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बलरामपुर रामानुजगंज जिले के चांदो थाना क्षेत्र अंतर्गत नवाडीह गांव में दिनांक 7 जून 2025 को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां 20 वर्षीय अरुण केरकेटा ने घरेलू कहासुनी के बाद अपने 65 वर्षीय दादा भुवनेश्वर केरकेटा की धारदार बसुले से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। घटना तब हुई जब भुवनेश्वर केरकेटा ने अपने पोते अरुण को नहाने, कपड़े धोने और काम पर जाने के लिए टोका था। प्रार्थिया मुनिया केरकेट्टा, जो मृतक की 64 वर्षीय पत्नी हैं, ने बताया कि परिजनों को हत्या की भनक लगने पर वे घर पहुंचे तो देखा कि आरोपी अरुण केरकेटा हत्या कर भाग रहा था। परिवार के सदस्यों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह फरार होने में कामयाब रहा। इस सूचना पर चांदो थाने में अपराध क्रमांक 21/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल सूचित किया गया, जिसके बाद बलरामपुर पुलिस अधीक्षक महोदय ने चांदो थाने के अलावा अन्य थाना व चौकी प्रभारियों को फरार आरोपी को पकड़ने के लिए रवाना किया। पुलिस अधीक्षक महोदय और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय बलरामपुर के मार्गदर्शन में आरोपी की तलाश की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि अरुण राजपुर बरियो की ओर जा रहा है। थाना राजपुर और चांदो की संयुक्त पुलिस टीम ने राजपुर में घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया, क्योंकि वह जिले से बाहर भागने की फिराक में था। आरोपी अरुण केरकेटा को थाने लाकर घटना के संबंध में पूछताछ की गई, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। प्रकरण में आगे की विवेचना जारी है। पुलिस ने घरेलू कहासुनी में अपने दादा की हत्या कर फरार हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया।

3 hrs ago
user_Umesh Singh
Umesh Singh
Animal rescue service राजपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
3 hrs ago
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बलरामपुर रामानुजगंज जिले के चांदो थाना क्षेत्र अंतर्गत नवाडीह गांव में दिनांक 7 जून 2025 को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां 20 वर्षीय अरुण केरकेटा ने घरेलू कहासुनी के बाद अपने 65 वर्षीय दादा भुवनेश्वर केरकेटा की धारदार बसुले से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। घटना तब हुई जब भुवनेश्वर केरकेटा ने अपने पोते अरुण को नहाने, कपड़े धोने और काम पर जाने के लिए टोका था। प्रार्थिया मुनिया केरकेट्टा, जो मृतक की 64 वर्षीय पत्नी हैं, ने बताया कि परिजनों को हत्या की भनक लगने पर वे घर पहुंचे तो देखा कि आरोपी

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अरुण केरकेटा हत्या कर भाग रहा था। परिवार के सदस्यों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह फरार होने में कामयाब रहा। इस सूचना पर चांदो थाने में अपराध क्रमांक 21/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल सूचित किया गया, जिसके बाद बलरामपुर पुलिस अधीक्षक महोदय ने चांदो थाने के अलावा अन्य थाना व चौकी प्रभारियों को फरार आरोपी को पकड़ने के लिए रवाना किया। पुलिस अधीक्षक महोदय और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय बलरामपुर के मार्गदर्शन में आरोपी की तलाश की जा रही थी। इसी

दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि अरुण राजपुर बरियो की ओर जा रहा है। थाना राजपुर और चांदो की संयुक्त पुलिस टीम ने राजपुर में घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया, क्योंकि वह जिले से बाहर भागने की फिराक में था। आरोपी अरुण केरकेटा को थाने लाकर घटना के संबंध में पूछताछ की गई, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। प्रकरण में आगे की विवेचना जारी है। पुलिस ने घरेलू कहासुनी में अपने दादा की हत्या कर फरार हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया।

