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केन बेतवा लिंक परियोजना में बंध रहे बांध पर आदिवासी आंदोलन में आदिवासियों की हालत बिगड़ती जा रही है। छतरपुर//पन्ना 8 से 10 दिन से 24 घंटे आदिवासी आंदोलन कर रहे हैं उसी पानी को आदिवासी पी रहे हैं उसी में नहा रहे हैं और उसी में सोंच कर रहे हैं जिससे बीमारी फैलने की संभावना लगातार बढ़ती जा रही है। दोपहर के करीब 2:00 एक आदिवासी युवक की अचानक तबीयत बिगड़ी लेकिन वहां पर कोई भी डॉक्टर नहीं पहुंचा आदिवासियों ने आरोप लगाया कि वन विभाग की बैरियर पर हम लोगों के लिए कोई भी मददगार आता है तो उसे रोक दिया जाता है कोई भी अगर डॉक्टर इलाज के लिए आता है उसे इलाज करने से रोका जाता है।

3 hrs ago
user_U Live India
U Live India
Chhatarpur, Madhya Pradesh•
3 hrs ago

केन बेतवा लिंक परियोजना में बंध रहे बांध पर आदिवासी आंदोलन में आदिवासियों की हालत बिगड़ती जा रही है। छतरपुर//पन्ना 8 से 10 दिन से 24 घंटे आदिवासी आंदोलन कर रहे हैं उसी पानी को आदिवासी पी रहे हैं उसी में नहा रहे हैं और उसी में सोंच कर रहे हैं जिससे बीमारी फैलने की संभावना लगातार बढ़ती जा रही है। दोपहर के करीब 2:00 एक आदिवासी युवक की अचानक तबीयत बिगड़ी लेकिन वहां पर कोई भी डॉक्टर नहीं पहुंचा आदिवासियों ने आरोप लगाया कि वन विभाग की बैरियर पर हम लोगों के लिए कोई भी मददगार आता है तो उसे रोक दिया जाता है कोई भी अगर डॉक्टर इलाज के लिए आता है उसे इलाज करने से रोका जाता है।

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  • छतरपुर//पन्ना 8 से 10 दिन से 24 घंटे आदिवासी आंदोलन कर रहे हैं उसी पानी को आदिवासी पी रहे हैं उसी में नहा रहे हैं और उसी में सोंच कर रहे हैं जिससे बीमारी फैलने की संभावना लगातार बढ़ती जा रही है। दोपहर के करीब 2:00 एक आदिवासी युवक की अचानक तबीयत बिगड़ी लेकिन वहां पर कोई भी डॉक्टर नहीं पहुंचा आदिवासियों ने आरोप लगाया कि वन विभाग की बैरियर पर हम लोगों के लिए कोई भी मददगार आता है तो उसे रोक दिया जाता है कोई भी अगर डॉक्टर इलाज के लिए आता है उसे इलाज करने से रोका जाता है।
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    छतरपुर//पन्ना 
8 से 10 दिन से 24 घंटे आदिवासी आंदोलन कर रहे हैं उसी पानी को आदिवासी पी रहे हैं उसी में नहा रहे हैं और उसी में सोंच कर रहे हैं जिससे बीमारी फैलने की संभावना लगातार बढ़ती जा रही है।
दोपहर के करीब 2:00 एक आदिवासी युवक की अचानक तबीयत बिगड़ी लेकिन वहां पर कोई भी डॉक्टर नहीं पहुंचा आदिवासियों ने आरोप लगाया कि वन विभाग की बैरियर पर हम लोगों के लिए कोई भी मददगार आता है तो उसे रोक दिया जाता है कोई भी अगर डॉक्टर इलाज के लिए आता है उसे इलाज करने से रोका जाता है।
    user_U Live India
    U Live India
    Chhatarpur, Madhya Pradesh•
    3 hrs ago
  • 🌹🌹🌹Radha Radha Radha 🌹🌹🌹
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    🌹🌹🌹Radha Radha Radha 🌹🌹🌹
    user_Pappu Vishawakarma
    Pappu Vishawakarma
    Chhatarpur, Madhya Pradesh•
    5 hrs ago
  • पत्रकार के सवाल पर जीभ लड़खड़ा गई भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गुरुवार की शाम टीकमगढ़ पहुंचे जहां वह मीडिया से रूबरू हुए लेकिन जैसे ही टीकमगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार अनिल रावत ने छतरपुर का मामला उठाया तो उनकी जीभलड़खड़ा गई और उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया छतरपुर के सरानी गांव के सुरेंद्र सिंह की मौत के मामले में परिजनों द्वारा छतरपुर विधायक ललिता यादव और उनके बेटे पर लगाए गए गंभीर आरोप के मामले में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल बोले टीकमगढ़ प्रवास पर हु तो यहां की बात करे। वही मुरैना में रेत माफियाओं द्वारा वनकर्मी की हत्या के मामले में बोले कि मैं मुरैना में था तो उस मामले में अपनी बात कह दी थी।
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    पत्रकार के सवाल पर जीभ लड़खड़ा गई
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गुरुवार की शाम टीकमगढ़ पहुंचे जहां वह मीडिया से रूबरू हुए लेकिन जैसे ही टीकमगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार अनिल रावत ने छतरपुर का मामला उठाया तो उनकी जीभलड़खड़ा गई और उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया छतरपुर के सरानी गांव के सुरेंद्र सिंह की मौत के मामले में परिजनों द्वारा छतरपुर विधायक ललिता यादव और उनके बेटे पर लगाए गए गंभीर आरोप के मामले में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल बोले टीकमगढ़ प्रवास पर हु तो यहां की बात करे।
वही मुरैना में रेत माफियाओं द्वारा वनकर्मी की हत्या के मामले में बोले कि मैं मुरैना में था तो उस मामले में अपनी बात कह दी थी।
