छेड़खानी केस में सख्त फैसला! निचली अदालत से बरी आरोपी को 3 साल की सजा, अपीलीय अदालत ने पलटा फैसला छेड़खानी केस में सख्त फैसला! निचली अदालत से बरी आरोपी को 3 साल की सजा, अपीलीय अदालत ने पलटा फैसला महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को लेकर अदालत ने एक बार फिर सख्त संदेश दिया है। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, जिला बालोद ने छेड़खानी के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी को तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। निचली अदालत द्वारा बरी किए जाने के फैसले को अपीलीय अदालत ने पलट दिया। अदालत ने आरोपी करण राणा (उम्र 26 वर्ष, निवासी पटेल कॉलोनी, दल्लीराजहरा) को तीन धाराओं में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई: • धारा 354(ख) IPC के तहत 3 वर्ष का सश्रम कारावास + ₹100 अर्थदंड • धारा 354(क) और 354(घ) IPC के तहत 6-6 माह का सश्रम कारावास + ₹100 अर्थदंड अब जानते है क्या था पूरा मामला 25 जनवरी 2019 को शाम 7 बजे दल्लीराजहरा के क्रिकेट ग्राउंड पुल के पास पीड़िता अपने रिश्तेदार के साथ बाजार से लौट रही थी। इसी दौरान आरोपी करण राणा ने रास्ता रोककर छेड़खानी की। आरोपी ने “मैं तुमसे प्यार करता हूँ” कहते हुए पीड़िता का दुपट्टा खींचा और आपत्तिजनक बातें कर उसे अपमानित किया। पीड़िता की शिकायत पर थाना दल्लीराजहरा में अपराध क्रमांक 14/2019 दर्ज किया गया था। निचली अदालत (न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दल्लीराजहरा) ने 6 जनवरी 2023 को आरोपी को बरी कर दिया था। लेकिन अभियोजन पक्ष ने इस फैसले के खिलाफ सत्र न्यायालय बालोद में अपील दायर की। अपीलीय अदालत ने साक्ष्यों, परिस्थितियों और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को देखते हुए निचली अदालत का फैसला पलट दिया और आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक बालोद द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। यह फैसला महिलाओं के सम्मान की रक्षा और उनके खिलाफ होने वाले अपराधों में शून्य सहनशीलता का साफ संदेश देता है। अब अपराधी जान लें कि कानून की लंबी बाजू से कोई भी बच नहीं सकता।
छेड़खानी केस में सख्त फैसला! निचली अदालत से बरी आरोपी को 3 साल की सजा, अपीलीय अदालत ने पलटा फैसला छेड़खानी केस में सख्त फैसला! निचली अदालत से बरी आरोपी को 3 साल की सजा, अपीलीय अदालत ने पलटा फैसला महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को लेकर अदालत ने एक बार फिर सख्त संदेश दिया है। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, जिला बालोद ने छेड़खानी के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी को तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। निचली अदालत द्वारा बरी किए जाने के फैसले को अपीलीय अदालत ने पलट दिया। अदालत ने आरोपी करण राणा (उम्र 26 वर्ष, निवासी पटेल कॉलोनी, दल्लीराजहरा) को तीन धाराओं में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई: • धारा 354(ख) IPC के तहत 3 वर्ष का सश्रम कारावास + ₹100 अर्थदंड • धारा 354(क) और 354(घ) IPC के तहत 6-6 माह का सश्रम कारावास + ₹100 अर्थदंड अब जानते है क्या था पूरा मामला 25 जनवरी 2019 को शाम 7 बजे दल्लीराजहरा के क्रिकेट ग्राउंड पुल के पास पीड़िता अपने रिश्तेदार के साथ बाजार से लौट रही थी। इसी दौरान आरोपी करण राणा ने रास्ता रोककर छेड़खानी की। आरोपी ने “मैं तुमसे प्यार करता हूँ” कहते हुए पीड़िता का दुपट्टा खींचा और आपत्तिजनक बातें कर उसे अपमानित किया। पीड़िता की शिकायत पर थाना दल्लीराजहरा में अपराध क्रमांक 14/2019 दर्ज किया गया था। निचली अदालत (न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दल्लीराजहरा) ने 6 जनवरी 2023 को आरोपी को बरी कर दिया था। लेकिन अभियोजन पक्ष ने इस फैसले के खिलाफ सत्र न्यायालय बालोद में अपील दायर की। अपीलीय अदालत ने साक्ष्यों, परिस्थितियों और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को देखते हुए निचली अदालत का फैसला पलट दिया और आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक बालोद द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। यह फैसला महिलाओं के सम्मान की रक्षा और उनके खिलाफ होने वाले अपराधों में शून्य सहनशीलता का साफ संदेश देता है। अब अपराधी जान लें कि कानून की लंबी बाजू से कोई भी बच नहीं सकता।
