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उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में सड़क चौड़ीकरण के लिए किए जा रहे मंदिर के ध्वस्तीकरण के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। मंदिर को तोड़ने की प्रक्रिया के बीच अचानक उसका पूरा गुंबद भरभराकर नीचे गिर गया। इस घटना की चपेट में आने से मौके पर मौजूद एक PWD कर्मचारी की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद फिलहाल मंदिर गिराने का कार्य रोक दिया गया है।
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उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में सड़क चौड़ीकरण के लिए किए जा रहे मंदिर के ध्वस्तीकरण के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। मंदिर को तोड़ने की प्रक्रिया के बीच अचानक उसका पूरा गुंबद भरभराकर नीचे गिर गया। इस घटना की चपेट में आने से मौके पर मौजूद एक PWD कर्मचारी की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद फिलहाल मंदिर गिराने का कार्य रोक दिया गया है।
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- अधर्म का विनाश पूरी तरह से तय है और अंत में हमेशा धर्म की ही जीत होती है। इसी अटूट विश्वास के साथ 'जय श्री कृष्णा' का उद्घोष किया गया है।1
- कानपुर के एक अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट में न्याय प्रक्रिया पर सीधे सवाल उठाए हैं। उन्होंने कोर्ट के भीतर अपने केस से संबंधित पेपर्स को ऊपर उछाल दिया। न्याय प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए अधिवक्ता ने तीखा आक्रोश व्यक्त किया और कहा, "जब सब मौन है तो यह दिखावा क्यों?" अधिवक्ता द्वारा सुप्रीम कोर्ट में पेपर उछालने और सीधे तौर पर न्याय प्रणाली की कार्यशैली को कठघरे में खड़ा करने का यह मामला सामने आया है।1
- भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूजीलैंड दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच 10 खास समझौते और 18 बड़े फैसले हुए हैं। ऑकलैंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में ये सौदे साइन किए गए हैं। यह पिछले 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली न्यूजीलैंड यात्रा है, इससे पहले साल 1986 में राजीव गांधी ने न्यूजीलैंड का दौरा किया था। अपनी तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 से 11 जुलाई तक न्यूजीलैंड के दौरे पर हैं। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत दोनों देशों ने साल 2030 तक आपसी कारोबार को 35,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। रिकॉर्ड 9 महीने के भीतर दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) किया गया है, जिसके तहत भारत से न्यूजीलैंड जाने वाली ज्यादातर चीजों पर शून्य टैक्स लगेगा और न्यूजीलैंड से आने वाली वस्तुओं पर भी बेहद कम या शून्य टैक्स लागू होगा। इसके साथ ही, न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में 1.72 लाख करोड़ रुपये (20 अरब डॉलर) का बड़ा निवेश करेगा, जिससे भारत के विकास में मदद मिलेगी। इस व्यापारिक साझेदारी के तहत भारत न्यूजीलैंड को केमिकल्स, प्रोसेस्ड फूड, एग्री प्रोडक्ट्स और अन्य चीजों की सप्लाई करेगा, जबकि न्यूजीलैंड से कीवी, अन्य फल और क्रिटिकल मिनरल्स समेत कई चीजें सस्ती कीमतों पर भारत आएंगी। समझौते के तहत दोनों देश व्यापार, डिफेंस, एजुकेशन, एग्रीकल्चर, स्पोर्ट्स, कल्चर और टूरिज्म पर ध्यान केंद्रित करते हुए 2030 तक का रोडमैप तैयार करेंगे। रक्षा और समुद्री क्षेत्र में दोनों देश सहयोग और निगरानी बढ़ाएंगे, नौसैनिक चार्ट व डेटा शेयर करेंगे और जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे की सेनाओं को लॉजिस्टिक सुविधाएं देंगे। आतंकवाद के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए एक संयुक्त कार्य समूह का गठन किया जाएगा और खुफिया जानकारी साझा की जाएगी। इसके अलावा, डेयरी और पशुपालन क्षेत्र में नई टेक्नोलॉजी व विशेषज्ञता साझा की जाएगी, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आवागमन आसान किया जाएगा, और रग्बी, रोइंग, एथलेटिक्स व गोल्फ जैसे खेलों में स्पोर्ट्स मेडिसिन और स्पोर्ट्स साइंस के जरिए सहयोग किया जाएगा। फूड टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने और कीवी को लेकर नया एक्शन प्लान बनाने के साथ-साथ, भारत के UPI को न्यूजीलैंड के फास्ट पेमेंट सिस्टम से जोड़ने पर भी सहमति बनी है जिससे डिजिटल भुगतान बेहद आसान हो जाएगा।3
- वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के निकट पर्यटकों को लेकर जा रही एक नौका के दुर्घटनाग्रस्त होने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई है। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, इस हादसे का शिकार हुई नौका में कई भारतीय पर्यटक भी सवार थे। वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर इस दुखद घटना की पुष्टि की है और बताया कि हादसे के कारणों व प्रभावित लोगों के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल स्थानीय प्रशासन द्वारा मौके पर युद्धस्तर पर खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है और भारतीय दूतावास लगातार उनके संपर्क में बना हुआ है। इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी ने लिखा कि वियतनाम के फू क्वोक के पास भारतीय नागरिकों की नाव दुर्घटना की दुखद खबर सुनकर उन्हें बेहद दुख हुआ है। उन्होंने अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं और घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना की। उन्होंने बताया कि भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास वहां हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं और हमारे अधिकारी वियतनाम के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।1