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जबलपुर घमापुर थाना अंतर्गत केक शॉप की आड़ में शोषण युवती ने खोली दुकान मालिक की पोल, मामला दर्ज

6 hrs ago
user_Rishi Rajak
Rishi Rajak
रांझी, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
6 hrs ago

जबलपुर घमापुर थाना अंतर्गत केक शॉप की आड़ में शोषण युवती ने खोली दुकान मालिक की पोल, मामला दर्ज

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • Post by Rishi Rajak
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    user_Rishi Rajak
    Rishi Rajak
    रांझी, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • जबलपुर सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें आम जनता का दर्द फूट पड़ा है। लोगों का कहना है कि अब समोसा, आलू बंडा और कचोरी जैसी चीजें भी आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गई हैं। कीमतों में उछाल: जबलपुर समेत कई शहरों में LPG और कच्चे माल की किल्लत के चलते समोसे-कचोरी के दाम ₹15 से ₹25 तक पहुँच गए हैं। सरकार पर निशाना: जनता केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कह रही है कि महंगाई ने गरीब की थाली से नाश्ता भी छीन लिया है। व्यापारियों का तर्क: दुकानदारों का कहना है कि कमर्शियल गैस और तेल महंगा होने के कारण वे पुराने रेट पर बिक्री नहीं कर पा रहे। वायरल वीडियो ने सत्ता के गलियारों में हलचल मचा दी है। जनता पूछ रही है— "जब नाश्ता ही नसीब नहीं, तो अच्छे दिन कहाँ हैं?" #Inflation #MadhyaPradesh #ViralVideo #CommonMan #PriceHike #NewsUpdate
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    जबलपुर सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें आम जनता का दर्द फूट पड़ा है। लोगों का कहना है कि अब समोसा, आलू बंडा और कचोरी जैसी चीजें भी आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गई हैं।
कीमतों में उछाल: जबलपुर समेत कई शहरों में LPG और कच्चे माल की किल्लत के चलते समोसे-कचोरी के दाम ₹15 से ₹25 तक पहुँच गए हैं।
सरकार पर निशाना: जनता केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कह रही है कि महंगाई ने गरीब की थाली से नाश्ता भी छीन लिया है।
व्यापारियों का तर्क: दुकानदारों का कहना है कि कमर्शियल गैस और तेल महंगा होने के कारण वे पुराने रेट पर बिक्री नहीं कर पा रहे।
वायरल वीडियो ने सत्ता के गलियारों में हलचल मचा दी है। जनता पूछ रही है— "जब नाश्ता ही नसीब नहीं, तो अच्छे दिन कहाँ हैं?"
#Inflation #MadhyaPradesh #ViralVideo #CommonMan #PriceHike #NewsUpdate
    user_Deepak Vishawakarma
    Deepak Vishawakarma
    Photographer पनागर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • viral बयान महिला समिति अध्यछ रूपाली ने कहा बाबा मेरे गुरु थे और गुरु को खुश करना मेरा धर्म है । और जोतशि बाबा आशोक खरात को जमानत मिली 38 महिलाओ का बयान हिंदू महिलाएं अपनी मर्जी से बाबा के पास खुद गई थी आप की kya राय है कॉमेंट कीजिये
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    viral बयान महिला समिति अध्यछ रूपाली   ने कहा बाबा मेरे गुरु थे और गुरु को खुश करना मेरा धर्म है  ।  और जोतशि बाबा आशोक खरात को जमानत मिली 38 महिलाओ का बयान हिंदू महिलाएं  अपनी मर्जी से बाबा के पास खुद गई थी आप की kya राय है कॉमेंट कीजिये
    user_News_n_News
    News_n_News
    जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • Post by Bbmm time news
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    Post by Bbmm time news
    user_Bbmm time news
    Bbmm time news
    जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • गोटेगांव के मालीवाड़ा में गोली लगने से घायल हुए ग्रामीण ने बताई घटना की बजह
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    गोटेगांव के मालीवाड़ा में गोली लगने से घायल हुए ग्रामीण ने बताई घटना की बजह
    user_DEEPAK SAHU
    DEEPAK SAHU
    रिपोर्टर गोटेगांव, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर गिरी, एक व्यक्ति गंभीर घायल सिवनी/घंसौर। घंसौर थाना क्षेत्र अंतर्गत ईश्वरपुर–छितापार मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। जानकारी के अनुसार, तेज रफ्तार मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई, जिससे बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल की पहचान दीपक यादव (40 वर्ष), पिता बखत लाल यादव, निवासी हिंगवानी के रूप में हुई है। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी, जिसके माध्यम से घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर कर दिया है। यह घटना घंसौर थाना क्षेत्र के ईश्वरपुर–छितापार मार्ग के बीच की बताई जा रही
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    तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर गिरी, एक व्यक्ति गंभीर घायल
सिवनी/घंसौर। घंसौर थाना क्षेत्र अंतर्गत ईश्वरपुर–छितापार मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। जानकारी के अनुसार, तेज रफ्तार मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई, जिससे बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल की पहचान दीपक यादव (40 वर्ष), पिता बखत लाल यादव, निवासी हिंगवानी के रूप में हुई है। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी, जिसके माध्यम से घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर पहुंचाया गया।
डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर कर दिया है।
यह घटना घंसौर थाना क्षेत्र के ईश्वरपुर–छितापार मार्ग के बीच की बताई जा रही
    user_Umesh Srivastava
    Umesh Srivastava
    घनसौर, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • Post by Rishi Rajak
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    Post by Rishi Rajak
    user_Rishi Rajak
    Rishi Rajak
    रांझी, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • ajab gajab मे आप ये vdo dekhiyeगाय माता पे राज नीति हिमन्ता बिस्वा शर्मा असम के मुख्य मंत्री का बयान एक तरफ आप गौ हत्या पर प्रतिबंध लगाने की बात करते हैं तो दूसरी तरफ कह रहे हैं कि गौ मांस खाइए लेकिन अपने घर में। यह दो मुंही बात क्यों? viral video
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    ajab gajab मे आप ये vdo dekhiyeगाय माता पे राज नीति हिमन्ता बिस्वा शर्मा असम के मुख्य मंत्री   का बयान एक तरफ आप गौ हत्या पर प्रतिबंध लगाने की बात करते हैं तो दूसरी तरफ कह रहे हैं कि गौ मांस खाइए लेकिन अपने घर में।
यह दो मुंही बात क्यों? viral video
    user_News_n_News
    News_n_News
    जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • आज के दौर में सुशासन के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी हो गई है कि "अपराधी मस्त हैं और प्रशासन कमीशन खाने में व्यस्त है।" आम आदमी न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है, जबकि भ्रष्ट तंत्र की मिलीभगत से अपराधियों के हौसले सातवें आसमान पर हैं। अपराधियों में कानून का खौफ खत्म शहर के मुख्य चौराहों से लेकर गलियों तक, बेखौफ घूमते बदमाश इस बात का सबूत हैं कि उन्हें पुलिस का कोई डर नहीं है। चोरी, लूट और सरेआम गुंडागर्दी अब आम बात हो गई है। हाल ही में हुई कई वारदातों में पुलिस की सुस्ती ने जनता के मन में