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मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के शामगढ़ से रामप्रसाद धनगर गुर्जर से संबंधित एक खबर सामने आई है।
Ramprasad dhangar
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के शामगढ़ से रामप्रसाद धनगर गुर्जर से संबंधित एक खबर सामने आई है।
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- बड़ोद नगर में 13 जून को आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का समापन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के साथ हुआ। कथावाचक संत अभिराम दास महाराज ने अपने उद्बोधन में परिवार के प्रेम, आपसी विश्वास और संस्कारों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। कथा के दौरान, महाराज श्री ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का मार्मिक प्रसंग सुनाया। कृष्ण-सुदामा के अटूट प्रेम, त्याग और समर्पण की यह कथा सुनकर अनेक श्रद्धालुओं की आँखें नम हो गईं, जिससे कथा पंडाल भक्तिमय माहौल से गूँज उठा और सभी श्रद्धालु भाव-विभोर होकर कथा का आनंद लेते रहे। इस समापन अवसर पर क्षेत्रीय विधायक मधु गहलोत भी कथा स्थल पर पहुँचीं और कथा श्रवण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने धार्मिक आयोजनों को समाज में संस्कार एवं सद्भावना बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। कथा के समापन के उपरांत महाआरती का आयोजन किया गया और बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई, जिससे सभी ने धर्मलाभ प्राप्त किया।4
- आज से दाऊदी बोहरा समुदाय का 10 दिवसीय मातमी पर्व शुरू हो रहा है। इस धार्मिक आयोजन के चलते सुसनेर में आगामी 10 दिनों तक कारोबार पूरी तरह से बंद रहने की घोषणा की गई है।1
- प्रदेश में लाड़ली बहना योजना ने अपने सफल तीन वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। मुख्यमंत्री ने आज जानकारी देते हुए बताया कि केसली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, 1 करोड़ 25 लाख 17 हजार से अधिक लाभार्थी बहनों के बैंक खातों में ₹1835 करोड़ की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से सीधे अंतरित की गई है।1
- सुसनेर के मोडी क्षेत्र में तेज हवाओं के कहर के चलते एक दीवार ढह गई। इस घटना में एक ही परिवार के चार बच्चे घायल हो गए। घायलों में से दो बच्चों को आगे के उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।1
- Post by Sarvan Savita1
- नीमच जिले की रामपुरा तहसील स्थित ग्राम पंचायत दुधलाई में मनरेगा के तहत हुए वृक्षारोपण कार्य में गंभीर अनियमितताएँ सामने आई हैं। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, मार्च 2024 से जुलाई 2025 तक 448 दिनों तक काम चला दिखाया गया है, जिस पर लगभग 1.07 लाख रुपये का भुगतान भी हो चुका है। हालांकि, ग्राम पड़दा के सामाजिक कार्यकर्ता शंकर लाल धनगर ने 11 जून 2026 को मौके पर निरीक्षण किया और पाया कि 'पतवारी के पास' वाली भूमि पर न तो कोई नया गड्ढा था, न नए पौधे और न ही सुरक्षा बाड़; वहाँ केवल 8-10 वर्ष पुराने कुछ सूखे पेड़ थे जो निजी भूमि पर स्थित थे। सरकारी एमआईएस पोर्टल से निकाले गए मस्टर रोल क्रमांक 341 से 348 में कार्यस्थल स्पष्ट रूप से "पतवारी के पास, ग्राम दुधलाई" दर्ज है, जहाँ 448 मानव दिवस सृजित किए गए और प्रतिदिन 20-25 मजदूर उपस्थित दर्शाए गए। लेकिन, जब यह अनियमितता उजागर हुई, तो ग्राम पंचायत के सरपंच पति और सचिव ने अपना बयान बदल दिया। उन्होंने दावा किया कि वृक्षारोपण का कार्य 'पतवारी के पास' नहीं, बल्कि किसी 'दूसरी जगह' कराया गया था, जिससे ऑनलाइन सरकारी दस्तावेज में दर्ज स्थल और उनके मौखिक बयान में सीधा विरोधाभास पैदा हो गया। धनगर का आरोप है कि यह सब शासन के पैसे को हड़पने के लिए झूठ पर झूठ बोला जा रहा है, जिसमें फर्जी हाजिरी, एनएमएमएस ऐप पर फर्जी जियो-टैग्ड फोटो और माप पुस्तिका क्रमांक 306633 में बिना मापे एंट्री करना शामिल है, और अब पकड़े जाने पर कार्यस्थल ही बदलने का प्रयास किया जा रहा है। शंकर लाल धनगर ने 11 जून 2026 को इस पूरे मामले की लिखित शिकायत कलेक्टर नीमच, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नीमच और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मनासा को दी थी, जिसमें मस्टर रोल की प्रति, मौके की फोटो और ऑनलाइन मास्टर का प्रिंटआउट भी संलग्न था। हालांकि, शिकायत प्रस्तुत किए चार दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा न तो कोई जांच दल गठित किया गया है और न ही जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है। प्रशासन से सवाल पूछे जा रहे हैं कि ऑनलाइन रिकॉर्ड में कार्यस्थल अलग होने पर सरपंच 'दूसरी जगह' का दावा क्यों कर रहे हैं, यदि कार्य अन्यत्र हुआ तो उस स्थल की नाप पुस्तिका, मस्टर रोल और जियो-टैग फोटो कहाँ हैं, 448 दिन और ₹1.07 लाख खर्च के बाद भी परिसंपत्ति रजिस्टर में एक भी पौधा क्यों दर्ज नहीं है, और सरकारी दस्तावेज से भिन्न बयान देकर भुगतान लेना किस श्रेणी का अपराध है। स्पष्ट है कि मनरेगा का उद्देश्य, ग्रामीणों को रोजगार और गाँव को हरियाली देना, इस मामले में पूरा नहीं हुआ, बल्कि केवल सरकारी खजाने पर डाका डाला गया।1
- मंदसौर जिले के शामगढ़ से रामप्रसाद धनगर गुर्जर ने एक खास रिपोर्ट दी है।1
- शिवराज ने किसानों के लिए एक विशेष प्रणाली विकसित करने की जानकारी दी है, जिसके तहत यदि सोयाबीन की पत्तियाँ पीली पड़ जाती हैं या उनमें इल्लियाँ लग जाती हैं, तो किसान फ़ोन करके तत्काल सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि फ़ोन पर ही उन्हें तुरंत आवश्यक जानकारी दी जाएगी कि कौन सी दवाई का उपयोग करना है या क्या उपाय करने हैं। शिवराज ने अपनी बात समझाते हुए श्रोताओं से पूछा कि क्या उन्हें उनकी बात समझ आ रही है, और खुद को 'मास्टर साहब' बताते हुए कहा कि वे उन्हें पढ़ा रहे हैं।1
- Post by Sarvan Savita1