मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित सरकारी अस्पताल में मानवता की एक भावुक कर देने वाली मिसाल देखने को मिली, जहाँ बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर ने ढोढर से आए एक बुजुर्ग व्यक्ति, पन्नालाल जी, की मदद की। पन्नालाल जी सुबह लगभग 10:00 बजे से अस्पताल में परेशान होकर भटक रहे थे क्योंकि उन्हें अस्पताल की प्रक्रियाओं और जाँच संबंधी कोई सही जानकारी नहीं मिल पा रही थी। उनकी बेटी और परिवार की अन्य महिलाएँ भी उनके साथ थीं, लेकिन सभी असहाय और चिंतित दिख रहे थे। शाम करीब 5:00 बजे, जब बल्लू टी स्टॉल के प्रतिनिधि अस्पताल पहुँचे और स्थिति देखी, तो पन्नालाल जी उनके पैरों में पड़ गए और मदद की गुहार लगाई। यह देखकर तुरंत काउंटर पर जाकर जानकारी ली गई, उनकी जाँच की पर्ची बनवाई गई और अक्षरा की जाँच भी करवाई गई। इसके बाद डॉक्टर मैडम से बात करके उन्हें 11 नंबर वार्ड में भर्ती कराने की प्रक्रिया पूरी की गई। डॉक्टर साहब ने भर्ती की आवश्यकता लिखी, जिसके बाद बाबा जी को वार्ड में ले जाकर भर्ती कराया गया, उन्हें दवाइयाँ और गोलियाँ दिलवाई गईं, और आखिरकार उन्हें एक बिस्तर मिल गया। सबसे भावुक क्षण तब आया जब पन्नालाल जी ने मदद करने वाले से पूछा कि उन्हें क्या चाहिए, तो जवाब मिला कि उन्हें कुछ नहीं चाहिए, बस बाबा जी का ठीक हो जाना ही सबसे बड़ी जरूरत है। बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश ने इस घटना को आज के समय में इंसानियत को सबसे बड़ा धर्म और परेशान व अनजान व्यक्ति की मदद को सबसे बड़ी सेवा बताया, और यह भी कहा कि वे हमेशा जरूरतमंद लोगों के साथ खड़े रहेंगे।
मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित सरकारी अस्पताल में मानवता की एक भावुक कर देने वाली मिसाल देखने को मिली, जहाँ बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर ने ढोढर से आए एक बुजुर्ग व्यक्ति, पन्नालाल जी, की मदद की। पन्नालाल जी सुबह लगभग 10:00 बजे से अस्पताल में परेशान होकर भटक रहे थे क्योंकि उन्हें अस्पताल की प्रक्रियाओं और जाँच संबंधी कोई सही जानकारी नहीं मिल पा रही थी। उनकी बेटी और परिवार की अन्य महिलाएँ भी उनके साथ थीं, लेकिन सभी असहाय और चिंतित दिख रहे थे। शाम करीब 5:00 बजे, जब बल्लू टी स्टॉल के प्रतिनिधि अस्पताल पहुँचे और स्थिति देखी, तो पन्नालाल जी उनके पैरों में पड़ गए और मदद की गुहार लगाई। यह देखकर तुरंत काउंटर पर जाकर जानकारी ली गई, उनकी जाँच की पर्ची बनवाई गई और अक्षरा की जाँच भी करवाई गई। इसके बाद डॉक्टर मैडम से बात करके उन्हें 11 नंबर वार्ड में भर्ती कराने की प्रक्रिया पूरी की गई। डॉक्टर साहब ने भर्ती की आवश्यकता लिखी, जिसके बाद बाबा जी को वार्ड में ले जाकर भर्ती कराया गया, उन्हें दवाइयाँ और गोलियाँ दिलवाई गईं, और आखिरकार उन्हें एक बिस्तर मिल गया। सबसे भावुक क्षण तब आया जब पन्नालाल जी ने मदद करने वाले से पूछा कि उन्हें क्या चाहिए, तो जवाब मिला कि उन्हें कुछ नहीं चाहिए, बस बाबा जी का ठीक हो जाना ही सबसे बड़ी जरूरत है। बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश ने इस घटना को आज के समय में इंसानियत को सबसे बड़ा धर्म और परेशान व अनजान व्यक्ति की मदद को सबसे बड़ी सेवा बताया, और यह भी कहा कि वे हमेशा जरूरतमंद लोगों के साथ खड़े रहेंगे।
