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मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उमड़ार बांध में नहाने के दौरान डूबे युवक शिवम सोनी का शव करीब 24 घंटे चले लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बरामद कर लिया गया है। इस दर्दनाक हादसे से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। शिवम अपने तीन दोस्तों के साथ बांध में घूमने और नहाने के लिए पहुंचा था। पानी में उतरने के बाद वह अचानक गहरे हिस्से में चला गया और डूबने लगा। उसके दोस्तों ने उसे बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन वह देखते ही देखते पानी में लापता हो गया, जिसके बाद साथियों ने तत्काल पुलिस और परिजनों को इसकी जानकारी दी। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और गोताखोरों ने तलाश शुरू की, लेकिन पानी की गहराई अधिक होने के कारण जबलपुर और सीधी से एसडीआरएफ की अतिरिक्त टीमों को बुलाना पड़ा। इस संयुक्त रेस्क्यू अभियान में उमरिया और शहडोल की एसडीआरएफ टीमों के साथ स्थानीय पुलिस-प्रशासन के 20 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी लगातार जुटे रहे। पानी के भीतर सीमित दृश्यता और अत्यधिक गहराई के कारण अभियान काफी चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन आखिरकार जबलपुर से आई टीम ने शव को बाहर निकाल लिया। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी के लिए कलेक्टर राखी सहाय, पुलिस अधीक्षक विजय बागवानी, अतिरिक्त कलेक्टर प्रमोद सेन गुप्ता और एसडीएम अंबिकेश सिंह खुद मौके पर मौजूद रहे और लगातार दिशा-निर्देश देते रहे। युवक का शव मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। कोतवाली थाना प्रभारी मदनलाल मरावी ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इस गंभीर हादसे के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बारिश के मौसम में बांधों और गहरे जलाशयों में सुरक्षा नियमों का पालन करें और गहरे पानी में उतरने का जोखिम न उठाएं।

9 hrs ago
user_Tapas Gupta
Tapas Gupta
पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
9 hrs ago

मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उमड़ार बांध में नहाने के दौरान डूबे युवक शिवम सोनी का शव करीब 24 घंटे चले लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बरामद कर लिया गया है। इस दर्दनाक हादसे से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। शिवम अपने तीन दोस्तों के साथ बांध में घूमने और नहाने के लिए पहुंचा था। पानी में उतरने के बाद वह अचानक गहरे हिस्से में चला गया और डूबने लगा। उसके दोस्तों ने उसे बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन वह देखते ही देखते पानी में लापता हो गया, जिसके बाद साथियों ने तत्काल पुलिस और परिजनों को इसकी जानकारी दी। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और गोताखोरों ने तलाश शुरू की, लेकिन पानी की गहराई अधिक होने के कारण जबलपुर और सीधी से एसडीआरएफ की अतिरिक्त टीमों को बुलाना पड़ा। इस संयुक्त रेस्क्यू अभियान में उमरिया और शहडोल की एसडीआरएफ टीमों के साथ स्थानीय पुलिस-प्रशासन के 20 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी लगातार जुटे रहे। पानी के भीतर सीमित दृश्यता और अत्यधिक गहराई के कारण अभियान काफी चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन आखिरकार जबलपुर से आई टीम ने शव को बाहर निकाल लिया। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी के लिए कलेक्टर राखी सहाय, पुलिस अधीक्षक विजय बागवानी, अतिरिक्त कलेक्टर प्रमोद सेन गुप्ता और एसडीएम अंबिकेश सिंह खुद मौके पर मौजूद रहे और लगातार दिशा-निर्देश देते रहे। युवक का शव मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। कोतवाली थाना प्रभारी मदनलाल मरावी ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इस गंभीर हादसे के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बारिश के मौसम में बांधों और गहरे जलाशयों में सुरक्षा नियमों का पालन करें और गहरे पानी में उतरने का जोखिम न उठाएं।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • मध्य प्रदेश के रीवा में महापौर अजय मिश्रा 'बाबा' से जुड़ा एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने क्षेत्र की राजनीति में भारी भूचाल ला दिया है। फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस कथित ऑडियो को लेकर पत्रकारों, समाचार पोर्टलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। इस वायरल ऑडियो में कथित रूप से एक पत्रकार से बातचीत के दौरान पुलिस अधिकारियों से चर्चा, पत्रकारों से गहरे संबंध होने, खबरों को हटाने, समाचार को "बैलेंस" करने और मुलाकात के बाद बात करने जैसी बातें सुनाई दे रही हैं। इतना ही नहीं, बातचीत के कुछ अंशों में "बहुत मारे रहेन", "हेरवावत रहेन (ढूंढ रहे थे)" और "हमार लड़का 15 ढूंढ रहे थे" जैसे डराने-धमकाने वाले शब्दों के प्रयोग का भी दावा किया जा रहा है। इस बातचीत के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है और लोग तीखे सवाल उठा रहे हैं कि आखिर यह भाषा किसी जनप्रतिनिधि की है या किसी दबंग व्यक्ति की। लोग लगातार पूछ रहे हैं कि क्या जनहित के मुद्दों पर सवाल उठाना अपराध है और क्या पत्रकारों का काम सिर्फ प्रशंसा करना ही रह गया है। यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि यदि किसी समाचार से असहमति थी, तो उसका जवाब दस्तावेजों, तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया से दिया जाना चाहिए था या फिर समाचार हटाने और दबाव बनाने के प्रभाव से। फिलहाल इस कथित ऑडियो की सत्यता और कथनों का वास्तविक आशय संबंधित पक्ष ही स्पष्ट कर सकते हैं, लेकिन इसने रीवा की राजनीति और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है।
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    मध्य प्रदेश के रीवा में महापौर अजय मिश्रा 'बाबा' से जुड़ा एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने क्षेत्र की राजनीति में भारी भूचाल ला दिया है। फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस कथित ऑडियो को लेकर पत्रकारों, समाचार पोर्टलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है।

