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*"अखिलेश की चाय वाली दुकान पर फूड सेफ्टी का छापा: एल्युमिनियम बर्तन पर सील की धमकी"* *"अखिलेश की चाय वाली दुकान पर फूड सेफ्टी का छापा: एल्युमिनियम बर्तन पर सील की धमकी"* उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में अखिलेश यादव द्वारा चाय पीने वाली दुकान पर फूड सेफ्टी विभाग ने छापा मारा है। यह घटना सियासी विवाद का रूप ले चुकी है। दो महीने पहले अखिलेश यादव ने खागा तहसील के चौकी चौराहा स्थित आर्यन (शेषमन यादव के बेटे) की चाय दुकान पर चाय पी थी और तारीफ की थी। 16 अप्रैल 2026 को फूड सेफ्टी टीम ने चाय, दूध और चाय पत्ती के सैंपल लिए। अधिकारियों ने एल्युमिनियम के बर्तनों में चाय बनाने पर सवाल उठाए और दुकान सील करने की चेतावनी दी। दुकानदार आर्यन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि अखिलेश के आने के बाद फूड विभाग और दबंग उन्हें परेशान कर रहे हैं। उन्होंने दुकान बंद करने का ऐलान किया है। दुकान लाइसेंसी है, लेकिन सैंपल रिपोर्ट का इंतजार है। सोशल मीडिया पर बीजेपी समर्थक इसे नियमों का पालन बता रहे हैं, जबकि सपा इसे राजनीतिक प्रतिशोध कह रही है। अभी दुकान सील नहीं हुई, जांच जारी है।

5 hrs ago
user_News 22 India
News 22 India
TV News Anchor करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
5 hrs ago

*"अखिलेश की चाय वाली दुकान पर फूड सेफ्टी का छापा: एल्युमिनियम बर्तन पर सील की धमकी"* *"अखिलेश की चाय वाली दुकान पर फूड सेफ्टी का छापा: एल्युमिनियम बर्तन पर सील की धमकी"* उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में अखिलेश यादव द्वारा चाय पीने वाली दुकान पर फूड सेफ्टी विभाग ने छापा मारा है। यह घटना सियासी विवाद का रूप ले चुकी है। दो महीने पहले अखिलेश यादव ने खागा तहसील के चौकी चौराहा स्थित आर्यन (शेषमन यादव के बेटे) की चाय दुकान पर चाय पी थी और तारीफ की थी। 16 अप्रैल 2026 को फूड सेफ्टी टीम ने चाय, दूध और चाय पत्ती के सैंपल लिए। अधिकारियों ने एल्युमिनियम के बर्तनों में चाय बनाने पर सवाल उठाए और दुकान सील करने की चेतावनी दी। दुकानदार आर्यन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि अखिलेश के आने के बाद फूड विभाग और दबंग उन्हें परेशान कर रहे हैं। उन्होंने दुकान बंद करने का ऐलान किया है। दुकान लाइसेंसी है, लेकिन सैंपल रिपोर्ट का इंतजार है। सोशल मीडिया पर बीजेपी समर्थक इसे नियमों का पालन बता रहे हैं, जबकि सपा इसे राजनीतिक प्रतिशोध कह रही है। अभी दुकान सील नहीं हुई, जांच जारी है।

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  • *लोनी दो नंबर: मूर्ति खंडन से आक्रोश, नई मूर्ति लगाने से इनकार* गाजियाबाद के लोनी दो नंबर क्षेत्र में बाबा भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को अज्ञात लोगों ने खंडित कर दिया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। उग्र भीड़ मूर्ति खंडित करने वालों के खिलाफ एनकाउंटर की मांग कर रही है। पुलिस ने नई मूर्ति लगाने का आश्वासन दिया है, लेकिन भीड़ इसे लगाने नहीं दे रही। पुलिस कार्रवाई: जांच जारी, संदिग्धों की तलाश में टीमें लगी हुई हैं।भीड़ का रुख: प्रदर्शनकारी न्याय की मांग कर रहे हैं; स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। अभी स्पष्ट नहीं, लेकिन सामाजिक-राजनीतिक संवेदनशीलता के चलते सतर्कता बरतने की जरूरत। *संपादक राजू सैफ़ी*
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    *लोनी दो नंबर: मूर्ति खंडन से आक्रोश, नई मूर्ति लगाने से इनकार*
गाजियाबाद के लोनी दो नंबर क्षेत्र में बाबा भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को अज्ञात लोगों ने खंडित कर दिया। 
