मढ़ई में आयोजित की गई स्थानीय सलाहकार समिति की बैठक, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की पर्यटन रणनीति की समीक्षा की गई मढ़ई में आयोजित की गई स्थानीय सलाहकार समिति की बैठक, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की पर्यटन रणनीति की समीक्षा की गई सतपुड़ा टाइगर रिजर्व मढ़ई में स्थानीय सलाहकार समिति की बैठक नर्मदापुरम संभाग के कमिश्नर कृष्ण गोपाल तिवारी की अध्यक्षता में गुरुवार शाम 5 बजे संपन्न हुई। बैठक में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों, पर्यावरण संरक्षण तथा स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार के अवसरों को लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में वन्यप्राणी गलियारों के महत्व एवं पारिस्थितिकी सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की सीमा के निकट भवन एवं अन्य अधोसंरचनाओं के निर्माण के लिए आवश्यक मापदंड निर्धारित किए जाने पर समिति द्वारा सर्वसम्मति व्यक्त की गई। साथ ही संरक्षित क्षेत्र की सीमा के निकट पर्यटन सुविधाओं के पर्यावरण के अनुकूल विस्तार, पर्यटन से रोजगार प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की संख्या तथा इसके संभावित दुष्प्रभावों के न्यूनीकरण एवं पुनर्संयोजन के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
मढ़ई में आयोजित की गई स्थानीय सलाहकार समिति की बैठक, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की पर्यटन रणनीति की समीक्षा की गई मढ़ई में आयोजित की गई स्थानीय सलाहकार समिति की बैठक, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की पर्यटन रणनीति की समीक्षा की गई सतपुड़ा टाइगर रिजर्व मढ़ई में स्थानीय सलाहकार समिति की बैठक नर्मदापुरम संभाग के कमिश्नर कृष्ण गोपाल तिवारी की अध्यक्षता में गुरुवार शाम 5 बजे संपन्न हुई। बैठक में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों, पर्यावरण संरक्षण तथा स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार के अवसरों को लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में वन्यप्राणी गलियारों के महत्व एवं पारिस्थितिकी सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की सीमा के निकट भवन एवं अन्य अधोसंरचनाओं के निर्माण के लिए आवश्यक मापदंड निर्धारित किए जाने पर समिति द्वारा सर्वसम्मति व्यक्त की गई। साथ ही संरक्षित क्षेत्र की सीमा के निकट पर्यटन सुविधाओं के पर्यावरण के अनुकूल विस्तार, पर्यटन से रोजगार प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की संख्या तथा इसके संभावित दुष्प्रभावों के न्यूनीकरण एवं पुनर्संयोजन के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
- Post by ABDUL1
- https://youtu.be/qyNil3cNtVE?si=8uUcHq4j2d54tPPK Gadarwara बुजुर्ग दंपति की रहस्यमय मौत,हत्या की जताई जा रही आशंका,मौके पर पहुंचे पुलिस कप्तान1
- नर्मदापुरम जिले की सिवनी मालवा तहसील क्षेत्र के दो किसान अपनी समस्याओं को लेकर पैदल ही भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास के लिए निकल पड़े थे। किसानों का कहना था कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कई बार आवेदन दे चुके हैं। मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से संपर्क कर उनकी समस्याओं को सुना और नियमानुसार समाधान का आश्वासन दिया। अधिकारियों की समझाइश के बाद दोनों किसान अपनी पैदल यात्रा को आगे न बढ़ाते हुए वापस गांव लौटने के लिए तैयार हो गए।1
- गैस संकट पर संसद में गरमाई सियासत, विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन न्यूज़: नई दिल्ली। देश में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कथित कमी, बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में आ रही बाधाओं को लेकर संसद परिसर में विपक्ष ने जोरदार प्रदर्शन किया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के कई सांसद प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान सांसद अपने साथ चूल्हा और कढ़ाई लेकर संसद परिसर पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में कमी के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विपक्ष ने केंद्र सरकार से मांग की कि गैस सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और कीमतों में राहत देकर आम लोगों को राहत दी जाए। वहीं सरकार की ओर से कहा गया है कि एलपीजी की आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।1
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- रायसेन किले से रमजान के दौरान दागी जाने वाली तोप को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। गुरुवार को मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने किले की पहाड़ी पर पहुंचकर तोप का निरीक्षण किया और बिना NOC तोप चलाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने चेतावनी दी है1
- रायसेन किले की तोप चलाने पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने जताई आपत्ति रायसेन। राष्ट्रीय मानव अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने रायसेन किले का भ्रमण कर वहां से चलाई जाने वाली पारंपरिक तोप पर गहरी चिंता व्यक्त की है। श्री कानूनगो ने इस प्रक्रिया को जनसुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताते हुए इस पर आधिकारिक आपत्ति दर्ज कराई है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि जिस स्थान से तोप का गोला दागा जाता है, उसके ठीक नीचे घनी मानव बसाहट है। उन्होंने कहा कि "तोप चलाने से न केवल ध्वनि प्रदूषण होता है, बल्कि किसी भी तकनीकी चूक की स्थिति में नीचे रह रहे नागरिकों का जीवन संकट में पड़ सकता है।" कानूनगो ने स्पष्ट किया कि परंपराओं के नाम पर मानव जीवन को जोखिम में नहीं डाला जा सकता। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को इस संबंध में सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने और उचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।1
- Post by PS24NEWS1
- Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली1