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आंगनबाड़ी सहायिका का बयान ग्राउंड-रिपोर्टिंग न्यूज़ स्क्रिप्ट इंट्रो: सरकार भले ही बच्चों और महिलाओं के पोषण को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हम आपको लेकर चलते हैं ग्राम पंचायत डिगमा, जनपद अंबिकापुर के आंगनबाड़ी केंद्र, जहां समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। रिपोर्टर वॉइस ओवर: तस्वीरें ग्राम पंचायत डिगमा के आंगनबाड़ी केंद्र की हैं, जहां छोटे-छोटे मासूम बच्चे और गर्भवती महिलाएं मूलभूत सुविधाओं के अभाव में आने को मजबूर हैं। यहां पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं, पंखे खराब पड़े हैं, जिससे भीषण गर्मी में बच्चे परेशान हैं। वीडियो शॉट: टूटा हुआ फर्श टूटी खिड़कियां शौचालय का दृश्य रिपोर्टर: शौचालय की हालत और भी बदतर है। शौचालय में नल नहीं है, जिससे सफाई और उपयोग दोनों ही मुश्किल हो गया है। केंद्र का फर्श पूरी तरह से टूटा हुआ है, जिससे बच्चों को हर समय चोट लगने का खतरा बना रहता है। खिड़कियां टूटी होने से बारिश और ठंड में स्थिति और खराब हो जाती है।आंगनबाड़ी सहायिका का बयान (Byte): “केंद्र में बहुत सारी समस्याएं हैं। पानी की व्यवस्था नहीं है, पंखा खराब रहता है, शौचालय में नल नहीं है। कई बार बच्चों को परेशानी होती है। हमने ऊपर जानकारी दी है, लेकिन अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ है।” रिपोर्टर वॉइस ओवर: हैरानी की बात यह है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक न तो पंचायत ने और न ही महिला एवं बाल विकास विभाग ने कोई ठोस कदम उठाया है। रिपोर्टर क्लोजिंग: सवाल यह है कि क्या प्रशासन इन मासूम बच्चों की परेशानी पर ध्यान देगा, या फिर कागजों में ही आंगनबाड़ी केंद्र आदर्श बने रहेंगे? कैमरामैन के साथ: हिमांशु राज, MD News, जनपद अंबिकापुर

3 hrs ago
user_Himanshu raj
Himanshu raj
Political party office अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
3 hrs ago

आंगनबाड़ी सहायिका का बयान ग्राउंड-रिपोर्टिंग न्यूज़ स्क्रिप्ट इंट्रो: सरकार भले ही बच्चों और महिलाओं के पोषण को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हम आपको लेकर चलते हैं ग्राम पंचायत डिगमा, जनपद अंबिकापुर के आंगनबाड़ी केंद्र, जहां समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। रिपोर्टर वॉइस ओवर: तस्वीरें ग्राम पंचायत डिगमा के आंगनबाड़ी केंद्र की हैं, जहां छोटे-छोटे मासूम बच्चे

और गर्भवती महिलाएं मूलभूत सुविधाओं के अभाव में आने को मजबूर हैं। यहां पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं, पंखे खराब पड़े हैं, जिससे भीषण गर्मी में बच्चे परेशान हैं। वीडियो शॉट: टूटा हुआ फर्श टूटी खिड़कियां शौचालय का दृश्य रिपोर्टर: शौचालय की हालत और भी बदतर है। शौचालय में नल नहीं है, जिससे सफाई और उपयोग दोनों ही मुश्किल हो गया है। केंद्र का फर्श पूरी तरह से टूटा हुआ है,

जिससे बच्चों को हर समय चोट लगने का खतरा बना रहता है। खिड़कियां टूटी होने से बारिश और ठंड में स्थिति और खराब हो जाती है।आंगनबाड़ी सहायिका का बयान (Byte): “केंद्र में बहुत सारी समस्याएं हैं। पानी की व्यवस्था नहीं है, पंखा खराब रहता है, शौचालय में नल नहीं है। कई बार बच्चों को परेशानी होती है। हमने ऊपर जानकारी दी है, लेकिन अभी तक कोई सुधार

नहीं हुआ है।” रिपोर्टर वॉइस ओवर: हैरानी की बात यह है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक न तो पंचायत ने और न ही महिला एवं बाल विकास विभाग ने कोई ठोस कदम उठाया है। रिपोर्टर क्लोजिंग: सवाल यह है कि क्या प्रशासन इन मासूम बच्चों की परेशानी पर ध्यान देगा, या फिर कागजों में ही आंगनबाड़ी केंद्र आदर्श बने रहेंगे? कैमरामैन के साथ: हिमांशु राज, MD News, जनपद अंबिकापुर

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  • बागबहार के किसानों ने 2 दिन पूर्व मुख्यमंत्री श्री साय से धान खरीदी की समय मे बढोत्तरी करने आग्रह किया था अब 2 दिन की बढोत्तरी हुई है किसानों को इसका लाभ मिलना चाहिए
