माँ… ये सिर्फ एक शब्द नहीं, पूरी सृष्टि की सबसे गहरी भावना है। बरगी डेम की उस भयावह घटना के 15 घंटे बाद जब ये तस्वीर सामने आई… तो सिर्फ एक हादसे की कहानी नहीं, बल्कि माँ की ममता का वो रूप दिखा… जिसे शब्दों में बांध पाना लगभग नामुमकिन है। लहरों ने सब कुछ छीन लिया… सांसें थम गईं… उम्मीदें डूब गईं… लेकिन एक चीज़ आख़िरी पल तक जिंदा रही — माँ का अपने बच्चे के लिए प्रेम। वो माँ… जिसे खुद का होश नहीं था… जिसके चारों ओर मौत का सन्नाटा था… फिर भी उसने अपने बेटे को अपनी बाहों से अलग नहीं होने दिया। मौत भी शायद उस पल ठहर गई होगी… क्योंकि वो देख रही थी — एक माँ अपने बच्चे को जिंदगी की आख़िरी हद तक थामे हुए है। आज भले ही दोनों इस दुनिया में नहीं हैं… लेकिन वो तस्वीर चीख-चीख कर कहती है — “माँ कभी हारती नहीं… वो आख़िरी सांस तक अपने बच्चे के साथ खड़ी रहती है।” ये दृश्य सिर्फ आंखों को नम नहीं करता… ये दिल को अंदर तक तोड़ देता है… और एक सवाल छोड़ जाता है — क्या सच में इस दुनिया में माँ से बढ़कर कुछ है? ऐसी ममता… ऐसा त्याग… ऐसा प्रेम… ना कभी देखा गया… ना कभी देखा जाएगा… 🙏 उस माँ को शत-शत नमन… जिसने मौत के आगे भी अपने प्यार को झुकने नहीं दिया।
माँ… ये सिर्फ एक शब्द नहीं, पूरी सृष्टि की सबसे गहरी भावना है। बरगी डेम की उस भयावह घटना के 15 घंटे बाद जब ये तस्वीर सामने आई… तो सिर्फ एक हादसे की कहानी नहीं, बल्कि माँ की ममता का वो रूप दिखा… जिसे शब्दों में बांध पाना लगभग नामुमकिन है। लहरों ने सब कुछ छीन लिया… सांसें थम गईं… उम्मीदें डूब गईं… लेकिन एक चीज़ आख़िरी पल तक जिंदा रही — माँ का अपने बच्चे के लिए प्रेम। वो माँ… जिसे खुद का होश नहीं था… जिसके चारों ओर मौत का सन्नाटा था… फिर भी उसने अपने बेटे को अपनी बाहों से अलग नहीं होने दिया। मौत भी शायद उस पल ठहर गई होगी… क्योंकि वो देख रही थी — एक माँ अपने बच्चे को जिंदगी की आख़िरी हद तक थामे हुए है। आज भले ही दोनों इस दुनिया में नहीं हैं… लेकिन वो तस्वीर चीख-चीख कर कहती है — “माँ कभी हारती नहीं… वो आख़िरी सांस तक अपने बच्चे के साथ खड़ी रहती है।” ये दृश्य सिर्फ आंखों को नम नहीं करता… ये दिल को अंदर तक तोड़ देता है… और एक सवाल छोड़ जाता है — क्या सच में इस दुनिया में माँ से बढ़कर कुछ है? ऐसी ममता… ऐसा त्याग… ऐसा प्रेम… ना कभी देखा गया… ना कभी देखा जाएगा… 🙏 उस माँ को शत-शत नमन… जिसने मौत के आगे भी अपने प्यार को झुकने नहीं दिया।
- बरगी डेम की उस भयावह घटना के 15 घंटे बाद जब ये तस्वीर सामने आई… तो सिर्फ एक हादसे की कहानी नहीं, बल्कि माँ की ममता का वो रूप दिखा… जिसे शब्दों में बांध पाना लगभग नामुमकिन है। लहरों ने सब कुछ छीन लिया… सांसें थम गईं… उम्मीदें डूब गईं… लेकिन एक चीज़ आख़िरी पल तक जिंदा रही — माँ का अपने बच्चे के लिए प्रेम। वो माँ… जिसे खुद का होश नहीं था… जिसके चारों ओर मौत का सन्नाटा था… फिर भी उसने अपने बेटे को अपनी बाहों से अलग नहीं होने दिया। मौत भी शायद उस पल ठहर गई होगी… क्योंकि वो देख रही थी — एक माँ अपने बच्चे को जिंदगी की आख़िरी हद तक थामे हुए है। आज भले ही दोनों इस दुनिया में नहीं हैं… लेकिन वो तस्वीर चीख-चीख कर कहती है — “माँ कभी हारती नहीं… वो आख़िरी सांस तक अपने बच्चे के साथ खड़ी रहती है।” ये दृश्य सिर्फ आंखों को नम नहीं करता… ये दिल को अंदर तक तोड़ देता है… और एक सवाल छोड़ जाता है — क्या सच में इस दुनिया में माँ से बढ़कर कुछ है? ऐसी ममता… ऐसा त्याग… ऐसा प्रेम… ना कभी देखा गया… ना कभी देखा जाएगा… 🙏 उस माँ को शत-शत नमन… जिसने मौत के आगे भी अपने प्यार को झुकने नहीं दिया।1
- “माँ खुद हार गई… लेकिन अपने बेटे का हाथ आखिरी सांस तक नहीं छोड़ा… 💔 ये सिर्फ एक तस्वीर नहीं, ममता की सबसे बड़ी मिसाल है…”1
