाल धार्मिक महोत्सव आयोजित होगा। बुधवार शाम 7 बजे आयोजक समिति ने बताया कि इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर कन्नौद सहित खातेगाँव, सतवास, कांटाफोड़, कुसमानिया, आष्टा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अपार उत्साह का वातावरण है और तैयारियाँ युद्धस्तर पर जारी हैं। धर्म प्रचार और जनकल्याण के लिए समर्पित पूज्य महाराज जी ने लगभग 2 वर्ष 2 महीने तक निरंतर 108 श्रीमद्भागवत कथाएँ एवं 108 यज्ञ संपन्न कर सनातन संस्कृति की अलख देशभर में जगाई है। वहीं दिसंबर 2025 में माँ रतनगढ़ वाली के दरबार में शतचंडी 1108 कुण्डिय महायज्ञ का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन उनके पावन सान्निध्य में सम्पन्न हुआ, जिसने हज़ारो श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत किया। महाराज जी का जीवन त्याग, तपस्या और भक्ति की अनुपम गाथा है। उन्होंने मात्र 6 वर्ष की आयु में घर-परिवार त्यागकर माँ बीजासन के दरबार में साधना प्रारंभ की और बाद में हिरण्यकश्यप की नगरी में स्थित भक्त प्रह्लाद की पवित्र गुफा में चातुर्मास करते हुए कठोर तपस्या की। खूँखार एवं विषैले जीवों के बीच रहकर भी उन्होंने अद्वितीय साधना का परिचय दिया। आज भी वे धन-संपत्ति से पूर्णतः विरक्त रहकर अत्यंत सरल और तपस्वी जीवन व्यतीत करते हैं। देशभर में अनेक गद्दियाँ प्राप्त होने के बावजूद महाराज जी ने सदैव सेवा और साधना को ही अपना ध्येय माना। ग्राम चंद्ररोल (जिला दतिया) की गद्दी उन्होंने अपने शिष्य को समर्पित की। वहीं समथर (जिला झाँसी) में 50 एकड़ भूमि पर निर्मित भव्य आश्रम में आज 1000 गायों की विशाल कामधेनु गोशाला संचालित हो रही है। अयोध्याधाम में भी उनका भव्य आश्रम है, किन्तु महाराज जी सदैव विरक्त भाव से ईश्वर भक्ति में लीन रहते हैं। आयोजकों के अनुसार, इस दिव्य धार्मिक महोत्सव में पूज्य महाराज जी के साथ देशभर से अनेक संत-महात्माओं का आगमन होगा, जिससे कन्नौद की धरती पर आध्यात्मिक महाकुंभ जैसा अलौकिक वातावरण निर्मित होगा। आयोजन स्थल पर विशाल पंडाल, भव्य यज्ञशाला, सत्संग मंच, श्रद्धालुओं के लिए भोजन-प्रसादी एवं आवास सहित व्यापक व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं, नगरवासियों एवं क्षेत्रवासियों से विनम्र अपील है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें तथा इस ऐतिहासिक, भव्य एवं दिव्य आध्यात्मिक आयोजन के साक्षी बनें।1
- पार्वती बैराज को पानी से भंडारित करने रामपुरा डेम से छोड़ा गया 2 एमसीएम पानी नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने नगरवासियों से की पानी को व्यर्थ न बहाने की अपील नगरवासियों को आगामी ग्रीष्म ऋतु में जलसंकट से नही जूझना पड़े, इसके चलते नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने आज अपने पार्षद साथियों एवं नपा अधिकारियों के साथ रामपुरा जलाशय की ओर रूख किया और नगरवासियों के लिए रामपुरा जलाशय में भंडारित जल को मां पार्वती नदी स्थित बैराज में भंडारित हेतु छुड़वाया गया। नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने नपा के जलशाखा प्रभारी रमेश यादव को निर्देशित करते हुए कहा कि नगरवासियों के लिए छुड़वाए गए पानी को पार्वती नदी बैराज तक आने में किसी भी तरह की बाधा नही हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। पार्वती नदी से सटे ग्रामों में अनेक स्थानों पर स्टॉप डेम निर्मित है उनका निरीक्षण कर ग्रामीणजन पानी को बाधित नही करें इसके लिए उन्हें समझाईश दें। आगामी माह में ग्रीष्म ऋतु प्रारंभ होगी, जिसके दौरान विभिन्न जलस्त्रोंत दम तोड़ते नजर आएंगे। ऐसे में पार्वती बैराज में संग्रहित जल से ही नगरवासियों की प्यास बुझेगी। पानी की शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। श्री मेवाड़ा ने नगरवासियों से भी अपील करते हुए कहा कि पानी को व्यर्थ नही बहाएं, अपव्यय होने से बचाए। साथ ही अपने घरों पर रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना करें, ताकि घरों से निकलने वाला पानी जमीन