अवैध वसूली के खिलाफ सख्त कार्रवाई: दुलना महानदी पर अवैध रपटे तोड़े, वसूली नाका ध्वस्त *खबर का असर* *अवैध वसूली के खिलाफ सख्त कार्रवाई: दुलना महानदी पर अवैध रपटे तोड़े, वसूली नाका ध्वस्त* *ग्राम विकास समिति के खिलाफ होगी FIR दर्ज* नवापारा राजिम। दैनिक आज का आलाप में प्रकाशित खबर का एक बार फिर से असर हुआ है. आलाप न्यूज़ में प्रमुखता से प्रकाशित समाचार दुलना ग्राम में ग्राम विकास समिति की जा रही अवैध वसूली को प्रशासन ने संज्ञान मे लेते हुए आज एक बडी कार्रवाई की है. गोबरा नवापारा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत दुलना में महानदी पर अवैध वसूली नाका चलाने वाले गिरोह पर प्रशासन ने तगड़ी छापेमारी की है। उच्च अधिकारियों को प्राप्त शिकायत के आधार पर तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर ने तुरंत छापामार कार्यवाही शुरू की। उन्होंने प्रकरण तैयार कर अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) अभनपुर को सौंपा।एसडीएम अभनपुर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए लिखित आदेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि महानदी में बने सभी अवैध रपटे (रास्ते) तोड़ दिए जाएं और वसूली नाका में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। इसी आदेश के परिपालन में आज प्रशासन की टीम ने दुलना महानदी में बने अवैध रपटों को तोड़ दिया। साथ ही अवैध वसूली नाका की झोपड़ी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, इस अवैध वसूली नाका में ग्राम विकास समिति के कुछ सदस्यों की भी संलिप्तता सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है। शाम तक वसूली नाका में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। यह कार्रवाई महानदी के प्राकृतिक प्रवाह को बाधित करने और आम नागरिकों से जबरन वसूली करने वाले तत्वों के खिलाफ प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति का उदाहरण है। कार्रवाई में तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षक मायाराम साहू, पटवारी नंदू साहू, ग्राम पंचायत सरपंच सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय योगदान दिया। टीम ने बिना किसी भेदभाव के अवैध निर्माणों को हटाया और कानून का सख्ती से पालन किया। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से महानदी पर अवैध रपटा बनाकर वाहनों से पैसे वसूले जा रहे थे, जिससे न केवल आमजन परेशान थे बल्कि नदी का पर्यावरण भी प्रभावित हो रहा था। प्रशासन की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से ग्रामीणों में भरोसा बढ़ा है।यह घटना छत्तीसगढ़ में अवैध अतिक्रमण और वसूली के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है। अधिकारीयों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी कोई भी अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अवैध वसूली के खिलाफ सख्त कार्रवाई: दुलना महानदी पर अवैध रपटे तोड़े, वसूली नाका ध्वस्त *खबर का असर* *अवैध वसूली के खिलाफ सख्त कार्रवाई: दुलना महानदी पर अवैध रपटे तोड़े, वसूली नाका ध्वस्त* *ग्राम विकास समिति के खिलाफ होगी FIR दर्ज* नवापारा राजिम। दैनिक आज का आलाप में प्रकाशित खबर का एक बार फिर से असर हुआ है. आलाप न्यूज़ में प्रमुखता से प्रकाशित समाचार दुलना ग्राम में ग्राम विकास समिति की जा रही अवैध वसूली को प्रशासन ने संज्ञान मे लेते हुए आज एक बडी कार्रवाई की है. गोबरा नवापारा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत दुलना में महानदी पर अवैध वसूली नाका चलाने वाले गिरोह पर प्रशासन ने तगड़ी छापेमारी की है। उच्च अधिकारियों को प्राप्त शिकायत के आधार पर तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर ने तुरंत छापामार कार्यवाही शुरू की। उन्होंने प्रकरण तैयार कर अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) अभनपुर को सौंपा।एसडीएम अभनपुर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए लिखित आदेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि महानदी में बने सभी अवैध रपटे (रास्ते) तोड़ दिए जाएं और वसूली नाका में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। इसी आदेश के परिपालन में आज प्रशासन की टीम ने दुलना महानदी में बने अवैध रपटों को तोड़ दिया। साथ ही अवैध वसूली नाका की झोपड़ी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। जानकारी के अनुसार,