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  • बलरामपुर/चांदो में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक नाती ने घरेलू कहासुनी के बाद अपने दादा की धारदार हथियार से हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए फरार आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। चांदो पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, नवाडीह निवासी मुनिया केरकेटा (64 वर्ष), पति भुवनेश्वर केरकेटा, ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 7 जून 2025 को उनके पति भुवनेश्वर केरकेटा (65 वर्ष) घर में थे। इसी दौरान उनका 20 वर्षीय नाती अरुण केरकेटा, पिता प्रेम, घर आया। भुवनेश्वर ने अरुण को नहाने, कपड़े धोने और कामकाज पर न जाने को लेकर टोका। इस पर, आरोपी अरुण केरकेटा ने घर के कमरे में रखे बसुला नामक धारदार हथियार से भुवनेश्वर के सिर और गले पर ताबड़तोड़ वार कर उनकी मौके पर ही हत्या कर दी। घटना की भनक लगने पर प्रार्थिया और उनके परिवार के सदस्य घर पहुंचे तो देखा कि आरोपी अरुण केरकेटा हत्या कर भाग रहा था। परिजनों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर थाना चांदो में धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया। फरार आरोपी को पकड़ने के लिए थाना चांदो के अलावा अन्य थाना और चौकी प्रभारीगण को रवाना किया गया था। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अरुण राजपुर बरियो की ओर जा रहा है। इस सूचना के आधार पर थाना राजपुर और थाना चांदो की संयुक्त पुलिस टीम ने राजपुर में घेराबंदी कर आरोपी अरुण केरकेटा को सफलतापूर्वक पकड़ लिया।
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    बलरामपुर/चांदो में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक नाती ने घरेलू कहासुनी के बाद अपने दादा की धारदार हथियार से हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए फरार आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है।

चांदो पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, नवाडीह निवासी मुनिया केरकेटा (64 वर्ष), पति भुवनेश्वर केरकेटा, ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 7 जून 2025 को उनके पति भुवनेश्वर केरकेटा (65 वर्ष) घर में थे। इसी दौरान उनका 20 वर्षीय नाती अरुण केरकेटा, पिता प्रेम, घर आया। भुवनेश्वर ने अरुण को नहाने, कपड़े धोने और कामकाज पर न जाने को लेकर टोका। इस पर, आरोपी अरुण केरकेटा ने घर के कमरे में रखे बसुला नामक धारदार हथियार से भुवनेश्वर के सिर और गले पर ताबड़तोड़ वार कर उनकी मौके पर ही हत्या कर दी।

घटना की भनक लगने पर प्रार्थिया और उनके परिवार के सदस्य घर पहुंचे तो देखा कि आरोपी अरुण केरकेटा हत्या कर भाग रहा था। परिजनों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर थाना चांदो में धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया। फरार आरोपी को पकड़ने के लिए थाना चांदो के अलावा अन्य थाना और चौकी प्रभारीगण को रवाना किया गया था। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अरुण राजपुर बरियो की ओर जा रहा है। इस सूचना के आधार पर थाना राजपुर और थाना चांदो की संयुक्त पुलिस टीम ने राजपुर में घेराबंदी कर आरोपी अरुण केरकेटा को सफलतापूर्वक पकड़ लिया।
    user_Puran Dewangan
    Puran Dewangan
    Rajpur, Balrampur•
    3 hrs ago
  • बलरामपुर रामानुजगंज जिले के चांदो थाना क्षेत्र अंतर्गत नवाडीह गांव में दिनांक 7 जून 2025 को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां 20 वर्षीय अरुण केरकेटा ने घरेलू कहासुनी के बाद अपने 65 वर्षीय दादा भुवनेश्वर केरकेटा की धारदार बसुले से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। घटना तब हुई जब भुवनेश्वर केरकेटा ने अपने पोते अरुण को नहाने, कपड़े धोने और काम पर जाने के लिए टोका था। प्रार्थिया मुनिया केरकेट्टा, जो मृतक की 64 वर्षीय पत्नी हैं, ने बताया कि परिजनों को हत्या की भनक लगने पर वे घर पहुंचे तो देखा कि आरोपी अरुण केरकेटा हत्या कर भाग रहा था। परिवार के सदस्यों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह फरार होने में कामयाब रहा। इस सूचना पर चांदो थाने में अपराध क्रमांक 21/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल सूचित किया गया, जिसके बाद बलरामपुर पुलिस अधीक्षक महोदय ने चांदो थाने के अलावा अन्य थाना व चौकी प्रभारियों को फरार आरोपी को पकड़ने के लिए