चिरमिरी एसईसीएल की अंजन हिल माइंस के दोबारा चालू होने से चिरमिरी की आम जनता में खुशी की लहर है ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि खुद एसईसीएल ने इस बात को खबर का विषय बनाया है,अब सवाल यह है कि आखिर कौन हैं वो लोग जिन्हें इस बात की खुशी है कि अंजन हिल माइंस के दोबारा चालू हो रही है?ग्रामीण क्षेत्रों में लोग डरे हुए हैं,उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि हमारे जल जंगल और जमीन हमसे छीन लिए जाएंगे शहरी क्षेत्र के बेरोजगार युवा इस बात से डर रहे हैं कि भले ही अंजन हिल माइंस दोबारा चालू हो जाएगा पर क्या चिरमिरी की बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा?क्योंकि अब तक तो ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला है आज तक एसईसीएल ने चिरमिरी का दोहन ही किया और यहां के लोगों का शोषण करने का काम करती आई है,एसईसीएल के साथ काम करने वाली कंपनियां वो चाहे जेएमएस हो या टीएमसी हो या छोटी मोटी कम्पनी सब ने चिरमिरी के बेरोजगार युवाओं की बेरोजगारी का मजाक ही उड़ाया है और बड़ी कंपनियों के साथ मिल कर स्थानीय नेताओं ने बेरोज़गारों को छलने का ही कार्य किया है।
चिरमिरी एसईसीएल की अंजन हिल माइंस के दोबारा चालू होने से चिरमिरी की आम जनता में खुशी की लहर है ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि खुद एसईसीएल ने इस बात को खबर का विषय बनाया है,अब सवाल यह है कि आखिर कौन हैं वो लोग जिन्हें इस बात की खुशी है कि अंजन हिल माइंस के दोबारा चालू हो रही है?ग्रामीण क्षेत्रों में लोग डरे हुए हैं,उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि हमारे जल जंगल और जमीन हमसे छीन लिए जाएंगे शहरी क्षेत्र के बेरोजगार युवा इस बात से डर रहे हैं कि भले ही अंजन हिल माइंस दोबारा चालू हो जाएगा पर क्या चिरमिरी की बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा?क्योंकि अब तक तो ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला है आज तक एसईसीएल ने चिरमिरी का दोहन ही किया और यहां के लोगों का शोषण करने का काम करती आई है,एसईसीएल के साथ काम करने वाली कंपनियां वो चाहे जेएमएस हो या टीएमसी हो या छोटी मोटी कम्पनी सब ने चिरमिरी के बेरोजगार युवाओं की बेरोजगारी का मजाक ही उड़ाया है और बड़ी कंपनियों के साथ मिल कर स्थानीय नेताओं ने बेरोज़गारों को छलने का ही कार्य किया है।
- आंगनबाड़ी सहायिका का बयान ग्राउंड-रिपोर्टिंग न्यूज़ स्क्रिप्ट इंट्रो: सरकार भले ही बच्चों और महिलाओं के पोषण को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हम आपको लेकर चलते हैं ग्राम पंचायत डिगमा, जनपद अंबिकापुर के आंगनबाड़ी केंद्र, जहां समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। रिपोर्टर वॉइस ओवर: तस्वीरें ग्राम पंचायत डिगमा के आंगनबाड़ी केंद्र की हैं, जहां छोटे-छोटे मासूम बच्चे और गर्भवती महिलाएं मूलभूत सुविधाओं के अभाव में आने को मजबूर हैं। यहां पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं, पंखे खराब पड़े हैं, जिससे भीषण गर्मी में बच्चे परेशान हैं। वीडियो शॉट: टूटा हुआ फर्श टूटी खिड़कियां शौचालय का दृश्य रिपोर्टर: शौचालय की हालत और भी बदतर है। शौचालय में नल नहीं है, जिससे सफाई और उपयोग दोनों ही मुश्किल हो गया है। केंद्र का फर्श पूरी तरह से टूटा हुआ है, जिससे बच्चों को हर समय चोट लगने का खतरा बना रहता है। खिड़कियां टूटी होने से बारिश और ठंड में स्थिति और खराब हो जाती है।आंगनबाड़ी सहायिका का बयान (Byte): “केंद्र में बहुत सारी समस्याएं हैं। पानी की व्यवस्था नहीं है, पंखा खराब रहता है, शौचालय में नल नहीं है। कई बार बच्चों को परेशानी होती है। हमने ऊपर जानकारी दी है, लेकिन अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ है।” रिपोर्टर वॉइस ओवर: हैरानी की बात यह है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक न तो पंचायत ने और न ही महिला एवं बाल विकास विभाग ने कोई ठोस कदम उठाया है। रिपोर्टर क्लोजिंग: सवाल यह है कि क्या प्रशासन इन मासूम बच्चों की परेशानी पर ध्यान देगा, या फिर कागजों में ही आंगनबाड़ी केंद्र आदर्श बने रहेंगे? कैमरामैन के साथ: हिमांशु राज, MD News, जनपद अंबिकापुर3
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- कपूर त्रिपाठी को मिला थाना मोरवा1
- बिलासपुर में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस ने हाईटेक कदम उठाते हुए ड्रोन आधारित विशेष निगरानी अभियान शुरू किया है। एसएसपी बिलासपुर के निर्देश पर जिलेभर में ड्रोन से लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है, जिसके आधार पर पुलिस ने नशाखोरी, अड्डेबाजी और असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। ड्रोन से मिली सूचनाओं पर त्वरित दबिश देते हुए 15 संदिग्धों पर वैधानिक कार्रवाई की गई। व्यापार मेले के दौरान ड्रोन निगरानी से यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण में भी उल्लेखनीय सफलता मिली है। पुलिस के अनुसार, हर थाना क्षेत्र में ड्रोन निगरानी जारी रहेगी और अभियान को और प्रभावी बनाया जाएगा।1
