Shuru
Apke Nagar Ki App…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने दिल्ली लोकसभा सदन में एक अजूबा शायरी के साथ देश को संदेश दिया है। लोकसभा सदन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन एक अनोखी शायरी के माध्यम से सामने आया, जिसे शुरू ऐप न्यूज़ पर देखा जा सकता है।
पत्रकार विकास पाठक जनपद जौनपुर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने दिल्ली लोकसभा सदन में एक अजूबा शायरी के साथ देश को संदेश दिया है। लोकसभा सदन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन एक अनोखी शायरी के माध्यम से सामने आया, जिसे शुरू ऐप न्यूज़ पर देखा जा सकता है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने दिल्ली लोकसभा सदन में एक अजूबा शायरी के साथ देश को संदेश दिया है। लोकसभा सदन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन एक अनोखी शायरी के माध्यम से सामने आया, जिसे शुरू ऐप न्यूज़ पर देखा जा सकता है।1
- जौनपुर जिले के जलालपुर क्षेत्र स्थित त्रिलोचन महादेव नहर के आसपास किसान भाइयों द्वारा खेतों में धान की रोपाई का काम जोर-शोर से किया जा रहा है। इलाके में किसान तेजी से रोपाई के काम में जुटे हुए हैं।1
- जौनपुर जिले के केराकत तहसील में छत के ऊपर एक बकरी चढ़ गई है। इस घटना को लेकर परिसर में मौजूद अधिकारी और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से मौन साधे हुए हैं और मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के वाराणसी में चौबेपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले संधान रिंग रोड इलाके से पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भारी नाराजगी सामने आई है। स्थानीय स्तर पर पुलिस पर निष्क्रिय रहने का सीधा आरोप लगाते हुए कहा गया है कि वाराणसी पुलिस अंधेरे में सो रही है। क्षेत्र में ब्राह्मणों की हत्याएं हो रही हैं और चोरों में कोई सुधार या उन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने पर प्रशासन का रवैया भी कटघरे में खड़ा किया गया है। आरोप है कि जब प्रशासन से जवाब मांगा जाता है तो उनका कहना होता है कि वे जनता की रक्षा करने के लिए नहीं बल्कि केवल सड़क पर घूमने के लिए हैं। असरना थाना पास में होने के बावजूद यह क्षेत्र चौबेपुर के तहत आता है। पुलिस के इस गैर-जिम्मेदाराना जवाब और लचर रवैये पर तीखा आक्रोश जताते हुए प्रशासन की कीमत और उसकी उपयोगिता पर सवाल खड़े किए गए हैं।2
- मिर्जापुर के चुनार स्थित नगर न्यायालय परिसर और सड़कों पर NEET परीक्षा विवाद को लेकर अधिवक्ताओं ने बड़ा शक्ति प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी वकीलों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पुरजोर मांग की और कहा कि NEET परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं ने देश के लाखों छात्रों के भविष्य को गहरे संकट में डाल दिया है। इस दौरान चुनार का पूरा इलाका "छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो" और "NEET में पारदर्शिता लाओ" के नारों से गूंज उठा। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने मांग की कि NEET परीक्षा में हुई तमाम गड़बड़ियों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और जिम्मेदार दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। अधिवक्ताओं ने अधिकारियों को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा। वकीलों के इस प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने चुनार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।1
- न्यूज टू इंडिया के संवाददाता और जिला चीफ ब्यूरो विनीत कुमार गुप्ता की रिपोर्ट के अनुसार, चहनियां स्थित ग्राम सभा खंडवारी की वर्षों पुरानी जनसमस्याओं के समाधान को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं। ग्राम सभा की बुनियादी समस्याओं को दूर करने के लिए प्रधान पति सतीश गुप्ता लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सतीश गुप्ता ने गांव की प्रमुख जनसमस्याओं के निस्तारण के लिए खुद मैदान में उतरकर मोर्चा संभाला है। उन्होंने स्ट्रीट लाइट लगाने, जर्जर सड़कों के निर्माण, जल निगम की पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा पीडब्ल्यूडी से संबंधित कार्यों समेत अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की है। इन सभी बुनियादी व्यवस्थाओं में सुधार के लिए उन्होंने संबंधित विभागों को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग उठाई है।1
- जौनपुर के ऋषभ दुबे के अमरूद के पेड़ में लगे फलों में कीड़े लग गए हैं, जिसके चलते फल अब खाने लायक नहीं बचे हैं। अमरूद के फलों को कीड़ों से बचाने के लिए ऋषभ दुबे लोगों से इसके इलाज और उपयुक्त दवा के बारे में पूछताछ कर रहे हैं।1
- दिल्ली में CJP और विपक्ष द्वारा लगाए गए उस आरोप को दिल्ली पुलिस ने खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि पुलिस ने अपनी गाड़ियां खुद ही क्षतिग्रस्त की हैं। इन आरोपों का जवाब देते हुए दिल्ली पुलिस ने कहा है कि वह मामले की CCTV फुटेज जारी कर रही है, जिससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगा कि पुलिस वाहनों को वास्तव में किसने नुकसान पहुंचाया था।1