Shuru
Apke Nagar Ki App…
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा लाया गया स्थगन प्रस्ताव अध्यक्ष द्वारा अस्वीकार किए जाने के बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ। इस फैसले के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के गर्भगृह (वेल) में पहुंचकर जोरदार नारेबाजी की और अपना विरोध प्रदर्शित किया। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान नियमों का उल्लंघन करते हुए गर्भगृह में प्रवेश कर नारेबाजी करने के कारण संबंधित कांग्रेस विधायक विधानसभा के नियमों के तहत स्वतः निलंबित हो गए। इस हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही भी कुछ समय के लिए प्रभावित रही। इस पूरे विवाद पर विपक्ष ने सरकार पर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी तरफ, सत्ता पक्ष ने कांग्रेस विधायकों के इस प्रदर्शन को नियमों के विरुद्ध बताते हुए उनके खिलाफ हुई कार्रवाई को उचित ठहराया है।
रिपोर्टर छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा लाया गया स्थगन प्रस्ताव अध्यक्ष द्वारा अस्वीकार किए जाने के बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ। इस फैसले के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के गर्भगृह (वेल) में पहुंचकर जोरदार नारेबाजी की और अपना विरोध प्रदर्शित किया। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान नियमों का उल्लंघन करते हुए गर्भगृह में प्रवेश कर नारेबाजी करने के कारण संबंधित कांग्रेस विधायक विधानसभा के नियमों के तहत स्वतः निलंबित हो गए। इस हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही भी कुछ समय के लिए प्रभावित रही। इस पूरे विवाद पर विपक्ष ने सरकार पर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी तरफ, सत्ता पक्ष ने कांग्रेस विधायकों के इस प्रदर्शन को नियमों के विरुद्ध बताते हुए उनके खिलाफ हुई कार्रवाई को उचित ठहराया है।
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- आगरा स्थित ताजमहल घूमने आई अर्जेंटीना की एक विदेशी महिला उस समय असहज हो गई, जब साड़ी पहनने का अनुभव न होने के कारण उसकी साड़ी खुलने लगी। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात उत्तर प्रदेश पुलिस की महिला कांस्टेबल गुड्डी देवी ने बिना देर किए आगे बढ़कर महिला की साड़ी ठीक कराई और उसे सहज महसूस कराया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग महिला कांस्टेबल की संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय व्यवहार की जमकर सराहना कर रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे "अतिथि देवो भव" की भावना और भारतीय संस्कृति की खूबसूरत मिसाल बताया है। यह घटना न केवल पर्यटकों के प्रति यूपी पुलिस के सहयोगात्मक रवैये को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि छोटी-सी मदद किसी के लिए बड़ी राहत बन सकती है।1
- रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और पंडरी थाना पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई के दौरान शातिर हिस्ट्रीशीटर वाहन चोर अभिषेक राय उर्फ जीतू को गिरफ्तार किया है। 26 वर्षीय इस आरोपी के कब्जे से चोरी के तीन दोपहिया वाहन और वारदात में इस्तेमाल की गई एक बाइक समेत कुल चार वाहन बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 2 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ वाहन चोरी, चोरी और डकैती सहित 15 से अधिक आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि वह अपने भाई के साथ मिलकर पंडरी और विधानसभा सहित अलग-अलग क्षेत्रों से वाहनों की चोरी करता था और पकड़े जाने से बचने के लिए चोरी की गाड़ियों के नंबर प्लेट बदल देता था। इस मामले में आरोपी का भाई फिलहाल फरार चल रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।1
- चिरमिरी में यातायात अभियान के दौरान मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई है। इस विशेष अभियान के तहत कुल ₹60 हजार का जुर्माना लगाया गया है।1
- अंबिकापुर के गांधी नगर के पास स्थित कोयतूर बाजार में आदिवासी साहित्य, संस्कृति और आभूषणों सहित सभी प्रकार की सामग्रियां उपलब्ध हैं। यहां आने वाले लोगों के लिए आदिवासी संस्कृति और साहित्य से जुड़ी विभिन्न सामग्रियां एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गई हैं।1
- अनूपपुर जिले के अमरकंटक स्थित सोनमुंडा ग्लास स्काईवॉक पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए अत्याचार और दबंगई का अड्डा बन गया है। मां नर्मदा की पावन नगरी में नगर पालिका की आड़ में तैनात दर्जन भर से अधिक युवक यहां आने वाले श्रद्धालु परिवारों के साथ सरेआम बदतमीजी और बदसलूकी कर रहे हैं। शांति और दर्शन की चाह में आने वाले लोग अपने परिवारों के साथ होने के कारण इन दबंगों के दुर्व्यवहार को चुपचाप सहने के लिए मजबूर हैं। ये युवक न केवल पर्यटकों की जेब काट रहे हैं, बल्कि उनके सम्मान को भी ठेस पहुंचा रहे हैं। इस ग्लास स्काईवॉक पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है। 38 लाख रुपये के ठेके और 20 रुपये के टिकट के इस खेल में यात्रियों की सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। इतनी ऊंचाई पर बने स्काईवॉक पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए न तो कोई बचाव तंत्र (Safety System) मौजूद है और न ही कोई सुरक्षा सामग्री रखी गई है। हजारों की भारी भीड़ के बीच यदि कोई अनहोनी होती है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा, यह एक बड़ा यक्ष प्रश्न है। इस पूरी स्थिति ने नगर पालिका की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ठेका देते समय सुरक्षा मानकों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है। सुविधा के नाम पर रास्ता रोकना, यात्रियों को धमकाना और उनका अपमान करना ही अब यहां की हकीकत बन चुका है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि श्रद्धालुओं का सम्मान ठेकेदारों के हाथों बिक चुका है।1
- सरगुजा के परसा में आज आसमान में बहुत ज्यादा बादल छाए हुए हैं और हल्की बूंदाबांदी हो रही है। मौसम के इस हाल की वजह से किसान भाइयों के लिए परेशानी धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है क्योंकि फसल करने का समय भी निकलता जा रहा है। ऐसा लग रहा है कि अगले दो-चार दिन मौसम का मिजाज ऐसे ही बना रहेगा, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।1
- छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा लाया गया स्थगन प्रस्ताव अध्यक्ष द्वारा अस्वीकार किए जाने के बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ। इस फैसले के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के गर्भगृह (वेल) में पहुंचकर जोरदार नारेबाजी की और अपना विरोध प्रदर्शित किया। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान नियमों का उल्लंघन करते हुए गर्भगृह में प्रवेश कर नारेबाजी करने के कारण संबंधित कांग्रेस विधायक विधानसभा के नियमों के तहत स्वतः निलंबित हो गए। इस हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही भी कुछ समय के लिए प्रभावित रही। इस पूरे विवाद पर विपक्ष ने सरकार पर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी तरफ, सत्ता पक्ष ने कांग्रेस विधायकों के इस प्रदर्शन को नियमों के विरुद्ध बताते हुए उनके खिलाफ हुई कार्रवाई को उचित ठहराया है।1
- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के गृह ग्राम के जशपुर पुलिस स्टेशन का एक हैरान करने वाला नजारा सामने आया है, जो किसी साउथ फिल्म के दृश्य जैसा लग रहा है। इस स्थिति पर तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए सवाल उठाया गया है कि क्या यह उचित है और क्या राज्य में अब कोई नियम-कानून बच भी गया है या नहीं। पुलिस का मनोबल गिरने से बचाने के लिए सरकार से पुरजोर मांग की गई है कि वह ऐसे लोगों के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी करे ताकि पुलिस का मनोबल कम न होने पाए।1