- धौलपुर के सरमथुरा कस्बे से मिली जानकारी के अनुसार, पार्षद एवं नेता प्रति पक्ष सोनू कुमार शर्मा चरोरे ने अपने परिवार के साथ गोवर्धन महाराज की दंडवत परिक्रमा शुरू की है। यह दंडवत यात्रा तीन दिन पहले शुरू हुई है, जिसका मुख्य उद्देश्य वार्ड की खुशहाली की कामना करना है। इस धार्मिक परिक्रमा में सोनू कुमार शर्मा चरोरे के साथ उनकी धर्म पत्नी भावना शर्मा, पुत्र लड्डू चरोरे, भाई राहुल शर्मा और चाचा गोविंद शर्मा सहित अन्य परिवार जन भी शामिल हैं। नेता प्रति पक्ष ने इस संदर्भ में बताया कि सनातन धर्म और गौ रक्षा हर सनातनी का फर्ज है, और हमें ऐसी धार्मिक यात्राएँ एवं परिक्रमा अवश्य करनी चाहिए। उन्होंने ब्रज की रज को किसी चंदन से कम नहीं बताया, क्योंकि इसमें भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी के प्रेम की अनुपम सुगंध समाहित है।1
- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. सतीश चंद मीना ने करौली जिले के चिकित्सा संस्थानों पर हीटवेव की तैयारियों का जायजा लेने और मरीजों से सेवाओं पर प्रतिक्रिया लेने के लिए सीएचसी कैमला, नादौती और गुढाचंद्र जी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वार्डों का निरीक्षण किया और अतिरिक्त कूलर लगाने के निर्देश दिए। सीएचसी कैमला में, सीएमएचओ ने ओपीडी और आईपीडी की स्थिति का जायजा लिया, उपस्थिति पंजिका के अनुसार कर्मचारियों की मौजूदगी की जांच की, आवश्यक दवाओं के बारे में जानकारी ली और निर्माण कार्य का अवलोकन किया। ग्रामीणों द्वारा अस्पताल में डॉक्टर संबंधी समस्या को लेकर दिए गए ज्ञापन पर उन्होंने जल्द ही कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त, सीएमएचओ ने सीएचसी नादौती में ओपीडी-आईपीडी सहित कर्मचारियों की उपस्थिति की समीक्षा की और प्रभारी को साफ-सफाई तथा हीटवेव से पीड़ित मरीजों के संतोषजनक इलाज के लिए पाबंद किया। सीएचसी गुढ़ाचंद्रजी में, संस्था प्रभारी ने डॉक्टरों की तुलना में अधिक ओपीडी होने की स्थिति बताई, जिस पर सीएमएचओ ने जल्द ही एक डॉक्टर नियुक्त करने की बात कही। उन्होंने मरीजों से सेवाओं का फीडबैक भी लिया और वार्ड में अतिरिक्त कूलर की व्यवस्था कराई। सीएमएचओ ने लू-तापघात और हीटवेव से निपटने के लिए किए गए इंतजामों की भी समीक्षा की। इस निरीक्षण के दौरान डीपीसी-आईईसी लखन सिंह लोधा और डीसी एनटीसीपी बालकृष्ण बंसल भी मौजूद रहे।4
- 'जय श्रीराम' का उद्घोष लगातार कई बार किया गया।1
- कैलारस नगर में 28 मई 2026 को ईद के त्योहार के मद्देनजर कैलारस थाना पुलिस ने एक फ्लैग मार्च निकाला। नगर में भ्रमण के दौरान कैलारस एसडीपीओ उमेश मिश्रा और कैलारस थाना प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र सिंह कुशवाह अपने स्टाफ के साथ पैदल फ्लैग मार्च करते दिखे। पुलिस प्रशासन ने इस अवसर पर सभी नगरवासियों से अपील की है कि वे ईद के त्योहार को भाईचारे और सद्भावना के साथ मनाएं।1
- कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा इस समय जोधपुर के दौरे पर हैं, जहाँ उनके द्वारा की जा रही छापेमार कार्रवाई जारी है।1
- गंगापुर सिटी के नंगेश्रवर बाबा की धूनी पर, जिसमें दीवान का बाग, बाढ़, रायल कैमला और नयागांव जैसे स्थल शामिल हैं, संत नागा बाबा श्री प्रमोद गिरी जी महाराज द्वारा धूनी तपस्या की गई। महाराज ने इन सभी स्थानों पर विशेष रूप से धूनी तपस्या का अनुष्ठान पूर्ण किया।1
