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दौसा जिले के लालसोट उप-जिले में एक रास्ता अत्यधिक खराब हालत में है, जिससे स्थानीय लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। निवासियों के अनुसार, रास्ते की हालत इतनी खस्ता है कि बारिश होते ही इसमें चौमासे का पानी भर जाता है, जिससे रास्ता बंद हो जाता है और निकलना लगभग असंभव हो जाता है। इस बदहाली के कारण उनके घरों तक कोई साधन भी नहीं आ पाता है। लोगों ने एक सही और चौड़े रास्ते की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रशासन से जल्द से जल्द इसे ठीक करने की गुहार लगाई है। उन्होंने इस खबर को ज्यादा से ज्यादा वायरल करने की भी अपील की है ताकि उनकी समस्या पर ध्यान दिया जा सके।
Rahul Saini
दौसा जिले के लालसोट उप-जिले में एक रास्ता अत्यधिक खराब हालत में है, जिससे स्थानीय लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। निवासियों के अनुसार, रास्ते की हालत इतनी खस्ता है कि बारिश होते ही इसमें चौमासे का पानी भर जाता है, जिससे रास्ता बंद हो जाता है और निकलना लगभग असंभव हो जाता है। इस बदहाली के कारण उनके घरों तक कोई साधन भी नहीं आ पाता है। लोगों ने एक सही और चौड़े रास्ते की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रशासन से जल्द से जल्द इसे ठीक करने की गुहार लगाई है। उन्होंने इस खबर को ज्यादा से ज्यादा वायरल करने की भी अपील की है ताकि उनकी समस्या पर ध्यान दिया जा सके।
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- दौसा जिले के लालसोट उप-जिले में एक रास्ता अत्यधिक खराब हालत में है, जिससे स्थानीय लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। निवासियों के अनुसार, रास्ते की हालत इतनी खस्ता है कि बारिश होते ही इसमें चौमासे का पानी भर जाता है, जिससे रास्ता बंद हो जाता है और निकलना लगभग असंभव हो जाता है। इस बदहाली के कारण उनके घरों तक कोई साधन भी नहीं आ पाता है। लोगों ने एक सही और चौड़े रास्ते की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रशासन से जल्द से जल्द इसे ठीक करने की गुहार लगाई है। उन्होंने इस खबर को ज्यादा से ज्यादा वायरल करने की भी अपील की है ताकि उनकी समस्या पर ध्यान दिया जा सके।4
- दौसा के लालसोट में रविवार को जिला पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर लाल मीणा, एडिशनल एसपी विनोद सीपा, डिप्टी एसपी दिलीप मीणा और थाना अधिकारी पवन कुमार जाट के नेतृत्व में ‘संडे ऑन साइकिल’ अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान से पहले योगाभ्यास किया गया। इसके बाद एक साइकिल रैली निकालकर स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। इस कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों, युवाओं और आमजन ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, जिससे लालसोट पुलिस का यह ‘संडे ऑन साइकिल’ अभियान सफल रहा।1
- गंगापुर सिटी में पाँचना बाँध से नहरों में पानी छोड़े जाने के माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना को लेकर खण्डीप गाँव में चल रहा किसानों का अनिश्चितकालीन धरना अब एक व्यापक आंदोलन का रूप ले चुका है। जल अधिकार और किसानों के हितों की इस लड़ाई को क्षेत्रवासियों का निरंतर और बढ़ता जनसमर्थन मिल रहा है। इस संघर्ष में आज खेड़ली-बगलाई क्षेत्र के सैकड़ों आमजन और किसान बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुँचे, जिन्होंने अपना पुरजोर समर्थन व्यक्त किया। कमांड एरिया के किसानों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। गंगापुर सिटी के विधायक एवं राजस्थान विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष श्री रामकेश मीना इस धरने का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके धरना स्थल पर पहुँचने पर हजारों किसानों, पंच-पटेलों और सम्मानित नागरिकों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। विधायक रामकेश मीना ने किसानों, पंच-पटेलों और संघर्षरत साथियों द्वारा दिए गए अभूतपूर्व स्नेह, सम्मान और समर्थन के लिए तहेदिल से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे किसानों के हक की इस लड़ाई को मुकाम तक पहुँचाकर ही दम लेंगे। पाँचना बाँध कमांड एरिया विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष, कार्यकारिणी सदस्यों और कमांड एरिया के पंच-पटेलों के कुशल नेतृत्व में धरना लगातार सुचारू रूप से चल रहा है। इस आंदोलन की सबसे प्रेरणादायक तस्वीर खण्डीप गाँव की जनता द्वारा दर्शाई गई सामाजिक समरसता है, जहाँ गाँव के लोग पूरी निष्ठा और समर्पित भाव से धरनार्थियों की सेवा और आवभगत में जुटे हुए हैं, जो सामाजिक एकता और जनशक्ति का एक अनूठा उदाहरण बन चुका है। किसान महापंचायत के इस मंच से गूँजते नारों और सांस्कृतिक गीतों ने किसानों के हौसले को और बुलंद किया है। समिति ने प्रशासन से माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हुए जल्द से जल्द नहरों में पानी छोड़ने की पुरजोर माँग की है।1
