पकरी सेवार की जर्जर सड़क बनी मुसीबत, गंगा स्नान को जाने वाले श्रद्धालु गिरकर हो रहे घायल मेजा, प्रयागराज। तहसील क्षेत्र के गंगा तट पर बसे पकरी सेवार गांव की मुख्य सड़क इन दिनों बदहाल स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राहगीर रोजाना हिचकोले खाते हुए सफर करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब पखवाड़े भर पहले लोक निर्माण विभाग की ओर से कुछ गड्ढों में गिट्टी डलवाई गई थी, लेकिन उस पर पिंचिंग नहीं कराई गई। परिणामस्वरूप सड़क पर बिखरी गिट्टियां राहगीरों के लिए खतरा बन गई हैं। आए दिन लोग फिसलकर गिर रहे हैं। गांव के धीरज यादव ने बताया कि प्रतिदिन तड़के चार बजे के आसपास डोहरिया, जयराम का पुरा, परानीपुर समेत विभिन्न गांवों के श्रद्धालु इसी मार्ग से गंगा स्नान के लिए जाते हैं। अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देते और लोग गिरकर चोटिल हो जाते हैं। ग्रामीण आनंद कुमार, कृष्ण प्रकाश द्विवेदी और ललन तिवारी का कहना है कि गंगा तट पर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा कोटेश्वर नाथ मंदिर के समीप करोड़ों रुपये की लागत से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य चल रहा है। इसका निर्माण दक्षिण भारत की संस्था ‘गजा’ द्वारा कराया जा रहा है। आरोप है कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान गांव की मुख्य सड़क को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। साथ ही जल निगम की पाइप लाइन और प्राथमिक विद्यालय तक गई इंटरनेट केबल भी क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे ग्रामीणों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ रही है। जल जीवन मिशन के अवर अभियंता अखिल देव सिंह ने बताया कि सड़क निर्माण में आने वाले खर्च का प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग से मांगा गया है। प्रस्ताव प्राप्त होते ही बजट जारी कर दिया जाएगा, जिसके बाद सड़क का निर्माण कार्य कराया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके और श्रद्धालुओं को सुरक्षित आवागमन मिल सके।
पकरी सेवार की जर्जर सड़क बनी मुसीबत, गंगा स्नान को जाने वाले श्रद्धालु गिरकर हो रहे घायल मेजा, प्रयागराज। तहसील क्षेत्र के गंगा तट पर बसे पकरी सेवार गांव की मुख्य सड़क इन दिनों बदहाल स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राहगीर रोजाना हिचकोले खाते हुए सफर करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब पखवाड़े भर पहले लोक निर्माण विभाग की ओर से कुछ गड्ढों में गिट्टी डलवाई गई थी, लेकिन उस पर पिंचिंग नहीं कराई गई। परिणामस्वरूप सड़क पर बिखरी गिट्टियां राहगीरों के लिए खतरा बन गई हैं। आए दिन लोग फिसलकर गिर रहे हैं। गांव के धीरज यादव ने बताया कि प्रतिदिन तड़के चार बजे के आसपास डोहरिया, जयराम का पुरा, परानीपुर समेत विभिन्न गांवों के श्रद्धालु इसी मार्ग से गंगा स्नान के लिए जाते हैं। अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देते और लोग गिरकर चोटिल हो जाते हैं। ग्रामीण आनंद कुमार, कृष्ण प्रकाश द्विवेदी और ललन तिवारी का कहना है कि गंगा तट पर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा कोटेश्वर नाथ मंदिर के समीप करोड़ों रुपये की लागत से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य चल रहा है। इसका निर्माण दक्षिण भारत की संस्था ‘गजा’ द्वारा कराया जा रहा है। आरोप है कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान गांव की मुख्य सड़क को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। साथ ही जल निगम की पाइप लाइन और प्राथमिक विद्यालय तक गई इंटरनेट केबल भी क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे ग्रामीणों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ रही है। जल जीवन मिशन के अवर अभियंता अखिल देव सिंह ने बताया कि सड़क निर्माण में आने वाले खर्च का प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग से मांगा गया है। प्रस्ताव प्राप्त होते ही बजट जारी कर दिया जाएगा, जिसके बाद सड़क का निर्माण कार्य कराया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके और श्रद्धालुओं को सुरक्षित आवागमन मिल सके।
- मेजा, प्रयागराज। तहसील क्षेत्र के गंगा तट पर बसे पकरी सेवार गांव की मुख्य सड़क इन दिनों बदहाल स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राहगीर रोजाना हिचकोले खाते हुए सफर करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब पखवाड़े भर पहले लोक निर्माण विभाग की ओर से कुछ गड्ढों में गिट्टी डलवाई गई थी, लेकिन उस पर पिंचिंग नहीं कराई गई। परिणामस्वरूप सड़क पर बिखरी गिट्टियां राहगीरों के लिए खतरा बन गई हैं। आए दिन लोग फिसलकर गिर रहे हैं। गांव के धीरज यादव ने बताया कि प्रतिदिन तड़के चार बजे के आसपास डोहरिया, जयराम का पुरा, परानीपुर समेत विभिन्न गांवों के श्रद्धालु इसी मार्ग से गंगा स्नान के लिए जाते हैं। अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देते और लोग गिरकर चोटिल हो जाते हैं। ग्रामीण आनंद कुमार, कृष्ण प्रकाश द्विवेदी और ललन तिवारी का कहना है कि गंगा तट पर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा कोटेश्वर नाथ मंदिर के समीप करोड़ों रुपये की लागत से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य चल रहा है। इसका निर्माण दक्षिण भारत की संस्था ‘गजा’ द्वारा कराया जा रहा है। आरोप है कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान गांव की मुख्य सड़क को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। साथ ही जल निगम की पाइप लाइन और प्राथमिक विद्यालय तक गई इंटरनेट केबल भी क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे ग्रामीणों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ रही है। जल जीवन मिशन के अवर अभियंता अखिल देव सिंह ने बताया कि सड़क निर्माण में आने वाले खर्च का प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग से मांगा गया है। प्रस्ताव प्राप्त होते ही बजट जारी कर दिया जाएगा, जिसके बाद सड़क का निर्माण कार्य कराया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके और श्रद्धालुओं को सुरक्षित आवागमन मिल सके।1
