उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक मनमोहक नजारा सामने आया है, जहां प्रसिद्ध पनीहाई बाघिन अपने शावक के साथ पानी में मस्ती करती कैमरे में कैद हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में शावक पानी के बीच आराम से बैठा नजर आ रहा है, जबकि पनीहाई बाघिन पानी के किनारे सतर्क मुद्रा में बैठी दिखाई दे रही है। मां और शावक का यह प्राकृतिक व्यवहार वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों को खूब आकर्षित कर रहा है। गाइडों के अनुसार, करीब सात वर्ष की इस बाघिन ने पनपथा बफर के पचपेड़ी क्षेत्र में अपनी स्थायी टेरिटरी बना रखी है। शांत और सहज स्वभाव के कारण पर्यटकों की पसंदीदा मानी जाने वाली यह बाघिन शिकार के समय बेहद फुर्तीली और खतरनाक साबित होती है। वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, गर्म और उमस भरे मौसम में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने और शिकार पर नजर रखने के लिए बाघ अक्सर पानी का सहारा लेते हैं। बांधवगढ़ का कोर जोन मानसून के कारण 1 जुलाई से 30 सितंबर तक बंद है, लेकिन बफर जोन में सफारी जारी है, जहां पर्यटकों को बाघ, तेंदुआ, हिरण और भालू जैसे वन्यजीवों के दर्शन हो रहे हैं। इस बीच वन विभाग ने पर्यटकों से निर्धारित नियमों का पालन करने और वन्यजीवों की सुरक्षा व जंगल का प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।
उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक मनमोहक नजारा सामने आया है, जहां प्रसिद्ध पनीहाई बाघिन अपने शावक के साथ पानी में मस्ती करती कैमरे में कैद हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में शावक पानी के बीच आराम से बैठा नजर आ रहा है, जबकि पनीहाई बाघिन पानी के किनारे सतर्क मुद्रा में बैठी दिखाई दे रही है। मां और शावक का यह प्राकृतिक व्यवहार वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों को खूब आकर्षित कर रहा है। गाइडों के अनुसार, करीब सात वर्ष की इस बाघिन ने पनपथा बफर के पचपेड़ी क्षेत्र में अपनी स्थायी टेरिटरी बना रखी है। शांत और सहज स्वभाव के कारण पर्यटकों की पसंदीदा मानी जाने वाली यह बाघिन शिकार के समय बेहद फुर्तीली और खतरनाक साबित होती है। वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, गर्म और उमस भरे मौसम में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने और शिकार पर नजर रखने के लिए बाघ अक्सर पानी का सहारा लेते हैं। बांधवगढ़ का कोर जोन मानसून के कारण 1 जुलाई से 30 सितंबर तक बंद है, लेकिन बफर जोन में सफारी जारी है, जहां पर्यटकों को बाघ, तेंदुआ, हिरण और भालू जैसे वन्यजीवों के दर्शन हो रहे हैं। इस बीच वन विभाग ने पर्यटकों से निर्धारित नियमों का पालन करने और वन्यजीवों की सुरक्षा व जंगल का प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।
- उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक मनमोहक नजारा सामने आया है, जहां प्रसिद्ध पनीहाई बाघिन अपने शावक के साथ पानी में मस्ती करती कैमरे में कैद हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में शावक पानी के बीच आराम से बैठा नजर आ रहा है, जबकि पनीहाई बाघिन पानी के किनारे सतर्क मुद्रा में बैठी दिखाई दे रही है। मां और शावक का यह प्राकृतिक व्यवहार वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों को खूब आकर्षित कर रहा है। गाइडों के अनुसार, करीब सात वर्ष की इस बाघिन ने पनपथा बफर के पचपेड़ी क्षेत्र में अपनी स्थायी टेरिटरी बना रखी है। शांत और सहज स्वभाव के कारण पर्यटकों की पसंदीदा मानी जाने वाली यह बाघिन शिकार के समय बेहद फुर्तीली और खतरनाक साबित होती है। वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, गर्म और उमस भरे मौसम में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने और शिकार पर नजर रखने के लिए बाघ अक्सर पानी का सहारा लेते हैं। बांधवगढ़ का कोर जोन मानसून के कारण 1 जुलाई से 30 सितंबर तक बंद है, लेकिन बफर जोन में सफारी जारी है, जहां पर्यटकों को बाघ, तेंदुआ, हिरण और भालू जैसे वन्यजीवों के दर्शन हो रहे हैं। इस बीच वन विभाग ने पर्यटकों से निर्धारित नियमों का पालन करने और वन्यजीवों की सुरक्षा व जंगल का प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।1
