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राजस्थान के दौसा जिला अस्पताल में कार्यरत राजमेश कर्मचारियों को दो दिन पहले सरकार के अचानक जारी किए गए एक 'तुगलकी फरमान' के तहत बिना किसी पूर्व नोटिस के हटा दिया गया है। इस कार्रवाई से जिला अस्पताल की पूरी व्यवस्था चरमरा गई है और मरीजों का इलाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है, क्योंकि हटाए गए कर्मचारियों की संख्या से दोगुने स्टाफ की अस्पताल को आवश्यकता है। इस फैसले से परमानेंट यूनियनों में भारी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि पहले से ही स्टाफ की कमी थी, और अब जब व्यवस्था थोड़ी सुधरी थी, सरकार ने उसे फिर से खराब कर दिया है। इसके चलते मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है, इलाज को लेकर मरीजों के साथ रोज झगड़े हो रहे हैं, और हालात बिगड़ने में देर नहीं लग रही, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है। राजमेश कर्मचारियों को हटाने के विरोध में परमानेंट नर्सिंग कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी जिला अस्पताल में कार्य बहिष्कार प्रदर्शन जारी रखा। जिला अध्यक्ष महेंद्र मीना ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार राजमेश कर्मचारियों को जल्द से जल्द वापस उनकी ड्यूटी पर नहीं रखती है, तो यह कार्य बहिष्कार और तेज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस आंदोलन को शीघ्र ही प्रदेशव्यापी बनाया जाएगा, क्योंकि राजस्थान के सभी जिलों में नर्सिंग ऑफिसर और लैब टेक्नीशियन को हटाया गया है, जो नर्सिंग के अधिकारों का हनन है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस लड़ाई को 'स्वाभिमान की लड़ाई' बताते हुए सरकार को नर्सिंग ऑफिसर को हल्के में न लेने की बात कही और दृढ़ता से आंदोलन लड़ने तथा हटाए गए साथियों को वापस लगवाने का संकल्प लिया। जिला अस्पताल में कार्य बहिष्कार तब तक जारी रहेगा जब तक हटाए गए राजमेश कर्मचारियों को बहाल नहीं किया जाता। इस प्रदर्शन में बने सिंह, कुमेश कुंजेला, सत्यनारायण मीणा, सतीश मीणा, गायत्री गुप्ता, रामकेश मीणा, मनीष शर्मा, पुरण बैरवा, रामावतार मीणा, अनीता सवारियां, अनीता, सीमा, दिनेश बैरवा, धीरज बैसला और अन्य राजमेश कर्मचारी शामिल रहे।

2 hrs ago
user_पत्रकार दीपक सैनी
पत्रकार दीपक सैनी
Court reporter Dausa, Rajasthan•
2 hrs ago

राजस्थान के दौसा जिला अस्पताल में कार्यरत राजमेश कर्मचारियों को दो दिन पहले सरकार के अचानक जारी किए गए एक 'तुगलकी फरमान' के तहत बिना किसी पूर्व नोटिस के हटा दिया गया है। इस कार्रवाई से जिला अस्पताल की पूरी व्यवस्था चरमरा गई है और मरीजों का इलाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है, क्योंकि हटाए गए कर्मचारियों की संख्या से दोगुने स्टाफ की अस्पताल को आवश्यकता है। इस फैसले से परमानेंट यूनियनों में भारी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि पहले से ही स्टाफ की कमी थी, और अब जब व्यवस्था थोड़ी सुधरी थी, सरकार ने उसे फिर से खराब कर दिया है। इसके चलते मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है, इलाज को लेकर मरीजों के साथ रोज झगड़े हो रहे हैं, और हालात बिगड़ने में देर नहीं लग रही, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है। राजमेश कर्मचारियों को हटाने के विरोध में परमानेंट नर्सिंग कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी जिला अस्पताल में कार्य बहिष्कार प्रदर्शन जारी रखा। जिला अध्यक्ष महेंद्र मीना ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार राजमेश कर्मचारियों को जल्द से जल्द वापस उनकी ड्यूटी पर नहीं रखती है, तो यह कार्य बहिष्कार और तेज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस आंदोलन को शीघ्र ही प्रदेशव्यापी बनाया जाएगा, क्योंकि राजस्थान के सभी जिलों में नर्सिंग ऑफिसर और लैब टेक्नीशियन को हटाया गया है, जो नर्सिंग के अधिकारों का हनन है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस लड़ाई को 'स्वाभिमान की लड़ाई' बताते हुए सरकार को नर्सिंग ऑफिसर को हल्के में न लेने की बात कही और दृढ़ता से आंदोलन लड़ने तथा हटाए गए साथियों को वापस लगवाने का संकल्प लिया। जिला अस्पताल में कार्य बहिष्कार तब तक जारी रहेगा जब तक हटाए गए राजमेश कर्मचारियों को बहाल नहीं किया जाता। इस प्रदर्शन में बने सिंह, कुमेश कुंजेला, सत्यनारायण मीणा, सतीश मीणा, गायत्री गुप्ता, रामकेश मीणा, मनीष शर्मा, पुरण बैरवा, रामावतार मीणा, अनीता सवारियां, अनीता, सीमा, दिनेश बैरवा, धीरज बैसला और अन्य राजमेश कर्मचारी शामिल रहे।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • मौसम विभाग द्वारा कई जिलों में भारी बारिश, मेघ गर्जना और ओलावृष्टि के लिए अलर्ट जारी किए जाने के बाद, दौसा के सैंथल उपखंड क्षेत्र में आज शाम करीब 5:00 बजे तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई। नौतपा की समाप्ति के बाद से पड़ रही भीषण गर्मी से जूझ रहे ग्रामीणों को इस बारिश के कारण पूरे उपखंड क्षेत्र में ठंडक मिली और उन्हें काफी राहत महसूस हुई। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए भी भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है।
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    मौसम विभाग द्वारा कई जिलों में भारी बारिश, मेघ गर्जना और ओलावृष्टि के लिए अलर्ट जारी किए जाने के बाद, दौसा के सैंथल उपखंड क्षेत्र में आज शाम करीब 5:00 बजे तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई। नौतपा की समाप्ति के बाद से पड़ रही भीषण गर्मी से जूझ रहे ग्रामीणों को इस बारिश के कारण पूरे उपखंड क्षेत्र में ठंडक मिली और उन्हें काफी राहत महसूस हुई। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए भी भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है।
    user_Mukesh Kumar Saini
    Mukesh Kumar Saini
    Electrician सैंथल, दौसा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • आमेर निवासी हमारे भाई सुनील जी सैनी को उनके जन्मदिन के अवसर पर ढेर सारी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी गई हैं।
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    आमेर निवासी हमारे भाई सुनील जी सैनी को उनके जन्मदिन के अवसर पर ढेर सारी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी गई हैं।
    user_Yogesh Kumar Gupta
    Yogesh Kumar Gupta
    पत्रकार बस्सी, जयपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • देश के अविराम विकास को बनाए रखने, सुरक्षा सुनिश्चित करने और नई पीढ़ियों के हित साधने के लिए बीजेपी को ही चुनने का आह्वान किया गया है। कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसे देशविरोधी और देशद्रोहियों का साथ देने वाली पार्टी बताया गया है, जो कथित तौर पर रात को तीन बजे कोर्ट खुलवाकर आतंकवादियों को जमानत दिलाती है।
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    देश के अविराम विकास को बनाए रखने, सुरक्षा सुनिश्चित करने और नई पीढ़ियों के हित साधने के लिए बीजेपी को ही चुनने का आह्वान किया गया है। कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसे देशविरोधी और देशद्रोहियों का साथ देने वाली पार्टी बताया गया है, जो कथित तौर पर रात को तीन बजे कोर्ट खुलवाकर आतंकवादियों को जमानत दिलाती है।
    user_दौलत राम शर्मा शास्त्री
    दौलत राम शर्मा शास्त्री
    Voice of people आंधी, जयपुर, राजस्थान•
    34 min ago
  • जयपुर में प्रांतीय वैष्णव ब्राह्मण समाज द्वारा एक महिला अधिवेशन का आयोजन किया गया। इस अधिवेशन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया, जहाँ समाज में फैली कुरीतियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
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    जयपुर में प्रांतीय वैष्णव ब्राह्मण समाज द्वारा एक महिला अधिवेशन का आयोजन किया गया। इस अधिवेशन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया, जहाँ समाज में फैली कुरीतियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
    user_Rakesh Kumar Swami
    Rakesh Kumar Swami
    सांगानेर, जयपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • माता-पिता का वृद्धाश्रमों में रहना समाज और परिवारों के लिए एक समस्या बनकर उभरा है। इस स्थिति को एक सामाजिक और पारिवारिक समस्या के रूप में देखा जा रहा है।
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    माता-पिता का वृद्धाश्रमों में रहना समाज और परिवारों के लिए एक समस्या बनकर उभरा है। इस स्थिति को एक सामाजिक और पारिवारिक समस्या के रूप में देखा जा रहा है।
    user_Pawan sharma
    Pawan sharma
    Court reporter जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • दौसा जिले के सैंथल पुलिस थाने पर रविवार को 'संडे ऑन साइकिल' कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन दौसा जिला पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित के आह्वान पर 'फिट राजस्थान' अभियान के तहत किया गया था, जिसका मुख्य लक्ष्य लोगों को स्वस्थ रहने, फिट रहने, पर्यावरण बचाने और सड़क सुरक्षा अपनाने का महत्वपूर्ण संदेश देना था। सैंथल थानाधिकारी रविंद्र चौधरी के नेतृत्व में हुई इस साइकिल रैली का उद्देश्य स्वस्थ शरीर, पर्यावरण संरक्षण और यातायात नियमों के पालन के प्रति जन-जन तक जागरूकता फैलाना था। इस रैली में सैंथल गांव के सैकड़ों ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और पुलिसकर्मियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। इस अवसर पर, सैंथल थानाधिकारी रविंद्र चौधरी ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए बताया कि नियमित साइकिल चलाने से शरीर स्वस्थ रहता है और कई बीमारियाँ दूर रहती हैं। उन्होंने लोगों को सुबह-शाम योग करने, घूमने और अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने की भी सलाह दी। इसके अतिरिक्त, चौधरी ने सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने और पुलिस का सहयोग करने की अपील की। इस कार्यक्रम में थानाधिकारी रविंद्र चौधरी के साथ एएसआई शिवदास शर्मा, एएसआई बनवारी लाल और कांस्टेबल कमलेश शर्मा सहित कई ग्रामीण जैसे अशोक शर्मा, संजय सैनी, महेश सैनी, विनोद बयाडवाल, सोनू जांगिड़ और ख्याली गुर्जर उपस्थित रहे।
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    दौसा जिले के सैंथल पुलिस थाने पर रविवार को 'संडे ऑन साइकिल' कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन दौसा जिला पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित के आह्वान पर 'फिट राजस्थान' अभियान के तहत किया गया था, जिसका मुख्य लक्ष्य लोगों को स्वस्थ रहने, फिट रहने, पर्यावरण बचाने और सड़क सुरक्षा अपनाने का महत्वपूर्ण संदेश देना था। सैंथल थानाधिकारी रविंद्र चौधरी के नेतृत्व में हुई इस साइकिल रैली का उद्देश्य स्वस्थ शरीर, पर्यावरण संरक्षण और यातायात नियमों के पालन के प्रति जन-जन तक जागरूकता फैलाना था।