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। उग्र भीड़ मूर्ति खंडित करने वालों के खिलाफ एनकाउंटर की मांग कर रही है। पुलिस ने नई मूर्ति लगाने का आश्वासन दिया है, लेकिन भीड़ इसे लगाने नहीं दे रही।
पुलिस कार्रवाई: जांच जारी, संदिग्धों की तलाश में टीमें लगी हुई हैं।भीड़ का रुख: प्रदर्शनकारी न्याय की मांग कर रहे हैं; स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
अभी स्पष्ट नहीं, लेकिन सामाजिक-राजनीतिक संवेदनशीलता के चलते सतर्कता बरतने की जरूरत।
*संपादक राजू सैफ़ी*
    user_News 22 India
    News 22 India
    TV News Anchor करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    6 min ago
  • Post by फरमान इदरीसी
    1
    Post by फरमान इदरीसी
    user_फरमान इदरीसी
    फरमान इदरीसी
    लोनी, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • हाईकोर्ट ने यूपी असिस्टेंट प्रोफेसर पुनर्परीक्षा के मूल्यांकन को केवल पांच विषयों तक सीमित किया शेष 28 बेदाग विषयों के उम्मीदवारों को दी राहत प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के असिस्टेंट प्रोफेसर उम्मीदवारों के लिए सभी विषयों की पुनर्परीक्षा आयोजित करने के फैसले में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने फैसला सुनाया कि संपूर्ण लिखित परीक्षा को रद्द करना अनुचित है, क्योंकि पेपर लीक के सबूत स्पष्ट रूप से 33 में से केवल पांच विषयों तक ही सीमित थे। हाईकोर्ट ने यह आदेश एकल जज के आदेश के खिलाफ दाखिल विशेष अपील पर पारित किया। विशेष अपील पर बहस करते हुए सीनियर एडवोकेट राहुल श्रीपत एवं ईशिर श्रीपत ने कोर्ट को बताया कि 33 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 910 पदों पर चयन के लिए मूल रूप से 16 और 17 अप्रैल, 2025 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। पेपर लीक के आरोपों की जांच के बाद आयोग और राज्य सरकार ने सभी विषयों के लिए नई परीक्षा का आदेश दिया था। जांच में आयोग के एक संविदा कर्मचारी महबूब अली और शॉर्टलिस्ट किए गए 18 उम्मीदवारों की संलिप्तता का खुलासा हुआ था। न्यायालय ने पाया कि लीक के स्थापित साक्ष्यों से केवल पांच विशिष्ट विषयों के उम्मीदवारों को लाभ हुआ, इसमें उर्दू, हिंदी, भूगोल, समाजशास्त्र और जंतु विज्ञान था। अदालत ने उल्लेख किया कि, प्राथमिकी दर्ज होने के एक वर्ष बीत जाने के बावजूद, ऐसा कोई सबूत सामने नहीं आया है जो यह बताए कि पेपर लीक ने शेष 28 विषयों को प्रभावित किया है, जिनमें 682 पद शामिल हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि दागदार और बेदाग उम्मीदवारों को अलग किया जा सकता है। यद्यपि न्यायालय ने अंतिम समय में होने वाली असुविधा से बचने के लिए 18 अप्रैल, 2026 को निर्धारित पुनर्परीक्षा को जारी रखने की अनुमति दी, लेकिन इसने बेदाग उम्मीदवारों की सुरक्षा के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि 28 बेदाग विषयों के लिए कोई मूल्यांकन नहीं होगा। आयोग को निर्देश दिया गया है कि वह 28 बेदाग विषयों (जैसे अंग्रेजी, रसायन विज्ञान, कानून, इतिहास, भौतिकी आदि) के उम्मीदवारों के लिए 18 अप्रैल, 2026 की पुनर्परीक्षा की ओएमआर शीट का मूल्यांकन न करे। मूल्यांकन 5 दागदार विषयों तक सीमित रहेगा।आयोग 18 अप्रैल, 2026 की पुनर्परीक्षा से केवल उन उम्मीदवारों की ओएमआर शीट का मूल्यांकन करेगा जो पांच दागदार विषयों जैसे - उर्दू, समाजशास्त्र, जंतु विज्ञान, हिंदी और भूगोल में उपस्थित होंगे। आदेश में कहा गया है कि अंतिम साक्षात्कार चरण के लिए, आयोग को 28 बेदाग विषयों के लिए अप्रैल 2025 की मूल परीक्षा से शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को संकलित करना होगा, और उन्हें पांच दागदार विषयों के लिए पुनर्परीक्षा से नए शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के साथ मिलाना होगा। कोर्ट ने इसी के साथ विशेष अपील को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया है । जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि कदाचार से अप्रभावित विषयों के उम्मीदवारों को अनुचित रूप से दंडित न किया जाए।