- उमरिया जिले के भरौला में राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर सिद्ध बाबा मंदिर के पास एक भीषण सड़क हादसा हुआ है, जहाँ सड़क पर खड़े एक ट्रक से कार टकरा गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में कार में सवार तीन साल की मासूम बच्ची सहित कुल चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। पीड़ित परिवार अनूपपुर जिले के राजेन्द्रग्राम के लीला टोला से अपनी बेटी को हॉस्टल छोड़ने के लिए चित्रकूट जा रहा था। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार में फंसे एक मृतक के शव को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया। घटना की जानकारी मिलते ही सिविल लाइन चौकी पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। हादसे में गंभीर रूप से घायल एक महिला का प्राथमिक उपचार जिला चिकित्सालय में चल रहा है, वहीं गंभीर रूप से घायल खुशबू की अस्पताल से रेफर किए जाने के दौरान मौत हो गई।4
- शहडोल जिले के अमलाई थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर गांव में सोमवार रात करीब 10 बजे पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार अज्ञात बदमाशों ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान भूपेंद्र कहार उर्फ रज्जन कहार के रूप में हुई है। वारदात के तुरंत बाद परिजन और स्थानीय लोग घायल भूपेंद्र को गंभीर हालत में जिला चिकित्सालय अनूपपुर लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस सनसनीखेज वारदात की सूचना मिलते ही अमलाई थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर अपनी जांच शुरू कर दी। फिलहाल हत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद ले रही है। इस देर रात हुई वारदात के बाद से रामपुर गांव समेत पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है, वहीं पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है।1
- शहडोल जिले के जयसिंहनगर के कनाडी खुर्द का मुख्य मार्ग (SH-10) आजकल प्रशासनिक अनदेखी और जनप्रतिनिधियों की मेहरबानी से किसी बड़े तालाब जैसा नजर आ रहा है। अफसरों की गहरी नींद और नेताओं के उदासीन रवैये के कारण स्थानीय जनता और राहगीर रोजाना इस मटमैले पानी में उतरकर अपनी गाड़ियों के साथ एडवेंचर स्पोर्ट्स का मुफ्त आनंद लेने को मजबूर हैं। इस दुर्दशा पर तंज कसते हुए कनाडी खुर्द के इस "जल-महोत्सव" को अधिकारियों की दूरदर्शिता और बिना किसी अतिरिक्त बजट के सड़क को स्विमिंग पूल में तब्दील करने का 'स्मार्ट विकास' बताया गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि चुनाव के समय चमचमाते वादे करने वाले नेता शायद अब इस मार्ग पर सड़क परिवहन बंद करके राष्ट्रीय जलमार्ग योजना शुरू करना चाहते हैं।1
- शहडोल के बुढ़ार अंतर्गत ग्राम पंचायत चंगेरा में खसरा नंबर 28/1 की शासकीय जमीन पर जबरदस्ती कब्जा किया जा रहा है। पंचायत की ओर से नोटिस दिए जाने के बावजूद भी यहां अवैध रूप से मकानों का निर्माण जारी है। इस मामले को लेकर तहसील में भी आवेदन दिया गया है, लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। सभी ग्रामवासी चाहते हैं कि इस शासकीय जमीन को अतिक्रमण मुक्त रखा जाए, क्योंकि इस पर पहले कभी किसी का कब्जा नहीं रहा है। भविष्य में यदि कोई सरकारी योजना आती है, तो हाई स्कूल, हॉस्पिटल या हॉस्टल जैसे बड़े सरकारी कार्यों के लिए यह जमीन सबसे उपयुक्त है। ग्रामीणों ने मांग की है कि अतिक्रमणकारियों को 'कारण बताओ' नोटिस जारी कर इस अवैध निर्माण को तुरंत रुकवाया जाए और जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।1
- उमरिया जिले के करकेली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पठारी में करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहाँ निर्माणाधीन ओवरब्रिज पर मजदूरों से लगभग 30 फीट की ऊंचाई पर बिना सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के काम कराया जा रहा है। मामले का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें कई मजदूर बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के इतनी ऊंचाई पर काम करते दिखाई दे रहे हैं, जिससे मामूली चूक भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों और सूत्रों का आरोप है कि निर्माण कार्य कर रही कंपनी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। नियमानुसार ऊंचाई पर कार्य करने वाले प्रत्येक मजदूर को सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना अनिवार्य होता है, लेकिन मौके पर सुरक्षा मानकों का पालन होता नहीं दिख रहा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई, तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन पर भी इस गंभीर मामले में अपेक्षित कार्रवाई न करने के आरोप लगाए हैं, हालांकि इन आरोपों पर फिलहाल संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि सुरक्षा इंतजामों के अभाव में कोई बड़ा हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? चूंकि मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है, इसलिए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।3