तीसरे दिन भी अंधेरे में प्रेमनगर, जल्द लगेगा नया ट्रांसफार्मर तीसरे दिन भी अंधेरे में प्रेमनगर, जल्द लगेगा नया ट्रांसफार्मर चैनपुर (गुमला): जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रेमनगर स्थित बिजली ट्रांसफार्मर अत्यधिक लोड के कारण जल जाने से क्षेत्र में लगातार तीसरे दिन भी बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। ट्रांसफार्मर खराब होने से लगभग पाँच सौ से अधिक परिवार भीषण गर्मी में अंधेरे और परेशानी झेलने को मजबूर हैं। बिजली नहीं रहने से पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और बच्चों की पढ़ाई सहित दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि एक ही ट्रांसफार्मर पर पूरे प्रेमनगर का भार होने के कारण लंबे समय से समस्या बनी हुई थी। जिला परिषद सदस्य ने बताया कि बिजली विभाग के एसडीओ से बातचीत कर जल्द नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की गई है। साथ ही भविष्य में प्रेमनगर के अलग-अलग हिस्सों में दो से तीन ट्रांसफार्मर लगाने का प्रस्ताव भी दिया गया है। समाजसेवी ललित जी ने कहा कि पाँच सौ से अधिक परिवार एक ही ट्रांसफार्मर से बिजली उपयोग कर रहे थे, जिससे लोड बढ़ता गया और अंततः ट्रांसफार्मर जल गया। बिजली विभाग से संपर्क करने पर जानकारी मिली कि नए ट्रांसफार्मर की कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है तथा जल्द ही क्षेत्र में नया ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने के प्रस्ताव पर भी विभाग विचार कर रहा है। #GumlaNews #Chainpur #PremNagar #BijliCrisis #JharkhandNews #PublicIssue
तीसरे दिन भी अंधेरे में प्रेमनगर, जल्द लगेगा नया ट्रांसफार्मर तीसरे दिन भी अंधेरे में प्रेमनगर, जल्द लगेगा नया ट्रांसफार्मर चैनपुर (गुमला): जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रेमनगर स्थित बिजली ट्रांसफार्मर अत्यधिक लोड के कारण जल जाने से क्षेत्र में लगातार तीसरे दिन भी बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। ट्रांसफार्मर खराब होने से लगभग पाँच सौ से अधिक परिवार भीषण गर्मी में अंधेरे और परेशानी झेलने को मजबूर हैं। बिजली नहीं रहने से पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और बच्चों की पढ़ाई सहित दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि एक ही ट्रांसफार्मर पर पूरे प्रेमनगर का भार होने के कारण लंबे समय से समस्या बनी हुई थी। जिला परिषद सदस्य ने बताया कि बिजली विभाग के एसडीओ से बातचीत कर जल्द नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की गई है। साथ ही भविष्य में प्रेमनगर के अलग-अलग हिस्सों में दो से तीन ट्रांसफार्मर लगाने का प्रस्ताव भी दिया गया है। समाजसेवी ललित जी ने कहा कि पाँच सौ से अधिक परिवार एक ही ट्रांसफार्मर से बिजली उपयोग कर रहे थे, जिससे लोड बढ़ता गया और अंततः ट्रांसफार्मर जल गया। बिजली विभाग से संपर्क करने पर जानकारी मिली कि नए ट्रांसफार्मर की कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है तथा जल्द ही क्षेत्र में नया ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने के प्रस्ताव पर भी विभाग विचार कर रहा है। #GumlaNews #Chainpur #PremNagar #BijliCrisis #JharkhandNews #PublicIssue
