जनगणना की स्व-गणना (Self Enumeration) प्रक्रिया 1 जून से 15 जून, 2026 तक संचालित की जाएगी। इस चरण के बाद, जनगणना कार्य में नियुक्त अधिकारी और कर्मचारी 15 जून से 15 जुलाई, 2026 तक घर-घर जाकर आवास और परिवारों से संबंधित विभिन्न जानकारियां एकत्रित करेंगे। इस पहले चरण में मकानों की स्थिति, आवासीय सुविधाओं और परिवारों से संबंधित आवश्यक आंकड़े संकलित किए जाएंगे। इसके उपरांत, जनगणना का दूसरा चरण वर्ष 2027 में प्रारंभ होगा, जिसमें जनसंख्या संबंधी विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी। गौरव चौधरी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से जनगणना कार्य को गंभीरता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न करने का आह्वान किया। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे जनगणना के दौरान मांगी गई जानकारी सही और सटीक रूप से उपलब्ध करवाएं, ताकि सरकार को वास्तविक आंकड़े प्राप्त हो सकें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े सरकार को विभिन्न विकासात्मक योजनाओं एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता प्रदान करते हैं तथा जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान, मास्टर ट्रेनरों द्वारा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग, डेटा प्रविष्टि, सत्यापन तथा अन्य आवश्यक दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर तहसीलदार घुमारवीं बबीता धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
जनगणना की स्व-गणना (Self Enumeration) प्रक्रिया 1 जून से 15 जून, 2026 तक संचालित की जाएगी। इस चरण के बाद, जनगणना कार्य में नियुक्त अधिकारी और कर्मचारी 15 जून से 15 जुलाई, 2026 तक घर-घर जाकर आवास और परिवारों से संबंधित विभिन्न जानकारियां एकत्रित करेंगे। इस पहले चरण में मकानों की स्थिति, आवासीय सुविधाओं और परिवारों से संबंधित आवश्यक आंकड़े संकलित किए जाएंगे। इसके उपरांत, जनगणना का दूसरा चरण वर्ष 2027 में प्रारंभ होगा, जिसमें जनसंख्या संबंधी विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी। गौरव चौधरी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से जनगणना कार्य को गंभीरता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न करने का आह्वान किया। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे जनगणना के दौरान मांगी गई जानकारी सही और सटीक रूप से उपलब्ध करवाएं, ताकि सरकार को वास्तविक आंकड़े प्राप्त हो सकें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े सरकार को विभिन्न विकासात्मक योजनाओं एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता प्रदान करते हैं तथा जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान, मास्टर ट्रेनरों द्वारा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग, डेटा प्रविष्टि, सत्यापन तथा अन्य आवश्यक दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर तहसीलदार घुमारवीं बबीता धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के घुमारवी स्थित दकडी चौक पर एक आवारा बैल ने एक राहगीर को टक्कर मार दी, जिससे वह घायल हो गया। इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आवारा बैलों की समस्या का समाधान करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि ये आवारा बैल सड़कों पर घूमते रहते हैं, जिसके कारण वे खुद भी कई बार दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं और राहगीरों को भी चोटिल कर रहे हैं। इस गंभीर समस्या से निजात पाने के लिए प्रशासन से तुरंत कदम उठाने की अपील की गई है।1
- बिलासपुर कांग्रेस के सदर और पूर्व नेता बंबर ठाकुर से संबंधित एक 'शूटर हुआ था' का मामला सामने आया है। इस घटनाक्रम पर बंबर ठाकुर क्या कहते हैं, इसकी पूरी जानकारी के लिए वीडियो देखने का आग्रह किया गया है।1
- एक फरियाद को 'नाना पाटेकर स्टाइल' में पेश किए जाने का उल्लेख किया गया है, जिसके अंदाज़ को देखकर लोग मज़ेदार पा रहे हैं। इस अनूठे तरीके पर लोग हंस रहे हैं और सवाल कर रहे हैं कि आखिर ऐसे कौन फरियाद करता है।1
- मोड़ा टोल प्लाजा के निकट स्थित पंजाब प्रवेश द्वार पर निहंग सिंहों ने एक टोल लगाना शुरू कर दिया है। बताया गया है कि यह टोल 'खालसा एंट्री टैक्स' के नाम पर वसूला जा रहा है।1
- हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में ढंक क्वाली के पास दो व्यक्ति नशे की हालत में आपस में झगड़ पड़े। इस घटना को देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।1
- 3 जून 2026 को जिला परिषद अनीता देवी ने भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और अपने बड़े भाई श्री देवेंद्र भुट्टो जी के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने ज़ोर दिया कि उन्हें मिले विश्वास को वह अपनी ताकत मानती हैं। अनीता देवी ने क्षेत्र की समस्त जनता – माताओं, बहनों, बुजुर्गों और युवा साथियों – के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हुए, जिला परिषद वार्ड लठियाणी की जनता का उनके अपार समर्थन और स्नेह के लिए विशेष धन्यवाद किया।1
- हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित कटौहड कलां में प्रधान पद के लिए हुई मतगणना को लेकर कुछ सवाल खड़े हो गए हैं।1
- जनगणना की स्व-गणना (Self Enumeration) प्रक्रिया 1 जून से 15 जून, 2026 तक संचालित की जाएगी। इस चरण के बाद, जनगणना कार्य में नियुक्त अधिकारी और कर्मचारी 15 जून से 15 जुलाई, 2026 तक घर-घर जाकर आवास और परिवारों से संबंधित विभिन्न जानकारियां एकत्रित करेंगे। इस पहले चरण में मकानों की स्थिति, आवासीय सुविधाओं और परिवारों से संबंधित आवश्यक आंकड़े संकलित किए जाएंगे। इसके उपरांत, जनगणना का दूसरा चरण वर्ष 2027 में प्रारंभ होगा, जिसमें जनसंख्या संबंधी विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी। गौरव चौधरी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से जनगणना कार्य को गंभीरता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न करने का आह्वान किया। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे जनगणना के दौरान मांगी गई जानकारी सही और सटीक रूप से उपलब्ध करवाएं, ताकि सरकार को वास्तविक आंकड़े प्राप्त हो सकें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े सरकार को विभिन्न विकासात्मक योजनाओं एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता प्रदान करते हैं तथा जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान, मास्टर ट्रेनरों द्वारा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग, डेटा प्रविष्टि, सत्यापन तथा अन्य आवश्यक दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर तहसीलदार घुमारवीं बबीता धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1