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बाकल क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान का कहर, यात्री वाहनों के पहिए थमे, धूल के गुब्बारों से आसमान ढका, पेड़ गिरने से मार्ग बाधित बहोरीबंद।। बाकल क्षेत्र में शुक्रवार शाम अचानक आए तेज आंधी-तूफान ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। तेज हवाओं के साथ उठे धूल के गुब्बारों ने कुछ ही पलों में आसमान को पूरी तरह ढक लिया, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। आंधी की तीव्रता इतनी अधिक थी कि यात्री वाहनों के पहिए थम गए। बस और अन्य वाहन चालकों को मजबूरन अपने वाहन सड़क किनारे रोकने पड़े, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। कई स्थानों पर लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में इधर-उधर भागते नजर आए। तेज तूफान की वजह से कई पेड़ भी धराशाई हो गए। मुख्य मार्गों पर पेड़ गिरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही और कई जगह जाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई। राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज हवा के कारण छोटे दुकानदारों को भी नुकसान उठाना पड़ा। कई दुकानों के टीन-शेड हिल गए, जबकि बैनर और पोस्टर उड़कर सड़कों पर बिखर गए। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आंधी-तूफान का यह अचानक रूप काफी भयावह था, जिससे कुछ समय के लिए सामान्य जनजीवन पूरी तरह थम सा गया।

10 hrs ago
user_गोकुल पटेल
गोकुल पटेल
Local News Reporter बहोरीबंद, कटनी, मध्य प्रदेश•
10 hrs ago

बाकल क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान का कहर, यात्री वाहनों के पहिए थमे, धूल के गुब्बारों से आसमान ढका, पेड़ गिरने से मार्ग बाधित बहोरीबंद।। बाकल क्षेत्र में शुक्रवार शाम अचानक आए तेज आंधी-तूफान ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। तेज हवाओं के साथ उठे धूल के गुब्बारों ने कुछ ही पलों में आसमान को पूरी तरह ढक लिया, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। आंधी की तीव्रता इतनी अधिक थी कि यात्री वाहनों के पहिए थम गए। बस और अन्य वाहन चालकों को मजबूरन अपने वाहन सड़क किनारे रोकने पड़े, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। कई स्थानों पर लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में इधर-उधर भागते नजर आए। तेज तूफान की वजह से कई पेड़ भी धराशाई हो गए। मुख्य मार्गों पर पेड़ गिरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही और कई जगह जाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई। राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज हवा के कारण छोटे दुकानदारों को भी नुकसान उठाना पड़ा। कई दुकानों के टीन-शेड हिल गए, जबकि बैनर और पोस्टर उड़कर सड़कों पर बिखर गए। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आंधी-तूफान का यह अचानक रूप काफी भयावह था, जिससे कुछ समय के लिए सामान्य जनजीवन पूरी तरह थम सा गया।

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  • बहोरीबंद।। बाकल क्षेत्र में शुक्रवार शाम अचानक आए तेज आंधी-तूफान ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। तेज हवाओं के साथ उठे धूल के गुब्बारों ने कुछ ही पलों में आसमान को पूरी तरह ढक लिया, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। आंधी की तीव्रता इतनी अधिक थी कि यात्री वाहनों के पहिए थम गए। बस और अन्य वाहन चालकों को मजबूरन अपने वाहन सड़क किनारे रोकने पड़े, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। कई स्थानों पर लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में इधर-उधर भागते नजर आए। तेज तूफान की वजह से कई पेड़ भी धराशाई हो गए। मुख्य मार्गों पर पेड़ गिरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही और कई जगह जाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई। राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज हवा के कारण छोटे दुकानदारों को भी नुकसान उठाना पड़ा। कई दुकानों के टीन-शेड हिल गए, जबकि बैनर और पोस्टर उड़कर सड़कों पर बिखर गए। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आंधी-तूफान का यह अचानक रूप काफी भयावह था, जिससे कुछ समय के लिए सामान्य जनजीवन पूरी तरह थम सा गया।
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    बहोरीबंद।। बाकल क्षेत्र में शुक्रवार शाम अचानक आए तेज आंधी-तूफान ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। तेज हवाओं के साथ उठे धूल के गुब्बारों ने कुछ ही पलों में आसमान को पूरी तरह ढक लिया, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई।