इस अवैध वसूली नाका में ग्राम विकास समिति के कुछ सदस्यों की भी संलिप्तता सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है। शाम तक वसूली नाका में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। यह कार्रवाई महानदी के प्राकृतिक प्रवाह को बाधित करने और आम नागरिकों से जबरन वसूली करने वाले तत्वों के खिलाफ प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति का उदाहरण है। कार्रवाई में तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षक मायाराम साहू, पटवारी नंदू साहू, ग्राम पंचायत सरपंच सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय योगदान दिया। टीम ने बिना किसी भेदभाव के अवैध निर्माणों को हटाया और कानून का सख्ती से पालन किया। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से महानदी पर अवैध रपटा बनाकर वाहनों से पैसे वसूले जा रहे थे, जिससे न केवल आमजन परेशान थे बल्कि नदी का पर्यावरण भी प्रभावित हो रहा था। प्रशासन की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से ग्रामीणों में भरोसा बढ़ा है।यह घटना छत्तीसगढ़ में अवैध अतिक्रमण और वसूली के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है। अधिकारीयों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी कोई भी अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- Panch Ram SahuRaipur, Raipur💣1 hr ago
- तिल्दा-नेवरा (रायपुर): अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन निश्चय” के तहत तिल्दा-नेवरा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 8 किलो 500 ग्राम गांजा के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी कि एक मोटरसाइकिल (CG 04 DR 5280) में सवार दो व्यक्ति सूटकेस और बैग में गांजा लेकर खरोरा से तिल्दा होते हुए सांकरा की ओर जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जोता रेलवे फाटक के पास घेराबंदी की। घेराबंदी के दौरान पुलिस को देखकर मोटरसाइकिल के पीछे बैठा व्यक्ति कूदकर फरार हो गया, जबकि चालक को मौके पर ही पकड़ लिया गया। तलाशी लेने पर सूटकेस और बैग से 8.5 किलो गांजा (कीमत लगभग ₹4,25,000) बरामद किया गया। साथ ही मोटरसाइकिल (कीमत लगभग ₹50,000) भी जब्त की गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल रायपुर भेज दिया गया। आरोपी: गुमान माण्डले (22 वर्ष), निवासी ग्राम सांकरा, थाना तिल्दा-नेवरा जप्त सामग्री: 8 किलो 500 ग्राम गांजा (कीमत लगभग ₹4,25,000) मोटरसाइकिल डिस्कवर (CG 04 DR 5280) पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रायपुर रेंज में चल रहे ऑपरेशन “निश्चय” के तहत अवैध मादक पदार्थ और शराब के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। निष्कर्ष: तिल्दा पुलिस की इस कार्रवाई से नशे के कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। फरार आरोपी की तलाश जारी है।2