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    बागबहार के किसानों ने 2 दिन पूर्व मुख्यमंत्री श्री साय से धान खरीदी की समय मे बढोत्तरी करने आग्रह किया था अब 2 दिन की बढोत्तरी हुई है किसानों को इसका लाभ मिलना चाहिए
    user_Ibnul khan
    Ibnul khan
    Media house कांसबेल, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • Post by DEOKI PURI GOSVAMI
    1
    Post by DEOKI PURI GOSVAMI
    user_DEOKI PURI GOSVAMI
    DEOKI PURI GOSVAMI
    कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • सरस्वती शिशु मंदिर रजगामार में शिशु वाटिका के द्वारा शिशु नगरी का कार्यक्रम संपादित किया गया जिसमें नर्सरी से दूसरी कक्षा के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम , वेशभूषा एवं शिशु वाटिका में सम्मिलित माता द्वारा विभिन्न खेलकूद का आयोजन किया गया । शिशु वाटिका प्रमुख अंकित दुबे ने शिशु नगरी का महत्व बताते हुए कहा की वर्ष में एक बार प्राथमिक बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु इस प्रकार का कार्यक्रम रखा जाता है जिसमें बच्चों तथा उनके माता के द्वारा इस कार्यक्रम को सम्पन्न किया जाता है । इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती रश्मि तिवारी अध्यक्ष श्रीमती सुरेखा अग्रवाल विशिष्ट अतिथि उषा देवी कुर्रे रही । इस कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए विद्यालय के प्राचार्य श्री अलख नारायण शर्मा एवं समस्त आचार्य आचार्य का विशेष योगदान रहा । मुख्य अतिथि रश्मि तिवारी ने बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु विशेष रूप से प्रेरित किया कर विद्यालय एवं परिवार की महत्व को साझा किया । इस कार्यक्रम में शिशु विभाग से शिशु वाटिका प्रमुख अंकिता दुबे , आचार्या श्रीमती शशि चौहान, सुश्री प्रियंका साहू , सुश्री पूजा आदित्य , श्रीमती संतोषी यादव , श्रीमती हेमलता , श्रीमती सरिता महंत , सुश्री मुस्कान यादव ने विशेष योगदान दिया । कार्यक्रम के अंत में आचार्या श्रीमती भगवती पाल द्वारा आभार व्यक्त किया गया ।
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    सरस्वती शिशु मंदिर रजगामार में शिशु वाटिका के द्वारा शिशु नगरी का कार्यक्रम संपादित किया गया जिसमें नर्सरी से दूसरी कक्षा के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम , वेशभूषा एवं शिशु वाटिका में सम्मिलित माता द्वारा विभिन्न खेलकूद का आयोजन किया गया । शिशु वाटिका प्रमुख अंकित दुबे  ने शिशु नगरी का महत्व बताते हुए कहा की वर्ष में एक बार प्राथमिक बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु इस प्रकार का कार्यक्रम रखा जाता है जिसमें बच्चों तथा उनके माता के द्वारा इस कार्यक्रम को सम्पन्न किया जाता है । इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती रश्मि तिवारी अध्यक्ष श्रीमती सुरेखा अग्रवाल विशिष्ट अतिथि उषा देवी कुर्रे रही । इस कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए विद्यालय के प्राचार्य श्री अलख नारायण शर्मा एवं समस्त आचार्य आचार्य का विशेष योगदान रहा । मुख्य अतिथि रश्मि तिवारी ने बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु विशेष रूप से प्रेरित किया कर विद्यालय एवं परिवार की महत्व को साझा किया । इस कार्यक्रम में शिशु विभाग से शिशु वाटिका प्रमुख अंकिता दुबे , आचार्या श्रीमती शशि चौहान, सुश्री प्रियंका साहू , सुश्री पूजा आदित्य , श्रीमती संतोषी यादव , श्रीमती हेमलता , श्रीमती सरिता महंत , सुश्री मुस्कान यादव ने विशेष योगदान दिया । कार्यक्रम के अंत में आचार्या श्रीमती भगवती पाल द्वारा आभार व्यक्त किया गया ।
    user_Manoj kumar dinkar
    Manoj kumar dinkar
    Journalist कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • Post by Ram Prakash
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    Post by Ram Prakash
    user_Ram Prakash
    Ram Prakash
    Farmer कोटमा, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    46 min ago
  • धान खरीदी में लिमिट नहीं बढ़ने से भड़के किसान, सन्ना खरीदी केंद्र में तालाबंदी कर प्रदर्शन
