कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जनपद की चायल तहसील अंतर्गत संदीपन घाट थाना क्षेत्र के कुरई व बदनपुर घाट में हरे महुआ पेड़ों की कटाई की शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। क्षेत्र में शादी के नाम पर परमिट बनवाकर पेड़ों की कटाई किए जाने और फलदार वृक्षों को नुकसान पहुंचाने के आरोपों ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, पिछले दो दिनों से एक दर्जन से अधिक हरे महुआ पेड़ों की कटाई की सूचना सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने वन विभाग से रिपोर्ट तलब की है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यदि परमिट की आड़ में नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित व्यक्तियों और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि फलदार पेड़ों को भी लकड़ी माफियाओं द्वारा निशाना बनाया जाता है। वहीं, वन विभाग के उच्चाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकार की गाइडलाइन के विपरीत किसी भी स्थिति में हरे या फलदार पेड़ों की अवैध कटाई की अनुमति नहीं है। यदि कहीं लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। जानकारी के मुताबिक, बाहरी टीम द्वारा भी क्षेत्र का निरीक्षण किया गया है। प्रशासन का दावा है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रदेश सरकार जहां एक ओर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर हरियाली को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों पर सख्ती के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जनपद में अवैध कटान पर रोक लगाने के लिए विशेष निगरानी अभियान चलाया जाएगा और आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस बार शिकायतों पर ठोस कार्रवाई होगी और क्षेत्र की हरियाली सुरक्षित रह । पत्रकार ज्ञान सिंह की रिपोर्ट। ठाकुर दिन दरोगा जिले में चर्चा में बना हुआ है ।
कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जनपद की चायल तहसील अंतर्गत संदीपन घाट थाना क्षेत्र के कुरई व बदनपुर घाट में हरे महुआ पेड़ों की कटाई की शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। क्षेत्र में शादी के नाम पर परमिट बनवाकर पेड़ों की कटाई किए जाने और फलदार वृक्षों को नुकसान पहुंचाने के आरोपों ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, पिछले दो दिनों से एक दर्जन से अधिक हरे महुआ पेड़ों की कटाई की सूचना सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने वन विभाग से रिपोर्ट तलब की है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यदि परमिट की आड़ में नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित व्यक्तियों और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि फलदार पेड़ों को भी लकड़ी माफियाओं द्वारा निशाना बनाया जाता है। वहीं, वन विभाग के उच्चाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकार की गाइडलाइन के विपरीत किसी भी स्थिति में हरे या फलदार पेड़ों की अवैध कटाई की अनुमति नहीं है। यदि कहीं लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। जानकारी के मुताबिक, बाहरी टीम द्वारा भी क्षेत्र का निरीक्षण किया गया है। प्रशासन का दावा है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रदेश सरकार जहां एक ओर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर हरियाली को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों पर सख्ती के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जनपद में अवैध कटान पर रोक लगाने के लिए विशेष निगरानी अभियान चलाया जाएगा और आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस बार शिकायतों पर ठोस कार्रवाई होगी और क्षेत्र की हरियाली सुरक्षित रह । पत्रकार ज्ञान सिंह की रिपोर्ट। ठाकुर दिन दरोगा जिले में चर्चा में बना हुआ है ।
- ठाकुर दिन दरोगा जिले में चर्चा में बना हुआ है ।1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- मैं भी भविष्यवक्ता तो नहीं हूं लेकिन एक बात जरूर कह सकता हूं कि:- UP की जनता याद रखेगी कि सामान्य वर्ग विरोधी, गरीब बच्चों के विरोधी UGC बिल का जब किसी ने समर्थन नहीं किया तब तथाकथित “पटेल” बिरादरी के वोटों की दावेदारी करने वाली पल्लवी पटेल ने विधानसभा में इन काले नियमों का समर्थन किया।1
- कौशांबी: पत्रकार इश्तेयाक अहमद के समर्थन में प्रेस क्लब का दूसरे दिन प्रदर्शन ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS *कौशांबी* कौशांबी। जनपद में पत्रकार इश्तेयाक अहमद के खिलाफ दर्ज कथित फर्जी मुकदमे के विरोध में दूसरे दिन भी प्रेस क्लब कौशांबी के पदाधिकारी और सदस्य सड़कों पर उतर आए। पत्रकारों ने जिला पंचायत कार्यालय से पैदल मार्च निकालते हुए डायट मैदान पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया।प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने एक स्वर में कहा कि किसी भी पत्रकार को झूठे मुकदमे में फंसाने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इश्तेयाक अहमद को साजिशन मुकदमे में नामजद कर जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।धरने के दौरान वक्ताओं ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की। उनका कहना था कि यदि प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच कर न्याय नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।पत्रकारों ने चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर जिलेभर के मीडिया कर्मी व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। फिलहाल मामले में प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- *पत्रकार इश्तेयाक अहमद पर दर्ज मुकदमे के विरोध में उबाल, न्याय की मांग तेज* *कौशाम्बी संदेश* कौशाम्बी। जनपद में पत्रकार इश्तेयाक अहमद पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमे को लेकर पत्रकारों और सामाजिक संगठनों में आक्रोश व्याप्त है। विभिन्न पत्रकार संगठनों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए मुकदमा वापस लेने की मांग की है।पत्रकारों का कहना है कि सच लिखने की वजह से इश्तेयाक अहमद को निशाना बनाया गया है। उनका आरोप है कि बिना निष्पक्ष जांच के कार्रवाई कर दी गई, जो न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए फर्जी मुकदमा वापस लेने और पत्रकार को न्याय दिलाने की मांग की।इस दौरान “इश्तेयाक अहमद को न्याय दो, फर्जी मुकदमा वापस लो”, “कलम की आवाज़ दबेगी नहीं” जैसे नारों के साथ विरोध प्रदर्शन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया चौथा स्तंभ है और यदि पत्रकारों को ही प्रताड़ित किया जाएगा तो जनहित के मुद्दे सामने नहीं आ पाएंगे।पत्रकार संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है। प्रशासन की ओर से अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले को लेकर जिले में चर्चाओं का दौर जारी है।4
- bhai log support karo1
- Post by पत्रकार उत्तर प्रदेश1
- Post by D.D.NEWS UTTER PRADESH1