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मंदसौर जिले की दलोदा तहसील और थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सेमलिया हीरा और राकोदा मार्ग पर एक बोरवेल मशीन के लगातार चलने की जानकारी सामने आई है। यह गतिविधि मंदसौर कलेक्टर मैडम द्वारा जारी किए गए आदेशों का सीधा उल्लंघन है। पोस्ट में यह सवाल उठाया गया है कि क्या इस मामले पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारी ध्यान देंगे, या फिर "धरती का सीना चीरने" का यह कार्य इसी तरह बिना किसी रोक-टोक के जारी रहेगा।
कृष्ण पाल जाट
मंदसौर जिले की दलोदा तहसील और थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सेमलिया हीरा और राकोदा मार्ग पर एक बोरवेल मशीन के लगातार चलने की जानकारी सामने आई है। यह गतिविधि मंदसौर कलेक्टर मैडम द्वारा जारी किए गए आदेशों का सीधा उल्लंघन है। पोस्ट में यह सवाल उठाया गया है कि क्या इस मामले पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारी ध्यान देंगे, या फिर "धरती का सीना चीरने" का यह कार्य इसी तरह बिना किसी रोक-टोक के जारी रहेगा।
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- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश पुलिस की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने समय रहते एक ऐसी साजिश का पर्दाफाश किया है, जो भविष्य में देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती थी। मुख्यमंत्री के अनुसार, पुलिस ने न केवल एक संदिग्ध व्यक्ति को समय रहते दबोचा, बल्कि उसके पूरे नेटवर्क और षड्यंत्र का भी भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान, जिहादी विचारधारा से संबंधित बड़ी मात्रा में साहित्य भी बरामद किया गया है। डॉ. यादव ने जोर देकर कहा कि यह कार्रवाई दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के विरुद्ध प्रभावी एवं सक्षम कार्रवाई करने में पूरी तरह समर्थ है।1
- मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के शामगढ़ से रामप्रसाद धनगर गुर्जर से संबंधित एक खबर सामने आई है।1
- ओमान में फँसे जहाज़ MT Celestial में तमिलनाडु के 35 वर्षीय भारतीय नाविक निशांत उर्थनाथन की 11 जून को दुखद मौत हो गई है, और बेहद अफ़सोसजनक हालात यह हैं कि अब उनका शव भी सड़ना शुरू हो गया है। यह मामला तब सामने आया है जब ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमले के शिकार तीसरे जहाज के कैप्टन की स्थिति पर भी ध्यान आकर्षित किया गया है। इस पूरी घटना को लेकर सरकार की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और लोग इसे सरकार की नाकामी करार दे रहे हैं।1
- चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर स्थित पुरातत्व विभाग की जमीन पर अलसुबह एक अवैध निर्माणाधीन होटल पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की गई। इस विध्वंस अभियान के दौरान, मौके पर 10 जेसीबी मशीनें, 8 ट्रैक्टर और 3 ब्रेकर मशीनें तैनात रहीं। इस दौरान, प्रशासनिक अधिकारियों में एडीएम, एएसपी, एसडीएम, तहसीलदार और नगर परिषद आयुक्त सहित पुरातत्व विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस जाब्ता भी मौके पर तैनात किया गया था।1
- भीलवाड़ा रायला में पेट्रोल देने के लिए डिब्बे का उपयोग करने से मना किया जा रहा है। कर्मचारियों ने यह कहते हुए पेट्रोल देने से इनकार कर दिया कि "अनवरी नहीं है"।1