रवाना किया। पुलिस अधीक्षक महोदय और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय बलरामपुर के मार्गदर्शन में आरोपी की तलाश की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि अरुण राजपुर बरियो की ओर जा रहा है। थाना राजपुर और चांदो की संयुक्त पुलिस टीम ने राजपुर में घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया, क्योंकि वह जिले से बाहर भागने की फिराक में था। आरोपी अरुण केरकेटा को थाने लाकर घटना के संबंध में पूछताछ की गई, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। प्रकरण में आगे की विवेचना जारी है। पुलिस ने घरेलू कहासुनी में अपने दादा की हत्या कर फरार हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया।
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    बलरामपुर रामानुजगंज जिले के चांदो थाना क्षेत्र अंतर्गत नवाडीह गांव में दिनांक 7 जून 2025 को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां 20 वर्षीय अरुण केरकेटा ने घरेलू कहासुनी के बाद अपने 65 वर्षीय दादा भुवनेश्वर केरकेटा की धारदार बसुले से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। घटना तब हुई जब भुवनेश्वर केरकेटा ने अपने पोते अरुण को नहाने, कपड़े धोने और काम पर जाने के लिए टोका था।

प्रार्थिया मुनिया केरकेट्टा, जो मृतक की 64 वर्षीय पत्नी हैं, ने बताया कि परिजनों को हत्या की भनक लगने पर वे घर पहुंचे तो देखा कि आरोपी अरुण केरकेटा हत्या कर भाग रहा था। परिवार के सदस्यों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह फरार होने में कामयाब रहा। इस सूचना पर चांदो थाने में अपराध क्रमांक 21/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल सूचित किया गया, जिसके बाद बलरामपुर पुलिस अधीक्षक महोदय ने चांदो थाने के अलावा अन्य थाना व चौकी प्रभारियों को फरार आरोपी को पकड़ने के लिए रवाना किया। पुलिस अधीक्षक महोदय और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय बलरामपुर के मार्गदर्शन में आरोपी की तलाश की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि अरुण राजपुर बरियो की ओर जा रहा है। थाना राजपुर और चांदो की संयुक्त पुलिस टीम ने राजपुर में घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया, क्योंकि वह जिले से बाहर भागने की फिराक में था।

आरोपी अरुण केरकेटा को थाने लाकर घटना के संबंध में पूछताछ की गई, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। प्रकरण में आगे की विवेचना जारी है। पुलिस ने घरेलू कहासुनी में अपने दादा की हत्या कर फरार हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया।
    user_Umesh Singh
    Umesh Singh
    Animal rescue service राजपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • बलरामपुर जिले के चांदो थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ घरेलू कहासुनी के बाद एक पोते ने अपने दादा की धारदार हथियार से हत्या कर दी। आरोपी को पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। प्रार्थिया मुनिया केरकेटा, 64 वर्षीय, ने चांदो थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 7 जून 2025 को उनके पति भुवनेश्वर केरकेटा, 65 वर्षीय, घर पर थे। तभी उनका नाती अरुण केरकेटा, 20 वर्षीय, जो प्रेम का पुत्र और नवाडीह, चांदो थाने का निवासी है, घर आया। भुवनेश्वर ने अरुण को नहाने, कपड़े धोने और कोई काम धंधा न करने के लिए डांटा। इसी दौरान आरोपी अरुण केरकेटा ने कमरे में रखे बसूले जैसे धारदार हथियार से भुवनेश्वर के सिर और गले पर ताबड़तोड़ वार कर उनकी मौके पर ही हत्या कर दी। हत्या करने की भनक लगने पर प्रार्थिया और घर के अन्य सदस्यों ने आकर देखा तो आरोपी अरुण केरकेटा हत्या कर भाग रहा था। परिवार के लोगों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह वहाँ से भाग निकला। इस सूचना पर चांदो थाने में अपराध क्रमांक 21/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत सूचना दी गई। बलरामपुर पुलिस अधीक्षक महोदय ने चांदो थाना के अलावा अन्य थाना और चौकी प्रभारियों को भी फरार आरोपी को पकड़ने के लिए रवाना किया। पुलिस अधीक्षक महोदय और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय बलरामपुर के मार्गदर्शन में आरोपी की तलाश की जा रही थी। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अरुण राजपुर बरियो की ओर जा रहा है। सूचना मिलते ही राजपुर थाना और चांदो थाना की संयुक्त पुलिस टीम ने राजपुर में घेराबंदी कर आरोपी अरुण केरकेटा को पकड़ लिया, जो जिले से बाहर भागने की फिराक में छिपा हुआ था। आरोपी को थाने लाकर घटना के संबंध में पूछताछ कर विधिवत गिरफ्तार किया गया और माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। प्रकरण में आगे की विवेचना जारी है।