- राजस्थान के दौसा जिला अस्पताल में कार्यरत राजमेश कर्मचारियों को दो दिन पहले सरकार के अचानक जारी किए गए एक 'तुगलकी फरमान' के तहत बिना किसी पूर्व नोटिस के हटा दिया गया है। इस कार्रवाई से जिला अस्पताल की पूरी व्यवस्था चरमरा गई है और मरीजों का इलाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है, क्योंकि हटाए गए कर्मचारियों की संख्या से दोगुने स्टाफ की अस्पताल को आवश्यकता है। इस फैसले से परमानेंट यूनियनों में भारी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि पहले से ही स्टाफ की कमी थी, और अब जब व्यवस्था थोड़ी सुधरी थी, सरकार ने उसे फिर से खराब कर दिया है। इसके चलते मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है, इलाज को लेकर मरीजों के साथ रोज झगड़े हो रहे हैं, और हालात बिगड़ने में देर नहीं लग रही, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है। राजमेश कर्मचारियों को हटाने के विरोध में परमानेंट नर्सिंग कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी जिला अस्पताल में कार्य बहिष्कार प्रदर्शन जारी रखा। जिला अध्यक्ष महेंद्र मीना ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार राजमेश कर्मचारियों को जल्द से जल्द वापस उनकी ड्यूटी पर नहीं रखती है, तो यह कार्य बहिष्कार और तेज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस आंदोलन को शीघ्र ही प्रदेशव्यापी बनाया जाएगा, क्योंकि राजस्थान के सभी जिलों में नर्सिंग ऑफिसर और लैब टेक्नीशियन को हटाया गया है, जो नर्सिंग के अधिकारों का हनन है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस लड़ाई को 'स्वाभिमान की लड़ाई' बताते हुए सरकार को नर्सिंग ऑफिसर को हल्के में न लेने की बात कही और दृढ़ता से आंदोलन लड़ने तथा हटाए गए साथियों को वापस लगवाने का संकल्प लिया। जिला अस्पताल में कार्य बहिष्कार तब तक जारी रहेगा जब तक हटाए गए राजमेश कर्मचारियों को बहाल नहीं किया जाता। इस प्रदर्शन में बने सिंह, कुमेश कुंजेला, सत्यनारायण मीणा, सतीश मीणा, गायत्री गुप्ता, रामकेश मीणा, मनीष शर्मा, पुरण बैरवा, रामावतार मीणा, अनीता सवारियां, अनीता, सीमा, दिनेश बैरवा, धीरज बैसला और अन्य राजमेश कर्मचारी शामिल रहे।1
- दौसा जिला पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित आईपीएस, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर लाल मीणा आरपीएस और संचित निरीक्षक, रिजर्व पुलिस लाइन, दौसा के नेतृत्व में आज दिनांक 07.06.2026 को सुबह 06:30 बजे से 07:30 बजे तक 'संडे ऑन साईकिल' अभियान का जिलेभर के थाना क्षेत्रों सहित जिला मुख्यालय पर सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अभियान की शुरुआत जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर परिसर में पुलिस अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों द्वारा किए गए योगाभ्यास से हुई, जहाँ स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया गया। इसके बाद आयोजित साईकिल रैली के माध्यम से आमजन को स्वास्थ्य, दूषित वातावरण व पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। इस जन-जागरूकता अभियान में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, युवाओं और आमजन ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर फिट एवं स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया। दौसा पुलिस द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जिलेभर के थाना क्षेत्रों में आमजन की सक्रिय सहभागिता रही, जिससे यह सफल और प्रभावी बना। दौसा पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित ने साईकिल रैली, योगाभ्यास और सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष रूप से फिट व सुरक्षित रहने का संदेश दिया। उन्होंने स्वास्थ्य के लिए, दूषित वातावरण से पर्यावरण को बचाने के लिए, और सड़क सुरक्षा के लिए साईकिल अपनाने का आह्वान किया।4
