बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र से एक 15 वर्ष 5 माह की नाबालिग बालिका के घर से लापता होने का मामला सामने आया है। बुधवार रात 10:00 बजे चकरभाठा पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र के एक गाँव में रहने वाले 40 वर्षीय पिता ने बुधवार शाम 19:20 बजे थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी 15 साल 5 माह की बेटी 26/05/2026 को दोपहर करीब 01:30 बजे बिना बताए घर से कहीं चली गई है और अभी तक वापस नहीं आई है। परिवार ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। पिता ने आशंका जताई है कि उनकी नाबालिग बेटी को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले गया है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर चकरभाठा पुलिस ने अपराध धारा 137(2) BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है और गुमशुदा बालिका की तलाश जारी है। उल्लेखनीय है कि इन दिनों नाबालिग लड़कियों और शादीशुदा महिलाओं के घर से भागने के मामले तेजी से बढ़े हैं। अक्सर ऐसे मामलों में यह देखा जाता है कि जिन घरों का माहौल या आर्थिक स्थिति खराब होती है, या जहाँ माता-पिता नहीं होते, या माता-पिता के बीच अक्सर लड़ाई-झगड़ा होता है, या पिता शराबी और आवारा किस्म के होते हैं, उन घरों की महिलाएं और लड़कियां प्रेम जाल में फंसकर अपने भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से घर छोड़कर भाग जाती हैं। हालांकि, नाबालिग बालिकाओं के मामले में, जो पुरुष उन्हें भगाकर ले जाते हैं, पकड़े जाने के बाद उन पर अपहरण, बहला-फुसलाकर भगाने, शारीरिक संबंध बनाने और पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर कार्रवाई की जाती है। इसके परिणामस्वरूप ऐसे युवाओं और पुरुषों को 20 साल तक जेल की सजा भुगतनी पड़ती है, जिससे उनका और उनके परिवार का भविष्य खराब हो जाता है। बाद में उनके पास पछताने के अलावा कुछ नहीं बचता, और जब तक वे जेल से छूटते हैं, तब तक उनकी प्रेमिका की शादी और बच्चे हो चुके होते हैं। इसलिए नाबालिग लड़कियों को भगाकर ले जाने से पहले अपने भविष्य के बारे में सौ बार सोच लेना चाहिए।
बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र से एक 15 वर्ष 5 माह की नाबालिग बालिका के घर से लापता होने का मामला सामने आया है। बुधवार रात 10:00 बजे चकरभाठा पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र के एक गाँव में रहने वाले 40 वर्षीय पिता ने बुधवार शाम 19:20 बजे थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी 15 साल 5 माह की बेटी 26/05/2026 को दोपहर करीब 01:30 बजे बिना बताए घर से कहीं चली गई है और अभी तक वापस नहीं आई है। परिवार ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। पिता ने आशंका जताई है कि उनकी नाबालिग बेटी को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले गया है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर चकरभाठा पुलिस ने अपराध धारा 137(2) BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है और गुमशुदा बालिका की तलाश जारी है। उल्लेखनीय है कि इन दिनों नाबालिग लड़कियों और शादीशुदा महिलाओं के घर से भागने के मामले तेजी से बढ़े हैं। अक्सर ऐसे मामलों में यह देखा जाता है कि जिन घरों का माहौल या आर्थिक स्थिति खराब होती है, या जहाँ माता-पिता नहीं होते, या माता-पिता के बीच अक्सर लड़ाई-झगड़ा होता है, या पिता शराबी और आवारा किस्म के होते हैं, उन घरों की महिलाएं और लड़कियां प्रेम जाल में फंसकर अपने भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से घर छोड़कर भाग जाती हैं। हालांकि, नाबालिग बालिकाओं के मामले में, जो पुरुष उन्हें भगाकर ले जाते हैं, पकड़े जाने के बाद उन पर अपहरण, बहला-फुसलाकर भगाने, शारीरिक संबंध बनाने और पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर कार्रवाई की जाती है। इसके परिणामस्वरूप ऐसे युवाओं और पुरुषों को 20 साल तक जेल की सजा भुगतनी पड़ती है, जिससे उनका और उनके परिवार का भविष्य खराब हो जाता है। बाद में उनके पास पछताने के अलावा कुछ नहीं बचता, और जब तक वे जेल से छूटते हैं, तब तक उनकी प्रेमिका की शादी और बच्चे हो चुके होते हैं। इसलिए नाबालिग लड़कियों को भगाकर ले जाने से पहले अपने भविष्य के बारे में सौ बार सोच लेना चाहिए।
- बिलासपुर में एक ढाबे पर कुछ बदमाशों ने मामूली बात को लेकर छात्रों को बुरी तरह पीटा। अज्ञात बदमाशों ने छात्रों पर जमकर हमला किया, जिससे यह घटना सामने आई है।1
