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#EpsteinFiles का स्याह सच! Newsflix Stream Ashish Chhabra
Shan Mohammad
#EpsteinFiles का स्याह सच! Newsflix Stream Ashish Chhabra
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- प्रजापति समाज सेवक गिरीश दक्ष सेनाध्यक्ष जलेसर1
- *दरोगा की मनमानी से हजारों जिंदगियां दांव पर, 25 फीट गहरे खड्डे के किनारे भारी वाहनों का दौड़ना, मौत का खेल बन गया निर्माण स्थल* एटा, 6 फरवरी 2026 जिले के एटा-बरहन रेलवे लाइन पर गेट संख्या 22सी (समपार क्रॉसिंग) के पास फ्लाईओवर (रेलवे ओवर ब्रिज) निर्माण कार्य के दौरान एक चौंकाने वाली लापरवाही और मनमानी का मामला सामने आया है। स्थानीय दरोगा ने बिना किसी उच्चाधिकारी के आदेश, बिना लिखित अनुमति और बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए रास्ते को पूरी तरह खोल दिया, जिससे भारी-भरकम वाहनों, ट्रकों और अन्य यानों का आवागमन हो रहा है। यह फैसला इतना जोखिम भरा है कि विशेषज्ञों की मानें तो किसी भी क्षण बड़ा हादसा हो सकता है। मौके पर मौजूद वीडियो और तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि निर्माण स्थल पर *25 फीट गहरा गड्ढा* खोदा गया है, जिसमें फ्लाईओवर के लिए आरसीसी सरिया (रॉड) का जाल बिछाया जा रहा है। इसी गड्ढे के ठीक किनारे से सड़क गुजर रही है, जहां भारी वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य यातायात बिना किसी बैरिकेडिंग या सुरक्षा व्यवस्था के आवाजाही कर रहे हैं। आसपास की भीड़ में हजारों लोग जमा दिखाई दे रहे हैं, जिनमें स्थानीय निवासी, स्कूली *छात्र-छात्राएं* और अभिभावक शामिल हैं। पुलिस के जवान भी मौके पर मौजूद हैं, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नजर नहीं आ रही। *सबसे बड़ा सवाल:* दरोगा जी ने यह निर्णय अकेले कैसे ले लिया? उत्तर मध्य रेलवे निर्माण खंड कानपुर या एसडीएम जलेसर जैसी उच्च स्तरीय अनुमति के बिना रास्ता खोलना क्या नियमों का खुला उल्लंघन नहीं है? निर्माण कार्य के दौरान सड़क को पूरी तरह बंद रखने और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने के प्रावधान हैं, लेकिन यहां तो उल्टा हो रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूली *छात्र-छात्राओं* की मुख्य मांग थी कि परीक्षा के दौरान (फरवरी-मार्च 2026 सत्र चल रहा है) दोपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित निकासी हो, लेकिन *दरोगा* के इस फैसले ने स्थिति को और *खतरनाक* बना दिया है। अब भारी वाहन गुजर रहे हैं, जिससे गड्ढे में गिरने या दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ गया है। एक छोटी सी चूक भी दर्जनों जिंदगियों को तहस-नहस कर सकती है।यह निर्माण उत्तर मध्य रेलवे के तहत एटा-बरहन खंड पर चल रहा है, जहां कुल 6 समपार फाटकों पर आरओबी बनाए जा रहे हैं। गेट 22 पर काम 2025-26 में तेजी से शुरू हुआ, लेकिन सुरक्षा और स्थानीय सुविधाओं की अनदेखी हो रही है। पहले से ही सड़क अवरुद्ध होने से स्कूली बच्चों का भविष्य दांव पर था, अब यह मनमानी फैसला मौत को दावत दे रहा है। *प्रशासन से सवाल है:* 👉बिना आदेश के रास्ता खोलने वाले दरोगा पर क्या कार्रवाई होगी? 👉क्या सुरक्षा मानकों की जांच होगी? 👉क्या तत्काल बैरिकेडिंग, साइनेज और वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी? स्थानीय लोग आक्रोशित हैं और यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो जनहित याचिका तक पहुंचने की चेतावनी दी जा रही है। यह मामला न केवल निर्माण की लापरवाही का है, बल्कि आम जनता की जान से खिलवाड़ का भी है। प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर इस मौत के गड्ढे को सुरक्षित बनाना होगा, वरना कोई बड़ा हादसा होने पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।2
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- पत्रकार योगेन्द्र प्रताप सिंह की खास रिपोर्ट निधौली कलाँ। एटा। उत्तर प्रदेश। जनपद एटा में जलेसर क्षेत्र के थाना निधौली कलाँ क्षेत्र में एक 16 वर्षीय युवक का शव खेत में मिलने की सूचना पर उच्चाधिकारियों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। फील्ड यूनिट तथा डॉग स्क्वायड द्वारा साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करते हुए प्रकरण में प्राप्त तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत किया गया है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है। घटना के प्रत्येक पहलू की गहराई से छानबीन करते हुए अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है, मौके पर कानून एवं शांति व्यवस्था सामान्य है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी जलेसर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह द्वारा दी गई बाइट।1