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    बलरामपुर जिले के चांदो थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ घरेलू कहासुनी के बाद एक पोते ने अपने दादा की धारदार हथियार से हत्या कर दी। आरोपी को पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।

प्रार्थिया मुनिया केरकेटा, 64 वर्षीय, ने चांदो थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 7 जून 2025 को उनके पति भुवनेश्वर केरकेटा, 65 वर्षीय, घर पर थे। तभी उनका नाती अरुण केरकेटा, 20 वर्षीय, जो प्रेम का पुत्र और नवाडीह, चांदो थाने का निवासी है, घर आया। भुवनेश्वर ने अरुण को नहाने, कपड़े धोने और कोई काम धंधा न करने के लिए डांटा। इसी दौरान आरोपी अरुण केरकेटा ने कमरे में रखे बसूले जैसे धारदार हथियार से भुवनेश्वर के सिर और गले पर ताबड़तोड़ वार कर उनकी मौके पर ही हत्या कर दी। हत्या करने की भनक लगने पर प्रार्थिया और घर के अन्य सदस्यों ने आकर देखा तो आरोपी अरुण केरकेटा हत्या कर भाग रहा था। परिवार के लोगों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह वहाँ से भाग निकला। इस सूचना पर चांदो थाने में अपराध क्रमांक 21/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत सूचना दी गई। बलरामपुर पुलिस अधीक्षक महोदय ने चांदो थाना के अलावा अन्य थाना और चौकी प्रभारियों को भी फरार आरोपी को पकड़ने के लिए रवाना किया। पुलिस अधीक्षक महोदय और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय बलरामपुर के मार्गदर्शन में आरोपी की तलाश की जा रही थी। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अरुण राजपुर बरियो की ओर जा रहा है। सूचना मिलते ही राजपुर थाना और चांदो थाना की संयुक्त पुलिस टीम ने राजपुर में घेराबंदी कर आरोपी अरुण केरकेटा को पकड़ लिया, जो जिले से बाहर भागने की फिराक में छिपा हुआ था। आरोपी को थाने लाकर घटना के संबंध में पूछताछ कर विधिवत गिरफ्तार किया गया और माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। प्रकरण में आगे की विवेचना जारी है।
    user_ANIL XALXO
    ANIL XALXO
    Farmer राजपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • शंकरनगर मुल्ला निवासी एक युवक के साथ पुरानी रंजिश को लेकर मारपीट की घटना हुई है। इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है, जिसके बाद पुलिस ने उन पर मामला दर्ज कर लिया है।
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    शंकरनगर मुल्ला निवासी एक युवक के साथ पुरानी रंजिश को लेकर मारपीट की घटना हुई है। इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है, जिसके बाद पुलिस ने उन पर मामला दर्ज कर लिया है।
    user_Ashish parihar Parihar
    Ashish parihar Parihar
    पत्रकार कांकेर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • गरियाबंद पुलिस ने 'नशे के विरुद्ध नया सवेरा अभियान' के तहत कार्रवाई करते हुए राजिम थाना क्षेत्र से दो आरोपियों को 7.380 लीटर अवैध देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई राजिम के धान मंडी रोड के पास की गई, जहाँ ओमप्रकाश परमार उर्फ प्रकाश (उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम पोखरा, थाना राजिम, जिला गरियाबंद) और नारायण मारकण्डे (उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम लोहरसी, थाना राजिम) को घेराबंदी कर पकड़ा गया। आरोपियों के कब्जे से कुल 41 पौवा देशी प्लेन शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत 3280 रुपये बताई गई है। घटना में प्रयुक्त सीजी-04-एलएस-8817 नंबर की प्लेजर स्कूटी को भी पुलिस ने जब्त कर लिया। गरियाबंद पुलिस द्वारा समस्त थाना प्रभारियों को अवैध नशे के परिवहन और बिक्री के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसी के अनुपालन में, 7 जून 2026 को थाना प्रभारी राजिम को मुखबिर से सूचना मिली कि दो व्यक्ति स्कूटी पर अवैध शराब ले जा रहे हैं। सूचना के आधार पर तत्काल मौके पर स्टाफ भेजकर रेड की कार्रवाई की गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध दर्ज कर, पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