इस वायरल ऑडियो में कथित रूप से एक पत्रकार से बातचीत के दौरान पुलिस अधिकारियों से चर्चा, पत्रकारों से गहरे संबंध होने, खबरों को हटाने, समाचार को "बैलेंस" करने और मुलाकात के बाद बात करने जैसी बातें सुनाई दे रही हैं। इतना ही नहीं, बातचीत के कुछ अंशों में "बहुत मारे रहेन", "हेरवावत रहेन (ढूंढ रहे थे)" और "हमार लड़का 15 ढूंढ रहे थे" जैसे डराने-धमकाने वाले शब्दों के प्रयोग का भी दावा किया जा रहा है। 

इस बातचीत के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है और लोग तीखे सवाल उठा रहे हैं कि आखिर यह भाषा किसी जनप्रतिनिधि की है या किसी दबंग व्यक्ति की। लोग लगातार पूछ रहे हैं कि क्या जनहित के मुद्दों पर सवाल उठाना अपराध है और क्या पत्रकारों का काम सिर्फ प्रशंसा करना ही रह गया है। यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि यदि किसी समाचार से असहमति थी, तो उसका जवाब दस्तावेजों, तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया से दिया जाना चाहिए था या फिर समाचार हटाने और दबाव बनाने के प्रभाव से। फिलहाल इस कथित ऑडियो की सत्यता और कथनों का वास्तविक आशय संबंधित पक्ष ही स्पष्ट कर सकते हैं, लेकिन इसने रीवा की राजनीति और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है।
    user_Shahdol news
    Shahdol news
    Local News Reporter सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में बांधवगढ़ स्थित टाइगर हैवन रिसोर्ट में मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की जिला इकाई का सम्मेलन भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मानपुर क्षेत्र की विधायक और पूर्व मंत्री सुश्री मीना सिंह ने बांधवगढ़ में प्रस्तावित पत्रकार भवन के निर्माण की पूरी जिम्मेदारी ली। उन्होंने भवन निर्माण की राह में आने वाली तमाम प्रशासनिक कठिनाइयों को दूर करने का भरोसा दिया और इसके लिए ₹1 लाख से लेकर ₹1 करोड़ तक की राशि देने की घोषणा की, जिसका उपस्थित पत्रकारों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक अजय सिंह ने पत्रकारों को समाज का आईना बताया। भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष अग्रवाल ने विषम परिस्थितियों में भी पत्रकारों के निर्भीक होकर काम करने की तारीफ की, जबकि भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य मिथिलेश मिश्रा ने पत्रकारों को लोकतंत्र का सजग प्रहरी करार दिया। संघ के प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया ने पत्रकारों को सही और सटीक सूचनाएं प्रकाशित करने की नसीहत दी। उन्होंने देवर्षि नारद, शूर्पणखा और हनुमान जी का उदाहरण देते हुए सही और गलत सूचना प्रसारित करने के परिणामों पर प्रकाश डाला और देश व समाज के हित में पत्रकारिता करने पर जोर दिया। इस भव्य कार्यक्रम की अध्यक्षता उमरिया जिला इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत दुबे ने की और मंच संचालन संतोष सिंह द्वारा किया गया। सम्मेलन में जिला पंचायत अध्यक्ष अनुजा पटेल, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इंजी. विजय कोल, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पुष्पराज सिंह और नगर पालिका उमरिया के अध्यक्ष प्रतिनिधि त्रिभुवन प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में पत्रकार और पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान लक्ष्मी म्यूजिकल ग्रुप द्वारा शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। अंत में महासचिव विजय द्विवेदी द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया और सभी अतिथियों को शाल, श्रीफल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
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    मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में बांधवगढ़ स्थित टाइगर हैवन रिसोर्ट में मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की जिला इकाई का सम्मेलन भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मानपुर क्षेत्र की विधायक और पूर्व मंत्री सुश्री मीना सिंह ने बांधवगढ़ में प्रस्तावित पत्रकार भवन के निर्माण की पूरी जिम्मेदारी ली। उन्होंने भवन निर्माण की राह में आने वाली तमाम प्रशासनिक कठिनाइयों को दूर करने का भरोसा दिया और इसके लिए ₹1 लाख से लेकर ₹1 करोड़ तक की राशि देने की घोषणा की, जिसका उपस्थित पत्रकारों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक अजय सिंह ने पत्रकारों को समाज का आईना बताया। भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष अग्रवाल ने विषम परिस्थितियों में भी पत्रकारों के निर्भीक होकर काम करने की तारीफ की, जबकि भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य मिथिलेश मिश्रा ने पत्रकारों को लोकतंत्र का सजग प्रहरी करार दिया। संघ के प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया ने पत्रकारों को सही और सटीक सूचनाएं प्रकाशित करने की नसीहत दी। उन्होंने देवर्षि नारद, शूर्पणखा और हनुमान जी का उदाहरण देते हुए सही और गलत सूचना प्रसारित करने के परिणामों पर प्रकाश डाला और देश व समाज के हित में पत्रकारिता करने पर जोर दिया।