- आयुष्मान घोटाला अपडेट लोकेशन: छुरा, गरियाबंद गरियाबंद के छुरा विकासखंड स्थित श्री संकल्प छत्तीसगढ़ मिशन हॉस्पिटल से अब एक और गंभीर मामला सामने आया है, इसके पहले हमने आपको दिखाया था कि कैसे अस्पताल प्रबंधन सामान्य बीमारी की इलाज करता है मरीज को सामान्य बीमारी की दवाई देता है लेकिन आयुष्मान कार्ड में वह गंभीर बीमारी ब्लॉक कर शासन को लाखों रुपये का चुना लगा रहा है, लेकिन अब यह बात सामने आई है कि अस्पताल ने ICU की आधिकारिक अनुमति मिलने से पहले ही आयुष्मान योजना के तहत ICU उपचार के नाम पर क्लेम प्रस्तुत कर लाखों रुपये की राशि शासन से आहरित कर लिए। आपको बता दें कि CMHO गरियाबंद यू एस नवरत्न के अनुसार अस्पताल को ICU एवं HDU संचालन की अनुमति फरवरी वर्ष 2026 में प्राप्त हुई है, जबकि अस्पताल इससे पूर्व अक्टूबर नवंबर वर्ष 2025 से ही आयुष्मान कार्ड में ICU और HDU के संबंधित श्रेणी के उपचार का दावा कर अपना क्लेम प्रस्तुत किया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अस्पताल को फरवरी 2026 में ICU और HDU इलाज की परमिशन प्रशासन से मिली है तो वो 2025 से ही बिना परमिशन के आईसीयू और HDU में इलाज कर आयुष्मान कार्ड को कैसे ब्लॉक कर दिया। क्या इसकी थोड़ी भी जानकारी प्रशासन को नहीं थी या फिर ये कोई अस्पताल प्रबंधन और अधिकारीयो के बीच कोई बड़ी सांठगांठ तो नहीं जिसमें फर्जी तरीके से आयुष्मान कार्ड के पैसे निकालकर शासन को चुना लगाया जा रहा हो। फिलहाल यह पूरा मामला जांच का विषय है आगे जांच होने पर और भी बड़े खुलासे इस अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से हुवे इलाज को लेकर हो सकते है। हालांकि सीएमएचओ गरियाबंद यू एस नवरत्न का कहना है कि जांच के बाद ही पूरी कार्यवाही की जाएगी। अब देखना यह होगा कि क्या इस पूरे मामले में अधिकारी निष्पक्ष जांच करते है या इसे भी अन्य जांच की तरह ठंडे बस्ते में डाल देते है। वही श्री संकल्प छत्तीसगढ़ अस्पताल प्रबंधन से भी हमने इस पूरे मामले में उनका पक्ष जानने की कोशिश की लेकिन उनके द्वारा कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है।4
- Post by Rameshwar sahu1
- Post by गोविंद राम 92947315371
- गौ सम्मान आव्हान अभियान मे आप सबका स्वागत है अभिनंदन है साथी हाथ बढ़ाना अभी नही तो कभी नही याद रखे इतिहास बदलने वाला है मै रहु या ना रहू गौ वंश रहना चाहिए होश मे आव भारती जागो अभी नही तो दुनिया से विदा तय है4
- छेड़खानी केस में सख्त फैसला! निचली अदालत से बरी आरोपी को 3 साल की सजा, अपीलीय अदालत ने पलटा फैसला महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को लेकर अदालत ने एक बार फिर सख्त संदेश दिया है। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, जिला बालोद ने छेड़खानी के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी को तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। निचली अदालत द्वारा बरी किए जाने के फैसले को अपीलीय अदालत ने पलट दिया। अदालत ने आरोपी करण राणा (उम्र 26 वर्ष, निवासी पटेल कॉलोनी, दल्लीराजहरा) को तीन धाराओं में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई: • धारा 354(ख) IPC के तहत 3 वर्ष का सश्रम कारावास + ₹100 अर्थदंड • धारा 354(क) और 354(घ) IPC के तहत 6-6 माह का सश्रम कारावास + ₹100 अर्थदंड अब जानते है क्या था पूरा मामला 25 जनवरी 2019 को शाम 7 बजे दल्लीराजहरा के क्रिकेट ग्राउंड पुल के पास पीड़िता अपने रिश्तेदार के साथ बाजार से लौट रही थी। इसी दौरान आरोपी करण राणा ने रास्ता रोककर छेड़खानी की। आरोपी ने “मैं तुमसे प्यार करता हूँ” कहते हुए पीड़िता का दुपट्टा खींचा और आपत्तिजनक बातें कर उसे अपमानित किया। पीड़िता की शिकायत पर थाना दल्लीराजहरा में अपराध क्रमांक 14/2019 दर्ज किया गया था। निचली अदालत (न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दल्लीराजहरा) ने 6 जनवरी 2023 को आरोपी को बरी कर दिया था। लेकिन अभियोजन पक्ष ने इस फैसले के खिलाफ सत्र न्यायालय बालोद में अपील दायर की। अपीलीय अदालत ने साक्ष्यों, परिस्थितियों और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को देखते हुए निचली अदालत का फैसला पलट दिया और आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक बालोद द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। यह फैसला महिलाओं के सम्मान की रक्षा और उनके खिलाफ होने वाले अपराधों में शून्य सहनशीलता का साफ संदेश देता है। अब अपराधी जान लें कि कानून की लंबी बाजू से कोई भी बच नहीं सकता।1
