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छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने महान लोक कलाकार एवं विश्वविख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। किरण सिंह देव ने तीजन बाई के योगदान को याद करते हुए कहा कि वह केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर थीं। अपनी विलक्षण पंडवानी गायन शैली और लोककला के प्रति समर्पण से उन्होंने छत्तीसगढ़ का गौरव विश्वभर में बढ़ाया। उनका जीवन संघर्ष, साधना और संस्कृति के संरक्षण का एक प्रेरणादायी उदाहरण है। छत्तीसगढ़ की इस महान विभूति को शत्-शत् नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि दी गई है।
Pradesh Khabar News Network
छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने महान लोक कलाकार एवं विश्वविख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। किरण सिंह देव ने तीजन बाई के योगदान को याद करते हुए कहा कि वह केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर थीं। अपनी विलक्षण पंडवानी गायन शैली और लोककला के प्रति समर्पण से उन्होंने छत्तीसगढ़ का गौरव विश्वभर में बढ़ाया। उनका जीवन संघर्ष, साधना और संस्कृति के संरक्षण का एक प्रेरणादायी उदाहरण है। छत्तीसगढ़ की इस महान विभूति को शत्-शत् नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि दी गई है।
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- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के परसा में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है और आसमान बिल्कुल साफ हो गया है। बारिश ने अपनी करवट बदल ली है, जिससे अब ऐसा लग रहा है कि आने वाले दो-तीन या चार सप्ताह तक पानी नहीं बरसेगा। मौसम के इस बदले रुख के कारण किसान भाइयों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। परसा के मौसम के हाल को देखकर यही लग रहा है कि आगामी एक-दो सप्ताह तक बारिश होने की कोई संभावना नहीं दिखाई दे रही है।1
- तीजन दीदी के शिष्यों ने अपनी आदरणीय गुरु को "मोर मालिक सीता राम..." की भावपूर्ण स्वर लहरियों के साथ अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की है। शिष्यों का कहना है कि दीदी ने उन्हें न केवल लोककला सिखाई, बल्कि संस्कृति, समर्पण और जीवन के मूल्यों का भी पाठ पढ़ाया। उन्होंने अत्यंत भावुक होकर कहा कि उनकी आदरणीय गुरु की स्मृतियाँ, उनकी सीख और उनकी आवाज़ हमेशा उनके दिलों में जीवित रहेंगी।1
- छत्तीसगढ़ के जशपुर में पुलिस ने 'ऑपरेशन आघात' के तहत एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस बड़ी सफलता के दौरान पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 552 किलो गांजा बरामद करने के साथ ही तीन कारें भी जब्त की हैं। जशपुर पुलिस द्वारा जब्त की गई इस पूरी खेप और वाहनों की कुल कीमत ₹1.20 करोड़ से अधिक बताई जा रही है।1
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ (उदयपुर) में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद एक महिला के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद इस मामले में यह कार्रवाई अमल में लाई गई है।1
- छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में बाल संप्रेक्षण गृह से 13 अपचारी बालक फरार हो गए हैं। इस संप्रेक्षण गृह से महज एक महीने के भीतर यह दूसरी बार है जब एक साथ 13 बालक भागने में सफल रहे हैं।1
- छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र के आरंभ में मंत्री राजेश अग्रवाल ने महान लोक कलाकार एवं विश्वविख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि तीजन बाई ने अपनी विलक्षण प्रतिभा और लोककला के प्रति समर्पण से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाई है। उनका यह अमूल्य योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने तीजन बाई को नमन करते हुए कहा कि उनकी कला और विरासत सदैव अमर रहेगी।1