- बलौदाबाजार स्थित गायत्री शक्तिपीठ में आयोजित छह दिवसीय निःशुल्क आवासीय युवा शिविर के अंतर्गत मंगलवार को एक नशा मुक्ति जागरूकता रैली निकाली गई। शिविर में शामिल युवाओं ने प्रेरणादायी तख्तियां और बैनर हाथ में लेकर शहरवासियों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। इस नगर भ्रमण के दौरान युवाओं ने "नशा छोड़ो-परिवार जोड़ो", "शराब जीवन का विनाश है", और "युवा जागेगा तो समाज बचेगा" जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। रैली गायत्री शक्तिपीठ परिसर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जहाँ नागरिकों ने युवाओं के इस प्रयास की सराहना की। शिविर आयोजकों ने बताया कि समाज में शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन तेजी से बढ़ रहा है, जिसके कारण परिवार टूट रहे हैं, सड़क दुर्घटनाओं में लगातार लोगों की जान जा रही है, और युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। नशे की लत केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती है, और शराब सेवन के कारण होने वाले विवाद, हिंसा तथा असमय मौतें समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी हैं। इस युवा शिविर के माध्यम से युवाओं को नैतिक शिक्षा, राष्ट्र निर्माण, व्यक्तित्व विकास, योग, प्राणायाम और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित कर उन्हें समाज सेवा और संस्कारों से जोड़ना है। गायत्री परिवार के सदस्यों ने आमजन से नशामुक्त समाज के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता की अपील की, ताकि युवा पीढ़ी नशे से दूर रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सके और इससे समाज तथा राष्ट्र दोनों मजबूत हों।2
- रायपुर जिले के तिल्दा नेवरा थाना क्षेत्र में एक रात्रिकालीन क्रिकेट प्रतियोगिता के दौरान चाकू दिखाकर लोगों में दहशत फैलाने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वह चाकू भी बरामद किया है जिसका इस्तेमाल उसने लोगों को डराने के लिए किया था। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 27 मई 2026 की रात ग्राम बोईरझिटी में हुई, जहाँ एक क्रिकेट प्रतियोगिता चल रही थी। इसी दौरान ग्राम अल्दा निवासी छबी कुमार विश्वकर्मा अपने हाथ में चाकू लेकर लोगों को डरा-धमका रहा था। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 और तिल्दा नेवरा पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से चाकू जब्त कर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 के तहत मामला दर्ज किया। 21 वर्षीय आरोपी छबी कुमार विश्वकर्मा, जो बसंत विश्वकर्मा का पुत्र और ग्राम अल्दा, थाना तिल्दा नेवरा, जिला रायपुर (ग्रामीण), छत्तीसगढ़ का निवासी है, उसे गिरफ्तार कर बाद में न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी, गुंडा-बदमाशों और अड्डेबाजों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं।1
- जांजगीर चांपा में हुए करही गोलीकांड के संबंध में पुलिस ने अपना सबसे बड़ा एक्शन लिया है। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, घटना का मुख्य साजिशकर्ता अब सलाखों के पीछे पहुंच गया है।1
- जांजगीर-चाम्पा जिले के करही गोलीकांड मामले में पुलिस को मुख्य साजिशकर्ता को पकड़ने में बड़ी सफलता मिली है। दिनांक 23-24 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात ग्राम करही में 03 नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर आयुष कश्यप की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि उनके छोटे भाई को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। पुलिस ने “ऑपरेशन हंट” के तहत गहन जांच की, जिसमें 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए, और संदिग्धों से लगातार पूछताछ की गई। इस दौरान TECHINT और HUMINT ने मामले के खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता गनपत बघेल, पिता स्व. रामप्रसाद बघेल, उम्र 38 वर्ष, निवासी ग्राम करही, थाना बिर्रा, जिला जांजगीर-चाम्पा को मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक पिस्टल मय मैगजीन भी बरामद की गई है। गनपत बघेल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना में शामिल अन्य आरोपियों को भी शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा। इस मामले में पूर्व में 1. हेमंत कुमार बघेल, 2. भूषण बघेल और 3. अमित टंडन, सभी निवासी करही, थाना बिर्रा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की साजिश के पीछे कई वजहों का खुलासा किया। मुख्य आरोपी गनपत बघेल ने बताया कि उसने हाईवा और जेसीबी मशीन लोन पर खरीदी थी और उनकी मासिक किस्तें चुकाने के लिए अवैध रेत परिवहन का काम करता था। मृतक आयुष कश्यप भी अवैध रेत परिवहन और बिक्री में शामिल था, जो कम कीमत में रेत बेचकर गनपत के ग्राहकों को अपनी ओर खींच रहा था। इससे गनपत को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा था और वाहनों की किस्तें चुकाने में परेशानी आ रही थी। गनपत के अनुसार, आयुष कश्यप रेत घाट में जबरन रेत लोडिंग करता था, विवाद और दादागिरी करता था, और उसके ग्राहकों को कम कीमत में रेत सप्लाई कर उसकी ग्राहकी खराब कर रहा था। इसके अलावा, आयुष द्वारा राजस्व विभाग की टीम बुलाकर वाहनों को पकड़वाने की धमकी से गनपत मानसिक रूप से परेशान और आक्रोशित हो गया था। आयुष की लगातार बढ़ती आर्थिक उन्नति और व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा से उत्पन्न द्वेष और आत्मग्लानि के चलते गनपत बघेल ने अपने साथी अमित टंडन, भूषण बघेल और हेमंत बघेल को साथ मिलाकर सुनियोजित तरीके से आयुष कश्यप की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया। वारदात की रात आरोपियों ने मृतक के घर के आसपास पहले से ही मौजूदगी बनाए रखी थी। अन्य सहयोगियों द्वारा सीसीटीवी कैमरा तोड़ने के बाद आरोपी घर में घुसे। उन्होंने पहले मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद किया और फिर आयुष कश्यप के कमरे में घुसकर उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। बीच-बचाव करने आए उसके छोटे भाई को भी गोली मारी गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। गनपत बघेल को विधिवत दिनांक 27 मई 2026 को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है और प्रकरण में विवेचना अभी भी जारी है।1
- एक कबाड़ की दुकान में आग लगने की घटना सामने आई है, जिसमें लगभग दो लाख रुपए का सामान जलकर पूरी तरह से खाक हो गया है।1
- 27 मई 2026 को बुधवार शाम 4:00 बजे पीआरओ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति से मिली जानकारी के अनुसार, बिलासपुर जिले के बिल्हा ब्लॉक के ग्राम महमंद की तेजश्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान योजना) से जुड़कर अपने जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने इस योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया है, और अब वे आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए एक सफल महिला उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं तथा 'लखपति दीदी' बनने की ओर अग्रसर हैं। तेजश्री का जीवन पहले संघर्षों भरा था; विवाह के कुछ वर्षों बाद ही वे एक बेटे के साथ परित्यक्ता का जीवन जी रही थीं, और अकेले बेटे की परवरिश करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी। सीमित संसाधनों और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच, 'बिहान योजना' से जुड़कर मिले संबल ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। उन्होंने 'साईं बाबा स्व सहायता महिला समूह' से जुड़कर महिला उद्यमी के रूप में ऋण के लिए आवेदन किया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद, तेजश्री को समय पर एक लाख बीस हजार रुपये का ऋण स्वीकृत होकर प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहयोग से उन्हें स्वरोजगार की राह मिली और उन्होंने अपने घर के पास एक छोटी दुकान खोली, जहाँ उन्होंने सिलाई कार्य को व्यवसाय के रूप में शुरू किया। शुरुआत में सीमित स्तर पर काम करने के बाद, उन्होंने धीरे-धीरे इसे व्यवस्थित रूप दिया और आरसेटी से सिलाई का निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने कौशल और कार्य की गुणवत्ता में सुधार किया। तेजश्री ने अपनी दुकान को केवल सिलाई तक सीमित न रखते हुए, उसमें कपड़े, धागा, बटन और अन्य सिलाई सामग्री भी रखना शुरू किया, जिससे ग्राहकों को एक ही स्थान पर सुविधा मिलने लगी और उनके व्यवसाय की उपयोगिता बढ़ गई। काम की गुणवत्ता, नियमितता और ग्राहकों के साथ अच्छे व्यवहार के कारण समय के साथ उनकी दुकान पर आने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ती गई, और सिलाई कराने आने वाले ग्राहक अब वहीं से आवश्यक सामग्री भी खरीदने लगे, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हुई। वर्तमान में, तेजश्री प्रतिमाह लगभग 15,000 रुपये की आय अर्जित कर रही हैं, जिससे वे अपने बेटे को बेहतर शिक्षा और परवरिश दे पा रही हैं। वे अब आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ 'लखपति दीदी' बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं। उनकी यह सफलता ग्रामीण क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा है।1
- बिलासपुर के अटल आवास से गुंडागर्दी का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ महिलाओं के साथ अश्लील हरकत करने और मारपीट की शिकायत दर्ज की गई है।1
- आगामी बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाए जाने के उद्देश्य से आज तिल्दा नेवरा थाना परिसर में एक शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी और तहसीलदार रामप्रसाद बघेल की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. खुमान वर्मा, पार्षद अन्नपूर्णा कश्यप, और पार्षद प्रतिनिधि सौरभ जैन सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं समुदायों के लोगों ने भाग लिया। इस दौरान बकरीद पर्व के समय कानून व्यवस्था बनाए रखने, साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने, यातायात सुचारु रखने और आपसी भाईचारे को कायम रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी ने सभी नागरिकों से शांति और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील करते हुए प्रशासन का सहयोग करने का आग्रह किया। वहीं, तहसीलदार रामप्रसाद बघेल ने इस बात पर जोर दिया कि त्योहार आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के प्रतीक होते हैं, इसलिए सभी लोगों को मिल-जुलकर यह पर्व मनाना चाहिए। यह बैठक आपसी सहयोग और शांति बनाए रखने के संकल्प के साथ समाप्त हुई।3