कुशलगढ़ में पंचदिवसीय राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में कुशलगढ़ के नवनिर्मित राम मंदिर में आयोजित पंचदिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा तय कर पोस्टर विमोचन किया गया, जिससे नगर में उत्साह और भक्ति का माहौल है। प्रतिष्ठाचार्य आचार्य निकुंज मोहन पांडिया के मंदिर पहुंचने पर संरक्षक कैलाश राव, पूर्व पालिका अध्यक्ष रघवेश चरपोटा व पंडित हेमेंद्र पांडिया ने स्वागत किया। आचार्य पांडिया ने प्राण प्रतिष्ठा को समाज के आत्मिक उत्थान और सांस्कृतिक जागरण का महाअभियान बताया। उन्होंने जानकारी दी कि 6 से 10 मई 2026 तक आयोजित महोत्सव में 51 कुंडी यज्ञ सहित वैदिक अनुष्ठान होंगे तथा भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण व हनुमान जी की मूर्तियों की शास्त्रोक्त प्राण प्रतिष्ठा होगी। 9 अप्रैल को भूमि पूजन व ध्वज स्थापना से कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। संरक्षक कैलाश राव ने इसे कुशलगढ़ की आस्था और एकता का प्रतीक बताया। बैठक में रजनीकांत खाब्या, रघवेश चरपोटा, रमेश चंद्र तलेसरा, हरेंद्र पाठक, भारत कुमावत, विपिन भट्ट, पंडित हेमेंद्र पांडिया, सुधीर स्वर्णकार, अजय निगम, रितेश गादिया, राजकुमार प्रजापत, हसमुख जोशी, नरेश त्रिवेदी, अशोक जोशी, ललित सेन, राजेश राठौर, नरेश गादिया, अश्विन त्रिवेदी, मनीष नेमा, सतीश त्रिवेदी, नवनीत पांडिया, रमेश सोमपुरा, रणछोड़ राठौर सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कुशलगढ़ में पंचदिवसीय राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में कुशलगढ़ के नवनिर्मित राम मंदिर में आयोजित पंचदिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा तय कर पोस्टर विमोचन किया गया, जिससे नगर में उत्साह और भक्ति का माहौल है। प्रतिष्ठाचार्य आचार्य निकुंज मोहन पांडिया के मंदिर पहुंचने पर संरक्षक कैलाश राव, पूर्व पालिका अध्यक्ष रघवेश चरपोटा व पंडित हेमेंद्र पांडिया ने स्वागत किया। आचार्य पांडिया ने प्राण प्रतिष्ठा को समाज के आत्मिक उत्थान और सांस्कृतिक जागरण का महाअभियान बताया। उन्होंने जानकारी दी कि 6 से 10 मई 2026 तक आयोजित महोत्सव में 51 कुंडी यज्ञ सहित वैदिक अनुष्ठान होंगे तथा भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण व हनुमान जी की मूर्तियों की शास्त्रोक्त प्राण प्रतिष्ठा होगी। 9 अप्रैल को भूमि पूजन व ध्वज स्थापना से कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। संरक्षक कैलाश राव ने इसे कुशलगढ़ की आस्था और एकता का प्रतीक बताया। बैठक में रजनीकांत खाब्या, रघवेश चरपोटा, रमेश चंद्र तलेसरा, हरेंद्र पाठक, भारत कुमावत, विपिन भट्ट, पंडित हेमेंद्र पांडिया, सुधीर स्वर्णकार, अजय निगम, रितेश गादिया, राजकुमार प्रजापत, हसमुख जोशी, नरेश त्रिवेदी, अशोक जोशी, ललित सेन, राजेश राठौर, नरेश गादिया, अश्विन त्रिवेदी, मनीष नेमा, सतीश त्रिवेदी, नवनीत पांडिया, रमेश सोमपुरा, रणछोड़ राठौर सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
- राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने आज राज्यसभा में “धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान” पर अपनी बात रखते हुए देश के जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी अभियान की शुरुआत देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2 अक्टूबर 2024 को झारखंड के हजारीबाग से की गई थी। उन्होंने बताया कि लगभग 79 हजार 156 करोड़ रुपये के परिव्यय वाले इस अभियान के तहत देश के 30 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 549 जिलों के 63 हजार से अधिक जनजाति बहुल गांवों को शामिल किया गया है, जिससे करीब 5 करोड़ जनजातीय नागरिकों के समग्र विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सांसद श्री गरासिया ने कहा कि 17 मंत्रालयों के समन्वित प्रयासों से 25 योजनाओं के माध्यम से सामाजिक अवसंरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आजीविका के क्षेत्र में सुधार का प्रयास सराहनीय है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा 40 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के उद्घाटन एवं 25 नए विद्यालयों के शिलान्यास सहित “पीएम जन मन” योजना के अंतर्गत सड़कों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं छात्रावासों जैसी परियोजनाओं के शुभारंभ को जनजातीय विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। उन्होंने विशेष रूप से राजस्थान के जनजाति बहुल क्षेत्रों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि राज्य के दक्षिणी जिलों—बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, सलूम्बर एवं प्रतापगढ़—में निवासरत जनजातीय समुदायों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क संपर्क, पेयजल एवं रोजगार के बेहतर अवसरों की अत्यंत आवश्यकता है। सांसद श्री गरासिया ने सरकार से आग्रह किया कि “धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान” के अंतर्गत राजस्थान के इन जनजाति बहुल क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाए तथा अधिक से अधिक विकास परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान कर उनके त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे राज्य के जनजातीय समाज को इस महत्वाकांक्षी योजना का पूर्ण लाभ प्राप्त होगा और उनके जीवन स्तर में व्यापक सुधार आएगा।1
- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी (सज्जनगढ़ तहसील में डीआईएलआरएमपी परियोजना के तहत भूमि अभिलेख सुधार का कार्य जारी) सज्जनगढ़। राजस्थान सरकार द्वारा संचालित डीआईएलआरएमपी (Digital India Land Records Modernization Programme) परियोजना के अंतर्गत खाता धारकों की जमीनों को त्रुटिरहित एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से सज्जनगढ़ तहसील में सेटलमेंट का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसी क्रम में आज तहसीलदार श्री हरीश सोनी एवं अराहस कंपनी के मैनेजर श्री करतार सिंह ने गांव में पहुंचकर खाता धारकों को इस परियोजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों को भूमि अभिलेखों के सुधार, सत्यापन प्रक्रिया तथा इसके लाभों के बारे में समझाया और सभी से सहयोग करने की अपील की। साथ ही तहसीलदार द्वारा इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रचार-प्रसार को हरी झंडी भी दी गई। इस दौरान भू-प्रबंध पटवारी रमेश माईड़ा, शांतिलाल, तारा एवं टीना भी मौजूद रहे। इस परियोजना के तहत भूमि अभिलेखों का सत्यापन, सुधार एवं डिजिटलीकरण किया जा रहा है, जिससे भविष्य में भूमि से संबंधित विवादों को कम किया जा सके और खाता धारकों को सही एवं अद्यतन जानकारी उपलब्ध हो सके।4
- Post by Pavan kumar Pargi1