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    धान खरीदी में लिमिट नहीं बढ़ने से भड़के किसान, सन्ना खरीदी केंद्र में तालाबंदी कर प्रदर्शन
    user_सच आप तक
    सच आप तक
    Local News Reporter जशपुर, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • कुपोषण के खिलाफ जंग, सुदूरवर्ती गांवों के 11 बच्चे स्वास्थ्य जांच के लिए सीएचसी पहुंचे चैनपुर : प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और कुपोषण उन्मूलन के लिए एक विशेष मुहिम शुरू की गई है। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से एकजुट संस्थान द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत बुधवार को चिन्हित किए गए 11 कुपोषित बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चैनपुर लाया गया।अस्पताल में तैनात डॉ. दीपशिखा किंडो ने सभी बच्चों के स्वास्थ्य की विस्तृत जांच की। इस दौरान मुख्य रूप से बच्चों की आयु और उनके वजन के अनुपात का मिलान किया गया ताकि कुपोषण के स्तर का सटीक पता लगाया जा सके। डॉ. किंडो ने गंभीर कमी वाले बच्चों के अभिभावकों को आवश्यक चिकित्सा परामर्श और उचित देखभाल के निर्देश दिए।जांच के उपरांत जिन बच्चों में 'गंभीर तीव्र कुपोषण' और 'अति-निम्न वजन' की समस्या पाई गई, उन्हें बेहतर उपचार के लिए निर्देशित किया गया है।मातृ एवं शिशु पोषण केंद्र डुमरी या रायडीह इन केंद्रों पर बच्चों को विशेष डाइट चार्ट और आवश्यक दवाओं के साथ भर्ती कर उपचार किया जाएगा। विशेषज्ञों द्वारा बच्चों के शरीर में पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए विशेष योजना बनाई गई है।इस अभियान को सफल बनाने में सहियाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वे प्रखंड के अत्यंत सुदूरवर्ती गांवों जैसे पाकरकोना, पुरनाडीह, कोरकोटोली, लुरु और कोटाम बहेराटोली से बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंचीं।
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    कुपोषण के खिलाफ जंग, सुदूरवर्ती गांवों के 11 बच्चे स्वास्थ्य जांच के लिए सीएचसी पहुंचे
चैनपुर : प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और कुपोषण उन्मूलन के लिए एक विशेष मुहिम शुरू की गई है। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से एकजुट संस्थान द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत बुधवार को चिन्हित किए गए 11 कुपोषित बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चैनपुर लाया गया।अस्पताल में तैनात डॉ. दीपशिखा किंडो ने सभी बच्चों के स्वास्थ्य की विस्तृत जांच की। इस दौरान मुख्य रूप से बच्चों की आयु और उनके वजन के अनुपात का मिलान किया गया ताकि कुपोषण के स्तर का सटीक पता लगाया जा सके। डॉ. किंडो ने गंभीर कमी वाले बच्चों के अभिभावकों को आवश्यक चिकित्सा परामर्श और उचित देखभाल के निर्देश दिए।जांच के उपरांत जिन बच्चों में 'गंभीर तीव्र कुपोषण' और 'अति-निम्न वजन' की समस्या पाई गई, उन्हें बेहतर उपचार के लिए निर्देशित किया गया है।मातृ एवं शिशु पोषण केंद्र डुमरी या रायडीह इन केंद्रों पर बच्चों को विशेष डाइट चार्ट और आवश्यक दवाओं के साथ भर्ती कर उपचार किया जाएगा। विशेषज्ञों द्वारा बच्चों के शरीर में पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए विशेष योजना बनाई गई है।इस अभियान को सफल बनाने में सहियाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वे प्रखंड के अत्यंत सुदूरवर्ती गांवों जैसे पाकरकोना, पुरनाडीह, कोरकोटोली, लुरु और कोटाम बहेराटोली से बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंचीं।
    user_Sunderam Keshri
    Sunderam Keshri
    पत्रकार चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    20 hrs ago