- दौसा में 07 जून 2026 को जिला पुलिस अधीक्षक श्री पीयूष दीक्षित (IPS), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री शंकर लाल मीणा (RPS) और संचित निरीक्षक, रिजर्व पुलिस लाइन, दौसा के नेतृत्व में "संडे ऑन साइकिल" अभियान का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह अभियान सुबह 06:30 बजे से 07:30 बजे तक जिला मुख्यालय सहित जिले के समस्त थाना क्षेत्रों में चलाया गया। साइकिल अभियान की शुरुआत से पहले, जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर परिसर में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य प्रतिभागियों द्वारा योगाभ्यास किया गया। इस दौरान स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया। इसके उपरांत आयोजित साइकिल रैली के माध्यम से आमजन को स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। इस जन-जागरूकता अभियान में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, युवाओं और आमजन ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। उनकी सक्रिय सहभागिता ने फिट एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रसारित किया। दौसा पुलिस द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम जिलेभर के थाना क्षेत्रों में आमजन की भागीदारी के कारण सफल और प्रभावी रहा, जिसने स्वास्थ्य, पर्यावरण और सड़क सुरक्षा के लिए साइकिल के महत्व को रेखांकित किया।3
- राजस्थान के मलारना डूंगर उपखंड के कोथाली गांव में महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत चल रहे कार्यों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। आरोप है कि यह काम केवल कागजों में चल रहा है, जबकि धरातल पर एक भी श्रमिक मौजूद नहीं है, जिससे योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह स्थिति पिछले कई दिनों से बनी हुई है। पिछले पखवाड़े में 140 श्रमिकों के नाम दर्ज थे, लेकिन मौके पर किसी ने भी काम नहीं किया और कार्यस्थल पर एक भी श्रमिक नहीं पहुंचा। बताया गया कि सिर्फ कागजी खानापूर्ति की गई। इस चालू पखवाड़े में भी 1 जून से 70 श्रमिकों की मस्टरोल जारी हुई है, पांच दिन बीत जाने के बावजूद न तो काम शुरू हुआ है और न ही कोई श्रमिक कार्यस्थल पर मौजूद मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 12 महीनों से सिर्फ तीन आदमी फिक्स कर रखे हैं और उनके अलावा किसी अन्य श्रमिक को काम पर नहीं लगाया जाता। ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर पंचायत सेक्रेटरी अंकित गुप्ता और पंचायत नरेगा सेक्रेटरी बाबूलाल गुर्जर से शिकायत भी की थी। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी शिकायत के बावजूद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ और दोषी श्रमिकों को हटाकर दूसरों को काम पर नहीं लगाया गया, जिससे मेट और पंचायत सेक्रेटरी के बीच मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। दैनिक भास्कर द्वारा संपर्क किए जाने पर पंचायत सेक्रेटरी अंकित कुमार गुप्ता ने नरेगा से संबंधित किसी भी जानकारी से अनभिज्ञता जताई और नरेगा सेक्रेटरी बाबूलाल गुर्जर से बात करने को कहा। जब बाबूलाल गुर्जर से संपर्क किया गया, तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उनका काम केवल मस्टरोल जारी करना है। उन्होंने काम करवाने और श्रमिकों को रोके रखने की सारी जिम्मेदारी मेट पर डाल दी और स्वीकार किया कि वे आज तक कार्यस्थल पर गए ही नहीं हैं। इस तरह, दोनों ही सेक्रेटरी अपनी-अपनी जिम्मेदारी से भागते नजर आए। इसके बाद, पंचायत समिति के जेईएन नरेंद्र मीणा को इस बारे में सूचित किया गया, जिन्होंने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही, एसडीएम संदीप कुमार बैहरड़ ने भी मामले की जांच के लिए अधिकारी भेजने की बात कही है।1
- दौसा जिला अस्पताल में नर्सिंग कर्मियों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है, जहाँ 125 कर्मचारियों को हटाए जाने के फैसले के खिलाफ उनका आक्रोश फूट पड़ा है। इस निर्णय के विरोध में सभी नर्सिंग कर्मियों ने जिला अस्पताल में कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है, जिसके कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।1