- दमोह शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले के पठानी मोहल्ले में शादी समारोह में नाचते वक्त युवक के साथ चाकूबाजी की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार बजरिया वार्ड क्रमांक 3 गरड़याऊ निवासी 22 वर्षीय दीपक चक्रवर्ती पर शादी समारोह के दौरान नाचते वक्त अज्ञात युवक ने हमला कर दिया। बताया गया है कि दीपक अपने सहपाठी मित्र की शादी में शामिल होने गया था, जहां नाचते समय किसी अज्ञात व्यक्ति ने उस पर चाकू से ताबड़तोड़ चार वार कर दिए। घटना में गंभीर रूप से घायल दीपक को परिजनों की मदद से तत्काल जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका उपचार कर भर्ती कर लिया है। मामले में आज शुक्रवार दोपहर 3 बजे घायल दीपक ने बताया वह हमलावर को चेहरे से पहचानता है, लेकिन नाम नहीं जानता और उसका किसी से कोई विवाद भी नहीं था। वहीं मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की पहचान कर जल्द ही अज्ञात आरोपी की तलाश कर गिरफ्तारी की जाएगी।1
- बरगी डैम क्रूज हादसे को लेकर सीएम पहुँचे जबलपुर सीएम डॉ मोहन यादव क्रूज में डूबने से हुई नीतू सोनी की मौत को लेकर पहुँचे मृतिका के घर किया शोक व्यक्त,परिजनों को बांधा ढांढस कोतवाली से रांझी और सिविल लाइन के बाद सीएम पहुचेंगे बरगी डैम घटना स्थल1
- न्यूज सलैया टपरियाँ मे हुई तेज बारिश1
- Post by Savita vishwkarama1
- बहोरीबंद।। बाकल क्षेत्र में शुक्रवार शाम अचानक आए तेज आंधी-तूफान ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। तेज हवाओं के साथ उठे धूल के गुब्बारों ने कुछ ही पलों में आसमान को पूरी तरह ढक लिया, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। आंधी की तीव्रता इतनी अधिक थी कि यात्री वाहनों के पहिए थम गए। बस और अन्य वाहन चालकों को मजबूरन अपने वाहन सड़क किनारे रोकने पड़े, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। कई स्थानों पर लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में इधर-उधर भागते नजर आए। तेज तूफान की वजह से कई पेड़ भी धराशाई हो गए। मुख्य मार्गों पर पेड़ गिरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही और कई जगह जाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई। राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज हवा के कारण छोटे दुकानदारों को भी नुकसान उठाना पड़ा। कई दुकानों के टीन-शेड हिल गए, जबकि बैनर और पोस्टर उड़कर सड़कों पर बिखर गए। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आंधी-तूफान का यह अचानक रूप काफी भयावह था, जिससे कुछ समय के लिए सामान्य जनजीवन पूरी तरह थम सा गया।1
- दमोह। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर बौद्ध समाज के अनुयायियों द्वारा आज शुक्रवार शहर में श्रद्धा और आस्था के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान समाज के लोगों ने डॉ भीमराव अंबेडकर की आदमकद प्रतिमा के समक्ष एकत्र होकर बुद्ध वंदना की और समाज में शांति, अहिंसा एवं भाईचारे का संदेश दिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भगवान बुद्ध के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हुए समाज में सद्भाव बनाए रखने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि भगवान बुद्ध का जीवन और उनके उपदेश आज भी प्रासंगिक हैं, जो मानवता को सही दिशा दिखाते हैं। इस अवसर पर मुख्य रूप से भारतीय बौद्ध महासभा के जिला अध्यक्ष महेंद्र बौद्ध सहित पी.एल. रोहित, डी.पी. वर्मा, सुरेश अहिरवार, एच.एल. अहिरवार, ओम प्रकाश राज, राकेश अहिरवार, मुकेश अहिरवार, डीपी बाबू, दंसु प्रसाद, एल.पी. सूर्यवंशी, झलकन प्रसाद, बद्री अहिरवार, प्रकाश लारिया एवं मुलायम बाबू सहित अनेक समाजजन मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एकजुट होकर समाज में शांति, समानता और करुणा के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।1