  • धान खरीदी में तकनीकी व प्रशासनिक कारणों से हजारों पात्र किसान अब तक अपना धान नहीं बेच पाए थे। इस गंभीर मुद्दे को जशपुर टाइम्स ने प्रमुखता के साथ लगातार उजागर किया, जिसके बाद शासन स्तर पर इस पर संज्ञान लिया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किसानों की समस्या पर ध्यानाकर्षण करते हुए धान विक्रय की समय-सीमा में दो दिवस की वृद्धि करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देशित किया गया है कि कोई भी पात्र किसान धान विक्रय से वंचित न रहे और सभी किसानों का धान नियमानुसार खरीदा जाए। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिली है और उम्मीद जताई जा रही है कि शेष बचे पात्र किसान निर्धारित समय-सीमा में अपना धान बेच सकेंगे।
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    धान खरीदी में तकनीकी व प्रशासनिक कारणों से हजारों पात्र किसान अब तक अपना धान नहीं बेच पाए थे। इस गंभीर मुद्दे को जशपुर टाइम्स ने प्रमुखता के साथ लगातार उजागर किया, जिसके बाद शासन स्तर पर इस पर संज्ञान लिया गया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किसानों की समस्या पर ध्यानाकर्षण करते हुए धान विक्रय की समय-सीमा में दो दिवस की वृद्धि करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देशित किया गया है कि कोई भी पात्र किसान धान विक्रय से वंचित न रहे और सभी किसानों का धान नियमानुसार खरीदा जाए।
मुख्यमंत्री के इस निर्णय से क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिली है और उम्मीद जताई जा रही है कि शेष बचे पात्र किसान निर्धारित समय-सीमा में अपना धान बेच सकेंगे।
    user_Ibnul khan
    Ibnul khan
    Media house कांसबेल, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
  • Post by DEOKI PURI GOSVAMI
    1
    Post by DEOKI PURI GOSVAMI
    user_DEOKI PURI GOSVAMI
    DEOKI PURI GOSVAMI
    कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • बाकी मोंगरा क्षेत्र में पटेल परिवार पिछले 11 घंटे से घर में घुसे सांप से बहुत परेशान था, जिसको निकालने का अथक प्रयास किया गया जिसमें परिवार सफल नहीं हुआ फिर 112 की मदद ली गई तब तक सांप घर के किसी कोने पर जाकर ओझल हो गया था तब तक रात हो गई फिर कुछ घंटे बाद जब परिवार ने उसी कमरे फिर उसे देखा तो डर से काप गए फिर आखिरकार आधी रात 10.30 बजे सर्पमित्रों को सूचना दिया गया. कुछ घंटे बाद सर्प मित्र बांकीमोंगरा पहुंचे फिर जिस जगह कोबरा बैठा हुआ था वहां पड़े समान को हटाया गया,घर में मौजूद नाग अत्यंत उग्र अवस्था में था, ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही जानलेवा हो सकती थी। सर्प मित्र ने वन्यजीव रेस्क्यु प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करते हुए, बेहद सावधानी और कुशलता के साथ नाग को सुरक्षित रूप से रेस्क्यु कर थैले में डाला।रेस्क्यु के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। परिवार के सदस्यों ने कहा कि हम जीवन भर रेस्क्यु टीम को नहीं भूलेंगे। उन्होंने हमें बहुत बड़ी मुसीबत से बचाया।”
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    बाकी मोंगरा क्षेत्र में पटेल परिवार पिछले 11 घंटे से घर में घुसे सांप से बहुत परेशान था, जिसको निकालने का अथक प्रयास किया गया जिसमें परिवार सफल नहीं हुआ फिर 112 की मदद ली गई तब तक सांप घर के किसी कोने पर जाकर ओझल हो गया था तब तक रात हो गई फिर कुछ घंटे बाद जब परिवार ने उसी कमरे फिर उसे देखा तो डर से काप गए फिर आखिरकार आधी रात 10.30 बजे सर्पमित्रों को सूचना दिया गया. कुछ  घंटे बाद सर्प मित्र बांकीमोंगरा पहुंचे  फिर जिस जगह कोबरा बैठा हुआ था वहां पड़े समान को हटाया गया,घर में मौजूद नाग अत्यंत उग्र अवस्था में था, ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही जानलेवा हो सकती थी। सर्प मित्र ने वन्यजीव रेस्क्यु प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करते हुए, बेहद सावधानी और कुशलता के साथ नाग को सुरक्षित रूप से रेस्क्यु कर थैले में डाला।रेस्क्यु के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। परिवार के सदस्यों ने कहा कि हम जीवन भर रेस्क्यु टीम को नहीं भूलेंगे। उन्होंने हमें बहुत बड़ी मुसीबत से बचाया।”
    user_Manoj kumar dinkar
    Manoj kumar dinkar
    Journalist कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
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