अनूपपुर के पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले के बाद अब नर्मदा मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधायक ने मांग की है कि ट्रस्ट को मिलने वाली राशि का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है, इसकी पूरी पारदर्शिता जनता के सामने आनी चाहिए। विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने सवाल उठाया है कि यदि ट्रस्ट के पास पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है, तो अमरकंटक में श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं का अब भी इतना अभाव क्यों बना हुआ है। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए पूछा कि क्या ट्रस्ट का कार्य केवल नर्मदा जयंती के आयोजन और दिखावे की रंगाई-पुताई करने तक ही सीमित है, या फिर विकास कार्यों पर भी प्रभावी ढंग से कोई राशि खर्च की जा रही है? विधायक ने नर्मदा मंदिर ट्रस्ट की आय-व्यय का सार्वजनिक लेखा-जोखा जारी करने और एक पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की है। विधायक के इस बयान के बाद अमरकंटक के धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है और अब सभी की नजरें ट्रस्ट प्रबंधन की ओर से आने वाले जवाब पर टिकी हुई हैं।
अनूपपुर के पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले के बाद अब नर्मदा मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधायक ने मांग की है कि ट्रस्ट को मिलने वाली राशि का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है, इसकी पूरी पारदर्शिता जनता के सामने आनी चाहिए। विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने सवाल उठाया है कि यदि ट्रस्ट के पास पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है, तो अमरकंटक में श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं का अब भी इतना अभाव क्यों बना हुआ है। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए पूछा कि क्या ट्रस्ट का कार्य केवल नर्मदा जयंती के आयोजन और दिखावे की रंगाई-पुताई करने तक ही सीमित है, या फिर विकास कार्यों पर भी प्रभावी ढंग से कोई राशि खर्च की जा रही है? विधायक ने नर्मदा मंदिर ट्रस्ट की आय-व्यय का सार्वजनिक लेखा-जोखा जारी करने और एक पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की है। विधायक के इस बयान के बाद अमरकंटक के धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है और अब सभी की नजरें ट्रस्ट प्रबंधन की ओर से आने वाले जवाब पर टिकी हुई हैं।
- शहडोल जिले की सीमा पर स्थित रामपुर में अपराध की बढ़ती घटनाएं बड़ी चिंता का विषय बन गई हैं। जब से रामपुर में कोयला खदान खुली है, तब से क्षेत्र में अवैध गतिविधियों में भारी वृद्धि हुई है। रातोंरात अमीर बनने के लालच में कुछ लोग अपराध का रास्ता चुन रहे हैं। ऐसे में यह जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि इन अपराधियों के पीछे कौन सी ताकतें हैं और वे आखिर किसके इशारे पर इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। हाल ही में हुए एक गोलीकांड में एक युवक की मौत होने से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल फैल गया है। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनकी गहन जांच किए जाने की सख्त जरूरत है। रामपुर में बेखौफ अपराधियों की इस हरकत से लोग बेहद चिंतित हैं और मध्य प्रदेश पुलिस, डीजीपी और एडीजीपी शहडोल से मामले की निष्पक्ष जांच कर त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- एमसीबी के चिरमिरी में पुलिस ने विशेष यातायात जांच अभियान चलाकर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। गोदरीपारा, डोमनहिल और हल्दीबाड़ी सहित प्रमुख चौक-चौराहों पर की गई जांच के दौरान 40 से 50 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिनसे कुल ₹60,000 का समन शुल्क वसूला गया। इस अभियान के तहत तेज आवाज वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगे तीन दोपहिया वाहनों के अवैध साइलेंसर जब्त किए गए और उन पर ₹15,000 का जुर्माना लगाया गया। इसके साथ ही, बिना सीट बेल्ट, फिटनेस प्रमाण-पत्र और आवश्यक दस्तावेजों के बिना वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई की गई। कार्रवाई के बीच नियमों का पालन करने वाले लोगों को प्रोत्साहित भी किया गया। अभियान के दौरान हेलमेट पहनकर यातायात नियमों का पालन करने वाले वाहन चालकों को गुलाब का फूल देकर सम्मानित किया गया। थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस द्वारा इस तरह के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।2
- मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं, जिसके तहत मध्यप्रदेश में सेमिकॉन्डक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही इंदौर के सुपर कॉरिडोर और भोपाल में अत्याधुनिक आईटी पार्क विकसित किया जाएगा।1
- शहडोल जिले के जयसिंहनगर के कनाडी खुर्द का मुख्य मार्ग (SH-10) आजकल प्रशासनिक अनदेखी और जनप्रतिनिधियों की मेहरबानी से किसी बड़े तालाब जैसा नजर आ रहा है। अफसरों की गहरी नींद और नेताओं के उदासीन रवैये के कारण स्थानीय जनता और राहगीर रोजाना इस मटमैले पानी में उतरकर अपनी गाड़ियों के साथ एडवेंचर स्पोर्ट्स का मुफ्त आनंद लेने को मजबूर हैं। इस दुर्दशा पर तंज कसते हुए कनाडी खुर्द के इस "जल-महोत्सव" को अधिकारियों की दूरदर्शिता और बिना किसी अतिरिक्त बजट के सड़क को स्विमिंग पूल में तब्दील करने का 'स्मार्ट विकास' बताया गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि चुनाव के समय चमचमाते वादे करने वाले नेता शायद अब इस मार्ग पर सड़क परिवहन बंद करके राष्ट्रीय जलमार्ग योजना शुरू करना चाहते हैं।1
- उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक मनमोहक नजारा सामने आया है, जहां प्रसिद्ध पनीहाई बाघिन अपने शावक के साथ पानी में मस्ती करती कैमरे में कैद हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में शावक पानी के बीच आराम से बैठा नजर आ रहा है, जबकि पनीहाई बाघिन पानी के किनारे सतर्क मुद्रा में बैठी दिखाई दे रही है। मां और शावक का यह प्राकृतिक व्यवहार वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों को खूब आकर्षित कर रहा है। गाइडों के अनुसार, करीब सात वर्ष की इस बाघिन ने पनपथा बफर के पचपेड़ी क्षेत्र में अपनी स्थायी टेरिटरी बना रखी है। शांत और सहज स्वभाव के कारण पर्यटकों की पसंदीदा मानी जाने वाली यह बाघिन शिकार के समय बेहद फुर्तीली और खतरनाक साबित होती है। वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, गर्म और उमस भरे मौसम में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने और शिकार पर नजर रखने के लिए बाघ अक्सर पानी का सहारा लेते हैं। बांधवगढ़ का कोर जोन मानसून के कारण 1 जुलाई से 30 सितंबर तक बंद है, लेकिन बफर जोन में सफारी जारी है, जहां पर्यटकों को बाघ, तेंदुआ, हिरण और भालू जैसे वन्यजीवों के दर्शन हो रहे हैं। इस बीच वन विभाग ने पर्यटकों से निर्धारित नियमों का पालन करने और वन्यजीवों की सुरक्षा व जंगल का प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।1
- अनूपपुर के कलेक्ट्रेट कार्यालय के नर्मदा सभागार में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने जनजातीय युवाओं से अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और रीति-रिवाजों का संरक्षण करने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प लेने की अपील की। अध्यक्ष श्री आर्य ने जोर देकर कहा कि जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विरासत ही उसकी सबसे बड़ी पहचान है, जिसके संरक्षण और संवर्धन के लिए सभी युवाओं को संकल्पित भाव से आगे आना चाहिए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे केवल नौकरी पाने की सोच तक सीमित न रहें। इसके बजाय, वे कौशल विकास, नवाचार और स्वरोजगार के जरिए ऐसे उद्यमी बनें जो दूसरों को भी रोजगार दे सकें। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, तकनीकी दक्षता और आत्मनिर्भरता अपनाने के साथ-साथ देश के प्रति अपने कर्तव्यों को याद रखने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास जताया कि जनजातीय युवा अपनी प्रतिभा, परिश्रम और संस्कारों के बल पर राष्ट्र व समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।1
- अनूपपुर जिले के जैतहरी विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पड़रिया के ग्राम चोई में स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय जुनहा टोला घोर बदहाली का शिकार होकर धराशाई होने की कगार पर पहुंच गया है। इस जर्जर स्कूल में पढ़ने वाले नन्हे मासूम बच्चे हर रोज अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। चुनाव जीतने के बाद जहां जनप्रतिनिधि 'मिस्टर इंडिया' बन चुके हैं, वहीं जिम्मेदार विभाग और प्रशासन 'धृतराष्ट्र' और 'भीष्म पितामह' की तरह आंखें मूंदे बैठे हैं। स्थानीय लोगों का सवाल है कि क्या प्रशासन तभी जागेगा जब किसी मासूम की जान चली जाएगी। स्कूल भवन की हालत इतनी दयनीय है कि दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं, खिड़कियों के फ्रेम जंग खाकर टूट गए हैं और छत से प्लास्टर लगातार टूटकर गिर रहा है। बरसात के दिनों में कक्षाओं में पानी टपकने के कारण बच्चों को खुले में या बरामदे में बैठकर पढ़ना पड़ता है। सिर्फ भवन ही नहीं, स्कूल परिसर में पीने के पानी का भी कोई इंतजाम नहीं है, जिससे बच्चे भीषण गर्मी में प्यास से बेहाल रहते हैं और कई बार उन्हें बिना पानी के ही पूरा दिन गुजारना पड़ता है। इस मामले को लेकर वार्ड क्रमांक 20 के पंच दिनेश राठौर ने चिंता जताते हुए बताया कि उन्होंने कई बार सरपंच और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को इस गंभीर स्थिति से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। जर्जर भवन के डर से कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्कूल भवन की मरम्मत और पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे।1
- मध्यप्रदेश में 29 अप्रैल 2026 के आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में लोकल यूथ महासंघ मध्यप्रदेश ने एक प्रेस वार्ता की है और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। महासंघ की मांग है कि पूर्व से कार्यरत रहे लोकल यूथ सर्वेयरों की यूजर आईडी को पुनः चालू किया जाए। इन सर्वेयरों ने पूर्व में किसानों की भूमि केवाईसी (KYC) और फार्मर आईडी बनाने जैसे बेहद महत्वपूर्ण कार्यों में अपनी सेवाएं दी हैं।1
- उमरिया जिले के करकेली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पठारी में करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहाँ निर्माणाधीन ओवरब्रिज पर मजदूरों से लगभग 30 फीट की ऊंचाई पर बिना सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के काम कराया जा रहा है। मामले का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें कई मजदूर बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के इतनी ऊंचाई पर काम करते दिखाई दे रहे हैं, जिससे मामूली चूक भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों और सूत्रों का आरोप है कि निर्माण कार्य कर रही कंपनी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। नियमानुसार ऊंचाई पर कार्य करने वाले प्रत्येक मजदूर को सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना अनिवार्य होता है, लेकिन मौके पर सुरक्षा मानकों का पालन होता नहीं दिख रहा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई, तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन पर भी इस गंभीर मामले में अपेक्षित कार्रवाई न करने के आरोप लगाए हैं, हालांकि इन आरोपों पर फिलहाल संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि सुरक्षा इंतजामों के अभाव में कोई बड़ा हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? चूंकि मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है, इसलिए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।3