- नवानगर मंडल के नानदमाली ग्राम में बहुप्रतीक्षित मुख्य मार्ग की पुलिया निर्माण की वर्षों पुरानी मांग आज साकार हुई। रामकुमार टोप्पो सीतापुर विधायक के पहल से निजात मिला माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के सुशासन में 477.06 लाख रुपये (चार करोड़ सतहत्तर लाख छह हजार रुपये) की लागत से बनने वाले उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का विधिवत भूमि पूजन संपन्न हुआ। यह वही मार्ग है जहां बरसात के मौसम में प्रतिवर्ष आवागमन बाधित होता था और कई बार अप्रिय घटनाएं भी घटित होती थीं, लेकिन छत्तीसगढ़ शासन की जनहितैषी पहल से अब यह समस्या हमेशा के लिए समाप्त होगी। पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण से ग्रामवासियों को सुरक्षित, सुगम और निर्बाध आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी, जिससे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। इस ऐतिहासिक अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती निरूपा सिंह जी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवनारायण यादव जी, विधायक प्रतिनिधि बालनाथ यादव जी, नवानगर मंडल अध्यक्ष बाली चरण यादव जी, जनपद सदस्य भोलेओम प्रकाश जी, मंडल महामंत्री, मंडल मंत्री, अन्य पदाधिकारी, बूथ अध्यक्ष, कर्मठ कार्यकर्ता एवं ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। ग्रामवासियों के चेहरे पर आज जो खुशी और संतोष दिखाई दिया, वह इस विकास कार्य की सबसे बड़ी सफलता है, जो सुशासन और जनसेवा की सशक्त मिसाल प्रस्तुत करता है।1
- आंगनबाड़ी सहायिका का बयान ग्राउंड-रिपोर्टिंग न्यूज़ स्क्रिप्ट इंट्रो: सरकार भले ही बच्चों और महिलाओं के पोषण को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हम आपको लेकर चलते हैं ग्राम पंचायत डिगमा, जनपद अंबिकापुर के आंगनबाड़ी केंद्र, जहां समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। रिपोर्टर वॉइस ओवर: तस्वीरें ग्राम पंचायत डिगमा के आंगनबाड़ी केंद्र की हैं, जहां छोटे-छोटे मासूम बच्चे और गर्भवती महिलाएं मूलभूत सुविधाओं के अभाव में आने को मजबूर हैं। यहां पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं, पंखे खराब पड़े हैं, जिससे भीषण गर्मी में बच्चे परेशान हैं। वीडियो शॉट: टूटा हुआ फर्श टूटी खिड़कियां शौचालय का दृश्य रिपोर्टर: शौचालय की हालत और भी बदतर है। शौचालय में नल नहीं है, जिससे सफाई और उपयोग दोनों ही मुश्किल हो गया है। केंद्र का फर्श पूरी तरह से टूटा हुआ है, जिससे बच्चों को हर समय चोट लगने का खतरा बना रहता है। खिड़कियां टूटी होने से बारिश और ठंड में स्थिति और खराब हो जाती है।आंगनबाड़ी सहायिका का बयान (Byte): “केंद्र में बहुत सारी समस्याएं हैं। पानी की व्यवस्था नहीं है, पंखा खराब रहता है, शौचालय में नल नहीं है। कई बार बच्चों को परेशानी होती है। हमने ऊपर जानकारी दी है, लेकिन अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ है।” रिपोर्टर वॉइस ओवर: हैरानी की बात यह है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक न तो पंचायत ने और न ही महिला एवं बाल विकास विभाग ने कोई ठोस कदम उठाया है। रिपोर्टर क्लोजिंग: सवाल यह है कि क्या प्रशासन इन मासूम बच्चों की परेशानी पर ध्यान देगा, या फिर कागजों में ही आंगनबाड़ी केंद्र आदर्श बने रहेंगे? कैमरामैन के साथ: हिमांशु राज, MD News, जनपद अंबिकापुर4
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- मंगल भवन देवसर में बैठक, आकांक्षी ब्लॉक को लेकर जनपद अध्यक्ष का फूटा आक्रोश देवसर। मंगल भवन देवसर में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक के दौरान कई जनहित से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय लोकप्रिय विधायक श्री विश्वमित्र पाठक जी, जिला जनपद पंचायत अध्यक्ष माननीय प्रणव पाठक जी, माननीय एसडीएम महोदय, सीएमओ डॉ. सी.एल. सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक के दौरान बीते लगातार तीन वर्षों से देवसर को आकांक्षी ब्लॉक घोषित किए जाने को लेकर गंभीर चर्चा हुई। इस मुद्दे पर जिला जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रणव पाठक जी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट कहा कि जब देवसर क्षेत्र संसाधनों से परिपूर्ण है, तो फिर इसे बार-बार आकांक्षी ब्लॉक की श्रेणी में क्यों रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं, फिर भी आंकड़ों और योजनाओं में देवसर को पिछड़ा दिखाना कहीं न कहीं प्रशासनिक लापरवाही या गलत मूल्यांकन को दर्शाता है। इस विषय पर उन्होंने ठोस और पारदर्शी समीक्षा की मांग की। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत, विकास योजनाओं और प्रशासनिक सुधार से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों द्वारा समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया।1