आंधी की तीव्रता इतनी अधिक थी कि यात्री वाहनों के पहिए थम गए। बस और अन्य वाहन चालकों को मजबूरन अपने वाहन सड़क किनारे रोकने पड़े, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। कई स्थानों पर लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में इधर-उधर भागते नजर आए।
तेज तूफान की वजह से कई पेड़ भी धराशाई हो गए। मुख्य मार्गों पर पेड़ गिरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही और कई जगह जाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई। राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
तेज हवा के कारण छोटे दुकानदारों को भी नुकसान उठाना पड़ा। कई दुकानों के टीन-शेड हिल गए, जबकि बैनर और पोस्टर उड़कर सड़कों पर बिखर गए। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आंधी-तूफान का यह अचानक रूप काफी भयावह था, जिससे कुछ समय के लिए सामान्य जनजीवन पूरी तरह थम सा गया।
    user_गोकुल पटेल
    गोकुल पटेल
    Local News Reporter बहोरीबंद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • शादी में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज पर आक्रोश, अजाक्स और भीम आर्मी ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग कटनी जिले के कुठला थाना क्षेत्र अंतर्गत इंद्रा नगर में एक विवाह समारोह के दौरान हुई पुलिसिया बर्बरता के खिलाफ अब विरोध के स्वर मुखर होने लगे हैं। 'मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ' (अजाक्स) और और भीम आर्मी ने शुक्रवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन के अनुसार, बीती 20 अप्रैल को मैहर के ग्राम अमदरा से आई एक दलित समाज की बारात में पुलिसकर्मियों और सिविल ड्रेस में आए कुछ व्यक्तियों ने अमानवीय व्यवहार करते हुए बारातियों पर लाठियां भांजीं। इस औचक हमले में कई निर्दोष लोग चोटिल हुए, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। अजाक्स ने इसे मानवाधिकारों का हनन बताते हुए दोषी कर्मियों को तत्काल निलंबित करने और उनके विरुद्ध SC/ST अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, संघ ने पीड़ित पक्ष के राहुल चौधरी व अन्य पर दर्ज किए गए मुकदमे को झूठा करार देते हुए उसे निरस्त करने का आग्रह किया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय नहीं मिला, तो समाज उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
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    शादी में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज पर आक्रोश, अजाक्स और भीम आर्मी ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग 
कटनी  जिले के कुठला थाना क्षेत्र अंतर्गत इंद्रा नगर में एक विवाह समारोह के दौरान हुई पुलिसिया बर्बरता के खिलाफ अब विरोध के स्वर मुखर होने लगे हैं। 'मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ' (अजाक्स) और और भीम आर्मी ने शुक्रवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन के अनुसार, बीती 20 अप्रैल को मैहर के ग्राम अमदरा से आई एक दलित समाज की बारात में पुलिसकर्मियों और सिविल ड्रेस में आए कुछ व्यक्तियों ने अमानवीय व्यवहार करते हुए बारातियों पर लाठियां भांजीं। इस औचक हमले में कई निर्दोष लोग चोटिल हुए, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। अजाक्स ने इसे मानवाधिकारों का हनन बताते हुए दोषी कर्मियों को तत्काल निलंबित करने और उनके विरुद्ध SC/ST अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है।
इसके अतिरिक्त, संघ ने पीड़ित पक्ष के राहुल चौधरी व अन्य पर दर्ज किए गए मुकदमे को झूठा करार देते हुए उसे निरस्त करने का आग्रह किया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय नहीं मिला, तो समाज उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
    user_Anivesh Paroha
    Anivesh Paroha
    पत्रकार बहोरीबंद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • एक वीडियो आया सामने बरगी बांध जबलपुर में क्रूर डूबने पर प्रशासन पर उठे सवाल लोगों ने की निंदा बहुत ही दुखद घटना
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    एक वीडियो आया सामने बरगी बांध जबलपुर में क्रूर डूबने पर प्रशासन पर उठे सवाल लोगों ने की निंदा बहुत ही दुखद घटना
    user_आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी मंदि
    आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी मंदि
