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गंगापुर सिटी स्थित पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए खंडीप में चल रहे धरने में आज खेड़ली बगलाई क्षेत्र की आम जनता बड़ी संख्या में शामिल हुई।
Anil Kumar journalist
गंगापुर सिटी स्थित पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए खंडीप में चल रहे धरने में आज खेड़ली बगलाई क्षेत्र की आम जनता बड़ी संख्या में शामिल हुई।
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- गंगापुर सिटी के खंडीपन गांव में चल रहे धरने स्थल पर विधायक एवं उप नेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा पहुंचे। इस दौरान नागरिक, पंच पटेलों, किसानों, संघर्षरत साथियों और पद कलाकारों ने उनका सम्मान किया। विधायक रामकेश मीणा ने किसानों के प्रति अपना तहे दिल से आभार व्यक्त किया।1
- ग्राम खण्डीप में चल रही किसान महापंचायत में 6 जून 2026 को गंगापुर सिटी विधायक रामकेश मीना, टोडाभीम विधायक घनश्याम महर, पूर्व विधायक करौली लाखनसिंह मीना, पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष बटुआ पटेल सहित हजारों किसान, युवा, महिलाएं और बच्चे उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर किसानों को उनके हक का पानी दिलाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को मजबूती प्रदान की और संघर्ष को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया। यह मांग किसानों के जीवन, आजीविका और भविष्य से जुड़ी है, और विधायक रामकेश मीना ने स्पष्ट किया कि जब तक किसानों को पानी नहीं मिलता, यह महापंचायत अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी। आंदोलन को सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से चलाने के लिए पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने विभिन्न गांवों को क्रमवार जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इसी क्रम में, 6 जून 2026 को सुबह 10 बजे से 7 जून 2026 को सुबह 10 बजे तक सभा स्थल पर रुकने और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी ग्राम किशोरपुर को दी गई थी। किशोरपुर के ग्रामीणों और किसानों ने उत्साह और अनुशासन के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई, डी.जे. की धुन पर जुलूस के रूप में सभा स्थल तक पहुंचे। इसके बाद, 7 जून 2026 को सुबह 10 बजे से 8 जून 2026 को सुबह 10 बजे तक, 24 घंटे के लिए ग्राम खेड़ली-बगलाई के ग्रामीण और किसान आंदोलन स्थल की जिम्मेदारी संभालेंगे। कमाण्ड क्षेत्र के किसानों में महापंचायत और धरने को लेकर भारी उत्साह है, और प्रत्येक गांव अपनी बारी आने पर आंदोलन की जिम्मेदारी संभालने के लिए उत्सुक दिख रहा है। महापंचायत के दौरान लोक कलाकारों जैसे झण्डू शेखपुरा, धबले लालारामपुरा, राजू रिछोटी और अन्य ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से किसानों का उत्साह बढ़ाया। सभा स्थल पर पेयजल, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का सफल संचालन ग्राम खण्डीप के पंच-पटेलों और युवा साथियों द्वारा किया गया। नेताओं ने साफ शब्दों में कहा है कि किसानों के अधिकारों की इस लड़ाई को किसी भी स्थिति में कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा और जब तक सरकार किसानों की मांगों को स्वीकार नहीं करती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।1
- शनिवार को खंडीप गांव में एक विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें पाँचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग उठाई गई। इस महापंचायत में बड़ी संख्या में किसानों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि यदि 27 जून तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 28 जून को दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया जाएगा। महापंचायत के समापन के बाद, पंचायत स्थल पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया है। तय योजना के अनुसार, कमांड क्षेत्र के गांवों में से प्रतिदिन एक गांव के ग्रामीण इस धरने में शामिल होंगे। गंगापुर सिटी विधायक रामकेश मीणा ने महापंचायत का नेतृत्व किया। इस दौरान टोडाभीम विधायक घनश्याम महर और करौली के पूर्व विधायक लाखन सिंह मीणा सहित कई अन्य जनप्रतिनिधियों, पंच-पटेलों और किसान नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया। महापंचायत में यह भी तय हुआ कि मांगों से संबंधित एक ज्ञापन कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को उनके धरना स्थल पर पहुंचने पर सौंपा जाएगा। गौरतलब है कि पाँचना बांध का पानी कमांड क्षेत्र में छोड़े जाने की मांग को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में पहले ही जनहित याचिका दायर की जा चुकी है। गत 1 मई को हाईकोर्ट ने तीन सप्ताह के भीतर कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ने का निर्देश दिया था। हालांकि, नहरों में पानी छोड़े जाने से पहले ही गुर्जर समाज के तीन दर्जन से अधिक गांवों की गुडला संघर्ष समिति द्वारा इसका विरोध शुरू कर दिया गया था। इसी पृष्ठभूमि में हाईकोर्ट के आदेशों का पालन कराने और किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की मांग को लेकर खंडीप में यह महापंचायत आयोजित की गई, जिसमें आंदोलन को और तेज करने की घोषणा की गई है।2