- गुमला: वित्तीय वर्ष 2026-2027 में केन्द्र एवं राज्य प्रायोजित पेंशन योजनाओं के सभी लाभुकों, सहित मुख्यमंत्री मंईया सम्मान पेंशन योजना के लाभुकों के भौतिक सत्यापन हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आज उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी दिलेश्वर महत्तो द्वारा समाहरणालय परिसर से 3 LED जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इन वाहनों के माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अवसर पर सिविल सर्जन गुमला शंभूनाथ चौधरी, सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा कोषांग) ललन कुमार रजक, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रदीप भगत, जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा कोषांग) ललन कुमार रजक द्वारा जानकारी दी गई कि उक्त अभियान के अंतर्गत प्रत्येक लाभुक का सत्यापन एवं प्रावधानानुसार विलोपन की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पंचायत सचिव को पंचायत स्तर पर नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है। उनके सहयोग के लिए जनसेवक, रोजगार सेवक एवं आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका की टीम गठित की गई है, जो दिनांक 25 अप्रैल 2026 से 25 मई 2026 तक ग्रामवार एवं पंचायतवार डोर-टू-डोर जाकर सत्यापन कार्य संपन्न करेंगी। अधिक जानकारी के लिए नागरिक अपने नजदीकी पंचायत एवं प्रखंड कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं, एवं नागरिक अपने नजदीकी पंचायत कार्यालय में भी जाकर अपना आधार सत्यापन करवा सकते हैं। अभियान के दौरान छूटे हुए लाभुकों का आधार एवं मोबाइल नंबर संग्रह कर संबंधित पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। साथ ही सत्यापन के उपरांत संकल्पानुसार अयोग्य लाभुकों का विलोपन भी किया जाएगा, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र व्यक्तियों तक सुनिश्चित हो सके। उपायुक्त द्वारा सभी लाभुकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित समयावधि में अपना भौतिक सत्यापन करवाते हुए आवश्यक दस्तावेज पंचायत सचिव, जनसेवक, रोजगार सेवक अथवा आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका के पास अवश्य जमा करें, ताकि उन्हें समय पर राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हो सके।4
- *घाघरा गुमला ब्रेकिंग घाघरा थाना मुख्यालय स्थित पुटो रोड में शुक्रवार शाम बड़ी लूट की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार जाने-माने व्यवसायी हरिओम गाहना घर के प्रोपराइटर शशांक सोनी दुकान बंद कर पुराना रोड स्थित अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान बीच रास्ते में तीन मोटरसाइकिल सवार अज्ञात अपराधियों ने उन्हें रोक लिया और बंदूक की नोक पर लाखों रुपये के जेवरात एवं करीब 70 हजार रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि अपराधियों ने दहशत फैलाने के लिए दो राउंड फायरिंग भी की, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही घाघरा थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं तथा अपराधियों की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है। इस घटना से स्थानीय व्यवसायियों में दहशत का माहौल है।1