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    गरियाबंद पुलिस ने 'नशे के विरुद्ध नया सवेरा अभियान' के तहत कार्रवाई करते हुए राजिम थाना क्षेत्र से दो आरोपियों को 7.380 लीटर अवैध देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई राजिम के धान मंडी रोड के पास की गई, जहाँ ओमप्रकाश परमार उर्फ प्रकाश (उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम पोखरा, थाना राजिम, जिला गरियाबंद) और नारायण मारकण्डे (उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम लोहरसी, थाना राजिम) को घेराबंदी कर पकड़ा गया। आरोपियों के कब्जे से कुल 41 पौवा देशी प्लेन शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत 3280 रुपये बताई गई है। घटना में प्रयुक्त सीजी-04-एलएस-8817 नंबर की प्लेजर स्कूटी को भी पुलिस ने जब्त कर लिया।

गरियाबंद पुलिस द्वारा समस्त थाना प्रभारियों को अवैध नशे के परिवहन और बिक्री के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसी के अनुपालन में, 7 जून 2026 को थाना प्रभारी राजिम को मुखबिर से सूचना मिली कि दो व्यक्ति स्कूटी पर अवैध शराब ले जा रहे हैं। सूचना के आधार पर तत्काल मौके पर स्टाफ भेजकर रेड की कार्रवाई की गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध दर्ज कर, पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
    user_नागेन्द्र निषाद
    नागेन्द्र निषाद
    राजिम, गरियाबंद, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • आदिवासी छात्र युवा संगठन, छत्तीसगढ़ ने 8 जून को अपना 6वां स्थापना दिवस पखांजूर स्थित सिविल हॉस्पिटल में फल वितरण कार्यक्रम के रूप में मनाया। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने अस्पताल में भर्ती मरीजों, उनके पालकों, डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को फल वितरित कर सेवा, सहयोग एवं मानवता का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान संगठन के सदस्यों ने मरीजों का कुशलक्षेम जाना और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने अस्पताल में अपनी सेवाएँ दे रहे डॉक्टरों एवं नर्सों का सम्मान करते हुए उन्हें भी फल भेंट किए। संगठन के सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि स्थापना दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि समाज सेवा और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का भी एक माध्यम है। इस कार्यक्रम में आदिवासी छात्र युवा संगठन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष राजेश नुरुटी, सर्व आदिवासी समाज महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष मैनी कतलामी, उपाध्यक्ष सोमा नुरुटी, महामंत्री गीता दुग्गा, पूर्व महामंत्री विनोद कुमेटी, सचिव सुनील सलाम, बेटियां सर्कल इकाई अध्यक्ष लक्ष्मण मंडावी, उपाध्यक्ष मोनिका गावड़े, कचलामी, कोयलीबेड़ा इकाई अध्यक्ष भुनेश्वरी नवगो, विलसन कुजूर, ओमप्रकाश तिग्गा, कमलेश हुपेंडी, रामदेश पोटाई, दुर्गु हिड़को, मंगेश वेड़दा, सनोती मंडावी, शिल्पा उईके, प्रिया दर्रों, फूलबत्ती जाड़े, सुकली पददा, रविशंकर सलाम, प्रभु पोटाई, महेश दर्रों एवं रवि वडडे सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी, सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे। फल वितरण कार्यक्रम के दौरान अस्पताल परिसर में एक सौहार्दपूर्ण एवं प्रेरणादायक वातावरण देखने को मिला, जहाँ मरीजों, उनके पालकों, डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ ने संगठन के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में, सभी उपस्थित सदस्यों ने समाज सेवा, शिक्षा, जागरूकता एवं सामाजिक एकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य करते रहने तथा संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