असुरक्षा का भाव पैदा कर दिया है। जब रक्षक ही सुस्त पड़ जाएं, तो भक्षक का राज होना लाजमी है। फाइलों में कैद "कमीशन" का खेल सूत्रों की मानें तो प्रशासनिक अधिकारी जनहित के कार्यों से ज्यादा उन योजनाओं में दिलचस्पी ले रहे हैं, जहाँ 'मोटा कमीशन' मिलने की गुंजाइश है। विकास कार्य की फाइलें तब तक आगे नहीं बढ़तीं, जब तक कि मेज के नीचे से 'लेन-देन' का हिसाब बराबर न हो जाए। "साहब को जनता की समस्या सुनने का वक्त नहीं है, लेकिन ठेकेदारों के साथ बंद कमरों में मीटिंग घंटों चलती है।" — एक परेशान नागरिक जनता की आवाज़: आखिर कब जागेगा प्रशासन? आम जनता का कहना है कि टैक्स भरने के बावजूद उन्हें न तो सुरक्षा मिल रही है और न ही ईमानदारी से काम। सड़कों की बदहाली हो या बढ़ते अपराध, प्रशासन की 'चुप्पी' और 'कमीशनखोरी' ने व्यवस्था को खोखला कर दिया है। मुख्य बिंदु: अपराध दर में भारी उछाल: बदमाशों को पकड़ने के बजाय कागजी कार्रवाई में उलझी पुलिस। भ्रष्टाचार का बोलबाला: बिना 'सुविधा शुल्क' के सरकारी दफ्तरों में काम होना नामुमकिन। प्रशासनिक लापरवाही: जनता की शिकायतों पर सुनवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन। निष्कर्ष: यदि समय रहते प्रशासन अपनी प्राथमिकताएं नहीं बदलता और कमीशन के मोह को छोड़कर अपराधियों पर नकेल नहीं कसता, तो वह दिन दूर नहीं जब व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी।
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    आज के दौर में सुशासन के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी हो गई है कि "अपराधी मस्त हैं और प्रशासन कमीशन खाने में व्यस्त है।" आम आदमी न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है, जबकि भ्रष्ट तंत्र की मिलीभगत से अपराधियों के हौसले सातवें आसमान पर हैं।
अपराधियों में कानून का खौफ खत्म
शहर के मुख्य चौराहों से लेकर गलियों तक, बेखौफ घूमते बदमाश इस बात का सबूत हैं कि उन्हें पुलिस का कोई डर नहीं है। चोरी, लूट और सरेआम गुंडागर्दी अब आम बात हो गई है। हाल ही में हुई कई वारदातों में पुलिस की सुस्ती ने जनता के मन में असुरक्षा का भाव पैदा कर दिया है। जब रक्षक ही सुस्त पड़ जाएं, तो भक्षक का राज होना लाजमी है।
फाइलों में कैद "कमीशन" का खेल
सूत्रों की मानें तो प्रशासनिक अधिकारी जनहित के कार्यों से ज्यादा उन योजनाओं में दिलचस्पी ले रहे हैं, जहाँ 'मोटा कमीशन' मिलने की गुंजाइश है। विकास कार्य की फाइलें तब तक आगे नहीं बढ़तीं, जब तक कि मेज के नीचे से 'लेन-देन' का हिसाब बराबर न हो जाए।
"साहब को जनता की समस्या सुनने का वक्त नहीं है, लेकिन ठेकेदारों के साथ बंद कमरों में मीटिंग घंटों चलती है।" — एक परेशान नागरिक
जनता की आवाज़: आखिर कब जागेगा प्रशासन?
आम जनता का कहना है कि टैक्स भरने के बावजूद उन्हें न तो सुरक्षा मिल रही है और न ही ईमानदारी से काम। सड़कों की बदहाली हो या बढ़ते अपराध, प्रशासन की 'चुप्पी' और 'कमीशनखोरी' ने व्यवस्था को खोखला कर दिया है।
मुख्य बिंदु:
अपराध दर में भारी उछाल: बदमाशों को पकड़ने के बजाय कागजी कार्रवाई में उलझी पुलिस।
भ्रष्टाचार का बोलबाला: बिना 'सुविधा शुल्क' के सरकारी दफ्तरों में काम होना नामुमकिन।
प्रशासनिक लापरवाही: जनता की शिकायतों पर सुनवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन।
निष्कर्ष:
यदि समय रहते प्रशासन अपनी प्राथमिकताएं नहीं बदलता और कमीशन के मोह को छोड़कर अपराधियों पर नकेल नहीं कसता, तो वह दिन दूर नहीं जब व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी।
    user_Deepak Vishawakarma
    Deepak Vishawakarma
    Photographer पनागर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
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