- खडगदा में हनुमान जन्मोत्सव मेले का भव्य शुभारंभ, निकलेगी क्षेत्रपाल भगवान की पालकी यात्रा डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा उपखंड अंतर्गत खडगदा में मोरन नदी के पावन तट पर आयोजित होने वाला प्राचीन हनुमान जन्मोत्सव मेला बुधवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ विधिवत रूप से प्रारंभ हुआ। सदियों पुरानी आस्था, परंपरा और संस्कृति के इस अद्भुत संगम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जबकि गुरुवार को मेले का मुख्य आयोजन होगा। बुधवार सुबह लक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर से संतों के सान्निध्य में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो ढोल-नगाड़ों, भक्ति गीतों और जयकारों के साथ होली चौक, नवरात्र चौक और ग्वाल चौक से होते हुए क्षेत्रपाल मंदिर पहुँची। यहां मेला संस्थापक पंडित नन्दलाल दीक्षित एवं मंदिर जीर्णोद्धार से जुड़े महर्षि नाथूराम भट्ट की समाधि पर श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। शोभायात्रा में श्री प्रभुदास धाम रामद्वारा सागवाड़ा के महंत उदयराम महाराज, रामकथा वाचक कमलेश भाई शास्त्री और भागवताचार्य हरीश पंड्या की विशेष उपस्थिति ने आयोजन को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। मंदिर परिसर में संतों के सान्निध्य में मेले का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस दौरान मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अशोक भट्ट और मंत्री जनार्दन द्विवेदी ने संतों का स्वागत किया। सभा अध्यक्ष चंद्रेश व्यास ने बताया कि दिनभर हनुमान यज्ञ का आयोजन हुआ, जिसमें क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की गई। शाम को श्रीफल होम और आरती होगी, वहीं सुबह हनुमान चालीसा पाठ और शाम को संगीतमय सुंदरकांड पाठ होगा। मेला संयोजक हरीश रोत ने जानकारी देते हुए बताया कि गुरुवार दोपहर 2 बजे भगवान श्री क्षेत्रपाल जी की भव्य पालकी यात्रा निकाली जाएगी, जो मेले का मुख्य आकर्षण रहेगी। यह पालकी यात्रा क्षेत्रपाल भगवान की उस परंपरा का प्रतीक है, जिसमें वे अपने भक्तों के बीच आकर उनके सुख-दुख में सहभागी बनते हैं। कार्यक्रम का संचालन चंद्रेश व्यास ने किया तथा आभार डॉ. विमलेश पंड्या ने व्यक्त किया। आयोजन को सफल बनाने में सरपंच गटी देवी सरपोटा सहित बदामीलाल टेलर, शशिकांत पुरोहित, ईश्वर भट्ट, गणेशलाल भट्ट, प्रसन्न द्विवेदी, मणिलाल जोशी, जगदीशचंद्र दवे, चिंतन द्विवेदी, प्रकाश भट्ट, जिग्नेश जोशी, पंकज जैन, सुशील मेहता, ईश्वर पाटीदार, कचरा खांट, रतिलाल बामणिया, पराग कलाल और भरतलाल सोनी सहित अनेक लोगों का सहयोग रहा।1
- खोडनिया रहे चौरासी विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रहे इस दौरान शोकाकुल कांग्रेस परिवारो से मिलकर संवेदना व्यक्त की, कांग्रेस नेता पूर्व जिला अध्यक्ष एआईसीसी सदस्य पूर्व राज्य मंत्री खोड़निया ने पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मनोहरसिंह जी के स्वर्गीय पिता श्री, एवं शांतिलाल जी पाटीदार की धर्मपत्नी स्वर्गीय श्रीमती मातोश्री और नागेन्द्र सिंह पीठ के स्वर्गीय पिता श्री के निधन पर aicc सदस्य दिनेश जी खोड़निया पार्टी प्रत्याशी कैलाश जी रोत, आसपुर प्रत्याशी राकेश जी रोत, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र जी, ब्लॉक अध्यक्ष गजेंद्र सिंह जी सागवाड़ा ,अध्यक्ष धीरज जी मेहता