- सरगुजा के परसा में आज आसमान में बहुत ज्यादा बादल छाए हुए हैं और हल्की बूंदाबांदी हो रही है। मौसम के इस हाल की वजह से किसान भाइयों के लिए परेशानी धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है क्योंकि फसल करने का समय भी निकलता जा रहा है। ऐसा लग रहा है कि अगले दो-चार दिन मौसम का मिजाज ऐसे ही बना रहेगा, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।1
- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गृह जिले जशपुर के पत्थलगांव थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को तार-तार करने वाली एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ पुलिस बल और खुद एसडीओपी (SDOP) ध्रुवेश जायसवाल की मौजूदगी में सत्ता से जुड़े कथित भू-माफियाओं और गुंडों ने थाने के भीतर पत्रकार अमित पांडेय की बेरहमी से पिटाई कर दी। अमित पांडेय का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने एक बेबस परिवार की बेशकीमती जमीन को फर्जीवाड़े से हड़पने और विरोध करने पर भू-स्वामी की हत्या करने वाले कथित भू-माफियाओं के काले कारनामों को उजागर किया था। इस घटना के बाद से ही लोग बेहद आक्रोशित हैं और सोशल मीडिया पर #JusticeForAmitPandey और #पत्थलगांव_गुंडाराज के साथ न्याय की मांग कर रहे हैं। पीड़ित परिवार पिछले 15 वर्षों से घुट-घुट कर जीने को मजबूर था और अमित पांडेय की खबरों से उनके भीतर न्याय की उम्मीद जगी थी। लेकिन कोयला चोरी, अवैध रेत खनन, नकली बीज बेचने और सौ करोड़ की सरकारी व निजी जमीनें हड़पने के धंधे में डूबे रसूखदारों ने पुलिस को अपनी 'प्राइवेट सिक्योरिटी' की तरह इस्तेमाल किया। रसूखदारों ने पत्रकार का हौसला तोड़ने के लिए उन पर रंगदारी और वसूली (Extortion) के झूठे केस थोपने की धमकी देकर चरित्र हनन की घटिया साजिश रची। इस संकट की घड़ी में प्रेस क्लब के कुछ दलाल भी पीड़ित पत्रकार के साथ खड़े होने के बजाय सत्ता और रसूखदारों की चाटुकारिता में व्यस्त रहे। इस पूरी वारदात ने सुशासन के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं और लोग व्यवस्था को #सुशासन_या_जंगलराज का नाम दे रहे हैं। इस घिनौने कांड में सबसे संदिग्ध भूमिका एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल की मानी जा रही है, जिन पर साजिश के तहत पत्रकार को थाने बुलाकर अपराधियों से पिटवाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। ध्रुवेश जायसवाल का इतिहास पहले भी दागी रहा है। बलरामपुर (वाड्रफनगर) कार्यकाल के दौरान भी उन्होंने कोयला-रेत माफिया और पुलिसिया सांठगांठ को उजागर करने वाले निर्भीक पत्रकारों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजा था, जिसके बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को इनके खिलाफ जांच के निर्देश देने पड़े थे। इसके अलावा, सरगुजा पदस्थापना के दौरान आदिवासियों (विशेषकर पहाड़ी कोरवाओं) का हक डकारने वाले भ्रष्ट एनजीओ को मूक संरक्षण देने में भी इनकी कार्यप्रणाली संदिग्ध रही थी। यही कारण है कि अब आक्रोशित जनता सीधे तौर पर #SuspendDhruveshJaiswal की मांग कर रही है। इस पूरे मामले में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी सिर्फ सोशल मीडिया की 'टॉइलट एक्टिविज्म' तक ही सीमित नजर आ रही है। आरोप है कि पत्थलगांव के इन 'सेठों' के तार कांग्रेस के बड़े नेताओं से भी जुड़े हैं, जिसके चलते पार्टी केवल औपचारिकता निभा रही है। छत्तीसगढ़ की राजनीति का सबसे बड़ा विरोधाभास तब सामने आया जब सरगुजा संभाग के कद्दावर नेता और पीसीसी चीफ की दौड़ में शामिल टी.एस. सिंहदेव (टीएस बाबा) ने अपने ही क्षेत्र में हुई इस अमानवीय घटना पर पूरी तरह चुप्पी साध ली। लोग अब सवाल पूछ रहे हैं कि क्या 'महाराज' ने सेठों के रसूख के आगे घुटने टेक दिए हैं, और इसीलिए सोशल मीडिया पर #TS_Singhdeo_Silent_Why की गूंज सुनाई दे रही है। जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं और विपक्ष मूकदर्शक बना रहे, तब यह लड़ाई सीधे जनता बनाम व्यवस्था की बन जाती है।3