- नीमच जिले की रामपुरा तहसील स्थित ग्राम पंचायत दुधलाई में मनरेगा के तहत हुए वृक्षारोपण कार्य में गंभीर अनियमितताएँ सामने आई हैं। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, मार्च 2024 से जुलाई 2025 तक 448 दिनों तक काम चला दिखाया गया है, जिस पर लगभग 1.07 लाख रुपये का भुगतान भी हो चुका है। हालांकि, ग्राम पड़दा के सामाजिक कार्यकर्ता शंकर लाल धनगर ने 11 जून 2026 को मौके पर निरीक्षण किया और पाया कि 'पतवारी के पास' वाली भूमि पर न तो कोई नया गड्ढा था, न नए पौधे और न ही सुरक्षा बाड़; वहाँ केवल 8-10 वर्ष पुराने कुछ सूखे पेड़ थे जो निजी भूमि पर स्थित थे। सरकारी एमआईएस पोर्टल से निकाले गए मस्टर रोल क्रमांक 341 से 348 में कार्यस्थल स्पष्ट रूप से "पतवारी के पास, ग्राम दुधलाई" दर्ज है, जहाँ 448 मानव दिवस सृजित किए गए और प्रतिदिन 20-25 मजदूर उपस्थित दर्शाए गए। लेकिन, जब यह अनियमितता उजागर हुई, तो ग्राम पंचायत के सरपंच पति और सचिव ने अपना बयान बदल दिया। उन्होंने दावा किया कि वृक्षारोपण का कार्य 'पतवारी के पास' नहीं, बल्कि किसी 'दूसरी जगह' कराया गया था, जिससे ऑनलाइन सरकारी दस्तावेज में दर्ज स्थल और उनके मौखिक बयान में सीधा विरोधाभास पैदा हो गया। धनगर का आरोप है कि यह सब शासन के पैसे को हड़पने के लिए झूठ पर झूठ बोला जा रहा है, जिसमें फर्जी हाजिरी, एनएमएमएस ऐप पर फर्जी जियो-टैग्ड फोटो और माप पुस्तिका क्रमांक 306633 में बिना मापे एंट्री करना शामिल है, और अब पकड़े जाने पर कार्यस्थल ही बदलने का प्रयास किया जा रहा है। शंकर लाल धनगर ने 11 जून 2026 को इस पूरे मामले की लिखित शिकायत कलेक्टर नीमच, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नीमच और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मनासा को दी थी, जिसमें मस्टर रोल की प्रति, मौके की फोटो और ऑनलाइन मास्टर का प्रिंटआउट भी संलग्न था। हालांकि, शिकायत प्रस्तुत किए चार दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा न तो कोई जांच दल गठित किया गया है और न ही जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है। प्रशासन से सवाल पूछे जा रहे हैं कि ऑनलाइन रिकॉर्ड में कार्यस्थल अलग होने पर सरपंच 'दूसरी जगह' का दावा क्यों कर रहे हैं, यदि कार्य अन्यत्र हुआ तो उस स्थल की नाप पुस्तिका, मस्टर रोल और जियो-टैग फोटो कहाँ हैं, 448 दिन और ₹1.07 लाख खर्च के बाद भी परिसंपत्ति रजिस्टर में एक भी पौधा क्यों दर्ज नहीं है, और सरकारी दस्तावेज से भिन्न बयान देकर भुगतान लेना किस श्रेणी का अपराध है। स्पष्ट है कि मनरेगा का उद्देश्य, ग्रामीणों को रोजगार और गाँव को हरियाली देना, इस मामले में पूरा नहीं हुआ, बल्कि केवल सरकारी खजाने पर डाका डाला गया।1
- बड़ौद में क्षत्रिय भावसार समाज द्वारा मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के उपलक्ष्य में 14 जून को नगर में एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस अवसर पर समाज की महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में अपने सिर पर कलश धारण कर अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ इस यात्रा में भाग लिया। यह यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मंदिर परिसर पहुंची, जहाँ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का विधिवत शुभारंभ किया गया। कलश यात्रा के दौरान, बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन किए और भगवान के जयघोष लगाए, जिससे पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। इस भव्य आयोजन में समाज के वरिष्ठजनों के साथ-साथ युवा, महिलाएं और बच्चे भी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। समाजजनों ने बताया कि यह कलश यात्रा पाँच दिवसीय मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार के धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। कलश यात्रा के सफल आयोजन में समाज के सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने मंदिर में सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली के लिए विशेष प्रार्थनाएँ कीं।4
- मध्य प्रदेश से मिली एक खास रिपोर्ट के अनुसार, एक 8 साल के बच्चे ने अटूट विश्वास व्यक्त करते हुए कहा है कि अगर भगवान पर सच्चा और अटूट विश्वास हो, तो उन्हें केवल 1 रुपये में भी पाया जा सकता है। बच्चे ने अपनी इस बात के साथ यह प्रश्न भी उठाया कि लोग इस पर विश्वास करेंगे या नहीं।1