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    आदिवासी छात्र युवा संगठन, छत्तीसगढ़ ने 8 जून को अपना 6वां स्थापना दिवस पखांजूर स्थित सिविल हॉस्पिटल में फल वितरण कार्यक्रम के रूप में मनाया। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने अस्पताल में भर्ती मरीजों, उनके पालकों, डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को फल वितरित कर सेवा, सहयोग एवं मानवता का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान संगठन के सदस्यों ने मरीजों का कुशलक्षेम जाना और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने अस्पताल में अपनी सेवाएँ दे रहे डॉक्टरों एवं नर्सों का सम्मान करते हुए उन्हें भी फल भेंट किए। संगठन के सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि स्थापना दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि समाज सेवा और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का भी एक माध्यम है। इस कार्यक्रम में आदिवासी छात्र युवा संगठन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष राजेश नुरुटी, सर्व आदिवासी समाज महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष मैनी कतलामी, उपाध्यक्ष सोमा नुरुटी, महामंत्री गीता दुग्गा, पूर्व महामंत्री विनोद कुमेटी, सचिव सुनील सलाम, बेटियां सर्कल इकाई अध्यक्ष लक्ष्मण मंडावी, उपाध्यक्ष मोनिका गावड़े, कचलामी, कोयलीबेड़ा इकाई अध्यक्ष भुनेश्वरी नवगो, विलसन कुजूर, ओमप्रकाश तिग्गा, कमलेश हुपेंडी, रामदेश पोटाई, दुर्गु हिड़को, मंगेश वेड़दा, सनोती मंडावी, शिल्पा उईके, प्रिया दर्रों, फूलबत्ती जाड़े, सुकली पददा, रविशंकर सलाम, प्रभु पोटाई, महेश दर्रों एवं रवि वडडे सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी, सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

फल वितरण कार्यक्रम के दौरान अस्पताल परिसर में एक सौहार्दपूर्ण एवं प्रेरणादायक वातावरण देखने को मिला, जहाँ मरीजों, उनके पालकों, डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ ने संगठन के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में, सभी उपस्थित सदस्यों ने समाज सेवा, शिक्षा, जागरूकता एवं सामाजिक एकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य करते रहने तथा संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
    user_Punit markam
    Punit markam
    Voice of people भानुप्रतापपुर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में विधायक भावना बोहरा द्वारा आयोजित 'घर वापसी' कार्यक्रमों को लेकर विवाद और गहरा गया है। विधायक के सोशल मीडिया और मीडिया में 700 से अधिक लोगों की 'घर वापसी' के दावों पर स्थानीय समाज प्रतिनिधियों, ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। अब इस मामले में लोगों को प्रलोभन देने और जबरन संख्या बढ़ाने के सनसनीखेज आरोप सामने आए हैं, जिसके बाद प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की पुरजोर मांग की जा रही है। जामुनपानी के ग्राम पटेल रमेश कुमार धुर्वे ने इन तथाकथित कार्यक्रमों पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि गांवों में गाड़ियां भेजकर भोले-भाले आदिवासी लोगों को तरह-तरह के प्रलोभन दिए गए। उन्हें कार्यक्रम में ले जाकर पैर धुलवाने के लिए बैठा दिया जाता था और साड़ी, केला व कुछ पैसे देकर यह प्रचारित किया जाता था कि उनकी 'घर वापसी' कराई गई है। ग्राम पटेल ने यह भी सवाल उठाया कि क्षेत्र के जिन गांवों में वास्तव में 10 या 11 ईसाई परिवार रहते हैं, वे इस सभा में शामिल ही नहीं हुए, और आज भी वे अपने उसी धर्म का पालन कर रहे हैं। ऐसे में प्रश्न उठता है कि वास्तविक धर्म परिवर्तित लोग जब कार्यक्रम में नहीं थे, तो विधायक द्वारा दिखाए जा रहे 700 से अधिक के आंकड़े में किन लोगों को शामिल किया गया है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आनंद सिंह, अतुल बारगाह और चंद्रभान कोशले ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से मूल परंपरा में लौटता है तो वह स्वागत योग्य है। हालांकि, जब सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया (Reels) के माध्यम से 