गलियाकोट, लोकेश जी पाटीदार ,नगर अध्यक्ष ललित जी पांचाल, पूर्व सेवादल अध्यक्ष गौतम जी पंड्या, जिला परिषद सदस्य हरीश अहारी, मंडल अध्यक्ष सुरेश दादा , प्रदेश पदाधिकारी अजीत सिंह,चोरासी से वरिष्ठ नेता कारीलाल जी सालेडा, समाज सेवी दिनेश चंद्र अहारी, प्रीतम ननोमा , संजय रोत , नरेश डोडियार रोहित पाटीदार, पुष्पेंद्र सिंह जी हितेश जी सिंगाड़ा मनोज जी पाटीदार सालमपुरा अंकित जी दर्जी गैंजि पिंटू जी कटारा वैंजा ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर संवेदना प्रकट की।4
- Post by Parmeshvar redash1
- राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) द्वारा जारी 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में एक बेहद भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। श्रीगंगानगर जिले के 7 केएसडी (सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल) की छात्रा नकिता, जो शुगर (डायबिटीज) की मरीज थी, ने 12वीं आर्ट्स में 93.80% अंक हासिल किए। जानकारी के अनुसार, नकिता अपनी बीमारी के बावजूद हिम्मत नहीं हारी। वह नियमित रूप से इंसुलिन इंजेक्शन लेकर परीक्षा देने जाती थी। लेकिन 20 मार्च को अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण उसका निधन हो गया। परिवार को जब रिजल्ट घोषित होने के बाद बेटी के शानदार अंक की जानकारी मिली, तो घर में एक साथ खुशी और गम का माहौल बन गया। मां ने बेटी की तस्वीर को सीने से लगाकर भावुक होकर रोते हुए उसे याद किया। यह घटना न केवल दिल को झकझोर देने वाली है, बल्कि यह भी दिखाती है कि संघर्ष और बीमारी के बावजूद मेहनत करने वाले बच्चे कैसे मिसाल बन जाते हैं। 📊 मुख्य बिंदु: ▪️ छात्रा नकिता – 93.80% (आर्ट्स) ▪️ शुगर (डायबिटीज) की मरीज थी ▪️ इंसुलिन लेकर परीक्षा देती थी ▪️ 20 मार्च को हुआ निधन ▪️ रिजल्ट देखने से पहले ही दुनिया छोड़ गई 👉 नकिता की मेहनत और हौसला हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।1
- कुशलगढ़ के नवनिर्मित राम मंदिर में आयोजित पंचदिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा तय कर पोस्टर विमोचन किया गया, जिससे नगर में उत्साह और भक्ति का माहौल है। प्रतिष्ठाचार्य आचार्य निकुंज मोहन पांडिया के मंदिर पहुंचने पर संरक्षक कैलाश राव, पूर्व पालिका अध्यक्ष रघवेश चरपोटा व पंडित हेमेंद्र पांडिया ने स्वागत किया। आचार्य पांडिया ने प्राण प्रतिष्ठा को समाज के आत्मिक उत्थान और सांस्कृतिक जागरण का महाअभियान बताया। उन्होंने जानकारी दी कि 6 से 10 मई 2026 तक आयोजित महोत्सव में 51 कुंडी यज्ञ सहित वैदिक अनुष्ठान होंगे तथा भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण व हनुमान जी की मूर्तियों की शास्त्रोक्त प्राण प्रतिष्ठा होगी। 9 अप्रैल को भूमि पूजन व ध्वज स्थापना से कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। संरक्षक कैलाश राव ने इसे कुशलगढ़ की आस्था और एकता का प्रतीक बताया। बैठक में रजनीकांत खाब्या, रघवेश चरपोटा, रमेश चंद्र तलेसरा, हरेंद्र पाठक, भारत कुमावत, विपिन भट्ट, पंडित हेमेंद्र पांडिया, सुधीर स्वर्णकार, अजय निगम, रितेश गादिया, राजकुमार प्रजापत, हसमुख जोशी, नरेश त्रिवेदी, अशोक जोशी, ललित सेन, राजेश राठौर, नरेश गादिया, अश्विन त्रिवेदी, मनीष नेमा, सतीश त्रिवेदी, नवनीत पांडिया, रमेश सोमपुरा, रणछोड़ राठौर सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1