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    हाईकोर्ट ने यूपी असिस्टेंट प्रोफेसर पुनर्परीक्षा के मूल्यांकन को केवल पांच विषयों तक सीमित किया
शेष 28 बेदाग विषयों के उम्मीदवारों को दी राहत
प्रयागराज 
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग  के असिस्टेंट प्रोफेसर उम्मीदवारों के लिए सभी विषयों की पुनर्परीक्षा आयोजित करने के फैसले में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस  स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने फैसला सुनाया कि संपूर्ण लिखित परीक्षा को रद्द करना अनुचित है, क्योंकि पेपर लीक के सबूत स्पष्ट रूप से 33 में से केवल पांच विषयों तक ही सीमित थे। हाईकोर्ट ने यह आदेश एकल जज के आदेश के खिलाफ दाखिल विशेष अपील पर  पारित किया।
विशेष अपील पर  बहस करते हुए सीनियर एडवोकेट राहुल श्रीपत एवं ईशिर श्रीपत ने कोर्ट को बताया कि 
33 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 910 पदों पर चयन के लिए मूल रूप से 16 और 17 अप्रैल, 2025 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी।
पेपर लीक के आरोपों की जांच के बाद आयोग और राज्य सरकार ने सभी विषयों के लिए नई परीक्षा का आदेश दिया था। जांच में आयोग के एक संविदा कर्मचारी महबूब अली और शॉर्टलिस्ट किए गए 18 उम्मीदवारों की संलिप्तता का खुलासा हुआ था। न्यायालय ने पाया कि लीक के स्थापित साक्ष्यों से केवल पांच विशिष्ट विषयों के उम्मीदवारों को लाभ हुआ, इसमें उर्दू, हिंदी, भूगोल, समाजशास्त्र और जंतु विज्ञान था।
अदालत ने उल्लेख किया कि, प्राथमिकी  दर्ज होने के
एक वर्ष बीत जाने के बावजूद, ऐसा कोई सबूत सामने नहीं आया है जो यह बताए कि पेपर लीक ने शेष 28 विषयों को प्रभावित किया है, जिनमें 682 पद शामिल हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि दागदार और बेदाग उम्मीदवारों को अलग किया जा सकता है। यद्यपि न्यायालय ने अंतिम समय में होने वाली असुविधा से बचने के लिए 18 अप्रैल, 2026 को निर्धारित पुनर्परीक्षा को जारी रखने की अनुमति दी, लेकिन इसने बेदाग उम्मीदवारों की सुरक्षा के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि 28 बेदाग विषयों के लिए कोई मूल्यांकन नहीं होगा। आयोग को निर्देश दिया गया है कि वह 28 बेदाग विषयों (जैसे अंग्रेजी, रसायन विज्ञान, कानून, इतिहास, भौतिकी आदि) के उम्मीदवारों के लिए 18 अप्रैल, 2026 की पुनर्परीक्षा की ओएमआर शीट का मूल्यांकन न करे।
मूल्यांकन 5 दागदार विषयों तक सीमित रहेगा।आयोग 18 अप्रैल, 2026 की पुनर्परीक्षा से केवल उन उम्मीदवारों की ओएमआर शीट का मूल्यांकन करेगा जो पांच दागदार विषयों जैसे - उर्दू, समाजशास्त्र, जंतु विज्ञान, हिंदी और भूगोल में उपस्थित होंगे।
आदेश में कहा गया है कि अंतिम साक्षात्कार चरण के लिए, आयोग को 28 बेदाग विषयों के लिए अप्रैल 2025 की मूल परीक्षा से शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को संकलित करना होगा, और उन्हें पांच दागदार विषयों के लिए पुनर्परीक्षा से नए शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के साथ मिलाना होगा।
कोर्ट ने इसी के साथ विशेष अपील को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया है । जिससे यह  सुनिश्चित हुआ कि कदाचार से अप्रभावित विषयों के उम्मीदवारों को अनुचित रूप से दंडित न किया जाए।