- *दरोगा की मनमानी से हजारों जिंदगियां दांव पर, 25 फीट गहरे खड्डे के किनारे भारी वाहनों का दौड़ना, मौत का खेल बन गया निर्माण स्थल* *रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट✍️* एटा/जलेसर ~ 6 फरवरी 2026 जिले के एटा-बरहन रेलवे लाइन पर गेट संख्या 22सी (समपार क्रॉसिंग) के पास फ्लाईओवर (रेलवे ओवर ब्रिज) निर्माण कार्य के दौरान एक चौंकाने वाली लापरवाही और मनमानी का मामला सामने आया है। स्थानीय दरोगा ने बिना किसी उच्चाधिकारी के आदेश, बिना लिखित अनुमति और बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए रास्ते को पूरी तरह खोल दिया, जिससे भारी-भरकम वाहनों, ट्रकों और अन्य यानों का आवागमन हो रहा है। यह फैसला इतना जोखिम भरा है कि विशेषज्ञों की मानें तो किसी भी क्षण बड़ा हादसा हो सकता है। मौके पर मौजूद वीडियो और तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि निर्माण स्थल पर *25 फीट गहरा गड्ढा* खोदा गया है, जिसमें फ्लाईओवर के लिए आरसीसी सरिया (रॉड) का जाल बिछाया जा रहा है। इसी गड्ढे के ठीक किनारे से सड़क गुजर रही है, जहां भारी वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य यातायात बिना किसी बैरिकेडिंग या सुरक्षा व्यवस्था के आवाजाही कर रहे हैं। आसपास की भीड़ में हजारों लोग जमा दिखाई दे रहे हैं, जिनमें स्थानीय निवासी, स्कूली *छात्र-छात्राएं* और अभिभावक शामिल हैं। पुलिस के जवान भी मौके पर मौजूद हैं, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नजर नहीं आ रही। *सबसे बड़ा सवाल:* दरोगा जी ने यह निर्णय अकेले कैसे ले लिया? उत्तर मध्य रेलवे निर्माण खंड कानपुर या एसडीएम जलेसर जैसी उच्च स्तरीय अनुमति के बिना रास्ता खोलना क्या नियमों का खुला उल्लंघन नहीं है? निर्माण कार्य के दौरान सड़क को पूरी तरह बंद रखने और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने के प्रावधान हैं, लेकिन यहां तो उल्टा हो रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूली *छात्र-छात्राओं* की मुख्य मांग थी कि परीक्षा के दौरान (फरवरी-मार्च 2026 सत्र चल रहा है) दोपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित निकासी हो, लेकिन *दरोगा* के इस फैसले ने स्थिति को और *खतरनाक* बना दिया है। अब भारी वाहन गुजर रहे हैं, जिससे गड्ढे में गिरने या दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ गया है। एक छोटी सी चूक भी दर्जनों जिंदगियों को तहस-नहस कर सकती है।यह निर्माण उत्तर मध्य रेलवे के तहत एटा-बरहन खंड पर चल रहा है, जहां कुल 6 समपार फाटकों पर आरओबी बनाए जा रहे हैं। गेट 22 पर काम 2025-26 में तेजी से शुरू हुआ, लेकिन सुरक्षा और स्थानीय सुविधाओं की अनदेखी हो रही है। पहले से ही सड़क अवरुद्ध होने से स्कूली बच्चों का भविष्य दांव पर था, अब यह मनमानी फैसला मौत को दावत दे रहा है। *प्रशासन से सवाल है:* 👉बिना आदेश के रास्ता खोलने वाले दरोगा पर क्या कार्रवाई होगी? 👉क्या सुरक्षा मानकों की जांच होगी? 👉क्या तत्काल बैरिकेडिंग, साइनेज और वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी? स्थानीय लोग आक्रोशित हैं और यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो जनहित याचिका तक पहुंचने की चेतावनी दी जा रही है। यह मामला न केवल निर्माण की लापरवाही का है, बल्कि आम जनता की जान से खिलवाड़ का भी है। प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर इस मौत के गड्ढे को सुरक्षित बनाना होगा, वरना कोई बड़ा हादसा होने पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।2
- पुरानी रंजिश के चलते 5 फरवरी को हाथरस के थाना सदबाद क्षेत्र के हाथरस रोड स्थित मुन्नी देवी कोल्ड स्टोरेज के बाहर हमरो के द्वारा की गई सैना के जवान की हत्या के बाद 6 फरवरो को जवान का अंतिम संस्कार सैन्य समान के साथ पैतृक गांव समदपुर में किया गया।1
- फ़िरोज़ाबाद बिग ब्रैकिंग - आज जनपद फिरोजाबाद के टूंडला रेलवे स्टेशन के नजदीक चर्च से कुछ दूरी पर भयंकर आग लग गई | अज्ञात कारणों से लगी आग | आग लगने का कारण का अभी ज्ञात नहीं पाया है आग लगने के बाद वहां अफरा तफरी का माहौल देखने को मिला | यात्रियों व राहगीरों की भारी भीड़ एकत्रित हो गई | सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी व फायर ब्रिगेड कर्मी मौके पर पहुँच गए | रेलवे सुरक्षा बल व सिविल पुलिस एवं रेलवे के अन्य अधिकारी गण मौके पर पहुंचे है | फायर ब्रिगेड के द्वारा आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है| Updated News-07/Feb/26- अखण्ड इंडिया न्यूज नेटवर्क से अनुज रावत की व्यरों रिपोर्ट | चैनल को लाइक शेयर फॉलो और सब्सक्राइब करना ना भूलें |1
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