Shuru
Apke Nagar Ki App…
एक नजर इस पर भी ध्यान दे।
DC NEWS CHANNEL
एक नजर इस पर भी ध्यान दे।
More news from बिहार and nearby areas
- आधुनिक घर या सुरक्षित घर1
- आखिर क्या हुआ जिससे चर्चित राजद नेत्री प्रिया भीड़ के सामने देर रात्री फुट फुट कर रोने लगी ?? #Priyaraj #Rjd #Viralnews #Harlakhi #Madhubaninews1
- मधेपुर प्रखंड से वायरल हुआ सुपरहिट डांसर बोले गांव के लोग ताने मारते हैं कि देखो नाच करता है डांसर ने कहा हम 38 जिला में दिखाएंगे अपना डांसिंग का कलाकारी लोग क्या कुछ बोलता है हमको नहीं लेना देना है ?1
- Post by Rohit jdv1
- इन्वेस्टिचर सेरेमनी में विकास वैभव का आह्वान: नौकरी नहीं, रोजगार देने वाला बनें छात्र1
- सुपौल। सावन कुमार, भा0प्र0से0, जिलाधिकारी, सुपौल के निर्देशानुसार विद्युत कार्यालय, सुपौल में सोलर मेला का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी, सुपौल उपस्थित हुए। इस अवसर पर विद्युत विभाग से श्री संतोष कुमार, अधीक्षण अभियंता, सहरसा, श्री आलोक कुमार रंजन, विद्युत कार्यपालक अभियंता, सुपौल तथा श्री धनंजय कुमार सिंह, विद्युत कार्यपालक अभियंता, राघोपुर सहित सुपौल जिला अंतर्गत सभी सहायक विद्युत अभियंता, कनीय विद्युत अभियंता, सोलर पैनल इंस्टॉलेशन से जुड़े वेंडर एवं बैंक कर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी, सुपौल द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। उद्घाटन उपरांत उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि अधिक से अधिक लोग सोलर ऊर्जा योजनाओं का लाभ उठाएं और स्वच्छ एवं सतत ऊर्जा को बढ़ावा दें। मेले के दौरान उपभोक्ताओं द्वारा सोलर पैनल स्थापना से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई तथा विभिन्न वेंडरों द्वारा योजनाओं, अनुदान एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई।2
- एक नजर इस पर भी ध्यान दे।1
- Post by धर्म रक्षा न्यूज़1
- सड़क पर 'जश्न' या कानून का उल्लंघन? सड़क पर नाच, जनता परेशान: शादियों के नाम पर बीच सड़क पर डीजे बजाकर नाचना अब एक बड़ी मुसीबत बन चुका है। लोग अपनी खुशी के लिए घंटों ट्रैफिक जाम कर देते हैं, जिससे एम्बुलेंस और जरूरी काम से निकले लोग फंसे रह जाते हैं। सिर्फ 10 बजे का नियम काफी नहीं: आयोजकों को लगता है कि रात 10 बजे तक वे कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र हैं। पर सवाल यह है कि क्या जश्न के नाम पर सार्वजनिक रास्ता रोकना सही है? प्रशासन की ढिलाई: कई बार पुलिस की मौजूदगी में भी यह सब होता है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। नजरअंदाज करने की यह आदत आम जनता के लिए सिरदर्द बन गई है। हमारा सवाल: आपकी निजी खुशी दूसरों के लिए सजा क्यों?1