    user_पत्रकार धर्मेंद्र बुन्देला
    पत्रकार धर्मेंद्र बुन्देला
    Court reporter लौंडी, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • *केन-बेतवा विस्थापितों का फूटा गुस्सा—प्रशासन को पीछे हटना पड़ा, चिता आंदोलन हुआ और उग्र!* - *जन आंदोलन बना जनसंघर्ष , जनता ने प्रशासन को दौड़ाया* केन बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित न्याय की मांग कर रहे आदिवासियों और किसानों का धैर्य आज जवाब दे गया। केन-बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ चल रहे *'चिता आंदोलन'* के दूसरे दिन हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस प्रशासन ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का *राशन-पानी* रोकने की कोशिश की। प्रशासन की इस दमनकारी कार्रवाई से हजारों आदिवासी महिलाएं और किसान भड़क उठे। आक्रोशित जनता के भारी विरोध के सामने प्रशासन को पीछे हटना पड़ा और आंदोलन स्थल से दौड़ लगानी पड़ी। स्थिति को बिगड़ते देख *सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर* ने मोर्चा संभाला और बमुश्किल ग्रामीणों को शांत कराया। *अमित भटनागर* ने प्रशासन को दो-टूक चेतावनी देते हुए कहा कि आदिवासियों के हक की यह लड़ाई अब 'जन संघर्ष' बन चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आंदोलन को कुचलने या दमन करने की कोशिश की गई, तो इसके परिणाम और भी उग्र होंगे। जब तक विस्थापितों को पूर्ण न्याय नहीं मिलता, यह चिता आंदोलन थमेगा नहीं। हजारों आदिवासी महिलाओं किसान रहे शामिल *मीडिया सेल* *जय किसान संगठन*
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    *केन-बेतवा विस्थापितों का फूटा गुस्सा—प्रशासन को पीछे हटना पड़ा, चिता आंदोलन हुआ और उग्र!*
- *जन आंदोलन बना जनसंघर्ष , जनता ने प्रशासन को दौड़ाया*
केन बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित न्याय की मांग कर रहे आदिवासियों और किसानों का धैर्य आज जवाब दे गया। केन-बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ चल रहे *'चिता आंदोलन'* के दूसरे दिन हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस प्रशासन ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का *राशन-पानी* रोकने की कोशिश की।
प्रशासन की इस दमनकारी कार्रवाई से हजारों आदिवासी महिलाएं और किसान भड़क उठे। आक्रोशित जनता के भारी विरोध के सामने प्रशासन को पीछे हटना पड़ा और आंदोलन स्थल से दौड़ लगानी पड़ी। स्थिति को बिगड़ते देख *सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर* ने मोर्चा संभाला और बमुश्किल ग्रामीणों को शांत कराया।
*अमित भटनागर* ने प्रशासन को दो-टूक चेतावनी देते हुए कहा कि आदिवासियों के हक की यह लड़ाई अब 'जन संघर्ष' बन चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आंदोलन को कुचलने या दमन करने की कोशिश की गई, तो इसके परिणाम और भी उग्र होंगे। जब तक विस्थापितों को पूर्ण न्याय नहीं मिलता, यह चिता आंदोलन थमेगा नहीं।
हजारों आदिवासी महिलाओं किसान रहे शामिल 
*मीडिया सेल*
*जय किसान संगठन*
    user_पत्रकार पुष्पेंद्र तिवारी
    पत्रकार पुष्पेंद्र तिवारी
    Social Media Manager लौंडी, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • MP: केन-बेतवा परियोजना पर टकराव, आदिवासी महिलाएं चिता पर लेटीं, कहा- न्याय या मौत, हम पीछे नहीं हटेंगे केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में चल रहा आंदोलन अब निर्णायक और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। प्रशासन द्वारा आंदोलन को दबाने की हर कोशिश के बावजूद हजारों आदिवासी किसान, विशेष रूप से महिलाएं, हिम्मत हारने के बजाय चिता आंदोलन तक पहुंच गई हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आदिवासी महिलाओं और जय किसान संगठन के नेता सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने सरकार के दमन के सामने आक्रामक रुख अपनाया है। रोक-टोक और धारा 163 लागू आंदोलनकारियों का कहना है कि उन्हें दिल्ली जाकर अपनी बात रखने से रोका गया, रास्तों में कई जगह रोका गया, राशन और पानी तक रोक दिया गया और धमकियां दी गई। अब प्रशासन ने अपने ही गाँव और जंगल में धारा 163 लागू कर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की है। आंदोलनकारियों ने इसे दमन की पराकाष्ठा बताया है। पन्ना और छतरपुर जिलों की सीमाओं को अलग करने और बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही रोकने के प्रशासनिक आदेश पर अमित भटनागर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब परियोजना एक ही है तो लोगों को इस तरह बांटना अन्यायपूर्ण और गैर-तार्किक है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन अपने अत्याचार और भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए ऐसे आदेश जारी कर रहा है।