इस भव्य कार्यक्रम की अध्यक्षता उमरिया जिला इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत दुबे ने की और मंच संचालन संतोष सिंह द्वारा किया गया। सम्मेलन में जिला पंचायत अध्यक्ष अनुजा पटेल, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इंजी. विजय कोल, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पुष्पराज सिंह और नगर पालिका उमरिया के अध्यक्ष प्रतिनिधि त्रिभुवन प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में पत्रकार और पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान लक्ष्मी म्यूजिकल ग्रुप द्वारा शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। अंत में महासचिव विजय द्विवेदी द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया और सभी अतिथियों को शाल, श्रीफल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • शहडोल में "कागजों में उजाला और गांवों में अंधेरा" होने के कारण बैगा बच्चों का भविष्य आज भी चिमनी के सहारे बंधा हुआ है। इस विकट समस्या को लेकर जिला सदस्य पुष्पा शर्मा ने सैकड़ों ग्रामीणों के साथ मिलकर उपमुख्यमंत्री को एक मांग पत्र सौंपा है।
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    शहडोल में "कागजों में उजाला और गांवों में अंधेरा" होने के कारण बैगा बच्चों का भविष्य आज भी चिमनी के सहारे बंधा हुआ है। इस विकट समस्या को लेकर जिला सदस्य पुष्पा शर्मा ने सैकड़ों ग्रामीणों के साथ मिलकर उपमुख्यमंत्री को एक मांग पत्र सौंपा है।
    user_Angad Tiwari
    Angad Tiwari
    पत्रकार जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • डिंडौरी जिले में किसानों को वैज्ञानिक खेती के लिए सही सलाह देने के उद्देश्य से स्थापित मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। जिले को वर्ष 2026-27 के लिए 7,514 मृदा नमूनों की जांच का लक्ष्य दिया गया था, जिसके विरुद्ध अब तक केवल 3,455 नमूनों की जांच कर मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा सके हैं। इस प्रकार जिले में अब तक लगभग 46 प्रतिशत लक्ष्य ही पूरा हो सका है। इस बीच, सूत्रों के दावे के अनुसार भारत सरकार की गाइडलाइन के विपरीत कुछ प्रयोगशालाओं में अपेक्षित तकनीकी योग्यता के बिना ही कर्मचारियों से मृदा परीक्षण कराया जा रहा है। सरकार की गाइडलाइन के तहत मिट्टी की जांच 12 निर्धारित पैरामीटरों पर प्रशिक्षित एवं तकनीकी रूप से योग्य कर्मियों द्वारा की जानी चाहिए, जिसके लिए सामान्यतः कृषि विषय में स्नातक (बी.एससी. एग्रीकल्चर) की योग्यता आवश्यक बताई जाती है। इसके अलावा, अधिकांश प्रयोगशालाओं में कर्मचारियों की जानकारी दर्शाने वाला कोई डिस्प्ले बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे वहां कार्यरत लैब टेक्नीशियन, सहायक अथवा अन्य कर्मचारियों के नाम, पद या योग्यता की कोई सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इससे पूरी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो मृदा स्वास्थ्य कार्ड की रिपोर्ट और उर्वरक संबंधी सलाह की गुणवत्ता प्रभावित होने से किसानों की लागत, उत्पादन और फसल पर सीधा असर पड़ेगा। इसके साथ ही, कई रिपोर्टों में डीएपी उर्वरक की अनुशंसा