    Social worker कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • कटनी शराब पीकर आने वाले लोगों का मंदिर के पास होना धार्मिक माहौल को प्रभावित करता है बहस, शोर-शराबा या अभद्र व्यवहार की संभावना महिलाओं और बुजुर्गों को असुरक्षा महसूस हो रही है 2. अस्पताल के मरीजों और परिजनों के लिए अस्पताल के पास शांति जरूरी होती है, लेकिन शराब दुकान के कारण भीड़ और शोर बढ़ सकता है नशे में लोग मरीजों या स्टाफ से उलझ सकते हैं एम्बुलेंस मूवमेंट में बाधा (भीड़/गाड़ियाँ खड़ी होने से) 3. स्कूल के बच्चों पर प्रभाव बच्चों के सामने नशे का माहौल बनना, जो मानसिक रूप से गलत संदेश देता है स्कूल टाइम में भीड़ या झगड़े होने का खतरा छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल 4. आम जनता के लिए सड़क पर भीड़, ट्रैफिक जाम गंदगी (खाली बोतलें, प्लास्टिक) अपराध की संभावना बढ़ना (छेड़छाड़, झगड़े आदि) संवेदनशील जगहों से न्यूनतम दूरी रखना अनिवार्य होता है, जैसे: स्कूल / कॉलेज मंदिर / मस्जिद / धार्मिक स्थल अस्पताल आम तौर पर यह दूरी 100 मीटर से 200 मीटर के बीच होती है
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    कटनी शराब पीकर आने वाले लोगों का मंदिर के पास होना धार्मिक माहौल को प्रभावित करता है
बहस, शोर-शराबा या अभद्र व्यवहार की संभावना
महिलाओं और बुजुर्गों को असुरक्षा महसूस हो रही है
2. अस्पताल के मरीजों और परिजनों के लिए
अस्पताल के पास शांति जरूरी होती है, लेकिन शराब दुकान के कारण भीड़ और शोर बढ़ सकता है
नशे में लोग मरीजों या स्टाफ से उलझ सकते हैं
एम्बुलेंस मूवमेंट में बाधा (भीड़/गाड़ियाँ खड़ी होने से)
3. स्कूल के बच्चों पर प्रभाव
बच्चों के सामने नशे का माहौल बनना, जो मानसिक रूप से गलत संदेश देता है
स्कूल टाइम में भीड़ या झगड़े होने का खतरा
छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल
4. आम जनता के लिए
सड़क पर भीड़, ट्रैफिक जाम
गंदगी (खाली बोतलें, प्लास्टिक)
अपराध की संभावना बढ़ना (छेड़छाड़, झगड़े आदि)
संवेदनशील जगहों से न्यूनतम दूरी रखना अनिवार्य होता है, जैसे:
स्कूल / कॉलेज
मंदिर / मस्जिद / धार्मिक स्थल
अस्पताल
आम तौर पर यह दूरी 100 मीटर से 200 मीटर के बीच होती है
    user_Naresh Bajaj
    Naresh Bajaj
    पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • बरगी डेम की उस भयावह घटना के 15 घंटे बाद जब ये तस्वीर सामने आई… तो सिर्फ एक हादसे की कहानी नहीं, बल्कि माँ की ममता का वो रूप दिखा… जिसे शब्दों में बांध पाना लगभग नामुमकिन है। लहरों ने सब कुछ छीन लिया… सांसें थम गईं… उम्मीदें डूब गईं… लेकिन एक चीज़ आख़िरी पल तक जिंदा रही — माँ का अपने बच्चे के लिए प्रेम। वो माँ… जिसे खुद का होश नहीं था… जिसके चारों ओर मौत का सन्नाटा था… फिर भी उसने अपने बेटे को अपनी बाहों से अलग नहीं होने दिया। मौत भी शायद उस पल ठहर गई होगी… क्योंकि वो देख रही थी — एक माँ अपने बच्चे को जिंदगी की आख़िरी हद तक थामे हुए है। आज भले ही दोनों इस दुनिया में नहीं हैं… लेकिन वो तस्वीर चीख-चीख कर कहती है — “माँ कभी हारती नहीं… वो आख़िरी सांस तक अपने बच्चे के साथ खड़ी रहती है।” ये दृश्य सिर्फ आंखों को नम नहीं करता… ये दिल को अंदर तक तोड़ देता है… और एक सवाल छोड़ जाता है — क्या सच में इस दुनिया में माँ से बढ़कर कुछ है? ऐसी ममता… ऐसा त्याग… ऐसा प्रेम… ना कभी देखा गया… ना कभी देखा जाएगा… 🙏 उस माँ को शत-शत नमन… जिसने मौत के आगे भी अपने प्यार को झुकने नहीं दिया।
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    बरगी डेम की उस भयावह घटना के 15 घंटे बाद जब ये तस्वीर सामने आई… तो सिर्फ एक हादसे की कहानी नहीं, बल्कि माँ की ममता का वो रूप दिखा… जिसे शब्दों में बांध पाना लगभग नामुमकिन है।
लहरों ने सब कुछ छीन लिया…
सांसें थम गईं…
उम्मीदें डूब गईं…
लेकिन एक चीज़ आख़िरी पल तक जिंदा रही —
माँ का अपने बच्चे के लिए प्रेम।
वो माँ…
जिसे खुद का होश नहीं था…
जिसके चारों ओर मौत का सन्नाटा था…
फिर भी उसने अपने बेटे को अपनी बाहों से अलग नहीं होने दिया।
मौत भी शायद उस पल ठहर गई होगी…
क्योंकि वो देख रही थी —
एक माँ अपने बच्चे को जिंदगी की आख़िरी हद तक थामे हुए है।
आज भले ही दोनों इस दुनिया में नहीं हैं…
लेकिन वो तस्वीर चीख-चीख कर कहती है —
“माँ कभी हारती नहीं… वो आख़िरी सांस तक अपने बच्चे के साथ खड़ी रहती है।”
ये दृश्य सिर्फ आंखों को नम नहीं करता…
ये दिल को अंदर तक तोड़ देता है…
और एक सवाल छोड़ जाता है —
क्या सच में इस दुनिया में माँ से बढ़कर कुछ है?