- BSP ke Power Plant-2 me dhamaka Turbine section me achanak aag lag gai : भिलाई स्टील प्लांट में भीषण आग: | टर्बाइन ब्लास्ट से मची अफरा-तफरी, 5 कर्मचारी घायल1
- आयुष्मान घोटाला अपडेट लोकेशन: छुरा, गरियाबंद गरियाबंद के छुरा विकासखंड स्थित श्री संकल्प छत्तीसगढ़ मिशन हॉस्पिटल से अब एक और गंभीर मामला सामने आया है, इसके पहले हमने आपको दिखाया था कि कैसे अस्पताल प्रबंधन सामान्य बीमारी की इलाज करता है मरीज को सामान्य बीमारी की दवाई देता है लेकिन आयुष्मान कार्ड में वह गंभीर बीमारी ब्लॉक कर शासन को लाखों रुपये का चुना लगा रहा है, लेकिन अब यह बात सामने आई है कि अस्पताल ने ICU की आधिकारिक अनुमति मिलने से पहले ही आयुष्मान योजना के तहत ICU उपचार के नाम पर क्लेम प्रस्तुत कर लाखों रुपये की राशि शासन से आहरित कर लिए। आपको बता दें कि CMHO गरियाबंद यू एस नवरत्न के अनुसार अस्पताल को ICU एवं HDU संचालन की अनुमति फरवरी वर्ष 2026 में प्राप्त हुई है, जबकि अस्पताल इससे पूर्व अक्टूबर नवंबर वर्ष 2025 से ही आयुष्मान कार्ड में ICU और HDU के संबंधित श्रेणी के उपचार का दावा कर अपना क्लेम प्रस्तुत किया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अस्पताल को फरवरी 2026 में ICU और HDU इलाज की परमिशन प्रशासन से मिली है तो वो 2025 से ही बिना परमिशन के आईसीयू और HDU में इलाज कर आयुष्मान कार्ड को कैसे ब्लॉक कर दिया। क्या इसकी थोड़ी भी जानकारी प्रशासन को नहीं थी या फिर ये कोई अस्पताल प्रबंधन और अधिकारीयो के बीच कोई बड़ी सांठगांठ तो नहीं जिसमें फर्जी तरीके से आयुष्मान कार्ड के पैसे निकालकर शासन को चुना लगाया जा रहा हो। फिलहाल यह पूरा मामला जांच का विषय है आगे जांच होने पर और भी बड़े खुलासे इस अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से हुवे इलाज को लेकर हो सकते है। हालांकि सीएमएचओ गरियाबंद यू एस नवरत्न का कहना है कि जांच के बाद ही पूरी कार्यवाही की जाएगी। अब देखना यह होगा कि क्या इस पूरे मामले में अधिकारी निष्पक्ष जांच करते है या इसे भी अन्य जांच की तरह ठंडे बस्ते में डाल देते है। वही श्री संकल्प छत्तीसगढ़ अस्पताल प्रबंधन से भी हमने इस पूरे मामले में उनका पक्ष जानने की कोशिश की लेकिन उनके द्वारा कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है।4
- बलरामपुर/वाड्रफनगर। सुने मकान में चोरी करने वाले 04 शातिर चोर चढ़े पुलिस के हत्थे, चोरी का माल खरीदने वाले 01 अन्य आरोपी सहित कुल 05 आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा गया सलाखों के पीछे। जानकारी के अनुसार दिनांक 07.04.2026 को प्रार्थी संदीप कुमार गहरवरिया पिता बाजीलाल गहरवरिया, उम्र 38 वर्ष, ग्राम परसडीहा, चौकी वाड्रफनगर, थाना बसंतपुर, द्वारा चौकी वाड्रफनगर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि, दिनांक 31.03.2026 को वह अपने माता-पिता के साथ करीब 10:00 बजे अपने घर ग्राम परसडीहा में आकर देखा घर के दरवाजा का ताला दुटा हुआ था अन्दर जाकर देखने पर पलंग 01 नग, कांस का लोटा 09 नग, पीतल परात 02 नग, स्टील थाली 06 नग, गैस टंकी (इंडियन) 01 नग, पीतल बाल्टी छोटा 01 नग व डेक्ची बड़ा छोटा 02 नग, ट्रेक्टर का बीच सर्पोटिंग रिंग 02 नग, कांस थाली 09 नग, खिड़की 01 नग, कराकट सीट 04 नग, कुल जुमला कीमती करीब 44,500 रूपये अज्ञात चोर द्वारा चोरी कर ले गये है। प्रार्थी के रिपोर्ट पर चौकी वाड्रफनगर, थाना बसंतपुर में धारा 305, 331(4),317 (2), 3 (5) बी.