- हिण्डौन में ईद उल जुहा के त्यौहार के मद्देनज़र, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक सीएलजी (कम्युनिटी लाइजन ग्रुप) बैठक आयोजित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र पाल सिंह ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए लोगों से अपील की कि वे ईद उल जुहा का पर्व आपसी भाईचारे के साथ मनाएं। उन्होंने असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने का आग्रह किया, यह आश्वासन देते हुए कि पुलिस हर संभव सहायता प्रदान करेगी। बैठक में साइबर क्राइम के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। एएसपी ने ऑनलाइन लेनदेन करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी, ताकि लोग ठगी का शिकार न हों। उन्होंने यह भी बताया कि किसी को भी अपना गुप्त कोड या ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) नहीं बताना चाहिए, क्योंकि बैंक कार्मिक कभी भी ऐसी गोपनीय जानकारी नहीं पूछते हैं। बुधवार दोपहर 1 बजे आयोजित इस बैठक में एसडीएम, हिंडौन पुलिस उपाधीक्षक मुनेश कुमार मीणा, हिंडौन सदर थाना अधिकारी पुरुषोत्तम सिंह, कोतवाली थाना अधिकारी, यातायात प्रभारी सहित क्षेत्र के सीएलजी सदस्य और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।1
- करौली के जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने मंगलवार को नगर परिषद करौली का औचक निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने विभिन्न शाखाओं के कार्यों और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पट्टा जारी करने, भवन स्वीकृति, भवन अनुज्ञा और अन्य प्रशासनिक पत्रावलियों के निस्तारण की स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर ने 5 से 7 पट्टा आवेदकों से सीधे बातचीत कर पट्टा जारी न होने की वजह पूछी, जिसके बाद उन्हें अनावश्यक देरी और समय पर कार्रवाई न होने की शिकायतें मिलीं। इस पर कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। निरीक्षण में पट्टा प्रकरणों में अनावश्यक देरी, नामांतरण न खोलने, अनावश्यक आपत्तियां लगाने, पत्रावलियों को बिना कारण लंबित रखने और संबंधित पट्टाधारकों को समय पर सूचना न देने जैसी अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर जिला कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले संबंधित कार्मिकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के आदेश दिए। इसके साथ ही, नगर परिषद आयुक्त प्रेमराज मीणा को निर्देश दिया गया कि संबंधित कार्मिक को तत्काल पट्टा व नामांतरण शाखा से हटाकर अन्य शाखा में स्थानांतरित किया जाए। जिला कलेक्टर ने नगर परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं, तथा किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने सभी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने और अधिक से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने पर भी जोर दिया। कलेक्टर ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप नागरिकों को समयबद्ध और सुगम नगरीय सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। निरीक्षण के दौरान नगर परिषद आयुक्त प्रेमराज मीणा सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।2
- 'जय श्रीराम' के उद्घोष को बार-बार दोहराया गया है। यह अभिव्यक्ति पाठ में अनेक बार प्रमुखता से दर्ज की गई है।1