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सुसनेर आगर मालवा क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश से मौसम काफी सुहावना हो गया है। इस बारिश के चलते पूरे इलाके का वातावरण खुशनुमा बन गया है।
Monu Singh
सुसनेर आगर मालवा क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश से मौसम काफी सुहावना हो गया है। इस बारिश के चलते पूरे इलाके का वातावरण खुशनुमा बन गया है।
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- सुसनेर आगर मालवा क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश से मौसम काफी सुहावना हो गया है। इस बारिश के चलते पूरे इलाके का वातावरण खुशनुमा बन गया है।1
- राजस्थान के झालावाड़ जिले के खानपुर थाना क्षेत्र स्थित गोलाना गांव में शुक्रवार को प्लॉट के एक विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया, जहाँ एक भतीजे ने अपने चाचा नेमीचंद रेगर (पुत्र किशनलाल) पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल नेमीचंद को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक नेमीचंद के पिता किशनलाल ने अपने ही पोते पर हत्या का आरोप लगाते हुए बताया कि प्लॉट को लेकर परिवार में काफी दिनों से विवाद और कहासुनी चल रही थी। इस मामले को परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने कई बार समझाने और शांत कराने का प्रयास किया था, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ और आखिरकार एक हिंसक घटना में बदल गया। नेमीचंद अपने परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे, और उनके पीछे उनकी पत्नी, दो बेटे और तीन बेटियां हैं। परिजनों के अनुसार, उनका एक बेटा पैरालाइज्ड है, जबकि एक बेटी न बोल सकती है और न ही सुन सकती है। इस दुखद घटना से परिवार का सहारा छिन गया है, जिससे उनके सामने एक गंभीर आर्थिक और सामाजिक संकट खड़ा हो गया है। जमीन के इस विवाद ने रिश्तों को भी शर्मसार कर दिया है। फिलहाल, खानपुर थाना पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश में जुटी है।1
- झालावाड़ में हज़रत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मुस्लिम समुदाय द्वारा मातमी त्यौहार मुहर्रम मनाया गया। इस अवसर पर जिला मुख्यालय झालावाड़ और झालरापाटन शहर में दर्जनों की संख्या में ताजिए निकाले गए, जिन्हें देखने के लिए लोगों का भारी हुजूम उमड़ा। त्योहार के दौरान पूरे जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त किए। शहर के विभिन्न इलाकों से निकले ये ताजिए बड़ा बाजार स्थित सीमेंट रोड पर पहुंचे, जहाँ मातमी धुन पर लोगों ने हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया। इस दौरान कई श्रद्धालुओं ने ताजियों के नीचे से गुजरकर मन्नतें मांगी और अपनी अकीदत के फूल पेश किए। दोपहर बाद, कड़ी सुरक्षा के बीच, सभी ताजिए कतारबद्ध होकर कर्बला के लिए रवाना किए गए, जहाँ देर रात उन्हें ठंडा किया जाएगा। कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मुहर्रम के दौरान डीएसपी और एसएचओ सहित लगभग 300 पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किया गया था। पूरे मार्ग की निगरानी ड्रोन के माध्यम से की जा रही थी, और नदी किनारे एसडीआरएफ की टीम भी तैनात की गई थी। इसके अतिरिक्त, हर एक ताजिए के साथ एक पुलिस जवान को लगाया गया था। किसी भी विद्युत-संबंधी हादसे से बचाव के लिए पूरे मार्ग की विद्युत आपूर्ति भी बंद करवा दी गई थी।4
- झालावाड़ जिले में एक नाली का निर्माण कई सालों से नहीं हो पाया है, जिसके कारण आम लोगों को निकलने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने इस समस्या को लेकर सरपंच को कई बार अवगत कराया है, लेकिन नाली बनवाने के संबंध में अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।1
- किसानों को खाद्य सामग्री लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जहाँ उन्हें एक कट्टे खाद्य के साथ एक अटैचमेंट भी लेना पड़ रहा है। इस स्थिति के कारण किसान विवश महसूस कर रहे हैं।1
- सूमेर कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को इस अप्रत्याशित बरसात से भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली। ठंडी हवाओं के साथ हुई इस बारिश ने पूरे मौसम को सुहावना बना दिया, जिससे आमजन और पशु-पक्षियों दोनों को सुकून मिला। लंबे अंतराल के बाद हुई इस बारिश से क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया है। खेतों में पर्याप्त नमी आने से किसानों में खरीफ फसलों की बुवाई शुरू होने की उम्मीद जगी है, और वे अब खेतों की तैयारी में जुट सकते हैं। इस बारिश को कृषि कार्यों के लिए एक अत्यंत शुभ संकेत माना जा रहा है, जिसने किसानों के मन में नई आशा का संचार किया है। क्षेत्र में लंबे समय बाद हुई इस अच्छी बारिश ने नई उम्मीद जगा दी है और किसान अब अच्छी फसल की कामना कर रहे हैं।3
- राजस्थान के रावतभाटा में मानसून का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि अल नीनो के असर के कारण इस वर्ष मानसून 25 दिन पीछे चल रहा है। मानसून की इस देरी के चलते क्षेत्र में बांधों का जल स्तर लगातार गिर रहा है, जिससे चिंता बढ़ गई है। भीषण उमस और गर्मी से लोग बेहाल हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि तक 293.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी।1
- मन्दसौर जिले की शामगढ़ कृषि उपज मंडी में व्यापारियों ने सुबह करीब 11:00 बजे मंडी बंद करने का आह्वान किया, जिसके कारण मंडी में अपनी फसल बेचने आए किसान आक्रोशित हो गए। मंडी बंद होने की जानकारी मिलते ही किसानों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दी। व्यापारियों ने यह कदम एक व्यापारी द्वारा की जा रही फर्जी खरीद-बिक्री के विरोध में उठाया था। व्यापारियों द्वारा बताया गया कि बिट्टू कोठारी नामक एक व्यापारी दूसरे मंडी व्यापारी के नाम से फर्जी तरीके से फसलों की खरीद-बिक्री कर रहा था, जिसकी सूचना मिलने पर उस पर कार्रवाई की मांग करते हुए थाने में आवेदन दिया गया था। इसी कार्रवाई की मांग को लेकर मंडी व्यापारियों ने मंडी बंद रखकर विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि, किसानों के भारी विरोध प्रदर्शन और सड़क जाम के बाद मंडी व्यापारियों ने किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए मंडी में फसल नीलामी की प्रक्रिया पुनः शुरू कर दी। इसके बाद किसानों ने जाम खोल दिया और अपनी फसल नीलामी के लिए रख दी। इस पूरी घटना के संबंध में मंडी सचिव द्वारा जानकारी दी गई।1