ऐसी ममता…
ऐसा त्याग…
ऐसा प्रेम…
ना कभी देखा गया…
ना कभी देखा जाएगा…
🙏
उस माँ को शत-शत नमन…
जिसने मौत के आगे भी अपने प्यार को झुकने नहीं दिया।
    user_अरविंद सिंह लोधी
    अरविंद सिंह लोधी
    News Anchor जबेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • “माँ खुद हार गई… लेकिन अपने बेटे का हाथ आखिरी सांस तक नहीं छोड़ा… 💔 ये सिर्फ एक तस्वीर नहीं, ममता की सबसे बड़ी मिसाल है…”
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    “माँ खुद हार गई…
लेकिन अपने बेटे का हाथ आखिरी सांस तक नहीं छोड़ा… 💔
ये सिर्फ एक तस्वीर नहीं, ममता की सबसे बड़ी मिसाल है…”
    user_Pushpendra Lodhi
    Pushpendra Lodhi
    जबेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • मिस्टी हेल्पिंग फाउंडेशन के ट्रस्टी पहुंचे नर्मदा नदी स्नान के साथ पूजा अर्चना किया...
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    मिस्टी हेल्पिंग फाउंडेशन के ट्रस्टी पहुंचे नर्मदा नदी स्नान के साथ पूजा अर्चना किया...
    user_Misty Helping Foundation
    Misty Helping Foundation
    Voice of people Jabalpur, Madhya Pradesh•
    2 hrs ago
  • तेज़ तूफ़ान और बेमौसम बारिश से जनजीवन प्रभावित, किसानों की बढ़ी चिंता, छप्पर उड़े, दुकानों के बैनर-पोस्टर क्षतिग्रस्त.... कटनी/बहोरीबंद/बाकल। बीते कुछ दिनों से क्षेत्र में हो रही बेमौसम बारिश और तेज़ तूफ़ान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। अचानक बदले मौसम के मिजाज ने जहां आम लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी है, वहीं किसानों की चिंता भी काफी बढ़ा दी है। तेज़ आंधी और बारिश के चलते कई ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों के छप्पर उड़ गए, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। वहीं बाजार क्षेत्रों में दुकानों के बैनर और पोस्टर भी हवा में उड़ गए, जिससे व्यापारियों को भी नुकसान झेलना पड़ा। मौसम के इस अचानक बदलाव ने लोगों को सतर्क रहने के लिए मजबूर कर दिया है।
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    तेज़ तूफ़ान और बेमौसम बारिश से जनजीवन प्रभावित, किसानों की बढ़ी चिंता, छप्पर उड़े, दुकानों के बैनर-पोस्टर क्षतिग्रस्त....
कटनी/बहोरीबंद/बाकल।  बीते कुछ दिनों से क्षेत्र में हो रही बेमौसम बारिश और तेज़ तूफ़ान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। अचानक बदले मौसम के मिजाज ने जहां आम लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी है, वहीं किसानों की चिंता भी काफी बढ़ा दी है।
तेज़ आंधी और बारिश के चलते कई ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों के छप्पर उड़ गए, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। वहीं बाजार क्षेत्रों में दुकानों के बैनर और पोस्टर भी हवा में उड़ गए, जिससे व्यापारियों को भी नुकसान झेलना पड़ा। मौसम के इस अचानक बदलाव ने लोगों को सतर्क रहने के लिए मजबूर कर दिया है।
    user_गोकुल पटेल
    गोकुल पटेल
    Local News Reporter बहोरीबंद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
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