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    Newspaper advertising department सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    2 hrs ago
  • केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: DA-DR में 2% बढ़ोतरी केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत देते हुए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इसके तहत DA 58% से बढ़ाकर 60% कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू होगी, जिससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधा फायदा मिलेगा। सरकार के इस फैसले से सालाना लगभग 6,791 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। महंगाई के दौर में यह फैसला कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
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    केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: DA-DR में 2% बढ़ोतरी
केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत देते हुए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इसके तहत DA 58% से बढ़ाकर 60% कर दिया गया है।
यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू होगी, जिससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधा फायदा मिलेगा। सरकार के इस फैसले से सालाना लगभग 6,791 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
महंगाई के दौर में यह फैसला कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
    user_Ragini Garg
    Ragini Garg
    Civil Lines, Central Delhi•
    7 hrs ago
  • गैंगस्टर विकाश लगरपुरिया गैंग के शूटर ओर दिल्ली पुलिस के बीच चली गोलियां, टारगेट किलिंग करने आए थे बदमाश दिल्ली पुलिस ओर बदमाशो के बीच हुई मुठभेड़ छावला इलाक़े में हुई मुठभेड़ दोनो तरफ़ से चली 6 राउंड गोलियां एक बदमाश रोकी के पैर पर गोली लगी साथी सुमित को गिरफ्तार कर लिया दो पिस्टल कारतूस बाइक बरामद एक दिन पहले ही वारदात को अंजाम देने छावला इलाक़े में आए थे आरोपी जिसका सीसीटीवी सामने आया था
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    गैंगस्टर विकाश लगरपुरिया गैंग के शूटर ओर दिल्ली पुलिस के बीच चली गोलियां, टारगेट किलिंग करने आए थे बदमाश 
दिल्ली पुलिस ओर बदमाशो के बीच हुई मुठभेड़ छावला इलाक़े में हुई मुठभेड़ 
दोनो तरफ़ से चली 6 राउंड गोलियां 
एक बदमाश रोकी के पैर पर गोली लगी साथी सुमित को गिरफ्तार कर लिया दो पिस्टल कारतूस बाइक बरामद 
एक दिन पहले ही वारदात को अंजाम देने छावला इलाक़े में आए थे आरोपी जिसका सीसीटीवी सामने आया था
    user_Sanjay Khan
    Sanjay Khan
    शाहदरा, शाहदरा, दिल्ली•
    8 hrs ago
  • दिल्ली: बुराड़ी के रहने वाले परिवार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जब उनकी 10 वर्षीय बच्ची के दिमाग ने लगभग काम करना बंद कर दिया। छोटी-छोटी बात भी उसे याद नहीं। खुद चलना-फिरना भी मुश्किल। हालत खराब होती गई। जांच में पता चला कि लिवर फेल हो चुका है। शरीर में विषाक्त पदार्थों के संक्रमण की वजह से दिमाग में सूजन आ गई है। आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। उसकी यह हालत मोमोज जैसे फास्ट फूड ने की। माता-पिता दोनों वर्किंग हैं। दिनभर काम के चलते जब घर पर नहीं होते तो बच्ची दादा से पैसे लेकर बाहर से मोमोज वगैरह लेकर आती और चाव से खाती। प्लाज्माफेरेसिस से जान बचने के बाद अब उसने मोमोज से तौबा कर ली है। माता सावित्री माथुर बताती हैं कि उनके पति किशोर मोबाइल का काम करते हैं। घर चलाने के लिए वे भी मुखर्जी नगर में केयरटेकर की