में पहुंच सकें, जिससे आपके ट्यूबवेल रिचार्ज होते रहें। वहीं आगामी माह में होली का त्यौहार है, जिसमें अधिक से अधिक सूखे रंग व गुलाल से होली खेले, त्यौहार के दौरान भी ज्यादा से ज्यादा पानी को बचाने की कोशिश करें, ताकि ग्रीष्म ऋतु में जलसंकट की स्थिति उत्पन्न होने से बचाया जा सकें। मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनोदकुमार प्रजापति ने जानकारी देते हुए बताया कि नगरवासियों के लिए रामपुरा जलाशय में 4.25 एमसीएम पानी आरक्षित रखा जाता है, जिसमें से आज 2 एमसीएम पानी पार्वती बैराज में भंडारित हेतु छुड़वाया गया है। सीएमओ श्री प्रजापति ने अपने अधिनस्थों को निर्देशित करते हुए कहा कि सर्चिंग दल पुनः गठित कर छु़ड़वाए गए पानी का मौके-मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करें, किसी भी प्रकार की बाधा आने पर त्वरित उसका निराकरण कर पानी के गंतव्य मार्ग को अवरोध मुक्त करें। इस अवसर पर नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनोदकुमार प्रजापति, पूर्व हिउस अध्यक्ष कालू भट्ट, पार्षद रवि शर्मा, कुशलपाल लाला, जल शाखा प्रभारी रमेश यादव, कैलाश बागवान, पूरण मेवाड़ा, राकेश बागवान आदि मौजूद थे।2
- Post by Dolatsing1
- पीपलरावाँ गोवंश पर हमले के विरोध में आक्रोश, थाने के सामने हनुमान चालीसा का पाठ कर सौंपा ज्ञापन। देवास के पीपलरावाँ क्षेत्र में गोवंश पर हुए प्राणघातक हमले के विरोध में आज सकल हिंदू समाज और गौसेवकों का गुस्सा फूट पड़ा। मंगलवार को बड़ी संख्या में एकत्रित हुए ग्रामीणों और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने थाने के सामने बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और अपना विरोध दर्ज कराया। इसके पश्चात, थाना प्रभारी के नाम एक ज्ञापन नायब तहसीलदार लखनलाल सोनानिया को सौंपा गया। क्या है पूरा मामला? बीती 25 जनवरी 2026 को पीपलरावाँ क्षेत्र में अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा गोवंश पर प्राणघातक हमला किया गया था। इस अमानवीय कृत्य को लेकर नगरवासियों में लगातार असंतोष बना हुआ है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी अब तक प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे हिंदू समाज की भावनाएं आहत हो रही हैं। प्रशासन ने दिया जल्द गिरफ्तारी का भरोसा ज्ञापन लेने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल ने स्थिति को संभाला। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए एसडीओपी दीपा मांडवे और थाना प्रभारी सुबोध गौतम दलबल के साथ मुस्तैद रहे। पुलिस का आश्वासन: एसडीओपी दीपा मांडवे और थाना प्रभारी सुबोध गौतम ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि पुलिस इस मामले में पूरी गंभीरता से जांच कर रही है। अज्ञात पर कार्रवाई: पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील सकल हिंदू समाज ने स्पष्ट किया कि गोवंश भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक है। यदि जल्द ही इस मामले में कोई कठोर कदम नहीं उठाया गया, तो आगामी समय में उग्र आंदोलन किया जा सकता है। हालांकि, आज का प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में संपन्न हुआ।1
- Post by Shivnarayan Maskole5
- पोलाय कला : पोलाय कला मे बच्चा चोरी की सनसनी खेज वारदात! . . बच्चे ने चलती गाड़ी से कूद कर खुद को बचाया!!!!1
- ⚠️ जरूरी सूचना – सावधान रहें ⚠️ आज पोलाय कलां मंडी के पास एक बहुत गलत घटना होते-होते बची। गोशाला में काम करने वाले एक बच्चे को बच्चा पकड़ने वाला आदमी गाड़ी में बिठाकर ले जा रहा था, लेकिन बच्चा समझदारी दिखाकर चलती गाड़ी से कूद गया और अपनी जान बचा ली। ये हम सबके लिए बड़ी चेतावनी है। कृपया अपने बच्चों को अकेले इधर-उधर न जाने दें और अनजान लोगों से दूर रहने को समझाएं। अगर कोई भी संदिग्ध आदमी या गाड़ी दिखे तो तुरंत घरवालों और आसपास के लोगों को बताएं। 🙏 सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। अपने बच्चों का खास ध्यान रखें। 🙏1
- Post by Dolatsing1