एन.एस. के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना दौरान संदेह के आधार पर आरोपियों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों द्वारा चोरी करना स्वीकार किया गया तथा चोरी की गई कुछ सामग्री को आरोपी सुजीत सोनी पिता संतु सोनी निवासी बरतीकला चौकी वाड्रफनगर के पास बेचना बताने पर, सुजीत सोनी के द्वारा चोरी का सामान खरीदना पाए जाने पर विधिवत कार्यवाही करते हुए सभी पाँच आरोपियों सुर्यकांत पिता स्व. संजय गहरवरिया निवासी परसडीहा चौकी वाड्रफनगर थाना बसंतपुर अटल गहरवरिया पिता विनोद गहरवरिया निवासी परसडीहा चौकी वाड्रफनगर बसंतपुर वरदान गहरवरिया पिता इन्द्रदेव गहरवरिया निवासी परसडीहा चौकी वाड्रफनगर बसंतपुर धीरेश खैरा पिता शिवरतन खैरा निवासी परसडीहा चौकी वाड्रफनगर बसंतपुर सुजीत सोनी पिता संतु सोनी निवासी बरतीकला चौकी वाड्रफनगर बसंतपुर जिला- बलरामपुर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।2
- Post by Simant Prajapati1
- जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में मेडिकल बिल पास करने के एवज में रिश्वत लेते रिश्वतखोर ड्रेसर का वीडियो सामने आया है। जहां बाबू बनकर ड्रेसर से रिश्वत लेते कैमरे में कैद हो गए। जिसमें किशोर चौहान ड्रेसर का पैसा गिनते दिखाई दे रहा है। वीडियो में बाबू साहब को पैसा देने की बात कह रहा है। आरोप है कि, सरकारी अधिकारी/कर्मचारियों का मेडिकल बिल पास करने के एवज में रिश्वत मांगी थी। सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ है। मनेंद्रगढ़ नगर पालिका परिषद में ACB की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रिश्वतखोरी के मामले में छापा मारा था। एक ठेकेदार से काम का बिल पास कराने के एवज में ₹53,000 की मांग की गई थी। इसमें से पहली किश्त ₹20,000 पहले ही नगद दी जा चुकी थी। आज दोपहर ठेकेदार ₹33,000 लेकर सीएमओ के घर पहुंचा। सीएमओ के निर्देश पर ठेकेदार ने यह रकम अकाउंटेंट को दी। जैसे ही अकाउंटेंट ने नगद राशि ली, पहले से घात लगाए बैठी ACB टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।1
- तिल्दा-नेवरा (रायपुर ग्रामीण): करीब तीन साल पुराने हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपियों को तिल्दा-नेवरा पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लगातार अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग स्थानों पर रह रहे थे, लेकिन पुलिस की सतत निगरानी और तकनीकी विश्लेषण के चलते उन्हें पकड़ लिया गया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में ग्राम कुंदरू निवासी जितेंद्र पाल की ग्राम जलसो में कुछ आरोपियों द्वारा चाकू और लाठी से बेरहमीपूर्वक हत्या कर दी गई थी। इस दौरान मृतक के पुत्र पर भी प्राणघातक हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। घटना के बाद मुख्य आरोपी आशु उईके सहित कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था, लेकिन कुछ आरोपी फरार चल रहे थे। ये आरोपी पिछले तीन वर्षों से पुलिस से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना और पहचान बदल रहे थे तथा दूसरे राज्यों में छिपकर रह रहे थे। हाल ही में पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि फरार आरोपी अपने गृह ग्राम जलसो आने वाले हैं। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी निरीक्षक रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रणनीति बनाकर अलग-अलग स्थानों पर घेराबंदी की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ धारा 302, 307, 458, 147, 148, 149, 294, 506बी, 427, 384 भादवि एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल रायपुर भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपी: फेन्टा उर्फ फिरन्ता पारधी (26 वर्ष), निवासी ग्राम जलसो मनोज उईके (30 वर्ष), निवासी ग्राम जलसो ईशु उईके (26 वर्ष), निवासी ग्राम जलसो निष्कर्ष: तिल्दा पुलिस की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों को कानून से बचना आसान नहीं है। लंबे समय से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है।2
