Shuru
Apke Nagar Ki App…
सरगुजा के परसा में आज आसमान में बहुत ज्यादा बादल छाए हुए हैं और हल्की बूंदाबांदी हो रही है। मौसम के इस हाल की वजह से किसान भाइयों के लिए परेशानी धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है क्योंकि फसल करने का समय भी निकलता जा रहा है। ऐसा लग रहा है कि अगले दो-चार दिन मौसम का मिजाज ऐसे ही बना रहेगा, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
Hira Ratan Sarthi
सरगुजा के परसा में आज आसमान में बहुत ज्यादा बादल छाए हुए हैं और हल्की बूंदाबांदी हो रही है। मौसम के इस हाल की वजह से किसान भाइयों के लिए परेशानी धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है क्योंकि फसल करने का समय भी निकलता जा रहा है। ऐसा लग रहा है कि अगले दो-चार दिन मौसम का मिजाज ऐसे ही बना रहेगा, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- सरगुजा के परसा में आज आसमान में बहुत ज्यादा बादल छाए हुए हैं और हल्की बूंदाबांदी हो रही है। मौसम के इस हाल की वजह से किसान भाइयों के लिए परेशानी धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है क्योंकि फसल करने का समय भी निकलता जा रहा है। ऐसा लग रहा है कि अगले दो-चार दिन मौसम का मिजाज ऐसे ही बना रहेगा, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।1
- रायपुर में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष माननीय श्री किरण सिंह देव जी की सहमति से भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा, छत्तीसगढ़ द्वारा जिला प्रभारी एवं सह-प्रभारी की घोषणा की गई है। घोषित सूची के अनुसार, वर्तमान में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा छत्तीसगढ़ के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी का दायित्व संभाल रहे रेहान रज़ा को कोरिया जिले का जिला प्रभारी नियुक्त किया गया है। संगठन ने उनकी सक्रिय कार्यशैली, संगठन के प्रति समर्पण और अनुभव को देखते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी नेतृत्व ने विश्वास जताया है कि रेहान रज़ा कोरिया जिले में संगठन को और अधिक मजबूत करेंगे तथा पार्टी की नीतियों व जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उनकी इस नियुक्ति पर अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने बधाई व शुभकामनाएँ दी हैं। अपनी नियुक्ति पर पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए नवनियुक्त कोरिया जिला प्रभारी रेहान रज़ा ने कहा कि पार्टी ने उन पर जो विश्वास जताया है, उसके लिए वह प्रदेश नेतृत्व और संगठन का हृदय से धन्यवाद करते हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वह सौंपी गई जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे। इसके साथ ही, वे संगठन को मजबूत बनाने, पार्टी की विचारधारा और जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुँचाने तथा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर पूरी मेहनत व भरोसे के साथ कार्य करते रहेंगे।1
- नई दिल्ली के भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में देश के विकास, सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सहयोगी दलों से एकजुट होकर जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और विकास की गति को और तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मूल संकल्प के साथ आगे बढ़ने पर विशेष जोर दिया। इस बैठक के बाद देश के विकास की दिशा में क्या प्रभाव पड़ेगा, इसे लेकर लोगों से कमेंट में अपनी राय साझा करने के लिए भी कहा गया है।1
- अंबिकापुर के गांधी नगर के पास स्थित कोयतूर बाजार में आदिवासी साहित्य, संस्कृति और आभूषणों सहित सभी प्रकार की सामग्रियां उपलब्ध हैं। यहां आने वाले लोगों के लिए आदिवासी संस्कृति और साहित्य से जुड़ी विभिन्न सामग्रियां एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गई हैं।1
- छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा लाया गया स्थगन प्रस्ताव अध्यक्ष द्वारा अस्वीकार किए जाने के बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ। इस फैसले के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के गर्भगृह (वेल) में पहुंचकर जोरदार नारेबाजी की और अपना विरोध प्रदर्शित किया। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान नियमों का उल्लंघन करते हुए गर्भगृह में प्रवेश कर नारेबाजी करने के कारण संबंधित कांग्रेस विधायक विधानसभा के नियमों के तहत स्वतः निलंबित हो गए। इस हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही भी कुछ समय के लिए प्रभावित रही। इस पूरे विवाद पर विपक्ष ने सरकार पर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी तरफ, सत्ता पक्ष ने कांग्रेस विधायकों के इस प्रदर्शन को नियमों के विरुद्ध बताते हुए उनके खिलाफ हुई कार्रवाई को उचित ठहराया है।1
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ (उदयपुर) में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद एक महिला के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद इस मामले में यह कार्रवाई अमल में लाई गई है।1
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर में आज मौसम खराब रहने और दिन भर बादल छाए रहने की आशंका बनी हुई है। इलाके में वर्तमान में हल्की-हल्की बारिश आ रही है, जिससे ऐसा लग रहा है कि आज या कल किसान भाइयों की फसल फिर लाने लगेगी।1
- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गृह जिले जशपुर के पत्थलगांव थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए पुलिस की मौजूदगी में पत्रकार अमित पांडेय की बेरहमी से पिटाई का बेहद संगीन मामला सामने आया है। एक बेबस परिवार की बेशकीमती जमीन को फर्जीवाड़े से हड़पने और विरोध करने पर भू-स्वामी की हत्या करने वाले कथित भू-माफियाओं का पर्दाफाश करने की सजा पत्रकार को इस तरह भुगतनी पड़ी है। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे सूबे में 'सुशासन' के दावों की धज्जियां उड़ गई हैं और इलाके की न्यायप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि थाने के भीतर, पुलिस बल और खुद एसडीओपी (SDOP) ध्रुवेश जायसवाल की मौजूदगी में सत्ता से जुड़े गुंडों ने पत्रकार के गिरेबान पर हाथ डाला और उन्हें बेरहमी से लहूलुहान कर दिया, जबकि कानून के रखवाले मूकदर्शक बनकर तमाशा देखते रहे। यह सवाल बेहद तेजी से उठ रहा है कि क्या खुद एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल ने ही भू-माफियाओं से साठगांठ कर साजिश के तहत पत्रकार को थाने बुलवाया था ताकि गुंडे पुलिस के 'सुरक्षित घेरे' में अपनी भड़ास निकाल सकें। एसडीओपी का इतिहास भी काफी दागदार रहा है; बलरामपुर (वाड्रफनगर) में पदस्थापना के दौरान भी उन पर कोयला-रेत माफिया से मिलकर निर्भीक पत्रकारों को फर्जी केस में फंसाने के आरोप लगे थे, जिसकी जांच के निर्देश मानवाधिकार आयोग (NHRC) को देने पड़े थे। इसके अलावा सरगुजा (अम्बिकापुर) कार्यकाल के दौरान आदिवासियों, विशेषकर पहाड़ी कोरवाओं के लाखों रुपये डकारने वाले भ्रष्ट एनजीओ को मूक संरक्षण देने के मामले में भी उनकी कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में रही थी। पत्थलगांव को रसूखदार व्यापारियों और 'सेठों' का गढ़ माना जाता है, जहाँ अरबों रुपये के जमीन फर्जीवाड़े, कोयला चोरी, अवैध रेत खनन और नकली बीज बेचने जैसे काले धंधे चलते हैं। जब पत्रकार अमित पांडेय ने इनके काले कारनामों को बेनकाब किया, तो इन रसूखदारों ने पुलिस को अपनी 'प्राइवेट सिक्योरिटी' की तरह इस्तेमाल किया। सच दिखाने वाले ईमानदार पत्रकार को डराने के लिए अब उन पर वसूली (Extortion) के झूठे केस थोपने की धमकी देकर चरित्र हनन की घटिया साजिशें रची जा रही हैं। इस संकट की घड़ी में भी सत्ता की चाटुकारिता करने वाले कुछ स्वयंभू पत्रकार और प्रेस क्लब के दलाल रसूखदारों के तलवे चाटने में व्यस्त हैं और पीड़ित पत्रकार के खिलाफ खड़े हैं। इस पूरे मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की भूमिका भी पूरी तरह रीढ़विहीन नजर आ रही है। कांग्रेस के बड़े नेता केवल अपने बंद कमरों में बैठकर सोशल मीडिया पर निंदा-प्रस्ताव के दो-चार पोस्ट डालकर कर्तव्य की इतिश्री कर रहे हैं, क्योंकि पत्थलगांव के इन 'सेठों' के तार कांग्रेस के बड़े नेताओं की जेबों से भी जुड़े हुए हैं। सबसे बड़ा विरोधाभास यह है कि सरगुजा संभाग से आने वाले कांग्रेस के कद्दावर नेता टी.एस. सिंहदेव (टीएस बाबा), जो इस समय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC Chief) बनने की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं, अपने ही क्षेत्र में हुई इतनी बड़ी वारदात पर पूरी तरह मौन साधे हुए हैं। सुशासन के नाम पर चल रहे इस नंगे नाच के खिलाफ अब सीधे 'जनता बनाम व्यवस्था' की जंग छिड़ गई है और लोग सोशल मीडिया पर आरोपी एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल को सस्पेंड करने की पुरजोर मांग कर रहे हैं।1