- देश में आम आदमी को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है, जहाँ पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच अब रसोई गैस भी महंगी हो गई है। सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में ₹29 की बढ़ोतरी की है, जिसकी नई दरें कल आधी रात से पूरे देश में लागू हो चुकी हैं। यह पिछले तीन महीनों के भीतर दूसरी बार है जब एलपीजी के दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे गृहणियों का मासिक बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है। इस मूल्य वृद्धि के बाद देश की राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू गैस सिलेंडर अब ₹913 की जगह ₹942 में मिलेगा। इससे पहले इसी वर्ष 7 मार्च को सिलेंडर के दामों में ₹60 की भारी बढ़ोतरी की गई थी। आँकड़ों के अनुसार, पिछले 14 महीनों में घरेलू गैस की कीमतों में कुल ₹139 का इजाफा हो चुका है, जिसे आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा डाका बताया जा रहा है। देश के मुख्य शहरों में भी घरेलू एलपीजी के नए दाम बढ़ गए हैं, जिनमें कोलकाता में ₹968, चेन्नई में ₹957.50, मुंबई में ₹941.50, पटना में ₹1040.00 और जयपुर में ₹945.50 शामिल हैं। घरेलू रसोई गैस के साथ-साथ दिल्ली में अन्य श्रेणियों के सिलेंडर भी ऊंचे स्तर पर हैं, जहाँ कमर्शियल सिलेंडर (19 किलोग्राम) ₹3113.50 और 5 किलोग्राम का छोटा सिलेंडर ₹821.50 में मिल रहा है। दिल्ली की एक गृहणी सुनीता शर्मा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पहले ही सब्जियों और तेल के दाम बढ़े हुए हैं, और अब गैस भी महंगी कर दी गई है, जिससे हर महीने बजट बनाना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने सरकार से आम जनता को राहत देने की मांग की है। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों और सूत्रों के अनुसार, इस बढ़ोतरी के पीछे वैश्विक कारण हैं। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी भू-राजनीतिक संघर्ष और युद्ध जैसी स्थिति के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिसका सीधा असर भारत के घरेलू बाजार पर पड़ा है। गैस पाइपलाइन और सप्लाई चेन बाधित होने के कारण सरकारी तेल कंपनियों को कीमतें बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ा है।1
- करौली दक्ष प्रजापति विकास संस्थान की एक महत्वपूर्ण बैठक प्रजापति छात्रावास, रणगमा ताल में माँगी लाल प्रजापति की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षतिग्रस्त छात्रावास भवन की छत की मरम्मत पर चर्चा करना था, जिसके लिए सर्वसम्मति से 1.5 लाख रुपये का प्रस्ताव पारित किया गया। सचिव गंगाराम प्रजापत ने रविवार दोपहर 3:00 बजे इस निर्णय की जानकारी दी। बैठक में छात्रावास अध्यक्ष मधौलाल प्रजापति को भवन मरम्मत के लिए दान की घोषणाएं भी की गईं, जिनमें रमेश प्रजापति महू ने 11 हजार रुपये, माधौलाल प्रजापति ने 5100 रुपये और श्री केश प्रजापति (मलुआ) ने 3100 रुपये देने का ऐलान किया। मंडरायल तहसील अध्यक्ष लक्ष्मण लाल प्रजापति ने बैठक में युवाओं को समर्पण भाव से कार्य करने का आह्वान किया और समाज की प्रतिभाओं के लिए छात्रावास के सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने ठेकेदार को आगामी माह में भवन मरम्मत का कार्य विशेष रूप से करने के निर्देश भी दिए। इस बैठक में छीतर लाल प्रजापति (संयोजक), गंगाराम प्रजापत (सचिव), रमेश प्रजापत महू, रामस्वरूप मास्टर, मोतीलाल, कल्याण हलवाई, मलुआ प्रजापत, राजाराम, कुंजबिहारी, कमल, भोले, अनिल प्रजापत, अशोक प्रजापत, प्रकाश, माधुलाल, लक्ष्मणलाल, जोनू, हेमराज, मुकेश सहित कई सदस्य और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। संस्थान की अगली बैठक 16 जून को छात्राबास करौली में आयोजित की जाएगी।1
- राजस्थान के करौली जिले के अटालपुरा गांव के ग्रामीण खदानों से गुजरने वाले ओवरलोड डम्परों द्वारा उड़ाई जा रही धूल और मिट्टी से गंभीर रूप से परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जब वे इस समस्या को सुधारने के लिए कहते हैं, तो स्थानीय लोग दादागिरी करते हैं, और चूंकि यह गांव केवल बैरवा समाज का है, इसलिए उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। इस गंभीर समस्या के कारण गांव के लोगों को सिलिकोसिस जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं बच्चों को स्कूल आने-जाने में भी भारी परेशानी होती है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके स्थानीय विधायक हंसराज मीणा जी बालोती और सरपंच हरिसिंह बैरवा खिरखिड़ा सहित कोई भी उनकी बात नहीं सुन रहा है। अटालपुरा के ग्रामीण लगातार खराब सड़क को बनवाने की मांग कर रहे हैं। वे सवाल उठाते हैं कि क्या इन गरीब लोगों की सुनने वाला कोई नहीं है और क्या सरकार मर चुकी है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी से निवेदन किया है कि वे इस सड़क का निर्माण करवाकर उनकी समस्या का समाधान करें, क्योंकि खराब सड़क के कारण उन्हें अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।3
- दौसा जिले के लालसोट उप-जिले में एक रास्ता अत्यधिक खराब हालत में है, जिससे स्थानीय लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। निवासियों के अनुसार, रास्ते की हालत इतनी खस्ता है कि बारिश होते ही इसमें चौमासे का पानी भर जाता है, जिससे रास्ता बंद हो जाता है और निकलना लगभग असंभव हो जाता है। इस बदहाली के कारण उनके घरों तक कोई साधन भी नहीं आ पाता है। लोगों ने एक सही और चौड़े रास्ते की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रशासन से जल्द से जल्द इसे ठीक करने की गुहार लगाई है। उन्होंने इस खबर को ज्यादा से ज्यादा वायरल करने की भी अपील की है ताकि उनकी समस्या पर ध्यान दिया जा सके।4
- गंगापुर सिटी स्थित पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए खंडीप में चल रहे धरने में आज खेड़ली बगलाई क्षेत्र की आम जनता बड़ी संख्या में शामिल हुई।1