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*👉 बड़ी खबर - नारनौल में बिगड़ा मौसम भयंकर आंधी ओर बादल छाने के साथ बूंदा बांदी का सकेत
Om Parkash
*👉 बड़ी खबर - नारनौल में बिगड़ा मौसम भयंकर आंधी ओर बादल छाने के साथ बूंदा बांदी का सकेत
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- Post by Om Parkash1
- नारनौल में शराब के नशे में धुत एक युवक होटल की तीसरी मंजिल पर चढ़ गया और खिड़की से कूदने का प्रयास करने लगा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया। बाद में युवक सहित उसके दो साथियों को हिरासत में लिया गया। जानकारी के अनुसार मोहल्ला नलापुर के तीन युवकों ने शहर के एक होटल में कमरा लिया था, जहां वे शराब पी रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर तीनों के बीच विवाद हो गया। झगड़े के बाद एक युवक ने अपनी शर्ट उतार दी और होटल की खिड़की पर चढ़कर नीचे कूदने की कोशिश करने लगा। स्थिति को गंभीर देखते हुए होटल मालिक ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जिसमें EHC राजेश, SPO मनोज और चालक कर्नल सिंह शामिल थे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अग्निशमन विभाग की गाड़ी और एंबुलेंस भी मौके पर बुला ली। पुलिस जवानों ने सूझबूझ और सतर्कता से युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया। इसके बाद युवक और उसके दोनों साथियों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई।1
- बहरोड़ नीमराणा के मोहलड़िया में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। चार दिन के इंतजार के बाद आखिरकार 7 साल की मासूम बच्ची समेत तीन लोगों की पहचान हो पाई है और उनके अवशेष परिजनों को सौंप दिए गए हैं। हालांकि, एक बुजुर्ग चालक की पहचान अब भी अधूरी है और उसकी डीएनए रिपोर्ट का इंतजार जारी है। देखिए ये मार्मिक रिपोर्ट… नीमराणा के मोहलड़िया स्थित अवैध कबाड़ गोदाम में लगी भीषण आग ने न सिर्फ जिंदगियां लीं, बल्कि कई गरीब परिवारों के सपनों को भी राख कर दिया। जिला अस्पताल बहरोड़ के पोस्टमार्टम सेंटर पर सोमवार को माहौल बेहद गमगीन रहा… चार दिन तक अपनों की पहचान के इंतजार में बैठे परिजनों का दर्द साफ झलक रहा था डीएनए जांच के बाद 7 साल की मासूम आरुषि, कविता और दशरथ उर्फ जॉनी के अवशेष परिजनों को सौंप दिए गए। परिजनों की आंखों में आंसू और हाथों में अपनों की राख… ये मंजर किसी का भी दिल दहला देने वाला था। जो लोग रोजी-रोटी कमाने हंसते-खेलते यहां आए थे, आज उनके परिवार वाले उन्हें इस हालत में घर ले जाने को मजबूर हैं। पुलिस के मुताबिक आग इतनी भीषण थी कि शवों की पहचान संभव नहीं थी। इसलिए दांतों के सैंपल लेकर डीएनए जांच के लिए जयपुर लैब भेजे गए थे। तीन शवों की रिपोर्ट मिलने के बाद उनकी शिनाख्त हो सकी “तीन मृतकों की पहचान हो चुकी है, एक की रिपोर्ट अभी लंबित है, जांच जारी है…” वहीं, हरियाणा निवासी बुजुर्ग चालक रविदत्त की पहचान अब भी नहीं हो सकी है। पहले सैंपल का मिलान नहीं होने पर दोबारा सैंपल जयपुर भेजे गए हैं। परिजन अब चौथी डीएनए रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। नीमराणा का ये हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी लापरवाही की कहानी भी बयां करता है। फिलहाल, परिजन अपनों के अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे हैं, लेकिन एक परिवार अब भी इंतजार में है—अपने अपनों की पहचान के लिए।1
- Post by Bolti Awaaz news1
- Post by Mahendergarh live1
- Post by Dainik news Haryana live1
- भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा जल जीवन मिशन: मुण्डावर के बल्लूवास में सरपंच पर अवैध वसूली का आरोप, ग्रामीण प्यासे खैरथल-तिजारा एक ओर सरकार 'हर घर जल' योजना के माध्यम से ग्रामीणों को राहत देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मनमानी इस मिशन की राह में रोड़ा बनी हुई है। ताज़ा मामला मुण्डावर उपखण्ड के ग्राम पंचायत बल्लूवास का है, जहाँ ग्रामीणों ने सरपंच पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और तानाशाही के आरोप लगाए हैं। क्या है पूरा मामला? बल्लूवास के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि वर्ष 2023 में स्थानीय सरपंच द्वारा जल कनेक्शन के नाम पर गाँव के प्रत्येक परिवार से ₹2000 की अवैध वसूली की गई थी। हैरानी की बात यह है कि इस राशि के बदले बकायदा आधिकारिक रसीदें भी दी गईं, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि सरकारी योजना के लिए व्यक्तिगत स्तर पर धन क्यों वसूला गया? भीषण गर्मी में पानी को तरस रहे ग्रामीण ग्रामीणों का आरोप है कि जल जीवन मिशन के तहत गाँव में बोरवेल का कार्य स्वीकृत हुआ था, जिसे सरपंच ने अपने "व्यक्तिगत स्वार्थ" के चलते रुकवा दिया है। वर्तमान में क्षेत्र में भीषण गर्मी का प्रकोप है और ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब वे इस बारे में सरपंच से बात करने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। जांच और कार्रवाई की मांग आज दिनांक 27 अप्रैल 2026 को ग्रामीणों की ओर से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निम्नलिखित मांगें की गई हैं: ग्रामीणों से वसूले गए पैसों के उपयोग की निष्पक्ष जांच हो। रुके हुए बोरवेल कार्य को तुरंत प्रभाव से पुनः शुरू करवाया जाए। दोषी पाए जाने पर सरपंच एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। "हम प्यासे मर रहे हैं और हमारे पैसों का कोई हिसाब नहीं है। प्रशासन को इस मामले में तुरंत दखल देना चाहिए।"1
- Post by Om Parkash2