जॉब करती हैं। उनकी दो बच्चियां हैं। बड़ी बेटी तान्या 10 वर्ष की है तो वहीं छोटी बेटी गौरी आठ वर्ष की है। बच्चों के घर का बना खाना ही देते हैं। पति और मैं काम के सिलसिले में दिनभर बाहर ही रहते हैं। स्कूल से आने के बाद तान्या दादा से पैसे लेकर कभी मोमोज तो कभी चिप्स लाती थी। शुरुआत में वह चीजें भूलने लगी। थकान रहती। बाद में उससे खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा था। पास के अस्पताल ले गए, जहां जांच के बाद पता चला की पीलिया काफी बढ़ा हुआ है। हालत इतनी खराब थी कि लगा कि अब बेटी को खो देंगे। यथार्थ हॉस्पिटल मॉडल टाउन में भर्ती कराया। पहले चिकित्सकों ने लिवर ट्रांसप्लांट का सुझाव दिया, पर प्लाज्माफेरेसिस से बच्ची ठीक हो गई। बाल रोग विभाग के डॉ. शैलेश शर्मा के मुताबिक दिल्ली के करीब 35 प्रतिशत बच्चों में फैटी लिवर के लक्षण मिल रहे हैं। फास्ट फूड, स्क्रीन टाइम और शारीरिक गतिविधि की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। अब कम उम्र में भी गंभीर लिवर फेल्योर के केस सामने आ रहे हैं, जैसा इस मामले में देखने को मिला। पहले चिकित्सकों ने लिवर ट्रांसप्लांट का सुझाव दिया, पर प्लाज्माफेरेसिस से बच्ची ठीक हो गई। बाल रोग विभाग के डॉ. शैलेश शर्मा के मुताबिक दिल्ली के करीब 35 प्रतिशत बच्चों में फैटी लिवर के लक्षण मिल रहे हैं।
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    दिल्ली: बुराड़ी के रहने वाले परिवार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जब उनकी 10 वर्षीय बच्ची के दिमाग ने लगभग काम करना बंद कर दिया। छोटी-छोटी बात भी उसे याद नहीं। खुद चलना-फिरना भी मुश्किल। हालत खराब होती गई।
जांच में पता चला कि लिवर फेल हो चुका है। शरीर में विषाक्त पदार्थों के संक्रमण की वजह से दिमाग में सूजन आ गई है। आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। उसकी यह हालत मोमोज जैसे फास्ट फूड ने की।
माता-पिता दोनों वर्किंग हैं। दिनभर काम के चलते जब घर पर नहीं होते तो बच्ची दादा से पैसे लेकर बाहर से मोमोज वगैरह लेकर आती और चाव से खाती। प्लाज्माफेरेसिस से जान बचने के बाद अब उसने मोमोज से तौबा कर ली है।
माता सावित्री माथुर बताती हैं कि उनके पति किशोर मोबाइल का काम करते हैं। घर चलाने के लिए वे भी मुखर्जी नगर में केयरटेकर की जॉब करती हैं। उनकी दो बच्चियां हैं। बड़ी बेटी तान्या 10 वर्ष की है तो वहीं छोटी बेटी गौरी आठ वर्ष की है।
बच्चों के घर का बना खाना ही देते हैं। पति और मैं काम के सिलसिले में दिनभर बाहर ही रहते हैं। स्कूल से आने के बाद तान्या दादा से पैसे लेकर कभी मोमोज तो कभी चिप्स लाती थी। शुरुआत में वह चीजें भूलने लगी। थकान रहती।
बाद में उससे खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा था। पास के अस्पताल ले गए, जहां जांच के बाद पता चला की पीलिया काफी बढ़ा हुआ है। हालत इतनी खराब थी कि लगा कि अब बेटी को खो देंगे। यथार्थ हॉस्पिटल मॉडल टाउन में भर्ती कराया।
पहले चिकित्सकों ने लिवर ट्रांसप्लांट का सुझाव दिया, पर प्लाज्माफेरेसिस से बच्ची ठीक हो गई। बाल रोग विभाग के डॉ. शैलेश शर्मा के मुताबिक दिल्ली के करीब 35 प्रतिशत बच्चों में फैटी लिवर के लक्षण मिल रहे हैं।
फास्ट फूड, स्क्रीन टाइम और शारीरिक गतिविधि की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। अब कम उम्र में भी गंभीर लिवर फेल्योर के केस सामने आ रहे हैं, जैसा इस मामले में देखने को मिला।
पहले चिकित्सकों ने लिवर ट्रांसप्लांट का सुझाव दिया, पर प्लाज्माफेरेसिस से बच्ची ठीक हो गई। बाल रोग विभाग के डॉ. शैलेश शर्मा के मुताबिक दिल्ली के करीब 35 प्रतिशत बच्चों में फैटी लिवर के लक्षण मिल रहे हैं।
    user_Mohit Badtiya