की जा रही है, लेकिन किसानों का कहना है कि जिले में डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता ही नहीं है, जिससे उनके सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। वहीं, किसानों को बुवाई पूरी होने के बाद मृदा स्वास्थ्य कार्ड मिलने की समस्या भी सामने आई है, जिससे समय निकल जाने पर उन्हें वैज्ञानिक सलाह का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष श्री बिहारी लाल साहू ने कहा कि समय पर मृदा परीक्षण न होना विभाग की बड़ी लापरवाही है। इससे किसान वैज्ञानिक तरीके से उर्वरकों का उपयोग नहीं कर पाएंगे, जिससे पूरे कृषि सत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उधर, कृषि विभाग के अनुविभागीय अधिकारी ने इस संबंध में कहा है कि यह जानकारी उनके संज्ञान में लाई गई है और वे पूरे मामले की जानकारी प्राप्त कर अवगत कराएंगे। स्थानीय लोग अब प्रयोगशालाओं के नियमित निरीक्षण, गुणवत्ता जांच और कर्मचारियों की योग्यता के सत्यापन की मांग कर रहे हैं ताकि योजना का उद्देश्य पूरा हो सके।
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    डिंडौरी जिले में किसानों को वैज्ञानिक खेती के लिए सही सलाह देने के उद्देश्य से स्थापित मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। जिले को वर्ष 2026-27 के लिए 7,514 मृदा नमूनों की जांच का लक्ष्य दिया गया था, जिसके विरुद्ध अब तक केवल 3,455 नमूनों की जांच कर मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा सके हैं। इस प्रकार जिले में अब तक लगभग 46 प्रतिशत लक्ष्य ही पूरा हो सका है।

इस बीच, सूत्रों के दावे के अनुसार भारत सरकार की गाइडलाइन के विपरीत कुछ प्रयोगशालाओं में अपेक्षित तकनीकी योग्यता के बिना ही कर्मचारियों से मृदा परीक्षण कराया जा रहा है। सरकार की गाइडलाइन के तहत मिट्टी की जांच 12 निर्धारित पैरामीटरों पर प्रशिक्षित एवं तकनीकी रूप से योग्य कर्मियों द्वारा की जानी चाहिए, जिसके लिए सामान्यतः कृषि विषय में स्नातक (बी.एससी. एग्रीकल्चर) की योग्यता आवश्यक बताई जाती है। इसके अलावा, अधिकांश प्रयोगशालाओं में कर्मचारियों की जानकारी दर्शाने वाला कोई डिस्प्ले बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे वहां कार्यरत लैब टेक्नीशियन, सहायक अथवा अन्य कर्मचारियों के नाम, पद या योग्यता की कोई सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इससे पूरी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।

यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो मृदा स्वास्थ्य कार्ड की रिपोर्ट और उर्वरक संबंधी सलाह की गुणवत्ता प्रभावित होने से किसानों की लागत, उत्पादन और फसल पर सीधा असर पड़ेगा। इसके साथ ही, कई रिपोर्टों में डीएपी उर्वरक की अनुशंसा की जा रही है, लेकिन किसानों का कहना है कि जिले में डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता ही नहीं है, जिससे उनके सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। वहीं, किसानों को बुवाई पूरी होने के बाद मृदा स्वास्थ्य कार्ड मिलने की समस्या भी सामने आई है, जिससे समय निकल जाने पर उन्हें वैज्ञानिक सलाह का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।

इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष श्री बिहारी लाल साहू ने कहा कि समय पर मृदा परीक्षण न होना विभाग की बड़ी लापरवाही है। इससे किसान वैज्ञानिक तरीके से उर्वरकों का उपयोग नहीं कर पाएंगे, जिससे पूरे कृषि सत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उधर, कृषि विभाग के अनुविभागीय अधिकारी ने इस संबंध में कहा है कि यह जानकारी उनके संज्ञान में लाई गई है और वे पूरे मामले की जानकारी प्राप्त कर अवगत कराएंगे। स्थानीय लोग अब प्रयोगशालाओं के नियमित निरीक्षण, गुणवत्ता जांच और कर्मचारियों की योग्यता के सत्यापन की मांग कर रहे हैं ताकि योजना का उद्देश्य पूरा हो सके।
    user_खमोद चंदेल
    खमोद चंदेल
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के अनूपपुर में पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब (IPS) के निर्देशन में यातायात पुलिस द्वारा "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के तहत तीन प्रमुख विद्यालयों में ट्रैफिक पाठशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय विद्यालय भालूमाड़ा, कल्याणिका विद्यालय राजेन्द्रग्राम और संदीपनी स्कूल वेंकटनगर के 250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस ट्रैफिक पाठशाला के दौरान विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों की विस्तृत जानकारी देने के साथ-साथ हेलमेट व सीट बेल्ट के महत्व और यातायात संकेतों की पहचान व उनके पालन के बारे में जागरूक किया गया। इसके अलावा, बच्चों को नशे के दुष्परिणामों और इसके सामाजिक व शारीरिक प्रभावों के प्रति भी सजग किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं ने नशे से दूर रहने तथा यातायात नियमों का सदैव पालन करने की सामूहिक शपथ ली। यातायात पुलिस अधिकारियों ने बच्चों से समाज व अपने परिवार में सड़क सुरक्षा और नशामुक्ति का संदेश फैलाने की अपील की, क्योंकि पुलिस का मानना है कि स्कूली बच्चों के माध्यम से यह संदेश हर घर तक आसानी से पहुंचेगा।
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    मध्य प्रदेश के अनूपपुर में पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब (IPS) के निर्देशन में यातायात पुलिस द्वारा "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के तहत तीन प्रमुख विद्यालयों में ट्रैफिक पाठशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय विद्यालय भालूमाड़ा, कल्याणिका विद्यालय राजेन्द्रग्राम और संदीपनी स्कूल वेंकटनगर के 250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।

इस ट्रैफिक पाठशाला के दौरान विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों की विस्तृत जानकारी देने के साथ-साथ हेलमेट व सीट बेल्ट के महत्व और यातायात संकेतों की पहचान व उनके पालन के बारे में जागरूक किया गया। इसके अलावा, बच्चों को नशे के दुष्परिणामों और इसके सामाजिक व शारीरिक प्रभावों के प्रति भी सजग किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं ने नशे से दूर रहने तथा यातायात नियमों का सदैव पालन करने की सामूहिक शपथ ली। यातायात पुलिस अधिकारियों ने बच्चों से समाज व अपने परिवार में सड़क सुरक्षा और नशामुक्ति का संदेश फैलाने की अपील की, क्योंकि पुलिस का मानना है कि स्कूली बच्चों के माध्यम से यह संदेश हर घर तक आसानी से पहुंचेगा।
    user_JIYAUDDIN ANSARI
    JIYAUDDIN ANSARI
    Voice of people Budar, Shahdol•
    10 hrs ago
  • मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की उमरिया जिला इकाई का जिला सम्मेलन 17 जुलाई 2026 को उमरिया ताला में आयोजित होने जा रहा है। इस दौरान पत्रकारिता को चौथे स्तंभ की मान्यता देने की पुरजोर वकालत की गई है। इसके साथ ही, उमरिया में पत्रकारों के लिए एक समर्पित पत्रकार भवन के निर्माण के प्रयास किए जा रहे हैं। इस सम्मेलन के संदर्भ में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जन कल्याणकारी पत्रकारिता के लिए एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और सोशल मीडिया का उपयोग किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर किसी भी प्रकार की खबर साझा करते समय सभी कानूनी नियमों का कड़ाई से पालन करना बेहद जरूरी बताया गया है।
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    मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की उमरिया जिला इकाई का जिला सम्मेलन 17 जुलाई 2026 को उमरिया ताला में आयोजित होने जा रहा है। इस दौरान पत्रकारिता को चौथे स्तंभ की मान्यता देने की पुरजोर वकालत की गई है। इसके साथ ही, उमरिया में पत्रकारों के लिए एक समर्पित पत्रकार भवन के निर्माण के प्रयास किए जा रहे हैं।