700 से अधिक लोगों की 'घर वापसी' के विशाल आंकड़े दिखाए जाते हैं, तो समाज और जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि वे लोग कौन हैं। वक्ताओं ने मांग की है कि विधायक भावना बोहरा द्वारा प्रचारित किए जा रहे उन 700 लोगों की ग्रामवार और नामवार सूची तत्काल सार्वजनिक की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। बूचीपारा ग्राम पंचायत के पंच, उपसरपंच और ग्रामीणों ने बताया कि कूल्हीडोंगरी, नागाडबरा, पिपरहा, जामुनपानी और छिरहा जैसे वनांचल क्षेत्रों में आदिवासी समाज के लोग पीढ़ियों से अपनी पारंपरिक आस्था का पालन करते आ रहे हैं, और इन क्षेत्रों के लगभग 200 परिवारों की 'घर वापसी' का दावा जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाता। नारायण सिंह धुर्वे ने बताया कि वे पहले से ही सामाजिक स्तर पर अपनी पारंपरिक आस्था से जुड़े हुए थे, इसके बावजूद उन्हें दोबारा कार्यक्रम में 'घर वापसी' के रूप में प्रदर्शित कर दिया गया, जो केवल संख्या बढ़ाने का प्रयास प्रतीत होता है। मामले में राजनीतिक व प्रशासनिक दबाव के आरोप भी लगे हैं। कूल्हीडोंगरी के पूर्व सरपंच एवं आदिवासी समाज प्रतिनिधि कृष्णा परस्ते ने आरोप लगाया कि उन्हें इस विसंगति के खिलाफ आवाज उठाने की सजा दी जा रही है; उनके खिलाफ थाने में झूठी शिकायत करवाई गई और शिकायत न लिखने पर स्थानीय थानेदार का तबादला तक कर दिया गया। उन्होंने इस दमनकारी नीति की निष्पक्ष जांच की मांग की है। समाज प्रमुखों ने यह भी बताया कि प्रेस वार्ता के लिए पहले पुराना सर्किट हाउस आवंटित किया गया था, लेकिन ऐन वक्त पर सुबह 10:30 बजे आवंटन निरस्त कर दिया गया ताकि वे अपनी बात मीडिया के सामने न रख सकें। क्षेत्रवासियों और समाज प्रतिनिधियों ने जिला एवं पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की स्वतंत्र और तथ्यपरक जांच कराने की मांग की है, क्योंकि यह वनांचल के सीधे-साधे आदिवासियों की सामाजिक विश्वसनीयता और जनविश्वास से जुड़ा एक संवेदनशील मुद्दा है।
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    छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में विधायक भावना बोहरा द्वारा आयोजित 'घर वापसी' कार्यक्रमों को लेकर विवाद और गहरा गया है। विधायक के सोशल मीडिया और मीडिया में 700 से अधिक लोगों की 'घर वापसी' के दावों पर स्थानीय समाज प्रतिनिधियों, ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। अब इस मामले में लोगों को प्रलोभन देने और जबरन संख्या बढ़ाने के सनसनीखेज आरोप सामने आए हैं, जिसके बाद प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की पुरजोर मांग की जा रही है।

जामुनपानी के ग्राम पटेल रमेश कुमार धुर्वे ने इन तथाकथित कार्यक्रमों पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि गांवों में गाड़ियां भेजकर भोले-भाले आदिवासी लोगों को तरह-तरह के प्रलोभन दिए गए। उन्हें कार्यक्रम में ले जाकर पैर धुलवाने के लिए बैठा दिया जाता था और साड़ी, केला व कुछ पैसे देकर यह प्रचारित किया जाता था कि उनकी 'घर वापसी' कराई गई है। ग्राम पटेल ने यह भी सवाल उठाया कि क्षेत्र के जिन गांवों में वास्तव में 10 या 11 ईसाई परिवार रहते हैं, वे इस सभा में शामिल ही नहीं हुए, और आज भी वे अपने उसी धर्म का पालन कर रहे हैं। ऐसे में प्रश्न उठता है कि वास्तविक धर्म परिवर्तित लोग जब कार्यक्रम में नहीं थे, तो विधायक द्वारा दिखाए जा रहे 700 से अधिक के आंकड़े में किन लोगों को शामिल किया गया है।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आनंद सिंह, अतुल बारगाह और चंद्रभान कोशले ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से मूल परंपरा में लौटता है तो वह स्वागत योग्य है। हालांकि, जब सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया (Reels) के माध्यम से 700 से अधिक लोगों की 'घर वापसी' के विशाल आंकड़े दिखाए जाते हैं, तो समाज और जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि वे लोग कौन हैं। वक्ताओं ने मांग की है कि विधायक भावना बोहरा द्वारा प्रचारित किए जा रहे उन 700 लोगों की ग्रामवार और नामवार सूची तत्काल सार्वजनिक की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। बूचीपारा ग्राम पंचायत के पंच, उपसरपंच और ग्रामीणों ने बताया कि कूल्हीडोंगरी, नागाडबरा, पिपरहा, जामुनपानी और छिरहा जैसे वनांचल क्षेत्रों में आदिवासी समाज के लोग पीढ़ियों से अपनी पारंपरिक आस्था का पालन करते आ रहे हैं, और इन क्षेत्रों के लगभग 200 परिवारों की 'घर वापसी' का दावा जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाता। नारायण सिंह धुर्वे ने बताया कि वे पहले से ही सामाजिक स्तर पर अपनी पारंपरिक आस्था से जुड़े हुए थे, इसके बावजूद उन्हें दोबारा कार्यक्रम में 'घर वापसी' के रूप में प्रदर्शित कर दिया गया, जो केवल संख्या बढ़ाने का प्रयास प्रतीत होता है।