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- सिसई (गुमला)। ग्राम पंचायत कुदरा में गलत तरीके से ग्राम प्रधान व सहायक सचिव की नियुक्ति एवं ग्रामसभा समिति के गठन पर ग्रामीणों ने अंचल कार्यालय में हंगामा करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द कर नये सिरे से चयन करने की मांग की। ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी को लिखित आवेदन देते हुए बताया है कि 22 अप्रैल 2026 को चयनित प्रक्रिया में शामिल ग्राम पंचायत मुखिया और अंचल से आये हुए सरकारी मुलाजिम के समक्ष कुदरा ग्राम निवासी जयराम और उनके नजदीकी व्यक्तियों के द्वारा अनुचित विरोध व व्यवधान पैदा कर कार्यक्रम को बाधित किया गया। उन्होंने आगे कहा कि ग्राम कुदरा निवासी जयराम उरांव पिता स्व एतवा उरांव ने लगभग एक वर्ष से स्वयं ग्राम प्रधान बनने एवं अपने नजदीकी व्यक्ति को सहायक सचिव बनाने हेतु कई प्रकार के हथकंडे अपनाते हुए षड्यंत्र किया जा रहा है साथ ही ग्रामीणों के आँखों में धूल झोंकने का काम किया जा रहा है। देखा जाय तो इनकी चापलूसी की कहानी अनैतिक तो है ही इसके अलावे अत्यंत रोचक भी है। जानकर आश्चर्य होगा कि पूरे सरकारी तंत्र को धोखे में रखकर नियमों कानून का उलंघन करते हुए तथा बिना सरकारी आदेश पारित हुए अपनी मनमानी तरीके से खुद को प्रमाणित करने हेतु गांव के कुछ घरों में जाकर कई लोगों से हस्ताक्षर कराकर ग्राम प्रधानी का आवेदन अंचल कार्यालय में जमा किया था। तदोपरांत अपना पद का फर्जी मोहर बनवाकर इस्तेमाल भी शुरू कर दिया था उसकी यह शातिराना अंदाज एक प्रकार से लोकतंत्र का मजाक नहीं तो और क्या है। उनके इस फर्जीवाड़ा को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी गुमला को लिखित रूप से आवेदन दिया जा चुका है। जयराम उरांव अपने स्वार्थ के भूख में संपूर्ण सरकारी योजनाओं का लाभ केवल और केवल खुद ही लेना चाहते हैं यह व्यक्ति एक दशक पहले खुद मुखिया का चुनाव लड़ चुका है किन्तु सफल नहीं हुआ। उसके बाद दुबारा वार्ड सदस्य बने और फिर उपमुखिया का पद हासिल किया। इसी दौरान झारखंड झइबल डेवेलॉपमेंट सोसाइटी (जेटीडीएस) का अध्यक्ष रहा तत्पश्चात वर्तमान समय में ग्राम पंचायत खादबीज वितरण लैम्पस का अध्यक्ष भी है। इसके अलावे इनकी पत्नी अनिता उरांव मौजुदा समय में पंचायत समिति (सरपंच) पद पर आसीन है महत्वपूर्ण बात यह है कि जयराम उरांव ने हमेशा अपने पदों का दुरूपयोग करते हुए जातिवाद व भेदभाव के द्वारा अमूमन गांव समाज को बाँटने का काम करते चला आ रहा है। ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी अशोक बड़ाईक से आग्रह करते हुए कहा है कि चयनित प्रक्रिया को पूरे नियमबद्ध तरीके से एवं सरकारी दिशा निर्देशों के तहत ही नियुक्तिकरण की सहमति प्रदान करें ताकि सार्थक पहलुओं को लागू करने के बाद सभी बुनियादी सुविधाओं और सिद्धांतों का कदापि हनन न हो सके। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए ये भी कहा है कि यदि ग्रामसभा के बिना अवैध रूप से नियुक्ति होता है तो इसका जिम्मेवार स्वयं अंचल अधिकारी होंगे। वहीं ग्रामीण विष्णु लोहरा ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक प्रकरण के बारे में गंभीर मंथन करने के बाद पर्याप्त कारणों व समयक प्रतिक्रियाओं को देखते हुए ऐसा लगता है कि हमारे गांव में सातवां पास व्यक्ति पढ़ा लिखा सिर्फ एक ही व्यक्ति है जिसका नाम जयराम उरांव है बाकि गांव के सभी बीए, एमए किये हुए युवक युवतियाँ अनपढ़ गवाँर के श्रेणि में आते हैं कारण हर पद व योजनाओं का अधिकार एक ही व्यक्ति को मिलना क्या यह उचित है जो व्यक्ति केवल अपना और अपनों का ही भला चाहता हो वैसा व्यक्ति कभी समाज का कल्याण नहीं कर सकता है और ना ही गांव के विकास में अपना भागीदारी सुनिश्चित कर सकता है इसलिए ऐसे अयोग्य व्यक्ति को ग्राम प्रधान बनने का कोई अधिकार नहीं है। मौके पर वार्ड सदस्य सुनीता देवी, सुरेश उरांव, विष्णु लोहरा राजू, मदन सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण महिला पुरुष उपस्थित थे।4
