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चिरमिरी में यातायात अभियान के दौरान मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई है। इस विशेष अभियान के तहत कुल ₹60 हजार का जुर्माना लगाया गया है।
Sawan kumar
चिरमिरी में यातायात अभियान के दौरान मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई है। इस विशेष अभियान के तहत कुल ₹60 हजार का जुर्माना लगाया गया है।
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- चिरमिरी में यातायात अभियान के दौरान मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई है। इस विशेष अभियान के तहत कुल ₹60 हजार का जुर्माना लगाया गया है।1
- एमसीबी के चिरमिरी में पुलिस ने विशेष यातायात जांच अभियान चलाकर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। गोदरीपारा, डोमनहिल और हल्दीबाड़ी सहित प्रमुख चौक-चौराहों पर की गई जांच के दौरान 40 से 50 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिनसे कुल ₹60,000 का समन शुल्क वसूला गया। इस अभियान के तहत तेज आवाज वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगे तीन दोपहिया वाहनों के अवैध साइलेंसर जब्त किए गए और उन पर ₹15,000 का जुर्माना लगाया गया। इसके साथ ही, बिना सीट बेल्ट, फिटनेस प्रमाण-पत्र और आवश्यक दस्तावेजों के बिना वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई की गई। कार्रवाई के बीच नियमों का पालन करने वाले लोगों को प्रोत्साहित भी किया गया। अभियान के दौरान हेलमेट पहनकर यातायात नियमों का पालन करने वाले वाहन चालकों को गुलाब का फूल देकर सम्मानित किया गया। थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस द्वारा इस तरह के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।2
- सूरजपुर जिले का सोनगरा मार्केट अपनी सादगी और जीवंत माहौल के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस ग्रामीण बाजार में रोजमर्रा की जरूरत का लगभग हर सामान और ताज़ी सब्जियां बेहद वाजिब और उचित दामों पर आसानी से मिल जाती हैं। यहां का सरल माहौल, लोगों की सहज सादगी और बाजार की रौनक लोगों को बेहद पसंद आ रही है। इसके साथ ही, सोनगरा के स्थानीय निवासियों और इस बाजार का दौरा कर चुके लोगों से अपने अनुभव व विचार साझा करने की अपील भी की गई है।1
- अनूपपुर जिले के अमरकंटक स्थित सोनमुंडा ग्लास स्काईवॉक पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए अत्याचार और दबंगई का अड्डा बन गया है। मां नर्मदा की पावन नगरी में नगर पालिका की आड़ में तैनात दर्जन भर से अधिक युवक यहां आने वाले श्रद्धालु परिवारों के साथ सरेआम बदतमीजी और बदसलूकी कर रहे हैं। शांति और दर्शन की चाह में आने वाले लोग अपने परिवारों के साथ होने के कारण इन दबंगों के दुर्व्यवहार को चुपचाप सहने के लिए मजबूर हैं। ये युवक न केवल पर्यटकों की जेब काट रहे हैं, बल्कि उनके सम्मान को भी ठेस पहुंचा रहे हैं। इस ग्लास स्काईवॉक पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है। 38 लाख रुपये के ठेके और 20 रुपये के टिकट के इस खेल में यात्रियों की सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। इतनी ऊंचाई पर बने स्काईवॉक पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए न तो कोई बचाव तंत्र (Safety System) मौजूद है और न ही कोई सुरक्षा सामग्री रखी गई है। हजारों की भारी भीड़ के बीच यदि कोई अनहोनी होती है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा, यह एक बड़ा यक्ष प्रश्न है। इस पूरी स्थिति ने नगर पालिका की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ठेका देते समय सुरक्षा मानकों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है। सुविधा के नाम पर रास्ता रोकना, यात्रियों को धमकाना और उनका अपमान करना ही अब यहां की हकीकत बन चुका है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि श्रद्धालुओं का सम्मान ठेकेदारों के हाथों बिक चुका है।1
- रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और पंडरी थाना पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई के दौरान शातिर हिस्ट्रीशीटर वाहन चोर अभिषेक राय उर्फ जीतू को गिरफ्तार किया है। 26 वर्षीय इस आरोपी के कब्जे से चोरी के तीन दोपहिया वाहन और वारदात में इस्तेमाल की गई एक बाइक समेत कुल चार वाहन बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 2 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ वाहन चोरी, चोरी और डकैती सहित 15 से अधिक आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि वह अपने भाई के साथ मिलकर पंडरी और विधानसभा सहित अलग-अलग क्षेत्रों से वाहनों की चोरी करता था और पकड़े जाने से बचने के लिए चोरी की गाड़ियों के नंबर प्लेट बदल देता था। इस मामले में आरोपी का भाई फिलहाल फरार चल रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।1
- अनूपपुर के पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले के बाद अब नर्मदा मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधायक ने मांग की है कि ट्रस्ट को मिलने वाली राशि का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है, इसकी पूरी पारदर्शिता जनता के सामने आनी चाहिए। विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने सवाल उठाया है कि यदि ट्रस्ट के पास पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है, तो अमरकंटक में श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं का अब भी इतना अभाव क्यों बना हुआ है। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए पूछा कि क्या ट्रस्ट का कार्य केवल नर्मदा जयंती के आयोजन और दिखावे की रंगाई-पुताई करने तक ही सीमित है, या फिर विकास कार्यों पर भी प्रभावी ढंग से कोई राशि खर्च की जा रही है? विधायक ने नर्मदा मंदिर ट्रस्ट की आय-व्यय का सार्वजनिक लेखा-जोखा जारी करने और एक पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की है। विधायक के इस बयान के बाद अमरकंटक के धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है और अब सभी की नजरें ट्रस्ट प्रबंधन की ओर से आने वाले जवाब पर टिकी हुई हैं।1
- एमसीबी जिले के मनेन्द्रगढ़ में स्कूल निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। उन्होंने बच्चों के बीच बैठकर उनसे उनकी पढ़ाई, भविष्य और प्रशासन से जुड़े कई सवाल पूछे। इसी दौरान उन्होंने मुस्कुराते हुए बच्चों से एक मजेदार सवाल किया कि "आखिर असली जलवा किसका रहता है—मंत्री, कलेक्टर या एसपी?" बच्चों ने भी बिना किसी झिझक के अपने-अपने अंदाज में इसके जवाब दिए। किसी ने मंत्री का नाम लिया, किसी ने कलेक्टर का, तो किसी ने एसपी का। बच्चों के ये मासूम और मजेदार जवाब सुनकर वहां मौजूद शिक्षक, अधिकारी और स्वयं मंत्री भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। इस बातचीत के दौरान यह बात भी सामने आई कि कुछ बच्चों को अपने क्षेत्र के मंत्री और अधिकारियों के नाम तक पता नहीं थे। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने बच्चों को सामान्य ज्ञान मजबूत करने और पढ़ाई पर अधिक ध्यान देने की सीख दी। अब इस आत्मीय बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग बच्चों की मासूमियत के साथ-साथ स्वास्थ्य मंत्री के इस सहज व्यवहार की जमकर सराहना कर रहे हैं।1
- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के गृह ग्राम के जशपुर पुलिस स्टेशन का एक हैरान करने वाला नजारा सामने आया है, जो किसी साउथ फिल्म के दृश्य जैसा लग रहा है। इस स्थिति पर तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए सवाल उठाया गया है कि क्या यह उचित है और क्या राज्य में अब कोई नियम-कानून बच भी गया है या नहीं। पुलिस का मनोबल गिरने से बचाने के लिए सरकार से पुरजोर मांग की गई है कि वह ऐसे लोगों के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी करे ताकि पुलिस का मनोबल कम न होने पाए।1