मामले में राजनीतिक व प्रशासनिक दबाव के आरोप भी लगे हैं। कूल्हीडोंगरी के पूर्व सरपंच एवं आदिवासी समाज प्रतिनिधि कृष्णा परस्ते ने आरोप लगाया कि उन्हें इस विसंगति के खिलाफ आवाज उठाने की सजा दी जा रही है; उनके खिलाफ थाने में झूठी शिकायत करवाई गई और शिकायत न लिखने पर स्थानीय थानेदार का तबादला तक कर दिया गया। उन्होंने इस दमनकारी नीति की निष्पक्ष जांच की मांग की है। समाज प्रमुखों ने यह भी बताया कि प्रेस वार्ता के लिए पहले पुराना सर्किट हाउस आवंटित किया गया था, लेकिन ऐन वक्त पर सुबह 10:30 बजे आवंटन निरस्त कर दिया गया ताकि वे अपनी बात मीडिया के सामने न रख सकें। क्षेत्रवासियों और समाज प्रतिनिधियों ने जिला एवं पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की स्वतंत्र और तथ्यपरक जांच कराने की मांग की है, क्योंकि यह वनांचल के सीधे-साधे आदिवासियों की सामाजिक विश्वसनीयता और जनविश्वास से जुड़ा एक संवेदनशील मुद्दा है।
    user_Mukesh Awasthi
    Mukesh Awasthi
    Raipur, Chhattisgarh•
    11 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज गरियाबंद जिले के दौरे पर थे, जहाँ उन्होंने संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में भाग लिया। इस दौरान, मुख्यमंत्री ने रायपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले जिलों के अधिकारियों के साथ संवाद किया और उन्हें विभिन्न योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के किडनी प्रभावित गांव सुपेबेड़ा में स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिए विशेष निर्देश जारी किए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि तेल नदी में 7 करोड़ रुपये की लागत से एक एनीकट का निर्माण किया जाए और एक फिल्टर प्लांट स्थापित किया जाए, ताकि किडनी प्रभावित गांवों में लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सके। अपने दौरे के क्रम में, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गरियाबंद, रायपुर, महासमुंद, धमतरी, बलौदाबाजार और भाटापारा जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों (SPs) से भी मुलाकात कर उन्हें उचित दिशा-निर्देश प्रदान किए।
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    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज गरियाबंद जिले के दौरे पर थे, जहाँ उन्होंने संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में भाग लिया। इस दौरान, मुख्यमंत्री ने रायपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले जिलों के अधिकारियों के साथ संवाद किया और उन्हें विभिन्न योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के किडनी प्रभावित गांव सुपेबेड़ा में स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिए विशेष निर्देश जारी किए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि तेल नदी में 7 करोड़ रुपये की लागत से एक एनीकट का निर्माण किया जाए और एक फिल्टर प्लांट स्थापित किया जाए, ताकि किडनी प्रभावित गांवों में लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सके।

अपने दौरे के क्रम में, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गरियाबंद, रायपुर, महासमुंद, धमतरी, बलौदाबाजार और भाटापारा जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों (SPs) से भी मुलाकात कर उन्हें उचित दिशा-निर्देश प्रदान किए।
    user_नागेन्द्र निषाद
    नागेन्द्र निषाद
    राजिम, गरियाबंद, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
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