इस रैली में सैंथल गांव के सैकड़ों ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और पुलिसकर्मियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। इस अवसर पर, सैंथल थानाधिकारी रविंद्र चौधरी ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए बताया कि नियमित साइकिल चलाने से शरीर स्वस्थ रहता है और कई बीमारियाँ दूर रहती हैं। उन्होंने लोगों को सुबह-शाम योग करने, घूमने और अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने की भी सलाह दी। इसके अतिरिक्त, चौधरी ने सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने और पुलिस का सहयोग करने की अपील की।

इस कार्यक्रम में थानाधिकारी रविंद्र चौधरी के साथ एएसआई शिवदास शर्मा, एएसआई बनवारी लाल और कांस्टेबल कमलेश शर्मा सहित कई ग्रामीण जैसे अशोक शर्मा, संजय सैनी, महेश सैनी, विनोद बयाडवाल, सोनू जांगिड़ और ख्याली गुर्जर उपस्थित रहे।
    user_Mukesh Kumar Saini
    Mukesh Kumar Saini
    Electrician सैंथल, दौसा, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • बस्सी क्षेत्र में स्थित बंशीधर भगवान के मंदिर के समीप आए आंधी तूफान के कारण विद्युत पोल और कई पेड़ गिर गए। इस घटना की जानकारी गौरव खंडेलवाल ने दी है।
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    बस्सी क्षेत्र में स्थित बंशीधर भगवान के मंदिर के समीप आए आंधी तूफान के कारण विद्युत पोल और कई पेड़ गिर गए। इस घटना की जानकारी गौरव खंडेलवाल ने दी है।
    user_Yogesh Kumar Gupta
    Yogesh Kumar Gupta
    पत्रकार बस्सी, जयपुर, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने खुलासा किया है कि वह कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना चाहते थे, लेकिन उन्हें इस पद तक पहुँचने से रोकने के लिए एक साजिश रची गई थी। गहलोत ने यह भी स्वीकार किया कि उस समय उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने का मोह था, हालांकि अब वह दौर बीत चुका है। गहलोत के इस बयान को राजस्थान कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और वर्ष 2022 के कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। उस समय उनके कांग्रेस अध्यक्ष बनने की अटकलें काफी तेज़ थीं, लेकिन राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन से संबंधित राजनीतिक घटनाक्रम के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई थी। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, गहलोत का यह बयान कांग्रेस के भीतर चले आ रहे पुराने शक्ति संघर्ष की याद दिलाता है। खास बात यह रही कि आमतौर पर शांत और संयमित रहने वाले गहलोत इस मुद्दे पर काफी भावुक और दबाव में दिखे, जिससे उनके मन की पीड़ा स्पष्ट रूप से झलकती दिखाई दी।
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    राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने खुलासा किया है कि वह कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना चाहते थे, लेकिन उन्हें इस पद तक पहुँचने से रोकने के लिए एक साजिश रची गई थी। गहलोत ने यह भी स्वीकार किया कि उस समय उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने का मोह था, हालांकि अब वह दौर बीत चुका है।