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    MP: केन-बेतवा परियोजना पर टकराव, आदिवासी महिलाएं चिता पर लेटीं, कहा- न्याय या मौत, हम पीछे नहीं हटेंगे
केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में चल रहा आंदोलन अब निर्णायक और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। प्रशासन द्वारा आंदोलन को दबाने की हर कोशिश के बावजूद हजारों आदिवासी किसान, विशेष रूप से महिलाएं, हिम्मत हारने के बजाय चिता आंदोलन तक पहुंच गई हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आदिवासी महिलाओं और जय किसान संगठन के नेता सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने सरकार के दमन के सामने आक्रामक रुख अपनाया है।
रोक-टोक और धारा 163 लागू
आंदोलनकारियों का कहना है कि उन्हें दिल्ली जाकर अपनी बात रखने से रोका गया, रास्तों में कई जगह रोका गया, राशन और पानी तक रोक दिया गया और धमकियां दी गई। अब प्रशासन ने अपने ही गाँव और जंगल में धारा 163 लागू कर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की है। आंदोलनकारियों ने इसे दमन की पराकाष्ठा बताया है।
पन्ना और छतरपुर जिलों की सीमाओं को अलग करने और बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही रोकने के प्रशासनिक आदेश पर अमित भटनागर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब परियोजना एक ही है तो लोगों को इस तरह बांटना अन्यायपूर्ण और गैर-तार्किक है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन अपने अत्याचार और भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए ऐसे आदेश जारी कर रहा है।
    user_Tushar markand
    Tushar markand
    Chhatarpur, Madhya Pradesh•
    12 hrs ago
  • सुरेंद्र सिंह मौत का मामला गरमाया प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पहुंचे मृतक के गांव सारनी । मृतक सुरेंद्र सिंह की पत्नी एवं मां ने छतरपुर विधायक के पुत्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं एवं CBI जांच की मांग भी की है ।
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    सुरेंद्र सिंह मौत का मामला गरमाया प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पहुंचे मृतक के गांव सारनी ।
मृतक सुरेंद्र सिंह की पत्नी एवं मां ने छतरपुर विधायक के पुत्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं एवं CBI जांच की मांग भी की है ।
    user_The best news
    The best news
    लौंडी, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • सरानी गांव पहुंचे जीतू पटवारी, जहां उन्होंने मृतक सुरेंद्र सिंह के परिजनों से मुलाकात की। परिजनों से मिलने के बाद जीतू पटवारी ने बड़ा बयान देते हुए कहा— 👉 “इस मामले में अगर न्याय नहीं मिला, तो हम छतरपुर SP को भी कोर्ट तक घसीटेंगे।” उन्होंने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए और साफ कहा कि— 👉 “दोषियों को बचाने की कोशिश हुई तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।” इस दौरान कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, और पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। 📢 अब बड़ा सवाल: क्या पीड़ित परिवार को मिलेगा न्याय या मामला राजनीति में ही उलझ जाएगा?
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    सरानी गांव पहुंचे जीतू पटवारी, जहां उन्होंने मृतक सुरेंद्र सिंह के परिजनों से मुलाकात की।
परिजनों से मिलने के बाद जीतू पटवारी ने बड़ा बयान देते हुए कहा—
👉 “इस मामले में अगर न्याय नहीं मिला, तो हम छतरपुर SP को भी कोर्ट तक घसीटेंगे।”
उन्होंने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए और साफ कहा कि—
👉 “दोषियों को बचाने की कोशिश हुई तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।”
इस दौरान कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, और पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
📢 अब बड़ा सवाल:
क्या पीड़ित परिवार को मिलेगा न्याय या मामला राजनीति में ही उलझ जाएगा?
    user_Mukesh Gautam
    Mukesh Gautam
    Advertising agency छतरपुर, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • छतरपुर में कोर्ट रूम में बवाल: जज के सामने महिला टाइपिस्ट को थप्पड़, आरोपी गिरफ्तार ।
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    छतरपुर में कोर्ट रूम में बवाल: जज के सामने महिला टाइपिस्ट को थप्पड़, आरोपी गिरफ्तार ।
    user_The best news
    The best news
    लौंडी, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
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