    Mohit Badtiya
    Shahdara, New Delhi•
    11 hrs ago
  • गाजियाबाद के लोनी थाना परिसर में खड़े जब्त वाहनों में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते करीब 15–20 गाड़ियां जलकर खाक हो गईं। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। 🚒 फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच जारी है, शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। #Ghaziabad #Loni #Fire #Breaking #UPPolice #LocalNews #ShuruApp #Trending
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    गाजियाबाद के लोनी थाना परिसर में खड़े जब्त वाहनों में अचानक आग लग गई।
देखते ही देखते करीब 15–20 गाड़ियां जलकर खाक हो गईं।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। 🚒
फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच जारी है, शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।
#Ghaziabad #Loni #Fire #Breaking #UPPolice #LocalNews #ShuruApp #Trending
    user_Rtn.1 News
    Rtn.1 News
    Local News Reporter यमुना विहार, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    18 hrs ago
  • *"अखिलेश की चाय वाली दुकान पर फूड सेफ्टी का छापा: एल्युमिनियम बर्तन पर सील की धमकी"* उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में अखिलेश यादव द्वारा चाय पीने वाली दुकान पर फूड सेफ्टी विभाग ने छापा मारा है। यह घटना सियासी विवाद का रूप ले चुकी है। दो महीने पहले अखिलेश यादव ने खागा तहसील के चौकी चौराहा स्थित आर्यन (शेषमन यादव के बेटे) की चाय दुकान पर चाय पी थी और तारीफ की थी। 16 अप्रैल 2026 को फूड सेफ्टी टीम ने चाय, दूध और चाय पत्ती के सैंपल लिए। अधिकारियों ने एल्युमिनियम के बर्तनों में चाय बनाने पर सवाल उठाए और दुकान सील करने की चेतावनी दी। दुकानदार आर्यन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि अखिलेश के आने के बाद फूड विभाग और दबंग उन्हें परेशान कर रहे हैं। उन्होंने दुकान बंद करने का ऐलान किया है। दुकान लाइसेंसी है, लेकिन सैंपल रिपोर्ट का इंतजार है। सोशल मीडिया पर बीजेपी समर्थक इसे नियमों का पालन बता रहे हैं, जबकि सपा इसे राजनीतिक प्रतिशोध कह रही है। अभी दुकान सील नहीं हुई, जांच जारी है।
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    *"अखिलेश की चाय वाली दुकान पर फूड सेफ्टी का छापा: एल्युमिनियम बर्तन पर सील की धमकी"*
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में अखिलेश यादव द्वारा चाय पीने वाली दुकान पर फूड सेफ्टी विभाग ने छापा मारा है। यह घटना सियासी विवाद का रूप ले चुकी है। 
दो महीने पहले अखिलेश यादव ने खागा तहसील के चौकी चौराहा स्थित आर्यन (शेषमन यादव के बेटे) की चाय दुकान पर चाय पी थी और तारीफ की थी। 
16 अप्रैल 2026 को फूड सेफ्टी टीम ने चाय, दूध और चाय पत्ती के सैंपल लिए। 
अधिकारियों ने एल्युमिनियम के बर्तनों में चाय बनाने पर सवाल उठाए और दुकान सील करने की चेतावनी दी। 
दुकानदार आर्यन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि अखिलेश के आने के बाद फूड विभाग और दबंग उन्हें परेशान कर रहे हैं। 
उन्होंने दुकान बंद करने का ऐलान किया है। 
दुकान लाइसेंसी है, लेकिन सैंपल रिपोर्ट का इंतजार है। 
सोशल मीडिया पर बीजेपी समर्थक इसे नियमों का पालन बता रहे हैं, 
जबकि सपा इसे राजनीतिक प्रतिशोध कह रही है। 
अभी दुकान सील नहीं हुई, जांच जारी है।
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    News 22 India
    TV News Anchor करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    5 hrs ago
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