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जबलपुर ब्रेकिंग न्यूज़ जबलपुर त्रिपुरी चौक में शराब माफिया बेख़ौफ़ नियमों की उड़ा रहे खुलेआम धज्जियां सुबह 5:00 से बिक रही
Rishi Rajak
जबलपुर ब्रेकिंग न्यूज़ जबलपुर त्रिपुरी चौक में शराब माफिया बेख़ौफ़ नियमों की उड़ा रहे खुलेआम धज्जियां सुबह 5:00 से बिक रही
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- Post by Rishi Rajak1
- जबलपुर सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें आम जनता का दर्द फूट पड़ा है। लोगों का कहना है कि अब समोसा, आलू बंडा और कचोरी जैसी चीजें भी आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गई हैं। कीमतों में उछाल: जबलपुर समेत कई शहरों में LPG और कच्चे माल की किल्लत के चलते समोसे-कचोरी के दाम ₹15 से ₹25 तक पहुँच गए हैं। सरकार पर निशाना: जनता केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कह रही है कि महंगाई ने गरीब की थाली से नाश्ता भी छीन लिया है। व्यापारियों का तर्क: दुकानदारों का कहना है कि कमर्शियल गैस और तेल महंगा होने के कारण वे पुराने रेट पर बिक्री नहीं कर पा रहे। वायरल वीडियो ने सत्ता के गलियारों में हलचल मचा दी है। जनता पूछ रही है— "जब नाश्ता ही नसीब नहीं, तो अच्छे दिन कहाँ हैं?" #Inflation #MadhyaPradesh #ViralVideo #CommonMan #PriceHike #NewsUpdate1
- viral बयान महिला समिति अध्यछ रूपाली ने कहा बाबा मेरे गुरु थे और गुरु को खुश करना मेरा धर्म है । और जोतशि बाबा आशोक खरात को जमानत मिली 38 महिलाओ का बयान हिंदू महिलाएं अपनी मर्जी से बाबा के पास खुद गई थी आप की kya राय है कॉमेंट कीजिये1
- Post by Bbmm time news1
- सिहोरा क्षेत्र में घटना; करीब 3 घंटे बाद समझाइश पर नीचे उतरा --- जबलपुर के सिहोरा क्षेत्र में एक युवक शादी की जिद में करीब 200 फीट ऊंचे हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया। युवक बार-बार प्रेमिका को बुलाने की मांग करता रहा और नीचे उतरने से इनकार करता रहा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और करीब साढ़े 3 घंटे की समझाइश के बाद प्रेमिका के आश्वासन पर युवक नीचे उतरा। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर परिजनों को सौंप दिया। --- 📍 लोकेशन सिहोरा, जबलपुर (मध्यप्रदेश) --- 👤 रिपोर्टर दीपक विश्वकर्मा --- 📰 स्रोत सच तक पत्रिका न्यूज़1
- गोटेगांव के मालीवाड़ा में गोली लगने से घायल हुए ग्रामीण ने बताई घटना की बजह1
- Post by Rishi Rajak1
- ajab gajab मे आप ये vdo dekhiyeगाय माता पे राज नीति हिमन्ता बिस्वा शर्मा असम के मुख्य मंत्री का बयान एक तरफ आप गौ हत्या पर प्रतिबंध लगाने की बात करते हैं तो दूसरी तरफ कह रहे हैं कि गौ मांस खाइए लेकिन अपने घर में। यह दो मुंही बात क्यों? viral video1
- आज के दौर में सुशासन के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी हो गई है कि "अपराधी मस्त हैं और प्रशासन कमीशन खाने में व्यस्त है।" आम आदमी न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है, जबकि भ्रष्ट तंत्र की मिलीभगत से अपराधियों के हौसले सातवें आसमान पर हैं। अपराधियों में कानून का खौफ खत्म शहर के मुख्य चौराहों से लेकर गलियों तक, बेखौफ घूमते बदमाश इस बात का सबूत हैं कि उन्हें पुलिस का कोई डर नहीं है। चोरी, लूट और सरेआम गुंडागर्दी अब आम बात हो गई है। हाल ही में हुई कई वारदातों में पुलिस की सुस्ती ने जनता के मन में असुरक्षा का भाव पैदा कर दिया है। जब रक्षक ही सुस्त पड़ जाएं, तो भक्षक का राज होना लाजमी है। फाइलों में कैद "कमीशन" का खेल सूत्रों की मानें तो प्रशासनिक अधिकारी जनहित के कार्यों से ज्यादा उन योजनाओं में दिलचस्पी ले रहे हैं, जहाँ 'मोटा कमीशन' मिलने की गुंजाइश है। विकास कार्य की फाइलें तब तक आगे नहीं बढ़तीं, जब तक कि मेज के नीचे से 'लेन-देन' का हिसाब बराबर न हो जाए। "साहब को जनता की समस्या सुनने का वक्त नहीं है, लेकिन ठेकेदारों के साथ बंद कमरों में मीटिंग घंटों चलती है।" — एक परेशान नागरिक जनता की आवाज़: आखिर कब जागेगा प्रशासन? आम जनता का कहना है कि टैक्स भरने के बावजूद उन्हें न तो सुरक्षा मिल रही है और न ही ईमानदारी से काम। सड़कों की बदहाली हो या बढ़ते अपराध, प्रशासन की 'चुप्पी' और 'कमीशनखोरी' ने व्यवस्था को खोखला कर दिया है। मुख्य बिंदु: अपराध दर में भारी उछाल: बदमाशों को पकड़ने के बजाय कागजी कार्रवाई में उलझी पुलिस। भ्रष्टाचार का बोलबाला: बिना 'सुविधा शुल्क' के सरकारी दफ्तरों में काम होना नामुमकिन। प्रशासनिक लापरवाही: जनता की शिकायतों पर सुनवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन। निष्कर्ष: यदि समय रहते प्रशासन अपनी प्राथमिकताएं नहीं बदलता और कमीशन के मोह को छोड़कर अपराधियों पर नकेल नहीं कसता, तो वह दिन दूर नहीं जब व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी।1