- पकरी सेवार संपर्क मार्ग पर उखड़ी गिट्टीया,आवागमन में परेशानी मेजा प्रयागराज।मेजा मेजा तहसील अंतर्गत पकरी सेवार संपर्क मार्ग विगत कई वर्षों से गड्ढे में तब्दील हो चुका है लेकिन अभी तक सड़क का नवीनीकरण नहीं हो सका जिसकी वजह से गांव वासियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है आपको बता दें कि कई बार इसकी शिकायत भी की गई लेकिन अधिकारियों द्वारा मामले को संज्ञान में नहीं लिया गया जबकि ग्रामीणों का कहना है कि चाहे बरसात का मौसम हो या गर्मी का मौसम हो गर्मी के समय धूल और बरसात के समय कीचड़ युक्त रास्ते से होकर निकलना दुबर हो जाता है वहीं वरिष्ठ समाजसेवी प्रवीण कुमार द्विवेदी उर्फ उल्लू नाम जानकारी देते हुए बताया कि काजा कंपनी द्वारा जल जीवन मिशन के तहत आप प्लांट लगाया जा रहा है भी बात की गई उन्होंने भी रोड बनाने के लिए आश्वासन दिया है लेकिन अभी तक सिर्फ आश्वासन ही रह गया है वरिष्ठ समाज से भी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने क्या कुछ कहा आगे वीडियो में सुनिए2
- बसवार में बालू माफियाओं ने हवाई फायरिंग कर फैलाई दहशत : चार स्टीमर से आए थे दो दर्जन बदमाश घूरपुर के बसवार गांव के यमुना नदी में अवैध बालू खनन कर नाविकों को बालू विद्यापीठ में गिराने को लेकर स्टीमर से आए बालू माफियाओं ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर प्रशासन को चुनौती दे दी। फायरिंग से मजदूरों और गांव में दहशत का माहौल छा गया। विरोध में अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा ने गांव में बैठक कर नारेबाजी कर प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर माफियाओं के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। इसी तरह बसवार में भी खुलेआम अवैध बालू खनन की वसूली को भी लेकर दो पक्षों में चिंगारी सुलग रही है। बताया जाता है कि घूरपुर के कंजासा और बसवार में खुलेआम अवैध बालू खनन पिछले तीन माह पूर्व से शुरू हुआ है।1
- एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है इस वीडियो को आप देख करके जान सकते हैं कि क्या सही है क्या गलत है1
- Post by Raju Yadav1
- प्रयागराज: यमुनानगर क्षेत्र के घूरपुर के बसवार गांव यमुना नदी में अवैध बालू खनन कर नाविकों को बालू गिराने को लेकर स्टीमर से आए बालू माफियाओं ने फायरिंग कर प्रशासन को चुनौती दे दी। फायरिंग से मजदूरों और गांव में दहशत,वही पुलिस ने फायरिंग करने वाले चंदू निषाद सहित 25 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपी चंदू क़ो किया गिरफ्तार,डीसीपी विवेक चंद्र यादव के निर्देश पर हुई कार्रवाई!1
- मिर्जापुर जनपद के चिल्ह थाना क्षेत्र में दंपति की संदिग्ध मौत के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। मृतका की मां ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन पत्र सौंपा और अपनी बेटी सरस्वती व दामाद रोहित विश्वकर्मा की मौत को साजिश करार दिया है। मृतका की मां का आरोप है कि उसकी बेटी और दामाद की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई है। उन्होंने कहा कि इस मामले को आत्महत्या बताकर दबाने की कोशिश की जा रही है, जबकि घटना के पीछे गहरी साजिश है। पीड़ित मां ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, वह अपनी लड़ाई जारी रखेंगी।2
- जल निकासी समस्या से मिली निजात ग्राम पंचायत मिश्रपुर में नाली निर्माण का कार्य जोरों पर मेजा प्रयागराज।प्रयागराज के उरुवा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मिश्रपुर में कई वर्षों से चली आ रही जल निकासी की समस्या का समाधान किया जा रहा है। जल निकासी की समस्या हेतु हेतु हेतु नाली निर्माण कार्य तेजी से जारी है। नाली के अभाव में बरसात के मौसम में बाजार और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती थी। सड़कों पर गंदा पानी फैलने से दुकानदारों, राहगीरों और स्थानीय निवासियों को काफी असुविधा होती थी। इस समस्या के समाधान के लिए क्षेत्रीय लोगों ने कई बार प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया और विभिन्न माध्यमों से शिकायतें दर्ज कराई थीं। स्थानीय निवासियों के लगातार प्रयासों के बाद लोक निर्माण विभाग द्वारा फरवरी 2026में नाली निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई। जेई ने यह भी बताया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि भविष्य में क्षेत्रवासियों को जल निकासी संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।स्थानीय निवासियों का कहना है कि नाली निर्माण पूरा होने से जल निकासी की पुरानी समस्या से स्थायी राहत मिलेगी। इससे स्वच्छता का स्तर सुधरेगा और आवागमन भी सुगम हो जाएगा। लोगों ने विभाग से इस कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने की मांग की है।1