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घर का समान सामान एक जगह से दूसरी जगह शिफ्टिंग कराई जाती है पैकिंग, लोडिंग अनलोडिंग, एवं ट्रांसपोर्टेशन के साथ
Bhaiya Ji Packers And Movers
घर का समान सामान एक जगह से दूसरी जगह शिफ्टिंग कराई जाती है पैकिंग, लोडिंग अनलोडिंग, एवं ट्रांसपोर्टेशन के साथ
- Bhaiya Singhरॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश🤝1 hr ago
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- घर का समान सामान एक जगह से दूसरी जगह शिफ्टिंग कराई जाती है पैकिंग, लोडिंग अनलोडिंग, एवं ट्रांसपोर्टेशन के साथ1
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- 🚨 ब्रेकिंग: सोनभद्र चोपन थाना क्षेत्र के मारकुंडी के ओबरी टोला में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने से हड़कंप मच गया। घटना शनिवार भोर करीब 3 बजे की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, राजेंद्र यादव ने पत्थर से प्रतिमा पर वार किया, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने आरोपी को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया है। मौके पर पुलिस बल तैनात है और नई प्रतिमा लगाने की तैयारी की जा रही है। क्षेत्र में स्थिति सामान्य है। #Sonbhadra #BreakingNews #Ambedkar #Chopan1
- चकिया ब्लाक ग्रामपंचायत मुजफ्फरपुर डिबरियापर में हैंडपंप से अपने आप पानी निकलने का दृश्य देखें । चकिया ब्लाक ग्रामपंचायत मुजफ्फरपुर डिबरियापर में हैंडपंप से अपने आप पानी निकलने का दृश्य देखें ।1
- ऑपरेशन के बाद नवजात की मौत: चकिया में परिजनों ने तहसील दिवस पर एसडीएम से लगाई न्याय की गुहार, बद्रीनाथ अस्पताल पर लापरवाही का आरोप चकिया (चंदौली), 5 सितंबर 2026। चंदौली जिले के चकिया में एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत का मामला सामने आया है। परिवार ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही, नवजात को न दिखाने और आर्थिक शोषण का आरोप लगाया है। शनिवार को तहसील दिवस के अवसर पर पीड़ित परिवार ने चकिया के उपजिलाधिकारी के समक्ष लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई। भदौलिया (बबुरी थाना क्षेत्र) निवासी अर्जुन की पत्नी का प्रसव 25 अगस्त 2026 को जिला संयुक्त चिकित्सालय के पास स्थित बद्रीनाथ अस्पताल (सर्जिकल सेंटर) में कराया गया था। परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान नवजात की हालत गंभीर हो गई। उनके अनुसार, शिशु को परिवार के किसी भी सदस्य को एक बार भी नहीं दिखाया गया और यह स्पष्ट नहीं किया गया कि बच्चा जीवित है या नहीं। हालत बिगड़ने पर पहले स्थानीय अस्पताल और फिर वाराणसी रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान शिशु की मौत हो गई। परिवार ने आरोप लगाया है कि बद्रीनाथ अस्पताल में इलाज के नाम पर करीब 20 हजार रुपये और अन्य जगहों पर अतिरिक्त राशि वसूली गई। कुल मिलाकर लगभग एक लाख रुपये का आर्थिक बोझ डाला गया। अर्जुन ने लिखित शिकायत में एसडीएम से अस्पताल और संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ जांच, मुकदमा दर्ज करने तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी चकिया ने मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह इकलौता मामला नहीं चकिया क्षेत्र में निजी अस्पतालों और क्लीनिकों पर लापरवाही तथा मानकों की अनदेखी के आरोप समय-समय पर लगते रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी और सीलिंग कार्रवाई के बावजूद कई केंद्र दोबारा संचालित होने की शिकायतें मिलती रही हैं। हालिया उदाहरण – लक्ष्मी चैरिटेबल हॉस्पिटल (जुलाई 2026): चकिया कोतवाली क्षेत्र के सोनहुल स्थित लक्ष्मी चैरिटेबल हॉस्पिटल में नेवाजगंज निवासी मालती देवी की पथरी के ऑपरेशन के बाद मौत हो गई थी। परिजनों ने डॉक्टरों और प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि ऑपरेशन के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उचित इलाज नहीं किया गया तथा सादे कागज पर हस्ताक्षर कराने का दबाव डाला गया। अस्पताल के बेसमेंट में संचालन और बिना उचित गार्जियन की मौजूदगी में ऑपरेशन किए जाने के आरोप भी लगे थे। परिजनों ने प्रदर्शन किया और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी। पुलिस व स्वास्थ्य विभाग जांच में जुटे थे। फरवरी 2026 का मामला – बीएन सर्जिकल सेंटर (दुबेपुर): बरौझी गांव की रिंका कुमारी का प्रसव एक निजी अस्पताल में हुआ था। ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ने पर बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के वाराणसी रेफर कर दिए जाने का आरोप लगा। वहां पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों ने हंगामा किया और संचालक फरार हो गए। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सीज कर दिया था। पहले भी इसी केंद्र पर महिला की मौत का आरोप लग चुका था। अन्य कार्रवाइयां: नवंबर 2025 में एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी में आकांक्षा चाइल्ड केयर सेंटर को बिना योग्य डॉक्टर के संचालन करते पाया गया और सील कर दिया गया था। इससे पहले भी कई निजी क्लीनिकों पर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अगस्त 2026 में बद्रीनाथ सर्जिकल सेंटर पर ही अवैध संचालन के आरोप लगे थे, जिस पर सीएमओ ने जांच समिति गठित की थी। विश्लेषण और सवाल चकिया में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीण निजी अस्पतालों पर निर्भर रहते हैं। लेकिन बार-बार सामने आने वाले ऐसे मामलों से एक बड़ा सवाल खड़ा होता है — चंदौली के चकिया क्षेत्र में झोलाछाप और अयोग्य डॉक्टरों की तादाद आखिर कितनी है? स्वास्थ्य विभाग की बार-बार छापेमारी और सीलिंग के बावजूद कई केंद्र दोबारा कैसे चालू हो जाते हैं? क्या निगरानी व्यवस्था में कोई कमी है? क्या अवैध और मानकहीन अस्पतालों पर स्थायी कार्रवाई नहीं हो पा रही है? अस्पताल प्रबंधन का पक्ष इस रिपोर्ट के समय तक उपलब्ध नहीं हो सका है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अपेक्षा है कि मौजूदा शिकायत की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही पूरे चकिया क्षेत्र में निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की व्यापक जांच कर अवैध व अयोग्य चिकित्सकों पर नकेल कसी जाए, ताकि मरीजों की जान से खिलवाड़ बंद हो सके।2
- थाना चोपन क्षेत्रान्तर्गत ग्राम मार्कुण्डी में स्थापित बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की मूर्ति को गांव के ही एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने के संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर श्री रणधीर मिश्रा की बाइट- थाना चोपन क्षेत्रान्तर्गत ग्राम मार्कुण्डी में स्थापित बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की मूर्ति को गांव के ही एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने के संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर श्री रणधीर मिश्रा की बाइट-1
- कचहरी गेट पर दुद्धी जिला बनाने की मांग को लेकर संघर्ष समिति का जोरदार प्रदर्शन दुद्धी (सोनभद्र)। "दुद्धी को जिला बनाओ विकास कराओ" के बैनर तले दुद्धी को जिला बनाने की मांग को लेकर शनिवार दोपहर करीब एक बजे कचहरी गेट के मुख्य द्वार पर दुद्धी को जिला बनाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और सरकार पर चुनावी वादे न निभाने का आरोप लगाया। मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश व केंद्र के मंत्रियों व नेताओं ने दुद्धी को जिला बनाने का वचन दिया था। उन्होंने मांग की कि इस वादे को पूरा कर दुद्धी को शीघ्र जिला घोषित किया जाए ताकि क्षेत्र का विकास हो सके। पदाधिकारियों का कहना था कि दुद्धी पिछले कई दशकों से जिला बनाने की मांग कर रहा है और सभी मानदंड पूरे करता है। इसके बावजूद भारी राजस्व देने वाले इस क्षेत्र को जिला का दर्जा नहीं मिला। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं के अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।1
- मुस्लिम पत्रकार की शाह पुलिस को ललकारा!सच आया सामने कांपी सरकार ! @thenationind1