- मंगलसूत्र से गला घोंटकर की गई महिला की हत्या, लिव-इन पार्टनर गिरफ्तार कोतरारोड़ पुलिस ने एक चौंकाने वाले हत्याकांड का खुलासा किया है। लिव-इन पार्टनर ने गुस्से में आकर अपनी साथी महिला का मंगलसूत्र से गला घोंटकर हत्या कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई तेज कर दी। घटना के बाद आरोपी ने मौत का कारण छिपाने की कोशिश की थी, लेकिन कड़ी पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी विकेश बरेठ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। द छत्तीसगढ़ चैनल सभी युवाओं और नागरिकों से अपील करता है कि रिश्तों में गुस्से को काबू में रखें। छोटी-छोटी बातों पर हिंसा का रास्ता कभी न अपनाएं। परिवार और समाज को मजबूत रखने के लिए कानून का सम्मान करें और शांतिपूर्ण तरीके से समस्याओं का समाधान करें।1
- राजिम, नवापारा में पुलिस द्वारा सफाई कर्मचारी के साथ मारपीट करने का गंभीर मामला सामने आया है, जिसके विरोध में पीड़ित और परिजनों ने थाने और नगरपालिका के सामने प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि पीड़ित को चोरी के मामले में पूछताछ करने बुलाया गया और फिर मारपीट की गई। इस दौरान पीड़ित के एक हाथ में गंभीर चोटे आई है। मामला गोबरा नवापारा थाना का है। जानकारी के अनुसार, जुगे माचखंड गोबरा नगर पालिका का सफाई कर्मचारी है। जुगे माचखंड के अनुसार मंगलवार सुबह आरक्षक हुलास साहू उसे सफाई के बहाने थाने लेकर आया था। इसी दौरान आरक्षक ने चोरी की एक घटना के संबंध में पूछताछ शुरू की, फिर वह मारपीट पर उतारू हो गया। पूछताछ के नाम पर उससे बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे उसका हाथ फ्रैक्चर हो गया है। जिसके बाद आज सुबह पीड़ित के परिजन, मोहल्लेवासी और नगर पालिका के अन्य सफाई कर्मचारी बड़ी संख्या में पीड़ित के साथ गोबरा नवापारा थाने और फिर नगरपालिका पहुंचे और दोषी आरक्षक पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। खबर मिलते ही कांग्रेसी पार्षद और नेता भी थाने पहुंचे और आरोपी आरक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आम जनता और कर्मचारियों के साथ इस तरह की मारपीट बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पुलिसकर्मी पर तत्काल सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। रिश्वत मांगने का आरोप वहीं इस मामले में पीड़ित की बेटी का आरोप है कि जब वह अपने परिजनों के साथ पिता को छुड़ाने थाना पहुंची तो एक पुलिस वाले ने गाड़ी का टैंक पेट्रोल से फूल कराने पर उसके पिता को छोड़ने की बात कही। इस दौरान उसकी मां और अन्य लोग भी मौजूद थे। क्या है पूरा मामला नवापारा नगर पालिका CMO ने बताया कि नल घर स्थित स्टोर रूम में चोरी हो गई थी। इस संबंध में पुलिस को सूचना दी गई थी। इस दौरान पता चला कि जुगे माचखंड को चोरों की कुछ जानकारी है इसकी सूचना भी पुलिस को दी गई। जिसके बाद उसे पूछताक्ष के लिए ले जाया गया, पूछताक्ष के दौरान उसने कहा कि वह कुछ नहीं जानता। जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया। वहीं पुलिस प्रशासन की ओर से मामले की जांच किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन अब तक आरक्षक पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उग्र आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस घटना के बाद नगर के लोगों में भी पुलिस की कार्यशैली को लेकर बातें हो रही है। लोग भी पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग कर रहे है।3
- Post by Rameshwar sahu1