मध्य प्रदेश के रीवा में महापौर अजय मिश्रा 'बाबा' से जुड़ा एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने क्षेत्र की राजनीति में भारी भूचाल ला दिया है। फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस कथित ऑडियो को लेकर पत्रकारों, समाचार पोर्टलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। इस वायरल ऑडियो में कथित रूप से एक पत्रकार से बातचीत के दौरान पुलिस अधिकारियों से चर्चा, पत्रकारों से गहरे संबंध होने, खबरों को हटाने, समाचार को "बैलेंस" करने और मुलाकात के बाद बात करने जैसी बातें सुनाई दे रही हैं। इतना ही नहीं, बातचीत के कुछ अंशों में "बहुत मारे रहेन", "हेरवावत रहेन (ढूंढ रहे थे)" और "हमार लड़का 15 ढूंढ रहे थे" जैसे डराने-धमकाने वाले शब्दों के प्रयोग का भी दावा किया जा रहा है। इस बातचीत के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है और लोग तीखे सवाल उठा रहे हैं कि आखिर यह भाषा किसी जनप्रतिनिधि की है या किसी दबंग व्यक्ति की। लोग लगातार पूछ रहे हैं कि क्या जनहित के मुद्दों पर सवाल उठाना अपराध है और क्या पत्रकारों का काम सिर्फ प्रशंसा करना ही रह गया है। यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि यदि किसी समाचार से असहमति थी, तो उसका जवाब दस्तावेजों, तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया से दिया जाना चाहिए था या फिर समाचार हटाने और दबाव बनाने के प्रभाव से। फिलहाल इस कथित ऑडियो की सत्यता और कथनों का वास्तविक आशय संबंधित पक्ष ही स्पष्ट कर सकते हैं, लेकिन इसने रीवा की राजनीति और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है।
मध्य प्रदेश के रीवा में महापौर अजय मिश्रा 'बाबा' से जुड़ा एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने क्षेत्र की राजनीति में भारी भूचाल ला दिया है। फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस कथित ऑडियो को लेकर पत्रकारों, समाचार पोर्टलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। इस वायरल ऑडियो में कथित रूप से एक पत्रकार से बातचीत के दौरान पुलिस अधिकारियों से चर्चा, पत्रकारों से गहरे संबंध होने, खबरों को हटाने, समाचार को "बैलेंस" करने और मुलाकात के बाद बात करने जैसी बातें सुनाई दे रही हैं। इतना ही नहीं, बातचीत के कुछ अंशों में "बहुत मारे रहेन", "हेरवावत रहेन (ढूंढ रहे थे)" और "हमार लड़का 15 ढूंढ रहे थे" जैसे डराने-धमकाने वाले शब्दों के प्रयोग का भी दावा किया जा रहा है। इस बातचीत के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है और लोग तीखे सवाल उठा रहे हैं कि आखिर यह भाषा किसी जनप्रतिनिधि की है या किसी दबंग व्यक्ति की। लोग लगातार पूछ रहे हैं कि क्या जनहित के मुद्दों पर सवाल उठाना अपराध है और क्या पत्रकारों का काम सिर्फ प्रशंसा करना ही रह गया है। यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि यदि किसी समाचार से असहमति थी, तो उसका जवाब दस्तावेजों, तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया से दिया जाना चाहिए था या फिर समाचार हटाने और दबाव बनाने के प्रभाव से। फिलहाल इस कथित ऑडियो की सत्यता और कथनों का वास्तविक आशय संबंधित पक्ष ही स्पष्ट कर सकते हैं, लेकिन इसने रीवा की राजनीति और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है।
- जय श्री राम। मध्य प्रदेश के शहडोल में श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह में समाजसेवी सिल्लू रजक को उपमुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ला जी के करकमलों से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें समाजसेवा और मानव सेवा के क्षेत्र में किए गए उनके उत्कृष्ट एवं अनुकरणीय कार्यों के लिए दिया गया है। सिल्लू रजक को रक्तदान करने, जरूरतमंदों की सहायता करने, सिकलसेल और थैलेसीमिया पीड़ितों के लिए रक्त उपलब्ध कराने के साथ-साथ लावारिस एवं अज्ञात व्यक्तियों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करने जैसे सामाजिक और मानवीय कार्यों में सक्रिय योगदान देने के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया है। इस गरिमामयी समारोह के अवसर पर शहडोल लोकसभा सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह, जयसिंहनगर विधायक श्रीमती मनीषा सिंह, जैतपुर विधायक व पूर्व मंत्री आदरणीय जय सिंह मरावी जी, व्योहारी विधायक आदरणीय श्री शरद कोल जी, भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती अमिता चपरा, नगर पालिका अध्यक्ष श्री घनश्याम दास जायसवाल, श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय श्री सलब भदौरिया, और श्रमजीवी पत्रकार संघ शहडोल के अध्यक्ष श्री गजेंद्र सिंह सहित तमाम पत्रकार बंधु और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सम्मान प्राप्त करने के बाद समाजसेवी सिल्लू रजक ने श्रमजीवी पत्रकार संघ और सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि उन सभी रक्तदाताओं, सहयोगियों एवं समाजसेवियों का है, जो निस्वार्थ भाव से मानव सेवा में अपना योगदान दे रहे हैं। उन्होंने संकल्प लिया कि भविष्य में भी समाजहित और मानव सेवा के कार्य पूरी निष्ठा, समर्पण और निरंतरता के साथ जारी रहेंगे।2
- मध्य प्रदेश के रीवा में महापौर अजय मिश्रा 'बाबा' से जुड़ा एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने क्षेत्र की राजनीति में भारी भूचाल ला दिया है। फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस कथित ऑडियो को लेकर पत्रकारों, समाचार पोर्टलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। इस वायरल ऑडियो में कथित रूप से एक पत्रकार से बातचीत के दौरान पुलिस अधिकारियों से चर्चा, पत्रकारों से गहरे संबंध होने, खबरों को हटाने, समाचार को "बैलेंस" करने और मुलाकात के बाद बात करने जैसी बातें सुनाई दे रही हैं। इतना ही नहीं, बातचीत के कुछ अंशों में "बहुत मारे रहेन", "हेरवावत रहेन (ढूंढ रहे थे)" और "हमार लड़का 15 ढूंढ रहे थे" जैसे डराने-धमकाने वाले शब्दों के प्रयोग का भी दावा किया जा रहा है। इस बातचीत के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है और लोग तीखे सवाल उठा रहे हैं कि आखिर यह भाषा किसी जनप्रतिनिधि की है या किसी दबंग व्यक्ति की। लोग लगातार पूछ रहे हैं कि क्या जनहित के मुद्दों पर सवाल उठाना अपराध है और क्या पत्रकारों का काम सिर्फ प्रशंसा करना ही रह गया है। यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि यदि किसी समाचार से असहमति थी, तो उसका जवाब दस्तावेजों, तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया से दिया जाना चाहिए था या फिर समाचार हटाने और दबाव बनाने के प्रभाव से। फिलहाल इस कथित ऑडियो की सत्यता और कथनों का वास्तविक आशय संबंधित पक्ष ही स्पष्ट कर सकते हैं, लेकिन इसने रीवा की राजनीति और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है।1
- मध्य प्रदेश के अनूपपुर में पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब (IPS) के निर्देशन में यातायात पुलिस द्वारा "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के तहत तीन प्रमुख विद्यालयों में ट्रैफिक पाठशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय विद्यालय भालूमाड़ा, कल्याणिका विद्यालय राजेन्द्रग्राम और संदीपनी स्कूल वेंकटनगर के 250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस ट्रैफिक पाठशाला के दौरान विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों की विस्तृत जानकारी देने के साथ-साथ हेलमेट व सीट बेल्ट के महत्व और यातायात संकेतों की पहचान व उनके पालन के बारे में जागरूक किया गया। इसके अलावा, बच्चों को नशे के दुष्परिणामों और इसके सामाजिक व शारीरिक प्रभावों के प्रति भी सजग किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं ने नशे से दूर रहने तथा यातायात नियमों का सदैव पालन करने की सामूहिक शपथ ली। यातायात पुलिस अधिकारियों ने बच्चों से समाज व अपने परिवार में सड़क सुरक्षा और नशामुक्ति का संदेश फैलाने की अपील की, क्योंकि पुलिस का मानना है कि स्कूली बच्चों के माध्यम से यह संदेश हर घर तक आसानी से पहुंचेगा।4
- उमरिया जिले में मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला सम्मेलन का आयोजन 17 जुलाई 2026 को किया जाएगा।3
- उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली नगर में भगवान श्री जगन्नाथ की पारंपरिक रथ यात्रा श्रद्धा, आस्था और धार्मिक उल्लास के साथ भव्य रूप से निकाली गई। माता बिरासिनी मंदिर प्रांगण से भगवान श्री जगन्नाथ, बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा की सुसज्जित रथ यात्रा वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ शुरू हुई। रथ यात्रा के शुरू होते ही पूरा नगर "जय जगन्नाथ" के जयघोष से गूंज उठा और हजारों श्रद्धालु भगवान के दर्शन व रथ खींचने के लिए उमड़ पड़े। इस भव्य रथ यात्रा का शुभारंभ मानपुर विधानसभा की विधायक सुश्री मीना सिंह ने भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना के साथ किया। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ रवाना होकर यह यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई पंडित प्रकाश पालीवाल के निवास पर पहुंची, जहां धार्मिक परंपरा के अनुसार भगवान श्री जगन्नाथ अपने मौसी के घर में विराजमान हुए। मान्यता के अनुसार भगवान यहां तीन दिनों तक विश्राम करेंगे और आगामी सोमवार को बहुड़ा यात्रा के माध्यम से वापस माता बिरासिनी मंदिर लौटेंगे। पूरे नगर में भक्तिमय माहौल के बीच महिला, पुरुष, युवा और बच्चों सहित हजारों श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन करते हुए भगवान के रथ का रस्सा खींचा। रथ यात्रा को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस की टीम मुस्तैद रही, जिसमें मंदिर संचालन समिति की अध्यक्ष व पाली एसडीएम मीनाक्षी बंजारे, तहसीलदार निलेश सिंह, नायब तहसीलदार लक्ष्मीकांत शर्मा, एसडीओपी एस.सी. बोहित और थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह स्वयं मौजूद रहे और व्यवस्थाओं की निगरानी की। इस भव्य धार्मिक यात्रा में भाजपा और कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अब सभी को सोमवार को निकलने वाली बहुड़ा यात्रा का बेसब्री से इंतजार है।4
- श्रमजीवी पत्रकार संघ की उमरिया जिला इकाई का जिला सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस जिला सम्मेलन का आयोजन उमरिया के ताला टाइगर हैवेन रिसॉर्ट में होना तय हुआ है। यह कार्यक्रम 17 जुलाई 2026, शुक्रवार के दिन आयोजित किया जाएगा।2
- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उमड़ार बांध में नहाने के दौरान डूबे युवक शिवम सोनी का शव करीब 24 घंटे चले लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बरामद कर लिया गया है। इस दर्दनाक हादसे से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। शिवम अपने तीन दोस्तों के साथ बांध में घूमने और नहाने के लिए पहुंचा था। पानी में उतरने के बाद वह अचानक गहरे हिस्से में चला गया और डूबने लगा। उसके दोस्तों ने उसे बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन वह देखते ही देखते पानी में लापता हो गया, जिसके बाद साथियों ने तत्काल पुलिस और परिजनों को इसकी जानकारी दी। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और गोताखोरों ने तलाश शुरू की, लेकिन पानी की गहराई अधिक होने के कारण जबलपुर और सीधी से एसडीआरएफ की अतिरिक्त टीमों को बुलाना पड़ा। इस संयुक्त रेस्क्यू अभियान में उमरिया और शहडोल की एसडीआरएफ टीमों के साथ स्थानीय पुलिस-प्रशासन के 20 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी लगातार जुटे रहे। पानी के भीतर सीमित दृश्यता और अत्यधिक गहराई के कारण अभियान काफी चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन आखिरकार जबलपुर से आई टीम ने शव को बाहर निकाल लिया। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी के लिए कलेक्टर राखी सहाय, पुलिस अधीक्षक विजय बागवानी, अतिरिक्त कलेक्टर प्रमोद सेन गुप्ता और एसडीएम अंबिकेश सिंह खुद मौके पर मौजूद रहे और लगातार दिशा-निर्देश देते रहे। युवक का शव मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। कोतवाली थाना प्रभारी मदनलाल मरावी ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इस गंभीर हादसे के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बारिश के मौसम में बांधों और गहरे जलाशयों में सुरक्षा नियमों का पालन करें और गहरे पानी में उतरने का जोखिम न उठाएं।1