गहलोत के इस बयान को राजस्थान कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और वर्ष 2022 के कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। उस समय उनके कांग्रेस अध्यक्ष बनने की अटकलें काफी तेज़ थीं, लेकिन राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन से संबंधित राजनीतिक घटनाक्रम के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई थी।

राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, गहलोत का यह बयान कांग्रेस के भीतर चले आ रहे पुराने शक्ति संघर्ष की याद दिलाता है। खास बात यह रही कि आमतौर पर शांत और संयमित रहने वाले गहलोत इस मुद्दे पर काफी भावुक और दबाव में दिखे, जिससे उनके मन की पीड़ा स्पष्ट रूप से झलकती दिखाई दी।
    user_Isha sharma
    Isha sharma
    Jaipur, Rajasthan•
    2 hrs ago
  • बीकानेर के ग्रामीण क्षेत्र में स्थित एक सरकारी स्कूल की बदहाल स्थिति ने शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल भवन की हालत इतनी खराब है कि यदि इस समय ग्रीष्मकालीन अवकाश नहीं होता, तो कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों की जान को खतरा हो सकता था। यह स्थिति तब है जब राजस्थान में पिछले वर्ष भी कई स्कूल भवन हादसों का शिकार हुए थे। सबसे दर्दनाक घटना झालावाड़ जिले के पिपलोद गांव में सामने आई थी, जहाँ स्कूल भवन का एक हिस्सा ढह जाने से सात बच्चों की मौत हो गई थी। इस भयावह हादसे के बाद राज्यभर में जर्जर स्कूल भवनों की जांच और मरम्मत के निर्देश जारी किए गए थे, और सरकार ने कई स्कूलों के लिए मरम्मत कार्यों के टेंडर भी निकाले थे। इसके बावजूद, बीकानेर के इस स्कूल की तस्वीरें और मौजूदा हालात यह दर्शाते हैं कि जमीनी स्तर पर अभी भी कई विद्यालय गंभीर जोखिम में हैं। मानसून शुरू होने से पहले ही यदि स्कूलों की यह स्थिति है, तो बरसात के मौसम में इन जर्जर भवनों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बारिश से पहले सभी जर्जर स्कूल भवनों का सर्वे कराया जाए और आवश्यक मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी बड़े हादसे को टाला जा सके।
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    बीकानेर के ग्रामीण क्षेत्र में स्थित एक सरकारी स्कूल की बदहाल स्थिति ने शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल भवन की हालत इतनी खराब है कि यदि इस समय ग्रीष्मकालीन अवकाश नहीं होता, तो कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों की जान को खतरा हो सकता था।

यह स्थिति तब है जब राजस्थान में पिछले वर्ष भी कई स्कूल भवन हादसों का शिकार हुए थे। सबसे दर्दनाक घटना झालावाड़ जिले के पिपलोद गांव में सामने आई थी, जहाँ स्कूल भवन का एक हिस्सा ढह जाने से सात बच्चों की मौत हो गई थी। इस भयावह हादसे के बाद राज्यभर में जर्जर स्कूल भवनों की जांच और मरम्मत के निर्देश जारी किए गए थे, और सरकार ने कई स्कूलों के लिए मरम्मत कार्यों के टेंडर भी निकाले थे।

इसके बावजूद, बीकानेर के इस स्कूल की तस्वीरें और मौजूदा हालात यह दर्शाते हैं कि जमीनी स्तर पर अभी भी कई विद्यालय गंभीर जोखिम में हैं। मानसून शुरू होने से पहले ही यदि स्कूलों की यह स्थिति है, तो बरसात के मौसम में इन जर्जर भवनों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बारिश से पहले सभी जर्जर स्कूल भवनों का सर्वे कराया जाए और आवश्यक मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी बड़े हादसे को टाला जा सके।
    user_Isha sharma
    Isha sharma
    Jaipur, Rajasthan•
    1 hr ago
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