इस सम्मेलन के संदर्भ में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जन कल्याणकारी पत्रकारिता के लिए एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और सोशल मीडिया का उपयोग किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर किसी भी प्रकार की खबर साझा करते समय सभी कानूनी नियमों का कड़ाई से पालन करना बेहद जरूरी बताया गया है।
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • डिंडोरी जिले के नारायणडीह गांव में हाल ही में निर्मित आंगनवाड़ी भवन की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस भवन के निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती गई है। इसी लापरवाही का नतीजा है कि पहली ही बारिश होते ही नवनिर्मित भवन की छत से पानी टपकने लगा है।
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    डिंडोरी जिले के नारायणडीह गांव में हाल ही में निर्मित आंगनवाड़ी भवन की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस भवन के निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती गई है। इसी लापरवाही का नतीजा है कि पहली ही बारिश होते ही नवनिर्मित भवन की छत से पानी टपकने लगा है।
    user_Dinesh Thakur
    Dinesh Thakur
    पत्रकार Dindori, Madhya Pradesh•
    16 hrs ago
  • शहडोल जिले में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने ग्राम छतवई की निवासी पुष्पा कोल को इलाज के लिए ₹60 हजार की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। जनपद पंचायत सोहागपुर की रहने वाली पुष्पा कोल को यह राशि मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से उनके उपचार के लिए प्रदान की गई है।
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    शहडोल जिले में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने ग्राम छतवई की निवासी पुष्पा कोल को इलाज के लिए ₹60 हजार की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। जनपद पंचायत सोहागपुर की रहने वाली पुष्पा कोल को यह राशि मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से उनके उपचार के लिए प्रदान की गई है।
    user_Durgesh Kumar Gupta
    Durgesh Kumar Gupta
    Electrician Beohari, Shahdol•
    11 hrs ago
  • उमरिया जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित उमड़ार बांध में नहाने के दौरान लापता हुए युवक शिवम सोनी का शव लगभग 24 घंटे तक चले लगातार रेस्क्यू अभियान के बाद बरामद कर लिया गया है। इस दुखद घटना के बाद से पूरा क्षेत्र शोक में डूबा हुआ है। शिवम सोनी अपने तीन दोस्तों के साथ उमड़ार बांध में नहाने पहुंचा था। जब चारों युवक पानी में उतरे, तभी शिवम अचानक गहरे हिस्से में चला गया और डूब गया। उसके दोस्तों ने उसे बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन वह कुछ ही पलों में पानी में लापता हो गया। घबराए साथियों ने तत्काल इसकी सूचना परिजनों और पुलिस को दी, जिसके बाद प्रशासन सक्रिय हो गया। इसके बाद शुरू हुआ सर्च अभियान देर रात तक जारी रहा और अंततः एसडीआरएफ की टीम को सफलता मिली।
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    उमरिया जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित उमड़ार बांध में नहाने के दौरान लापता हुए युवक शिवम सोनी का शव लगभग 24 घंटे तक चले लगातार रेस्क्यू अभियान के बाद बरामद कर लिया गया है। इस दुखद घटना के बाद से पूरा क्षेत्र शोक में डूबा हुआ है।

शिवम सोनी अपने तीन दोस्तों के साथ उमड़ार बांध में नहाने पहुंचा था। जब चारों युवक पानी में उतरे, तभी शिवम अचानक गहरे हिस्से में चला गया और डूब गया। उसके दोस्तों ने उसे बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन वह कुछ ही पलों में पानी में लापता हो गया। घबराए साथियों ने तत्काल इसकी सूचना परिजनों और पुलिस को दी, जिसके बाद प्रशासन सक्रिय हो गया। इसके बाद शुरू हुआ सर्च अभियान देर रात तक जारी रहा और अंततः एसडीआरएफ की टीम को सफलता मिली।
    user_पत्रकारिता
    पत्रकारिता
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
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