- राजिम, नवापारा में पुलिस द्वारा सफाई कर्मचारी के साथ मारपीट करने का गंभीर मामला सामने आया है, जिसके विरोध में पीड़ित और परिजनों ने थाने और नगरपालिका के सामने प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि पीड़ित को चोरी के मामले में पूछताछ करने बुलाया गया और फिर मारपीट की गई। इस दौरान पीड़ित के एक हाथ में गंभीर चोटे आई है। मामला गोबरा नवापारा थाना का है। जानकारी के अनुसार, जुगे माचखंड गोबरा नगर पालिका का सफाई कर्मचारी है। जुगे माचखंड के अनुसार मंगलवार सुबह आरक्षक हुलास साहू उसे सफाई के बहाने थाने लेकर आया था। इसी दौरान आरक्षक ने चोरी की एक घटना के संबंध में पूछताछ शुरू की, फिर वह मारपीट पर उतारू हो गया। पूछताछ के नाम पर उससे बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे उसका हाथ फ्रैक्चर हो गया है। जिसके बाद आज सुबह पीड़ित के परिजन, मोहल्लेवासी और नगर पालिका के अन्य सफाई कर्मचारी बड़ी संख्या में पीड़ित के साथ गोबरा नवापारा थाने और फिर नगरपालिका पहुंचे और दोषी आरक्षक पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। खबर मिलते ही कांग्रेसी पार्षद और नेता भी थाने पहुंचे और आरोपी आरक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आम जनता और कर्मचारियों के साथ इस तरह की मारपीट बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पुलिसकर्मी पर तत्काल सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। रिश्वत मांगने का आरोप वहीं इस मामले में पीड़ित की बेटी का आरोप है कि जब वह अपने परिजनों के साथ पिता को छुड़ाने थाना पहुंची तो एक पुलिस वाले ने गाड़ी का टैंक पेट्रोल से फूल कराने पर उसके पिता को छोड़ने की बात कही। इस दौरान उसकी मां और अन्य लोग भी मौजूद थे। क्या है पूरा मामला नवापारा नगर पालिका CMO ने बताया कि नल घर स्थित स्टोर रूम में चोरी हो गई थी। इस संबंध में पुलिस को सूचना दी गई थी। इस दौरान पता चला कि जुगे माचखंड को चोरों की कुछ जानकारी है इसकी सूचना भी पुलिस को दी गई। जिसके बाद उसे पूछताक्ष के लिए ले जाया गया, पूछताक्ष के दौरान उसने कहा कि वह कुछ नहीं जानता। जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया। वहीं पुलिस प्रशासन की ओर से मामले की जांच किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन अब तक आरक्षक पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उग्र आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस घटना के बाद नगर के लोगों में भी पुलिस की कार्यशैली को लेकर बातें हो रही है। लोग भी पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग कर रहे है।3
- Post by Rameshwar sahu1
- *शहर के कबाड़ी संचालकों के यहां पुलिस की छापेमारी* राजनांदगांव पुलिस ने अवैध कबाड़ी कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले में एक साथ 7 स्थानों पर छापेमारी की है… इस कार्रवाई में करीब 32 लाख रुपये का सामान जप्त किया गया है। चोरी के सामान की अवैध खरीदी-बिक्री की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में 7 विशेष टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने कोतवाली, सोमनी और चिखली क्षेत्रों में एक साथ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में लोहे का स्क्रैप, वाहनों के इंजन, नंबर प्लेट, गैस सिलेंडर और अन्य संदिग्ध सामग्री जप्त की। सबसे बड़ी कार्रवाई सोमनी थाना क्षेत्र में हुई, जहां एक ट्रक से लगभग 15 लाख रुपये का स्क्रैप बरामद किया गया। *बाइट* "अवैध कबाड़ी कारोबार और चोरी के सामान की खरीदी-बिक्री पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है, आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।"1