- Post by Neeraj kumar1
- गुमला सिसई थाना अंतर्गत ग्राम बांस टोली, सिसई निवासी रामजतन लोहरा उम्र 59 वर्ष पिता स्व बंधु लोहार की मृत्यु बिजली का करंट लगने के कारण हुई है।सिसई थाना के पुलिस पदाधिकारीयों के द्वारा शव को कब्जे में लेकर अग्रतर कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा करके पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया गया। इस घटना में रामजतन का एक बैल भी करंट के चपेट में आने से मर गया।घटना के बारे में जानकारी मिली की सैंदा नदी के किनारे पुनई उरांव और उसके पुत्र सुखराम उरांव के द्वारा खींचे गए चाइनिज़ तार के संपर्क में रामजतन लोहरा और उसका बैल आ गया। आशंका व्यक्त की जा रही है कि बैल पानी पीने गया होगा और बिजली के संपर्क में आने के बाद रामरतन ने जाकर उसे छुड़ाने का प्रयास किया। इस क्रम में वह भी बिजली के करंट के संपर्क में आ गया और उसकी भी मौत हो गई। दोनों की लाश नदी में तैर रही थी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि बिजली का तार नंगी अवस्था में नदी तक कैसे पहुंची। रामजतन और उसका बैल बिजली के तार के संपर्क में कैसे आ गए। हालांकि घटनास्थल से बिजली के तार को हटा दिया गया था जो इस घटना में संदेह पैदा कर रहा है। इस बारे में सुखराम उरांव ने बोला कि उसने सिसई के लिए एक बिजली का कनेक्शन लिया हुआ है।जिसके लिए लगभग 2 किलोमीटर दूर से ही अपने घर से बिजली खेत तक पहुंचने के लिए चाइनीज तार का प्रयोग किया गया है।बावजूद इसके कि चाइनीज तार काफी असुरक्षित और खतरनाक होते हैं। जिसमें कई बार लोगों की जान भी चली जाती है उसका प्रयोग क्यों कर रहे हैं? इस पर उन्होंने बताया कि सभी ग्रामीण इसी का प्रयोग करते हैं इसलिए वह भी कर रहे हैं।उन्होंने बिजली की मीटर के बारे में कहा कि उन्हें अभी तक बिजली के मीटर उपलब्ध नहीं है बस कनेक्शन है। इस घटना से और भी कई जगह घटना घटित होने का संकेत मिल रहा है। जहां पर थोड़ा खर्च बचाने के लिए असुरक्षित चाइनीज तारों का बिजली के इस्तेमाल के लिए प्रयोग हो रहा है जहां से कभी भी इस तरह की बड़े दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।1
- सिसई (गुमला)। विश्व हिन्दू परिषद गौ रक्षा दल प्रखंड सिसई के कार्यकर्ताओं ने प्रखंड विकास पदाधिकारी रमेश कुमार यादव को राष्टृपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। जिसमें कहा गया है कि गौ माता की तस्करी व कत्ल अविलंब बंद किया जाए उनकी रक्षा हेतु उचित कानून बनाया जाए सहित गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किये जाने की सरकार से मांग की है। प्रखंड संयोजक सौरव ताम्रकर ने कहा कि क्षेत्र में गौ तस्करी खुलेआम हो रही है जिन गायों को हम सनातनी हिन्दू माँ मानते हैं उनकी पूजा करते हैं उन्हीं गायों को कत्लखाने में ले जाकर बेरहमी से कत्ल कर दिया जा रहा है जिससे हमारी अंतरात्मा बहुत ही दुखी है हम चाहते हैं कि सरकार जल्द ही गायों की रक्षा के लिए एक मजबूत कानून बनाये ताकि देश में गौ हत्त्या जैसी घिनौने काम बंद हों और इस कार्य में संलिप्त लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके। वहीं हमारी मांग है कि सरकार गौ माता को जल्द ही राष्ट्र माता घोषित करे। मौके पर मनीष बाबू विहिप जिला मंत्री गुमला, सौरव ताम्रकर प्रखंड संयोजक गौ रक्षा दल सिसई, पूर्णिमा देवी किशन सिंह, बजरंग बड़ाईक, मदन साहु, राधे सिंह, ओमप्रकाश साहु, विकास साहु, नवीन बड़ाईक, सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।3
- Post by AAM JANATA1