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गुरुग्राम में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक पति ने अपनी पत्नी महक की हत्या सिर्फ इस शक के आधार पर कर दी कि वह अपने सहकर्मियों से बात करती है। आरोपी अंशुल, जो एक सीए है, ने अपनी पत्नी की हत्या करने के लिए साजिश रची। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की पूरी जांच जारी है।
Rakesh kumar
गुरुग्राम में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक पति ने अपनी पत्नी महक की हत्या सिर्फ इस शक के आधार पर कर दी कि वह अपने सहकर्मियों से बात करती है। आरोपी अंशुल, जो एक सीए है, ने अपनी पत्नी की हत्या करने के लिए साजिश रची। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की पूरी जांच जारी है।
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- गुरुग्राम में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक पति ने अपनी पत्नी महक की हत्या सिर्फ इस शक के आधार पर कर दी कि वह अपने सहकर्मियों से बात करती है। आरोपी अंशुल, जो एक सीए है, ने अपनी पत्नी की हत्या करने के लिए साजिश रची। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की पूरी जांच जारी है।1
- DCP द्वारका अंकित कुमार सिंह ने कहा, "एक एक्सीडेंट की कॉल आई थी जिस पर तुरंत हमारी टीम स्पॉट पर पहुंची। वहां एक बाइक का एक्सीडेंट हुआ था और एक स्कॉर्पियों गाड़ी ने टैक्सी को भी टक्कर मारी थी। वहां क्राइम टीम ने सभी सबूत इकट्ठे किए। शुरू में गाड़ी के ड्राइवर ने अपनी उम्र 19 साल बताई थी। FIR दर्ज होने के बाद कार्रवाई में पता चला कि आरोपी की उम्र 18 साल से कम है... पता चला है कि 10 तारीख को उसे वहां(जूवेनाइल होम) से अंतरिम राहत मिली है... कार्रवाई जारी है..."1
- Post by सनसनी ऑफ़ इंडिया SANSANI1
- होलाष्टक के इन 8 दिनों में भूलकर भी न करें ये काम, वरना हो सकता है नुकसान। इन आठ दिनों के दौरान नकारात्मक शक्तियां ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं। ऐसे में अगर आप लापरवाही करते हैं या गलतियां दोहराते हैं, तो बाद में पछताना पड़ सकता है।1
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- Post by Pradesh Khabar1
- Post by 10 News Network1
- जींद: हरियाणा राज्य मानव अधिकार आयोग (HHRC) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने आज जींद जिला जेल का निरीक्षण किया। इस दौरान आयोग के सदस्य कुलदीप जैन और दीप भाटिया भी उनके साथ मौजूद रहे। निरीक्षण के बाद अध्यक्ष ललित बत्रा ने जेल में पाई गई कई गंभीर कमियों की ओर इशारा किया और बंदियों की मूलभूत सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता बताई।निरीक्षण के दौरान जेल के अंदर कैदियों को मिलने वाली आम सुविधाओं में काफी खामियां सामने आईं। विशेष रूप से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सुविधाओं पर चिंता जताई गई। फार्मासिस्ट जेलों में केवल 14 दिनों के लिए डिपुटेशन पर रहते हैं, जिस कारण कैदियों के स्वास्थ्य की पूरी और लगातार जानकारी नहीं मिल पाती है।सबसे बड़ी कमी जेल के अंदर वर्कशॉप की बताई गई, जहां कैदियों को प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, कारपेंटर जैसी स्किल्स सिखाने की व्यवस्था होनी चाहिए। इससे कैदियों का पुनर्वास और समाज में वापसी आसान हो सकती है। बाइट - हरियाणा मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष ललित बत्रा: "जेल के अंदर कैदियों को मिलने वाली आमजन सुविधाओं में काफी खामियां हैं। फार्मासिस्ट केवल 14 दिनों के लिए डिपुटेशन पर होते हैं, ऐसे में कैदियों के स्वास्थ्य की पूरी जानकारी नहीं मिल पाती। सबसे बड़ी कमी वर्कशॉप की है, जहां कैदी लोग स्किल्स अच्छे से सीख सकें – जैसे प्लंबर आदि की व्यवस्था होनी चाहिए।"आयोग ने जेल प्रशासन को इन कमियों को जल्द सुधारने के निर्देश दिए हैं ताकि बंदियों के मानवाधिकारों का पूरी तरह संरक्षण सुनिश्चित हो सके। यह निरीक्षण आयोग की जेलों में नियमित मॉनिटरिंग और मानवाधिकार सुरक्षा की दिशा में की गई महत्वपूर्ण पहल का हिस्सा है।1